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पटवारी पर बरसात: विधायक की अगुवाई में संगठित हुए ग्रामीण, कलेक्टोरेट में किया घेराव!

ब्रेकिंग न्यूज़: छत्तीसगढ़ के कोटा में पटवारी के खिलाफ ग्रामीणों का आक्रोश

बिलासपुर। 6 अप्रैल 2026| छत्तीसगढ़ के कोटा विधानसभा क्षेत्र के आमागोहन गांव में पटवारी की लापरवाही के कारण ग्रामीणों का धैर्य टूट गया है। विधायक अटल श्रीवास्तव के नेतृत्व में गांव के लोग सोमवार को जिला मुख्यालय पहुंचे और कलेक्टोरेट का घेराव किया। ग्रामीणों ने कलेक्टर संजय अग्रवाल से मिलकर उचित कार्रवाई की मांग की है।

पटवारी की लापरवाही से नाराज ग्रामीण

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पटवारी अंकित स्वर्णकार लगातार अपनी जिम्मेदारियों से भागते रहे हैं। उनके दफ्तर में न होने से किसानों को राजस्व संबंधी कार्यों में खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विधायक अटल श्रीवास्तव ने बताया कि कई किसानों को अपनी समस्याओं का समाधान पाने के लिए महीनों तक दफ्तर के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

कलेक्टोरेट घेराव: प्रशासन की गंभीरता

ग्रामीणों की आक्रोशित भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने भारी मात्रा में पुलिस बल की तैनाती की। घेराव के बाद कलेक्टर संजय अग्रवाल ने विधायक और प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। कलेक्टर ने ग्रामीणों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि आमागोहन गांव की राजस्व समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान किया जाएगा।

किसानों की समस्याएं: समाधान की आवश्यकता

प्रदर्शन के दौरान, ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि पटवारी ना तो कार्यालय में उपस्थित रहते हैं और ना ही उनकी समस्याओं को सुनते हैं। सीमांकन और नामांतरण जैसे कार्यों में भी जानबूझकर देर की जा रही है। विधायक अटल श्रीवास्तव ने कलेक्टर के समक्ष साक्ष्य पेश करते हुए कहा कि इस प्रकार की लापरवाही से शासन की छवि धूमिल हो रही है, जिसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

निष्कर्ष

इस घटनाक्रम से स्पष्ट होता है कि स्थानीय प्रशासन की लापरवाहियों के कारण किसानों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। विधायक ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो उग्र आंदोलन के लिए भी ग्रामीण मजबूर होंगे। कलेक्टर का आश्वासन कितना प्रभावी होगा, यह देखने वाली बात होगी। यह स्थिति स्थानीय प्रतिनधियों और प्रशासन के लिए एक चुनौती है, जिसे जल्द से जल्द सुलझाना आवश्यक है।

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