चाबहार परियोजना: युद्ध के बाद तेजी से बढ़ेगा काम, ईरानी राजदूत

ताजा समाचार: ईरान का भारत के साथ आर्थिक सहयोग युद्ध के दौरान भी मजबूत रहने का आश्वासन
ईरान ने कहा है कि युद्ध के बावजूद उसका भारत के साथ आर्थिक संबंध मजबूत रहेंगे। अंबेसडर मोहम्मद फतहली ने आगामी समय में इस सहयोग के और बढ़ने की संभावना जताई है।

ईरान-भारत आर्थिक संबंधों का सकारात्मक दृष्टिकोण

ईरान के भारत में अंबेसडर मोहम्मद फतहली ने हाल में बयान दिया है कि युद्धकालीन समस्याएं सिर्फ रुकावटें हैं। उन्होंने कहा कि ईरान-भारत आर्थिक संबंधों का भविष्य सकारात्मक और विस्तारित है। फतहली के अनुसार, "हमारा आर्थिक सहयोग अधिकांशतः आपसी हितों और विश्वास पर आधारित है, और इसमें आगे बढ़ने की चुनौती का सामना करने की क्षमता है।"

चाबहार पोर्ट की महत्ता

चाबहार पोर्ट पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि यह परियोजना दोनों देशों के संबंधों में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा, "चाबहार पोर्ट एक कुंजी परियोजना है, जो ईरान, भारत और क्षेत्र के बीच व्यापार और परिवहन संबंधों को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकता है।"

चाबहार, ईरान के दक्षिण-पूर्वी तट पर स्थित एक रणनीतिक पोर्ट है, जो भारत के लिए अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक पहुँचने का एक सुलभ रास्ता प्रदान करता है। इसके माध्यम से भारत बिना पाकिस्तान के चोक पॉइंट्स के अपने सामान को आगे भेज सकता है।

चाबहार पोर्ट का ऐतिहासिक संदर्भ

चाबहार पोर्ट का विकास 1970 के दशक में शासक मोहम्मद रेजा पहलवी के समय से शुरू हुआ। 1979 में ईरान की इस्लामिक क्रांति के बाद इस परियोजना में कई रुकावटें आईं। लेकिन 1980 के दशक के अंत में ईरान-इराक युद्ध के कारण ईरान ने चाबहार के विकास पर ध्यान केंद्रित किया।

भारत ने 2003 में चाबहार पोर्ट के विकास की बातचीत शुरू की, जिससे वह अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक बिना पाकिस्तान के ज़रिए पहुँच सके। 2015 में इस साझेदारी को औपचारिक रूप से एक समझौते के द्वारा मान्यता दी गई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2016 में तेहरान का दौरा करते हुए इस परियोजना में 500 मिलियन डॉलर निवेश करने की घोषणा की।

आर्थिक सहयोग में आगे की योजनाएँ

चाबहार के माध्यम से भारतीय सामान को ईरान के बाद जमीन और रेल द्वारा आगे भेजा जा सकता है। भारत ने इस पोर्ट को सुसज्जित करने के लिए 350 मिलियन डॉलर से अधिक का निवेश किया है। हालांकि, ईरान पर लगाए गए प्रतिबंधों और बुनियादी ढाँचे में देरी के कारण विकास अपेक्षाकृत धीमा रहा है।

ईरानी अंबेसडर के इन सकारात्मक टिप्पणियों के बीच, भारत अब भी अमेरिकी प्रतिबंधों के तहत अपनी स्थिति तय कर रहा है। 2026 में एक छूट की समय सीमा भी नजदीक है, जो स्थिति को और जटिल बना सकती है।

फतहली की टिप्पणियाँ यह दर्शाती हैं कि भले ही क्षेत्र में सुरक्षा की स्थिति में अनिश्चितता बनी हुई हो, चाबहार परियोजना सक्षम रूप से आगे बढ़ेगी और अंततः अपनी गति पकड़ लेगी।

टेक्सास ओपन: चौथे राउंड में रॉबर्ट मैकइंटायर और मैट वॉलेस की टक्कर

ब्रेकिंग न्यूज़: स्कॉटलैंड के रोबर्ट मैकइंटायर ने 18वें होल पर बोगी करते हुए टेक्सास ओपन के चौथे राउंड में संकीर्ण बढ़त बनाई है। मौसम के कारण प्रभावित इस टूर्नामेंट में यह उनकी महत्वपूर्ण स्थिति है।

रोबर्ट मैकइंटायर ने टेक्सास ओपन में अपने प्रदर्शन से सभी का ध्यान खींचा है। चौथे राउंड से पहले, उन्होंने 18वें होल पर बोगी बनाई, फिर भी वह प्रतियोगिता में आगे बने हुए हैं।

इस मैच में खिलाड़ियों का प्रदर्शन मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों से प्रभावित था, लेकिन मैकइंटायर ने अपनी क्षमता को साबित किया है। अब सभी की नजरें चौथे राउंड पर होंगी जब वह अपनी बढ़त को और मजबूत करने का प्रयास करेंगे।

निष्कर्ष: रोबर्ट मैकइंटायर की पारी ने खेल प्रेमियों को उत्सुकता में डाल दिया है, और आगे के राउंड में उनकी स्थिति पर सभी की निगाहें रहेंगी।

IBR नायकों का एपिसोड 48: युवा प्रतिभाएं, सामूहिक ध्यान और प्रेरणादायक उपलब्धियां

ब्रेकिंग न्यूज़: भारत के युवा प्रतिभाओं का दबदबा! IBR हीरोज एपिसोड 48 में समर्पित किया गया विशेष कार्यक्रम।

नई दिल्ली: इंडिया टीवी पर प्रसारित हुए IBR हीरोज के 48वें एपिसोड में भारत की युवा प्रतिभाओं और उनके अद्वितीय कामों को पेश किया गया है। इस एपिसोड में मानसिक स्वास्थ्य और सामूहिक ध्यान की भी विशेष चर्चा हुई है, जो दर्शकों को प्रेरित करने का एक सुनहरा अवसर है।

युवा प्रतिभाओं की कहानियाँ

IBR हीरोज का यह एपिसोड युवा प्रतिभाओं के अद्भुत किस्सों से भरा हुआ है जो देश का नाम रोशन कर रहे हैं। इन प्रतिभाओं ने अपनी कड़ी मेहनत और संघर्ष के जरिए अपनी जगह बनाई है।

यह प्रदर्शित किया गया कि कैसे सुरभि, एक 14 वर्षीय चित्रकार, ने अपनी कला के जरिए वैश्विक स्तर पर पहचान बनाई। इसके अलावा, 15 वर्षीय गीतकार विक्रांत ने अपने हृदयस्पर्शी गीतों के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास किया है। उनके काम ने न केवल उनकी उम्र के लोगों को प्रेरित किया, बल्कि बड़े उम्र के लोगों के लिए भी मिसाल पेश की है।

सामूहिक ध्यान का महत्व

एपिसोड में एक खास सत्र का आयोजन भी किया गया, जिसमें सामूहिक ध्यान का अभ्यास किया गया। यह पहल मानसिक स्वास्थ्य और ताजगी को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए की गई थी। विशेषज्ञों ने बताया कि सामूहिक ध्यान करने से मन और आत्मा को शांति मिलती है।

इस शानदार आयोजन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए, जिन्होंने साधना में भाग लिया। यह ध्यान सत्र लोगों को एकजुट करके मानसिक तनाव को कम करने में मदद करता है।

प्रेरणादायक कहानियाँ और भविष्य का उज्ज्वल रास्ता

IBR हीरोज का यह एपिसोड उन प्रेरक कहानियों का समरूप है जो केवल युवा ही नहीं, वरन सभी उम्र के लोगों के लिए संजीवनी साबित हो सकता है। यहां न केवल युवाओं की उपलब्धियों को सराहा गया, बल्कि उनके संघर्षों को भी उजागर किया गया।

इस कार्यक्रम ने दर्शकों में इस बात की जागरूकता बढ़ाई है कि किस तरह से छोटी-छोटी चीज़ें जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती हैं। देश के विकास में युवा शक्ति का कितना योगदान है, यह इस एपिसोड के माध्यम से साफ नजर आया।

एक ऐसा माहौल तैयार किया गया है, जहाँ युवा प्रेरित होकर अपने सपनों को साकार करने के लिए आगे बढ़ सकते हैं। IBR हीरोज का यह एपिसोड न केवल मनोरंजन का साधन है, बल्कि मोटिवेशन का भी एक बेहतरीन स्रोत है।

आज की युवा पीढ़ी को अपने लक्ष्यों के प्रति और अधिक दृढ़ बनने की आवश्यकता है। ऐसे प्रेरक कार्यक्रमों के जरिए यह संदेश साफ है कि मेहनत और सही दिशा में प्रयास करने से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

इस प्रकार, IBR हीरोज ने एक बार फिर से यह साबित किया है कि युवा ताकत भविष्य का निर्माण करती है।

बिग न्यूज़: VitalID तकनीक से बिना पासवर्ड खुलेंगे डिवाइस, सिर की वाइब्रेशन बनेगी आपकी नई पहचान! जानें कैसे!

ब्रेकिंग न्यूज़: नई पहचान प्रौद्योगिकी VitalID का खुलासा

डिजिटल सुरक्षा के क्षेत्र में एक नई क्रांति का आह्वान हुआ है। रटगर्स यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने ‘VitalID’ नामक एक अभिनव बायोमेट्रिक सिस्टम विकसित किया है, जो आपके सिर की अंदरूनी हलचल का उपयोग करके पहचान बनाता है। यह तकनीक पारंपरिक पिन या पासवर्ड के मुकाबले अधिक सुरक्षित विकल्प प्रस्तुत करती है।

क्यों खास है यह तकनीक

VitalID प्रणाली की विशेषता इसके अद्वितीय वाइब्रेशन पैटर्न में है। प्रत्येक इंसान के सिर की संरचना, हड्डियों की मोटाई और मजबूती भिन्न होती है, जिसके कारण हर व्यक्ति का वाइब्रेशन पैटर्न अलग होता है। रटगर्स यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों के अनुसार, चेहरे की मांसपेशियों और वसा भी इन तरंगों के प्रवाह को प्रभावित करते हैं, जो कि VitalID द्वारा रिकॉर्ड किया जाता है। इस प्रणाली में उपयोग की जाने वाली तकनीक वर्तमान में उपलब्ध VR और AR हेडसेट्स में ही मौजूद सेंसरों का उपयोग करती है, इसलिए इसके लिए किसी अलग उपकरण की आवश्यकता नहीं होगी।

कैसे काम करता है नया सिस्टम

VitalID टेक्नोलॉजी एक उन्नत सॉफ्टवेयर पर आधारित है, जो सक्रिय रूप से आपके सिर की हलचल को ट्रैक करता है। यह बातचीत या गतिविधियों के दौरान उत्पन्न शोर को फ़िल्टर करके, केवल उन सिग्नल्स को पहचानता है जो आपके शरीर के अंदरूनी अंगों से उत्पन्न होते हैं। यह प्रणाली इतनी कुशल है कि यह बिना उपयोगकर्ता को बताए पहचान जांच करती है, जिससे सुरक्षा की एक नई परत जुड़ जाती है।

फिंगरप्रिंट और चेहरा पहचान तकनीकों की तुलना में, VitalID उच्च सुरक्षा स्तर प्रदान करता है क्योंकि इसे धोखा देना या इसकी नकल करना अत्यन्त मुश्किल है।

टेस्टिंग में मिले सटीक नतीजे

VitalID तकनीक की प्रभावशीलता को एक व्यापक अध्ययन द्वारा मान्यता प्राप्त हुई है। इस अनुसंधान में लगभग 52 व्यक्तियों को शामिल किया गया, जिसमें VitalID ने 95% से अधिक मामलों में सही पहचान की। वहीं, अनधिकृत उपयोगकर्ताओं को ब्लॉक करने में यह 98% सफल रही। इसकी उत्कृष्टता के कारण, VitalID को नवंबर 2025 में ACM कॉन्फ्रेंस में सम्मानित किया गया था।

निष्कर्ष

VitalID तकनीक डिजिटल सुरक्षा की नई दिशा प्रस्तुत कर रही है। इसकी अनूठी पहचान प्रणाली न केवल उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा को सुनिश्चित करेगी, बल्कि आगामी समय में बैंकिंग और चिकित्सा रिकॉर्ड्स के सुरक्षित एक्सेस में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इस तकनीक के व्यावसायिक उपयोग के लिए आगे और अनुसंधान जारी है, जिससे यह जल्द ही बाजार में उपलब्ध हो सके।

इस प्रकार, VitalID न केवल एक बायोमेट्रिक समाधान है, बल्कि यह सुरक्षा की पूरी नई परिभाषा पेश करता है, जो कि डिजिटल युग के लिए अत्यंत आवश्यक हो गया है।

IPL 2026: फलेमिंग ने जताई उम्मीद, ब्रेविस दिल्ली के खिलाफ खेलेंगे!

ब्रेकिंग न्यूज़:
दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज ने IPL 2026 में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के पहले तीन मैचों को मिस किया है। यह जानकारी टीम प्रबंधन ने दी है।

CSK के लिए यह एक बड़ा झटका है, क्योंकि यह खिलाड़ी उनकी बल्लेबाजी लाइन-अप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। IPL 2026 के शुरुआती मुकाबले में CSK को अपने प्रतिद्वंद्वियों से कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा है।

सीएसके प्रबंधन ने बताया कि यह खिलाड़ी अपनी फिटनेस में सुधार कर रहा है और जल्द ही टीम में शामिल होने की उम्मीद है।

इस स्थिति का असर CSK की रणनीति पर पड़ सकता है, क्योंकि उन्हें अपने अगले मैचों में सफलता के लिए एक मजबूत टीम की आवश्यकता होगी।

निष्कर्ष:
दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज की अनुपस्थिति सीएसके के लिए एक चुनौती है, लेकिन टीम उम्मीद करती है कि वह जल्द ही वापसी करेगा।

आर्टेमिस की शानदार चंद्रमा तस्वीरें: विज्ञान या छुट्टी की यादें?

ब्रेकिंग न्यूज: आर्टेमिस II अंतरिक्ष यात्रियों की अद्भुत तस्वीरें पृथ्वी पर आईं

आर्टेमिस II मिशन के अंतरिक्ष यात्रियों द्वारा भेजी गई खूबसूरत तस्वीरों ने दुनिया भर में सेंसेशन मचा दिया है। इन तस्वीरों में धरती की अद्वितीय दृश्यता और अंतरिक्ष की शोभा बखान की गई है।

अंतरिक्ष से मिली अद्भुत तस्वीरें

आर्टेमिस II अभियान में शामिल अंतरिक्ष यात्री एक नई ऊँचाई पर पहुंचे हैं। उन्होंने ना केवल अंतरिक्ष की गहराइयों का अध्ययन किया, बल्कि अपनी यात्रा के दौरान कई अद्भुत तस्वीरें भी खींची हैं। ये तस्वीरें न केवल वैज्ञानिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि आम लोगों के लिए भी एक नई दृष्टि प्रस्तुत करती हैं।

अंतरिक्ष से पृथ्वी का दृश्य हर किसी को मंत्रमुग्ध कर देता है। आर्टेमिस II मिशन के समय, ये अंतरिक्ष यात्री विशेष रूप से इस बात को समझते हैं कि पृथ्वी कितनी खूबसूरत है। उन्होंने अपनी यात्रा के दौरान नीली और हरे रंग की धरती, महासागर, और बादलों का एक शानदार स्वरूप प्रस्तुत किया है।

वैज्ञानिक महत्व

इन तस्वीरों का वैज्ञानिक शोध में भी महत्व है। इनसे हमें पृथ्वी के जलवायु, पर्यावरण, और अन्य भौगोलिक परिवर्तनों की जानकारी मिलती है। अनुसंधानकर्ताओं का मानना है कि अंतरिक्ष से ली गई तस्वीरें न केवल धरती की सुंदरता को दिखाती हैं, बल्कि हमें इसकी रक्षा करने की आवश्यकता का भी अहसास कराती हैं।

मिशन के दौरान, अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी की सतह पर होने वाले परिवर्तनों को देखने में सक्षम रहे हैं। इस अनुभव ने उन्हें धरती के बारे में नए दृष्टिकोण देने के साथ-साथ मानवता की जिम्मेदारी को समझने में भी मदद की है। तस्वीरों में आने वाली अलग-अलग भौगोलिक संरचनाएँ, जैसे कि पहाड़, महासागर और जंगल, हमारे पर्यावरण की अद्भुत विविधता को दर्शाती हैं।

लोगों की प्रतिक्रियाएं

इन तस्वीरों पर लोगों की प्रतिक्रियाएँ बहुत उत्साही रही हैं। सोशल मीडिया पर इनमें से कई तस्वीरें तेजी से वायरल हो गई हैं। विभिन्न विशेषज्ञों और आम लोगों ने इन दृश्यों में छिपे संदेशों को साझा किया है।

अंतरिक्ष के अन्वेषण को लेकर उत्साह बढ़ता जा रहा है और लोग अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए बेहद उत्सुक हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लोग साझा कर रहे हैं कि ये तस्वीरें उन्हें अपने ग्रह की सुरक्षा के प्रति अधिक जागरूक बनाती हैं। कुछ ने तो धरती की खूबसूरती को देखकर अपार गर्व और उससे जुड़ी जिम्मेदारियों का भी उल्लेख किया है।

निष्कर्ष

आर्टेमिस II मिशन ने केवल वैज्ञानिक अनुसंधान में योगदान नहीं दिया, बल्कि मानवता को एक नई प्रेरणा भी दी है। अंतरिक्ष से लौटकर आई ये तस्वीरें हमें यह याद दिलाती हैं कि धरती हमारी केवल एक सीमित संपत्ति नहीं है, बल्कि इसे बचाने की जिम्मेदारी हम सभी की है।

इन यात्रियों की कहानी और उनके द्वारा भेजी गई तस्वीरें हमें धरती की सुंदरता और इसकी रक्षा के महत्व पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर प्रदान करती हैं।

बिहार में आतंक की बड़ी साजिश: मदरसे से बरामद हुए हथियारों का जखीरा, 3 संदिग्ध हिरासत में!

ब्रेकिंग न्यूज़: पूर्वी चम्पारण में बड़ी पुलिस कार्रवाई

मोतिहारी: पूर्वी चम्पारण जिला एक बार फिर देश विरोधी गतिविधियों के कारण सुर्खियों में है। चकिया और मेहसी थाना क्षेत्र ने सुरक्षा एजेंसियों का ध्यान आकर्षित किया है। आज पुलिस ने चकिया इलाके में एक प्रमुख कार्रवाई की, जिसमें उन्होंने एक मदरसे पर छापेमारी की और अत्याधुनिक हथियार बरामद किए हैं। पुलिस ने तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है और मदरसे को सील कर दिया है। मोटिहारी एसपी स्वर्ण प्रभात ने जानकारी दी कि संदिग्धों से पूछताछ जारी है।

चकिया थानाक्षेत्र के मदरसे में छापेमारी

पुलिस द्वारा की गई छापेमारी गवंदरा गांव में स्थित एक मदरसे में हुई। इस कार्रवाई का उद्देश्य सुरक्षा सुनिश्चित करना और संभावित देश विरोधी गतिविधियों को रोकना है। बरामद की गई पिस्टल के संबंध में पुलिस ने बताया कि ये हथियार किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए यहां जमा किए गए थे। मोतिहारी के आलाधिकारी ने बताया कि यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई है।

दो साल पहले भी हुई थी गिरफ्तारी

गवंदरा गांव का यह मदरसा पहले भी विवादों में रहा है। ढाई साल पहले यहां से पीएफआई के मुख्य सदस्य सुल्तान उर्फ उस्मान उर्फ याकूब को एटीएस ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद से कई बार इस क्षेत्र से देश विरोधी गतिविधियों से जुड़े लोगों को पकड़ा गया है। यही कारण है कि पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां यहां की गतिविधियों पर नजर रख रही हैं।

एसपी का बयान: हथियारों के स्रोत का पता लगाया जा रहा

मोतिहारी एसपी स्वर्ण प्रभात ने कहा कि मदरसे में हथियारों के मिलने की सूचना मिली थी। उसी के आधार पर हमने कार्रवाई की। उन्होंने यह भी बताया कि हिरासत में लिए गए तीन संदिग्धों से पूछताछ करके यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि पिस्टल कहां से लाई गई थी और इसके पीछे की मंशा क्या थी। सुरक्षा एजेंसियों ने ऐसे मामलों में कड़ी निगरानी रखी है।

निष्कर्ष: सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता बनी आवश्यक

यह घटना पूर्वी चम्पारण में बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों को उजागर करती है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता आवश्यक है ताकि किसी भी संभावित खतरे का सामना किया जा सके। आगे की कार्रवाई के लिए पुलिस उचित कदम उठाएगी और इस मामले में संदिग्धों की जड़ें खोजने के प्रयास जारी रहेंगे।

तादेज़ पोगाकार: तीसरी टूर ऑफ फ्लैंडर्स जीत के साथ विश्व चैम्पियन ने बनाया रिकॉर्ड!

ब्रेकिंग न्यूज़: तादेज़ पोगाकार ने अपनी खिताब का बचाव करते हुए रिकॉर्ड-बराबरी तीसरी बार टूर ऑफ फ्लैंडर्स जीती। पोगाकार ने मैच में एमथ्यू वान डेरポल को 18 किलोमीटर पहले पीछे छोड़ दिया।

तादेज़ पोगाकार, जो पहले से ही दो बार टूर ऑफ फ्लैंडर्स का खिताब जीत चुके हैं, ने इस बार भी अपनी शानदार फॉर्म का प्रदर्शन किया। फाइनल के 18 किलोमीटर पहले, पोगाकार ने अपने प्रतिद्वंद्वी एमथ्यू वान डेरपोएल को पराजित करते हुए एक और शानदार जीत दर्ज की।

इस जीत के साथ पोगाकार ने टूर ऑफ फ्लैंडर्स की इतिहास में तीन बार विजेता बनने का रिकॉर्ड भी बराबर किया है। यह उनके करियर की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो आने वाले दिनों में उनकी छवि को और मजबूत करेगी।

निष्कर्ष: तादेज़ पोगाकार की यह जीत उनके उत्कृष्ट कौशल और कड़ी मेहनत का परिणाम है, जो उन्हें विश्व साइकिलिंग के शीर्ष पर बनाए रखने में मदद करेगी।

भारत का सोने का आयात 29% बढ़कर $69 अरब पहुंचा: वाणिज्य मंत्रालय

ब्रेकिंग न्यूज़: भारत में सोने के आयात में आई भारी बढ़ोतरी

भारत में सोने के आयात में आग लगी है! वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 2025-26 के अप्रैल से फरवरी तक सोने का आयात 28.73 प्रतिशत बढ़कर 69 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। यह वृद्धि सोने की ऊंची कीमतों के कारण हुई है।

सोने के आयात में वृद्धि का प्रभाव

वाणिज्य मंत्रालय के डेटा के अनुसार, पिछले वित्तीय वर्ष में 11 महीनों के दौरान सोने के आयात में इतनी वृद्धि हुई कि देश का व्यापार घाटा 310.60 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया। यह आंकड़ा 2024-25 में इसी अवधि के दौरान 261.80 बिलियन डॉलर था। सोने के बढ़ते आयात ने देश के आर्थिक संतुलन पर दबाव डाला है, और विशेषकर यह स्थिति चर्चा का विषय बनी हुई है।

राष्ट्रीय राजधानी में वर्तमान में सोने की कीमतें लगभग ₹1,51,500 प्रति 10 ग्राम हैं, जिसमें सभी प्रकार के कर शामिल हैं। यह कीमतें बाजार में उच्च माँग के कारण स्थिर बनी हुई हैं, विशेष रूप से गहनों की इंडस्ट्री से।

प्रमुख सोने का आयात स्रोत

स्विट्जरलैंड, भारत के लिए सोने का सबसे बड़ा स्रोत है, जिसमें करीब 40 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इसके बाद संयुक्त अरब अमीरात (16 प्रतिशत) और दक्षिण अफ्रीका (लगभग 10 प्रतिशत) का स्थान है। इस दौरान, स्विट्जरलैंड से कुल आयात 11.57 प्रतिशत बढ़कर 23.5 बिलियन डॉलर हो गया है। चिंताजनक बात यह है कि फरवरी में स्विट्जरलैंड से सोने का आयात पिछले वर्ष की तुलना में 719.30 प्रतिशत बढ़कर 2.71 बिलियन डॉलर हो गया।

भारत, चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोना उपभोक्ता है। यहाँ सोने का आयात मुख्यतः आभूषण उद्योग की माँग को पूरा करने के लिए किया जाता है जिसके कारण इस पर देश के चालू खाता घाटे पर प्रभाव पड़ता है।

चालू खाता घाटा: एक चिंता का विषय

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के आंकड़ों के अनुसार, चालू खाता घाटा (CAD) दिसंबर तिमाही में 13.2 बिलियन डॉलर या 1.3 प्रतिशत जीडीपी तक पहुंच गया है। पिछले वर्ष इसी समय यह 11.3 बिलियन डॉलर था, जो कि 1.1 प्रतिशत जीडीपी था। हालांकि, चालू खाता घाटा अप्रैल-निर्धारित अवधि में 30.1 बिलियन डॉलर (1 प्रतिशत जीडीपी) तक समशीतोष्ण हुआ, जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि में यह 36.6 बिलियन डॉलर (1.3 प्रतिशत जीडीपी) था।

चालू खाता घाटा तब होता है जब किसी देश की आयातित वस्तुओं और सेवाओं की संख्या उनके निर्यात से अधिक होती है।

सरकार ने आयात को कम करने के लिए पिछले सप्ताह सोना, चांदी और प्लेटिनम के सभी प्रकार के सामानों पर आयात प्रतिबंध लगाए हैं। चांदी के आयात में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है, जो 142.87 प्रतिशत बढ़कर 11.43 बिलियन डॉलर हो गया है। चांदी का उपयोग इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटो और फार्मा जैसे क्षेत्रों में किया जा रहा है।

इस प्रकार, सोने और चांदी के आयात में वृद्धि ने भारतीय अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा दी है, लेकिन इसके बावजूद जरूरी है कि आयात पर नियंत्रण रखने के उपायों को अपनाया जाए।

"छत्तीसगढ़: आईआईएम रायपुर के दीक्षांत समारोह में जयशंकर का जोर, ‘ग्लोबल सोच से बनाएं भारत आत्मनिर्भर!’"

ब्रेकिंग न्यूज़: आईआईएम रायपुर में दीक्षांत समारोह का आयोजन

छत्तीसगढ़ के नया रायपुर में स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) रायपुर के 15वें दीक्षांत समारोह का आयोजन हुआ। इस विशेष अवसर पर देश के विदेश मंत्री, एस. जयशंकर ने छात्रों को प्रेरित करने के लिए मुख्य वक्ता के रूप में भाग लिया।

छात्रों को दी गई जीवन की महत्वपूर्ण सलाह

अपने संबोधन में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने छात्रों को सफलता की राह में आने वाली चुनौतियों का सामना करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा, “सफलता सिर्फ एक मंजिल नहीं, बल्कि एक यात्रा है। इस यात्रा में हर मोड़ पर सिखने के लिए कुछ न कुछ होता है। आपको हमेशा अपने लक्ष्यों की ओर अग्रसर रहना चाहिए।” उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए उल्लेख किया कि वैश्वीकरण के इस युग में, उन्हें न केवल अपने देश, बल्कि विश्व स्तर पर भी सोचने और काम करने की आवश्यकता है।

कौशल विकास पर जोर

जयशंकर ने कौशल विकास पर जोर दिया और कहा कि छात्रों को अपनी विशेषज्ञता को विकसित करने के लिए लगातार प्रयास करने चाहिए। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि आज की प्रतिस्पर्धात्मक दुनिया में खुद को अद्यतन रखना आवश्यक है। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे प्रौद्योगिकी, प्रबंधन और नेतृत्व के नए तरीकों को अपनाएं, ताकि वे आने वाले कल में सफल बन सकें।

एक सकारात्मक भविष्य की ओर

आईआईएम रायपुर की निदेशक, डॉ. भारती राउत ने भी समारोह में छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने कहा, “यह संस्थान केवल ज्ञान का केंद्र नहीं, बल्कि आपके विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।” उन्होंने निर्णय लेने की क्षमता, नैतिकता और टीम वर्क के महत्व को भी उजागर किया।

निष्कर्ष

इस विशेष समारोह में हजारों छात्रों ने भाग लिया और अपने प्रयासों के फलस्वरूप मिली डिग्रियों को ग्रहण किया। विदेश मंत्री एस. जयशंकर के प्रेरक शब्दों ने छात्रों के लिए एक नया उत्साह भर दिया है। इस अवसर पर मिली सीख न केवल उनके करियर को संवारने में मददगार होगी, बल्कि वे जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में भी बढ़ेंगे। आईआईएम रायपुर का यह समारोह एक सकारात्मक बदलाव का प्रतीक है, जो छात्रों को आत्मनिर्भरता और सशक्तीकरण के मार्ग पर अग्रसर करेगा।