पुरंदर मिश्रा के बयान पर कांग्रेस का पलटवार, विकास उपाध्याय बोले- इलाज की जरूरत

रायपुर। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के 21 जून को प्रस्तावित छत्तीसगढ़ दौरे को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस के जिला अध्यक्षों के प्रशिक्षण शिविर में शामिल होने आ रहे राहुल गांधी के दौरे से पहले भाजपा और कांग्रेस नेताओं के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है।

भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्हें “जोकर” बताया। उन्होंने कहा कि “दिल्ली से जोकर आ रहा है, दस दिनों तक छत्तीसगढ़ में सर्कस चलेगा।” उनके इस बयान के बाद कांग्रेस ने कड़ा विरोध जताया है।

पुरंदर मिश्रा का हमला

राहुल गांधी के दौरे पर प्रतिक्रिया देते हुए पुरंदर मिश्रा ने कहा कि राम को काल्पनिक बताने वाले राहुल गांधी अब भगवान राम के ननिहाल माने जाने वाले छत्तीसगढ़ आ रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस में लेन-देन और भ्रष्टाचार की संस्कृति रही है। ऐसे में राहुल गांधी यहां आकर क्या कार्यकर्ताओं को “आलू से सोना बनाने की कला” सिखाएंगे।

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विकास उपाध्याय का पलटवार

भाजपा विधायक के बयान पर कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पुरंदर मिश्रा मानसिक रूप से परेशान हो चुके हैं और उन्हें उपचार की आवश्यकता है।

उपाध्याय ने कहा, “पुरंदर मिश्रा केवल सुर्खियों में बने रहने और अपना राजनीतिक कद बढ़ाने के लिए इस तरह के बयान दे रहे हैं। अगर भाजपा उनका इलाज नहीं करा पा रही है तो कांग्रेस इसके लिए भी तैयार है।”

आज से शुरू हुआ 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर

कांग्रेस का 10 दिवसीय संगठनात्मक प्रशिक्षण शिविर अभनपुर में शुरू हो गया है। शिविर में प्रदेशभर के जिला अध्यक्षों और संगठन पदाधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रभारी Sachin Pilot सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे।

21 जून को रायपुर पहुंचेंगे राहुल गांधी

कांग्रेस के अनुसार Rahul Gandhi 21 जून को रायपुर पहुंचेंगे। वे करीब साढ़े पांच घंटे तक प्रशिक्षण शिविर में मौजूद रहेंगे और पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। उनके दौरे को कांग्रेस संगठनात्मक मजबूती के लिहाज से महत्वपूर्ण मान रही है।

चंदरपुर पेट्रोल पंप के पास दर्दनाक हादसा: खड़ी ट्रक से टकराई बाइक, युवक की मौत

शनि की कृपा से किस्मत का साथ, जानिए मेष से मीन तक आज का दिन कैसा रहेगा

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मौसम अलर्ट: अगले 3-4 दिनों में छत्तीसगढ़ में मानसून की एंट्री संभव

रायपुर। मौसम अलर्ट: छत्तीसगढ़ में मानसून की दस्तक से पहले मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने प्रदेश के 20 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है।

इन जिलों में रहेगा बारिश का असर

मौसम अलर्ट: मौसम विभाग के अनुसार धमतरी, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, बालोद, बलौदाबाजार, बिलासपुर, मुंगेली, जांजगीर-चांपा, कोरबा, कांकेर, बस्तर, सुकमा, सूरजपुर, कोरिया, बलरामपुर, अंबिकापुर और पेंड्रा जिलों में आगामी दिनों के दौरान मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। इन क्षेत्रों में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक देखने को मिल सकती है।

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रायपुर-बिलासपुर संभाग पर विशेष नजर

मौसम वैज्ञानिकों ने रायपुर और बिलासपुर संभाग के जिलों में मौसम के अधिक सक्रिय रहने की संभावना जताई है। यहां बादल छाने, तेज हवाएं चलने और कुछ स्थानों पर अच्छी बारिश होने के संकेत हैं। मौसम में बदलाव के चलते तापमान में गिरावट दर्ज हो सकती है, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलेगी।

चंदरपुर पेट्रोल पंप के पास दर्दनाक हादसा: खड़ी ट्रक से टकराई बाइक, युवक की मौत

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मानसून की एंट्री के लिए अनुकूल परिस्थितियां

मौसम अलर्ट: मौसम विभाग का कहना है कि प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां लगातार अनुकूल बनी हुई हैं। यदि वर्तमान मौसम प्रणाली सक्रिय रही, तो अगले तीन से चार दिनों में मानसून छत्तीसगढ़ में प्रवेश कर सकता है। इसके बाद प्रदेशभर में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है।

लोगों को सतर्क रहने की सलाह

मौसम अलर्ट: मौसम विभाग ने आकाशीय बिजली, तेज हवाओं और गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों में नहीं रुकने, पेड़ों के नीचे शरण नहीं लेने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। किसानों को भी मौसम की जानकारी के अनुसार कृषि कार्य करने की अपील की गई है।

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चंदरपुर पेट्रोल पंप के पास दर्दनाक हादसा: खड़ी ट्रक से टकराई बाइक, युवक की मौत

हाईवे पर खड़ी ट्रक बनी मौत का कारण, 18 वर्षीय युवक की गई जान

बागबाहरा/महासमुंद। बागबाहरा-खरियार रोड राष्ट्रीय राजमार्ग पर चंदरपुर पेट्रोल पंप के पास हुए दर्दनाक सड़क हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका चाचा गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है।

जानकारी के अनुसार, बाइक पर सवार चाचा-भतीजा सड़क किनारे खड़ी एक ट्रक से पीछे से जा टकराए। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि छबि ठाकुर (18 वर्ष), पिता छत्तर सिंह ठाकुर, निवासी भालूचुआं की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं बाइक में साथ रहे उसके चाचा पेसराज ठाकुर गंभीर रूप से घायल हो गए।

घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से घायल को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे महासमुंद रेफर कर दिया गया। परिजनों के अनुसार घायल की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है और वह कोमा में है।

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सड़क किनारे खड़े वाहनों से बढ़ रहा खतरा

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि चंदरपुर पेट्रोल पंप के आसपास कई होटल, ढाबे और दुकानें संचालित हैं। इसके चलते सड़क के दोनों किनारों पर अव्यवस्थित तरीके से दर्जनों ट्रक खड़े रहते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है। ग्रामीणों का आरोप है कि पूर्व में भी इसी स्थान पर कई सड़क हादसे हो चुके हैं, लेकिन अब तक यातायात व्यवस्था सुधारने या सड़क किनारे भारी वाहनों की पार्किंग पर रोक लगाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

ग्रामीणों ने की कार्रवाई की मांग

हादसे के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन और यातायात विभाग से सड़क किनारे ट्रकों की अवैध पार्किंग पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो भविष्य में भी ऐसे हादसे होते रहेंगे और लोगों की जान जाती रहेगी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।

शनि की कृपा से किस्मत का साथ, जानिए मेष से मीन तक आज का दिन कैसा रहेगा

आज शनिवार को शनि देव की विशेष कृपा कुछ राशियों के लिए आर्थिक प्रगति और करियर में सफलता के संकेत दे रही है, जबकि कुछ जातकों को खर्च, स्वास्थ्य और रिश्तों के मामलों में सावधानी बरतने की आवश्यकता रहेगी। दांपत्य जीवन, स्वास्थ्य, धन, शुभ अंक, शुभ रंग, उपाय, मंत्र और रत्न के साथ पढ़िए मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का विस्तृत दैनिक राशिफल।

♈ मेष

दांपत्य: जीवनसाथी के साथ तालमेल बेहतर रहेगा। छोटी बातों को बढ़ाने से बचें।
सेहत: थकान और सिरदर्द की शिकायत हो सकती है। पर्याप्त आराम करें।
आर्थिक: धन लाभ के अवसर मिल सकते हैं। पुराने निवेश से संतोषजनक परिणाम मिलेंगे।
सावधानी: क्रोध में कोई निर्णय न लें।
शुभ अंक: 9
शुभ रंग: लाल
दैनिक उपाय: हनुमान जी को सिंदूर अर्पित करें।
मंत्र: “ॐ हं हनुमते नमः”
रत्न: मूंगा


♉ वृषभ

दांपत्य: वैवाहिक जीवन में मधुरता बनी रहेगी। परिवार के साथ सुखद समय बिताएंगे।
सेहत: खानपान पर नियंत्रण रखें, पेट संबंधी परेशानी हो सकती है।
आर्थिक: खर्च बढ़ सकते हैं, बजट बनाकर चलें।
सावधानी: किसी पर अत्यधिक भरोसा न करें।
शुभ अंक: 6
शुभ रंग: सफेद
दैनिक उपाय: शिवलिंग पर जल अर्पित करें।
मंत्र: “ॐ नमः शिवाय”
रत्न: हीरा या ओपल


♊ मिथुन

दांपत्य: साथी के साथ संवाद बढ़ेगा और गलतफहमियां दूर होंगी।
सेहत: मानसिक तनाव कम रहेगा, ऊर्जा अच्छी रहेगी।
आर्थिक: व्यापार और नौकरी में प्रगति के संकेत हैं।
सावधानी: अधूरे कार्यों को टालें नहीं।
शुभ अंक: 5
शुभ रंग: हरा
दैनिक उपाय: गाय को हरा चारा खिलाएं।
मंत्र: “ॐ बुं बुधाय नमः”
रत्न: पन्ना


♋ कर्क

दांपत्य: परिवार में सुखद वातावरण रहेगा। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा।
सेहत: मौसमी संक्रमण से बचाव रखें।
आर्थिक: रुका हुआ धन मिलने की संभावना है।
सावधानी: भावुक होकर निर्णय न लें।
शुभ अंक: 2
शुभ रंग: क्रीम
दैनिक उपाय: चंद्रमा को जल अर्पित करें।
मंत्र: “ॐ सोमाय नमः”
रत्न: मोती


♌ सिंह

दांपत्य: प्रेम और विश्वास में वृद्धि होगी।
सेहत: रक्तचाप और तनाव पर ध्यान दें।
आर्थिक: आय के नए स्रोत बन सकते हैं।
सावधानी: अहंकार से रिश्तों में दूरी आ सकती है।
शुभ अंक: 1
शुभ रंग: सुनहरा
दैनिक उपाय: सूर्य को अर्घ्य दें।
मंत्र: “ॐ घृणि सूर्याय नमः”
रत्न: माणिक्य


♍ कन्या

दांपत्य: जीवनसाथी की सलाह लाभदायक साबित होगी।
सेहत: त्वचा और एलर्जी संबंधी समस्या से सावधान रहें।
आर्थिक: धन संचय के लिए अच्छा दिन है।
सावधानी: अनावश्यक आलोचना से बचें।
शुभ अंक: 5
शुभ रंग: हल्का हरा
दैनिक उपाय: गणेश जी को दूर्वा अर्पित करें।
मंत्र: “ॐ गं गणपतये नमः”
रत्न: पन्ना


♎ तुला

दांपत्य: प्रेम संबंधों में मजबूती आएगी।
सेहत: स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, योग लाभदायक रहेगा।
आर्थिक: निवेश के मामलों में लाभ के संकेत हैं।
सावधानी: विलासिता पर अधिक खर्च न करें।
शुभ अंक: 6
शुभ रंग: गुलाबी
दैनिक उपाय: माता लक्ष्मी की पूजा करें।
मंत्र: “ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः”
रत्न: ओपल


♏ वृश्चिक

दांपत्य: जीवनसाथी के साथ भावनात्मक निकटता बढ़ेगी।
सेहत: शरीर में आलस्य और कमजोरी महसूस हो सकती है।
आर्थिक: धन लाभ के योग हैं, लेकिन जोखिम से बचें।
सावधानी: गोपनीय बातें साझा न करें।
शुभ अंक: 8
शुभ रंग: मैरून
दैनिक उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें।
मंत्र: “ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः”
रत्न: मूंगा


♐ धनु

दांपत्य: परिवार में आनंद का माहौल रहेगा।
सेहत: पुरानी स्वास्थ्य समस्या में राहत मिल सकती है।
आर्थिक: नौकरीपेशा लोगों को लाभदायक समाचार मिल सकता है।
सावधानी: जल्दबाजी में यात्रा न करें।
शुभ अंक: 3
शुभ रंग: पीला
दैनिक उपाय: केले के वृक्ष की पूजा करें।
मंत्र: “ॐ बृं बृहस्पतये नमः”
रत्न: पुखराज


♑ मकर

दांपत्य: साथी की भावनाओं को समझने का प्रयास करें।
सेहत: जोड़ों और कमर दर्द की समस्या हो सकती है।
आर्थिक: बचत योजनाओं पर ध्यान दें।
सावधानी: कानूनी मामलों में लापरवाही न करें।
शुभ अंक: 8
शुभ रंग: नीला
दैनिक उपाय: शनि मंदिर में तिल का तेल अर्पित करें।
मंत्र: “ॐ शं शनैश्चराय नमः”
रत्न: नीलम (योग्य सलाह के बाद)


♒ कुंभ

दांपत्य: संबंधों में नई ऊर्जा और उत्साह रहेगा।
सेहत: मानसिक शांति के लिए ध्यान करें।
आर्थिक: व्यापार में नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं।
सावधानी: मित्रों के साथ आर्थिक लेन-देन सोच-समझकर करें।
शुभ अंक: 4
शुभ रंग: आसमानी
दैनिक उपाय: जरूरतमंद को काला तिल दान करें।
मंत्र: “ॐ शं शनैश्चराय नमः”
रत्न: अमेथिस्ट


♓ मीन

दांपत्य: प्रेम और समझदारी बढ़ेगी।
सेहत: स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, लेकिन नींद पूरी लें।
आर्थिक: धन आगमन के अच्छे संकेत हैं।
सावधानी: भावनाओं में बहकर आर्थिक निर्णय न लें।
शुभ अंक: 7
शुभ रंग: पीला
दैनिक उपाय: विष्णु जी की आराधना करें।
मंत्र: “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय”
रत्न: पुखराज


आज का विशेष संकेत (शनिवार)

  • शनि कृपा हेतु: पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
  • दान: काला तिल, उड़द या जरूरतमंदों को भोजन।
  • सर्वराशि शुभ मंत्र:
    “ॐ शं शनैश्चराय नमः” (108 बार जप लाभकारी माना जाता है।)

यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय संकेतों पर आधारित है। व्यक्तिगत कुंडली के अनुसार फल भिन्न हो सकते हैं।

बागबाहरा, घोटाले की जांच रिपोर्ट ही संदिग्ध, पूरी टीम बदल दी

हितग्राही का आरोप- मजदूरी की राशि दूसरे खातों में डाली गई, सीईओ बोले- सभी पहलुओं की होगी निष्पक्ष जांच

बागबाहरा/महासमुंद। जनपद पंचायत बागबाहरा अंतर्गत ग्राम पंचायत खट्टी एक बार फिर पीएम आवास योजना और मनरेगा भुगतान में कथित अनियमितताओं को लेकर चर्चा में है। ग्राम सेनभाठा निवासी कुमारी बाई पिता जीवन ने जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) को लिखित शिकायत सौंपकर आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत उनके मकान निर्माण में मनरेगा मजदूरी राशि का बड़ा हिस्सा अन्य लोगों के खातों में जमा कर दिया गया।

शिकायत के अनुसार वर्ष 2024-25 में कुमारी बाई को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास स्वीकृत हुआ था। आवास निर्माण के लिए उन्हें 1 लाख 20 हजार रुपये की राशि प्राप्त हुई। इसके अतिरिक्त निर्माण कार्य में मजदूरी मद से मनरेगा के तहत 23 हजार 4 रुपये की राशि स्वीकृत एवं आहरित की गई।

खाते में पहुंचे सिर्फ 6,795 रुपये

कुमारी बाई का आरोप है कि स्वीकृत मजदूरी राशि में से उनके खाते में मात्र 6,795 रुपये ही जमा किए गए, जबकि शेष राशि गांव के ही कुछ अन्य लोगों के खातों में डाल दी गई। शिकायत में उल्लेख किया गया है कि जिन लोगों के खातों में राशि जमा हुई, उन्होंने उनके आवास निर्माण में किसी प्रकार का श्रम कार्य नहीं किया।

पीड़िता का कहना है कि जब उन्होंने संबंधित लोगों से जानकारी ली तो उन्होंने बताया कि उनके खातों में मजदूरी की राशि आई थी, जिसे निकालकर रोजगार सहायक को दे दिया गया। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और बकाया मजदूरी राशि दिलाने की मांग की है।

पहले भी सामने आया था पीएम आवास में गड़बड़ी का मामला

गौरतलब है कि इसी ग्राम पंचायत खट्टी के ग्राम सेनभाठा में प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़ा एक और मामला पहले सामने आ चुका है। एक हितग्राही के नाम पर सरकारी पोर्टल में आवास को “पूर्ण” दर्शाया गया था, जबकि पंचायत के प्रस्ताव में निर्माण कार्य शुरू नहीं होने का उल्लेख किया गया था।

मामले में आरोप लगे थे कि पुराने मकान के सामने खड़े होकर जियो टैगिंग कराई गई और वास्तविक निर्माण कार्य का सत्यापन किए बिना आवास को पूर्ण दर्शा दिया गया। जांच के दौरान आरोप सही पाए जाने की बात भी सामने आई थी, लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

पहली जांच रिपोर्ट पर उठे सवाल, जांच अधिकारी हटाए गए

इस पूरे मामले पर जनपद पंचायत बागबाहरा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एस.एन. मंडावी ने कहा कि सेनभाठा के पीएम आवास मामले की जांच के लिए पहले कारारोपण अधिकारी क्षीरसागर पटेल को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। हालांकि उनके द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन संदिग्ध पाए जाने के कारण उन्हें जांच से हटा दिया गया है।

सीईओ ने बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए नई जांच टीम गठित कर दी गई है। साथ ही कुमारी बाई द्वारा मनरेगा भुगतान में गड़बड़ी की शिकायत को भी जांच में शामिल किया गया है।

उन्होंने कहा, “पीएम आवास और मनरेगा भुगतान से जुड़े सभी मामलों की निष्पक्ष जांच की जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।”

सवालों के घेरे में निगरानी व्यवस्था

लगातार सामने आ रही शिकायतों ने पंचायत स्तर पर प्रधानमंत्री आवास योजना और मनरेगा के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ हितग्राही मजदूरी भुगतान में गड़बड़ी का आरोप लगा रहे हैं तो दूसरी ओर पहले की जांच रिपोर्ट पर ही सवाल उठने लगे हैं। ऐसे में ग्रामीणों की नजर अब नई जांच टीम की रिपोर्ट और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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23 जून तक छत्तीसगढ़ में आगे बढ़ सकता है मानसून, कई जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी

रायपुर। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने छत्तीसगढ़ के लिए राहत भरी खबर दी है। मौसम विभाग के अनुसार 23 जून के आसपास दक्षिण-पश्चिम मानसून के राज्य के और अधिक हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। इसके साथ ही प्रदेश के कई जिलों में आगामी दिनों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 19 से 25 जून के बीच छत्तीसगढ़ में अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। वहीं 22 और 23 जून को कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर हवा की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलेगी।

मुख्य बातें

  • 23 जून के आसपास छत्तीसगढ़ में मानसून के आगे बढ़ने की संभावना।
  • 19 से 25 जून के बीच कई क्षेत्रों में बारिश के आसार।
  • 22-23 जून को गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी।
  • हवा की गति 40-50 किमी प्रतिघंटा, झोंकों में 60 किमी प्रतिघंटा तक पहुंच सकती है।
  • तापमान में गिरावट से गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद।

मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने तथा किसानों को मौसम की जानकारी के अनुसार कृषि कार्य करने की सलाह दी है।

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महासमुंद। महासमुंद पुलिस को अंतरराज्यीय गांजा तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। करीब 4.56 करोड़ रुपये कीमत के 912.760 किलोग्राम गांजा की तस्करी से जुड़े नेटवर्क के मुख्य सरगना और मास्टरमाइंड विनय कुमार शर्मा उर्फ पंडित जी को उत्तर प्रदेश के शामली जिले से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर महासमुंद लाया जा रहा है।

पुलिस के अनुसार आरोपी विनय शर्मा उत्तर प्रदेश और आंध्रप्रदेश में संचालित 10 से अधिक शराब ठेकों का मालिक है। आरोप है कि वह शराब कारोबार की आड़ में गांजा और अन्य मादक पदार्थों के अंतरराज्यीय नेटवर्क का संचालन कर रहा था।

कच्चे केले की आड़ में हो रही थी तस्करी

मामला थाना बसना के अपराध क्रमांक 197/2026 से जुड़ा है। 17 अप्रैल 2026 को पुलिस ने पलसापाली बैरियर पर नाकाबंदी के दौरान एक आयशर मालवाहक वाहन (AP 39 TT 4556) को पकड़ा था। वाहन में कच्चे केले की खेप के नीचे 29 प्लास्टिक बोरियों में छिपाकर 912.760 किलो गांजा रखा गया था।

पुलिस ने मौके से चार फर्जी नंबर प्लेटें भी बरामद की थीं, जिनका इस्तेमाल तस्करी के दौरान पुलिस को गुमराह करने के लिए किया जा रहा था। जब्त गांजा की अनुमानित कीमत 4 करोड़ 56 लाख 38 हजार रुपये आंकी गई थी।

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ओडिशा से यूपी तक फैला था नेटवर्क

जांच में सामने आया कि गांजा ओडिशा के कंधमाल जिले से लोड कर उत्तर प्रदेश के शामली भेजा जा रहा था। पुलिस की तकनीकी जांच, व्हाट्सएप चैट और गूगल डेटा के विश्लेषण से पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि खेप का मुख्य रिसीवर और फाइनेंसर विनय शर्मा ही था।

पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं चार आरोपी

इस मामले में पुलिस पहले ही चार आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें झारखंड निवासी वाहन चालक अब्दुल नईम, मुख्य बिचौलिया राम कुमार सिंह उर्फ रामजी ठाकुर तथा ओडिशा के कंधमाल निवासी गांजा सप्लायर रमाकांत बेहरा और बबलू नायक शामिल हैं।

इन आरोपियों से पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस मुख्य सरगना तक पहुंचने में सफल हुई।

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शराब, भांग और गांजा कारोबार का सरगना

पुलिस के मुताबिक विनय शर्मा केवल गांजा तस्करी ही नहीं बल्कि शराब और भांग के कारोबार से भी जुड़ा हुआ है। वह विभिन्न राज्यों में शराब ठेकों का संचालन कर रहा था और इसी नेटवर्क का उपयोग मादक पदार्थों की तस्करी के लिए करता था।

एंड-टू-एंड कार्रवाई पर पुलिस का फोकस

महासमुंद पुलिस ने बताया कि जिले में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए “सोर्स टू डेस्टिनेशन” यानी सप्लायर से लेकर अंतिम खरीदार तक कार्रवाई की रणनीति अपनाई गई है। वर्ष 2026 में अब तक दर्ज 110 एनडीपीएस मामलों में से 65 मामलों में पुलिस ने नेटवर्क के अंतिम छोर तक पहुंचकर कार्रवाई की है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से ओडिशा से उत्तर प्रदेश तक फैले एक बड़े गांजा तस्करी सिंडिकेट को ध्वस्त करने में सफलता मिली है और आगे भी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।

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तिल्दा में स्कूल के बाहर खूनी संघर्ष, 11वीं के छात्र की चाकूबाजी में मौत

रायपुर/तिल्दा-नेवरा। तिल्दा-नेवरा में शुक्रवार को स्कूली छात्रों के बीच हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। 11वीं कक्षा के दो छात्रों के बीच हुई चाकूबाजी में एक छात्र की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और स्कूल परिसर के बाहर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुट गई।

पुरानी रंजिश ने लिया हिंसक रूप

जानकारी के अनुसार, दोनों छात्र सासाहोली स्थित सरस्वती स्कूल में 11वीं कक्षा के विद्यार्थी थे। बताया जा रहा है कि उनके बीच पिछले कुछ समय से विवाद चल रहा था। शुक्रवार को स्कूल की छुट्टी के बाद यह विवाद अचानक हिंसक हो गया और बात चाकूबाजी तक पहुंच गई।

बचाव में छीन लिया चाकू, फिर हुआ पलटवार

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, एक छात्र ने दूसरे पर चाकू से हमला कर दिया। हमले से बचने के दौरान दूसरे छात्र ने चाकू छीन लिया और पलटवार कर दिया। इस दौरान दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। एक छात्र ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि दूसरे को पहले स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया और बाद में बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर कर दिया गया।

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अन्य छात्रों की भूमिका की भी जांच

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि घायल छात्र के बयान के बाद घटना की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी। वहीं स्थानीय लोगों का दावा है कि इस पूरे घटनाक्रम में कुछ अन्य छात्रों की भी भूमिका हो सकती है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है।

परिवार में मातम, समाज के सामने बड़ा सवाल

घटना के बाद मृतक छात्र के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। इस दर्दनाक वारदात ने एक बार फिर किशोरों में बढ़ती आक्रामकता और हिंसक प्रवृत्ति को लेकर चिंता बढ़ा दी है। छोटी-छोटी बातों पर हिंसा का सहारा लेने की प्रवृत्ति अब अभिभावकों, शिक्षकों और समाज के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है।

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छत्तीसगढ़ के 4.7 लाख कर्मचारियों को चुनना होगा एक विकल्प, सरकार ने जारी किया आदेश

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के करीब 4.7 लाख शासकीय कर्मचारियों के लिए क्रमोन्नति वेतनमान और समयमान वेतनमान को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार कर्मचारियों को अब इन दोनों व्यवस्थाओं में से किसी एक का चयन करना अनिवार्य होगा। इसके लिए सरकार ने 9 जुलाई 2026 तक की समय-सीमा निर्धारित की है।

विकल्प नहीं देने पर स्वतः मिलेगा क्रमोन्नति वेतनमान

आदेश में कहा गया है कि निर्धारित तिथि तक विकल्प प्रस्तुत नहीं करने वाले कर्मचारियों को स्वतः ही क्रमोन्नति वेतनमान योजना के अंतर्गत शामिल माना जाएगा। इसके बाद उन्हें मिलने वाले उच्चतर वेतनमान और अन्य वित्तीय लाभ उसी आधार पर तय किए जाएंगे।

31 मार्च 2026 तक नियुक्त कर्मचारियों पर लागू होगा नियम

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था 31 मार्च 2026 तक नियुक्त सभी शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों पर लागू होगी। कर्मचारियों द्वारा चुना गया विकल्प अंतिम माना जाएगा और भविष्य में उसमें किसी प्रकार का संशोधन या परिवर्तन नहीं किया जा सकेगा।

नए कर्मचारियों को नहीं मिलेगा विकल्प

वहीं, 1 अप्रैल 2026 या उसके बाद नियुक्त होने वाले कर्मचारियों को किसी प्रकार का विकल्प नहीं दिया जाएगा। ऐसे सभी कर्मचारियों को सीधे समयमान वेतनमान योजना के तहत लाभ प्रदान किया जाएगा।

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कई संवर्गों की विशेष क्रमोन्नति योजनाएं होंगी समाप्त

सरकार के इस निर्णय के बाद कुछ विभागों और संवर्गों के लिए लागू विशेष क्रमोन्नति योजनाएं भी समाप्त मानी जाएंगी। इनमें शिक्षक संवर्ग, सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी (AVFO), निर्माण विभागों के उप अभियंता तथा वन विभाग के वन क्षेत्रपाल शामिल हैं।

वेतनमान व्यवस्था में आएगी समानता

अब इन संवर्गों के कर्मचारियों को भी वित्त विभाग द्वारा निर्धारित सामान्य समयमान वेतनमान व्यवस्था के तहत ही लाभ मिलेगा। सरकार का मानना है कि इस निर्णय से विभिन्न विभागों में वेतनमान संबंधी व्यवस्थाओं में एकरूपता आएगी। हालांकि कर्मचारी संगठनों की नजर इस बात पर रहेगी कि इसका प्रभाव उनकी भविष्य की वित्तीय प्रगति और पदोन्नति संबंधी लाभों पर किस प्रकार पड़ता है।

मिड-डे मील संकट: कहीं बंद है चूल्हा, कहीं शिक्षक दे रहे जेब से पैसे

महासमुंद/बागबाहरा। मिड-डे मील संकट: छत्तीसगढ़ में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत को चार दिन बीत चुके हैं, लेकिन जिले के कई प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में अब तक मध्यान्ह भोजन व्यवस्था पूरी तरह पटरी पर नहीं लौट पाई है। ऐसे में कई स्कूलों में बच्चों का स्वागत बिस्कुट और मुर्रा (लाई) देकर किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों के अभिभावकों में इसे लेकर चिंता बढ़ने लगी है।

स्कूल प्रबंधन का कहना है कि खाद्यान्न की उपलब्धता में कोई समस्या नहीं है, लेकिन रसोइयों द्वारा काम बंद किए जाने के कारण मध्यान्ह भोजन शुरू नहीं हो पा रहा है।

वेबमोर्चा की टीम ने बागबाहरा विकासखंड के विभिन्न विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन व्यवस्था की पड़ताल की। इस दौरान प्राथमिक शाला चंदरपुर, खट्टा, चंदरपुर, पटपरपाली, साल्हेभाठा, डोगाखम्हरिया और बैगाखम्हरिया का जायजा लिया गया। जांच में सामने आया कि चंदरपुर, खट्टा, चंदरपुर और पटपरपाली में मध्यान्ह भोजन बंद है, जबकि साल्हेभाठा के प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में भोजन व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो रही है।

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रसोइया संघ की मांगों से जुड़ा है मामला

प्राथमिक शाला खट्टा के शिक्षकों ने मध्यान्ह भोजन बंद होने के पीछे एक वायरल ज्ञापन का हवाला दिया। यह ज्ञापन छत्तीसगढ़ स्कूल मध्यान्ह भोजन रसोइया कल्याण संयुक्त संघ द्वारा लोक शिक्षण संचालनालय को सौंपा गया है। ज्ञापन में रसोइयों ने छह प्रमुख मांगें रखी हैं, जिनमें 16 जून से 30 जून तक का मानदेय भुगतान, कलेक्टर दर पर वेतन, स्थायीकरण तथा समूहों के माध्यम से रसोइयों को नहीं हटाने की मांग शामिल है।

संघ ने चेतावनी दी है कि यदि 16 जून से 30 जून तक के कार्य का मानदेय नहीं दिया गया तो रसोइये मध्यान्ह भोजन बनाने का कार्य बंद कर देंगे। इसी मांग को लेकर कई स्थानों पर रसोइयों ने काम करने से इनकार कर दिया है, जिसका सीधा असर स्कूलों की भोजन व्यवस्था पर पड़ा है।

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शिक्षकों ने निकाला समाधान, जेब से दे रहे पारिश्रमिक

रसोइया संघ का कहना है कि 16 जून से 30 जून तक के कार्य के लिए शासन से उन्हें मानदेय नहीं मिलता, जिसके कारण वे बिना भुगतान के काम करने को तैयार नहीं हैं।

हालांकि, साल्हेभाठा माध्यमिक शाला में एक अलग तस्वीर देखने को मिली। यहां के प्रधान पाठक संजय चंद्राकर ने बताया कि रसोइयों द्वारा काम करने से मना किए जाने के बाद विद्यालय प्रबंधन ने स्वयं पहल की। रसोइयों को आश्वस्त किया गया कि 15 दिनों का पारिश्रमिक शिक्षकों द्वारा अपने स्तर पर दिया जाएगा। इसके बाद रसोइयों ने मध्यान्ह भोजन बनाना शुरू किया और विद्यालय में भोजन व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो रही है।

बच्चों के पोषण पर पड़ रहा असर

मध्यान्ह भोजन योजना ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के लिए पोषण का महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसे में सत्र प्रारंभ होने के बाद भी कई विद्यालयों में भोजन व्यवस्था शुरू नहीं होना चिंता का विषय बन गया है। अब अभिभावकों और शिक्षकों की नजर शासन और शिक्षा विभाग पर है कि रसोइयों की मांगों का समाधान कब तक होता है और प्रदेश के सभी स्कूलों में मध्यान्ह भोजन व्यवस्था कब तक सामान्य हो पाती है।