ब्रेकिंग न्यूज़: इंडिया पावर समिट 2026 का आयोजन
भारत की ऊर्जा नीति और विकास की संभावनाओं पर चर्चा करने के लिए ‘इंडिया पावर समिट 2026’ का आयोजन धूमधाम से शुरू हो गया है। यह सम्मेलन केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में और विद्युत राज्य मंत्री श्रीपाद नाइक की उपस्थिति में संपन्न हो रहा है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य को मुख्य भागीदार के रूप में आमंत्रित किया गया है, जो इस महत्वपूर्ण सम्मेलन का हिस्सा बना है।
मंत्री स्तरीय सत्र की मुख्य विशेषताएँ
20 मार्च 2026 को आयोजित मंत्री स्तरीय सत्र इस सम्मेलन का मुख्य आकर्षण रहा। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के रूप में कैबिनेट दर्जा प्राप्त क्रेडा के अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी, ऊर्जा सचिव रोहित यादव और क्रेड़ा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी राजेश सिंह राणा ने भाग लिया। इस सत्र में बिजली की मांग, कार्बन उत्सर्जन में कमी और देश की विद्युत क्षमता को बढ़ाने के लिए रणनीतिक चर्चाएँ की गईं।
छत्तीसगढ़ ने अंजोर विजन 2047 के तहत अक्षय ऊर्जा के लक्ष्यों को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। राज्य ने वर्ष 2030 तक अक्षय ऊर्जा की हिस्सेदारी 45% और वर्ष 2047 तक 66% तक पहुँचने का लक्ष्य रखा है।
विभिन्न राज्यों की सहभागिता और प्रदर्शनी
इस चार दिवसीय सम्मेलन में छत्तीसगढ़ के अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, केरल, उड़ीसा, उत्तर प्रदेश और बिहार सहित कई राज्यों ने स्टॉल लगाकर अपने विद्युत क्षेत्र में किए गए विशेष उपलब्धियों को प्रदर्शित किया है। राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों ने विद्युत क्षेत्र से जुड़े नवाचारों और अक्षय ऊर्जा आधारित तकनीकों को भी प्रस्तुत किया है।
निष्कर्ष
इंडिया पावर समिट 2026 एक महत्वपूर्ण मंच है जहाँ भारतीय राज्यों और कंपनियों के बीच ऊर्जा क्षेत्र में विभिन्न चुनौतियों और समाधानों पर चर्चा की जा रही है। इस आयोजन से यह स्पष्ट होता है कि भारत अक्षय ऊर्जा और सम्यक ऊर्जा उपयोग की दिशा में गंभीर है। सभी राज्यों द्वारा प्रदर्शित उपलब्धियों और लक्ष्यों से देश की ऊर्जा दक्षता में सुधार की संभावनाएँ उजागर हो रही हैं। इस प्रकार का सम्मेलन न केवल वर्तमान चुनौतियों का समाधान ढूंढने में मदद करेगा, बल्कि भविष्य की ऊर्जा नीतियों को भी आकार देगा।

