आयरलैंड ने फ्रांस मैच के लिए क्लेरमॉन्ट में किया एक बदलाव

ब्रेकिंग न्यूज: आयरलैंड की महिला टीम ने शनिवार को फ्रांस में होने वाले महिला सिक्स नेशंस मैच के लिए अपनी प्लेइंग इलेवन में एक बदलाव किया है। टीम के मुख्य कोच स्कॉट बेमैंड ने इस बदलाव का ऐलान किया है।

आयरलैंड के मुख्य कोच स्कॉट बेमैंड ने अपनी शुरुआत टीम में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन किया है, जिससे टीम की रणनीति को और मजबूती मिलेगी। यह मैच महिला सिक्स नेशंस टूर्नामेंट का एक महत्वपूर्ण मुकाबला होगा, जहां आयरिश टीम अपनी ताकतवर खेल शैली का प्रदर्शन करने के लिए तैयार है।

यह बदलाव आयरलैंड की टीम को फ्रांस के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन करने में मदद कर सकता है। खेल प्रेमियों की नजरें इस मैच पर होंगी, जो कि शनिवार को खेला जाएगा।

आखिर में, आयरलैंड की टीम इस मैच में विजयी होकर टूर्नामेंट में आगे बढ़ने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेगी।

डेनमार्क में दो ट्रेनों की टक्कर, चार लोग गंभीर रूप से घायल

ताज़ा खबर: कोपेनहैगन में रेल हादसा, कई घायल
सुबह-सुबह कोपेनहैगन के पास एक स्तर पर क्रॉसिंग पर एक बड़ा रेल हादसा हुआ है। इस दुर्घटना में कई लोग घायल हुए हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।

हादसे का विवरण

गुरुवार की सुबह, कोपेनहैगन से उत्तर में स्थित एक स्तर पर क्रॉसिंग पर एक ट्रेन एक कार से टकरा गई। यह मर्मांतक घटना उस समय हुई जब वाहन चालक ने क्रॉसिंग पर आने से पहले ट्रेन का ध्यान नहीं दिया। घटनास्थल पर तेज आवाज सुनकर स्थानीय निवासियों ने तुरंत आपात सेवा को सूचित किया।

घायलों की संख्या

इस हादसे में घायल लोगों की संख्या अभी तक स्पष्ट नहीं है, लेकिन प्राथमिक रिपोर्टों के अनुसार, कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। स्थानीय अस्पतालों में घायलों का इलाज जारी है। चिकित्सा दल मौके पर पहुंच गए हैं और राहत कार्य चलाया जा रहा है।

स्थानीय प्रशासन की प्रतिक्रिया

स्थानीय प्रशासन ने घटना की जाँच के आदेश दे दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि वे तेजी से स्थिति का मूल्यांकन करेंगे और घटना के पीछे के कारणों का पता लगाने की कोशिश करेंगे। स्थानीय निवासियों के लिए चिंता का विषय यह है कि इस स्तर पर क्रॉसिंग पर सुरक्षा उपायों को सख्त करने की आवश्यकता है।

यह हादसा उस समय हुआ जब लोग अपने दिन की शुरुआत कर रहे थे, और ऐसे में यह घटना सभी के लिए चौकाने वाली है। स्थानीय लोगों में बेचैनी का माहौल है, और सभी इस दुखद घटना की जानकारी सुनकर स्तब्ध हैं।

कोपेनहैगन में इस तरह की घटनाएं कभी-कभी होती हैं, लेकिन प्रशासन का प्रयास होता है कि ऐसी दुर्घटनाएं रोकी जा सकें। इससे पहले भी स्तर पर क्रॉसिंग पर सुरक्षा में लापरवाही के कई मामले सामने आ चुके हैं।

उपाय और सुरक्षा

जैसा कि यह घटना बताती है, स्तर पर क्रॉसिंग की सुरक्षा को लेकर अधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता है। प्रशासन ने इस संबंध में विशेषज्ञों से सलाह लेने का निर्णय लिया है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हो सकें।

दुर्घटना स्थल पर सुरक्षा संकेतकों की कमी और सही देखरेख की अभाव को भी एक कारण माना जा रहा है। अधिकारियों ने स्थानीय निवासियों के सहयोग से उपाय योजना बनाने का वादा किया है।

इस मामले पर आगे की जानकारी आने के साथ ही हम आपको अपडेट करेंगे। सभी घायलों की शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की जाती है।

कोरबा: कलेक्टर की संवेदनशीलता से 25 साल बाद संरक्षित जनजातियों के इलाके में दौड़ी विकास की गाड़ी!

ब्रेकिंग न्यूज: कोरबा जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की क्रांति

कोरबा समाचार: रायपुर।
कोरबा जिले के लेमरू क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं में एक नया परिवर्तन देखने को मिला है। यह क्षेत्र जहाँ स्वास्थ्य सेवाओं की कमी के कारण निवासी लंबे समय से परेशान थे, अब संजीवनी एक्सप्रेस 108 एंबुलेंस सेवा के माध्यम से जीवन-रक्षक सुविधाओं से लाभान्वित हो रहे हैं।

दुर्गम वनांचल में स्वास्थ्य सेवाओं का नया अध्याय

लेमरू क्षेत्र, जो जिला मुख्यालय से लगभग 80 से 90 किलोमीटर दूर स्थित है, भौगोलिक दृष्टि से बेहद चुनौतीपूर्ण है। यहाँ पहाड़ी कोरवा और बिरहोर की जनजातियों की बड़ी आबादी निवास करती है। पहले, आपातकालीन स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में समय बर्बाद होता था, जिससे कई बार घातक स्थितियों का सामना करना पड़ता था।

इस कठिनाई का सामना करते हुए, कलेक्टर कुणाल दुदावत की समीक्षा के बाद संजीवनी एक्सप्रेस 108 एंबुलेंस सेवा की शुरुआत की गई। यह सेवा विशेष रूप से तकनीकी साधनों से लैस है और अब गाँवों में एक फोन कॉल पर पहुंचने में सक्षम है।

प्रभावी स्वास्थ्य सेवा का लाभ

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के अनुसार, आयुष्मान आरोग्य मंदिर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से जुड़ी लगभग 20 गाँवों की 16,000 से अधिक जनसंख्या इस सेवा का लाभ ले रही है। इन गाँवों में गढ़उपरोड़ा, देवपहरी, और लेमरू जैसे दूरस्थ क्षेत्र शामिल हैं। इस सेवा के शुरू होने से यहाँ के निवासियों के जीवनस्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

संजीवनी 108 एंबुलेंस ना केवल मरीजों को लाने-ले जाने का साधन है, बल्कि यह एक चलती-फिरती जीवनरक्षक इकाई के रूप में काम कर रही है। एंबुलेंस में सभी आवश्यक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध हैं, जैसे वेंटिलेटर, ऑक्सीजन सिलेंडर और प्राथमिक उपचार किट। प्रशिक्षित स्टाफ हमेशा तत्पर रहता है, जिससे गंभीर मामलों में त्वरित ध्यान मिल सके।

स्वास्थ्य सेवाओं में सुदृढिकरण और विश्वास

पिछले एक वर्ष में इस सेवा के माध्यम से लगभग 1,200 मरीजों को समय पर उपचार मिल चुका है। इसे देखते हुए, लगभग 12 नई संजीवनी 108 एंबुलेंस कोरबा जिले में उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं में मजबूती आई है।

यह सेवा आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए भी एक बन गई है, जो कि निजी वाहनों के खर्च से बचने में मदद कर रही है। अब ग्रामीणों का कहना है कि वे समय पर इलाज प्राप्त कर रहे हैं और उनकी जिंदगी में एक नया विश्वास जागृत हुआ है।

निष्कर्ष

संजीवनी 108 एंबुलेंस सेवा ने लेमरू क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं में नया युग लाया है। यह सेवा न केवल स्थानीय निवासियों की समस्याओं का समाधान कर रही है, बल्कि उन सभी के लिए एक उम्मीद की किरण भी बन चुकी है जो मुश्किल परिस्थितियों में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए संघर्ष कर रहे थे। संवेदनशील प्रशासनिक प्रयासों के माध्यम से, अब सबसे कठिन क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य सुरक्षा संभव है।

वेस्ट इंडीज चैंपियनशिप: जेरेमियाह लुईस अस्पताल से छोड़े गए, निगरानी में रहेंगे!

ब्रेकिंग न्यूज़:
कैरेबियन क्रिकेट में एक गंभीर घटना हुई है। वेस्ट इंडीज चैंपियनशिप के मैच में जेरेमिया लुईस को जेयडन सील्स की गेंद से चोट लग गई।

जानकारी के अनुसार, यह घटना वेस्ट इंडीज चैंपियनशिप के दौरान हुई, जब जेरेमिया लुईस को जेयडन सील्स की एक तेज गेंद लग गई। इसके बाद लुईस को तुरंत अस्पताल में भर्ती करवाया गया। चोट इतनी गंभीर थी कि मैच को "खतरनाक पिच" के कारण समाप्त कर दिया गया।

इस घटना ने क्रिकेट प्रेमियों को चिंतित कर दिया है। खिलाड़ियों की सुरक्षा हमेशा प्राथमिकता होनी चाहिए।

अंत में, हम आशा करते हैं कि जेरेमिया लुईस जल्दी ठीक हों और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

Gold Silver Price Fall February 17 2026

Gold Silver Price Fall February 17 2026

आज की ताजा खबर:

सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट: आज सोने के दाम में 1161 रुपये और चांदी के दाम में 4393 रुपये की कमी आई है

Gold price Falls

आज सोने की कीमत 1161 रुपये और चांदी की कीमत 4393 रुपये गिरी। जानिए दिल्ली और पटना में कितने हो गए दाम।

आज मंगलवार को, मार्केट खुलने के बाद सोने और चांदी की कीमतों में लगातार दूसरे दिन गिरावट देखने को मिली। एमसीएक्स पर सोने के भाव 153,728 रुपये प्रति दस ग्राम हो गए, जबकि कल ये 154,897 रुपये थे। चांदी का भाव भी 2,40,201 रुपये से घटकर 2,35,808 रुपये प्रति दस ग्राम हो गया।

कमोडिटी मार्केट का हाल

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर, कॉमेक्स पर गोल्ड और सिल्वर के दामों में गिरावट जारी है। गोल्ड की कीमत आज $4,975.80 प्रति औंस और सिल्वर की कीमत $75.335 प्रति औंस हो गई है। वर्तमान में चीन के बाजार बंद होने का भी असर देखा जा रहा है।

पुराने रेट्स से गिरावट

आपकी जानकारी के लिए, 29 जनवरी 2026 को सोने का भाव 1,80,000 रुपये प्रति दस ग्राम और चांदी का भाव 4,20,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया था। आज ये भाव क्रमशः 26,272 रुपये और 1,84,192 रुपये गिरे हैं। दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव 1,55,060 रुपये प्रति दस ग्राम और चांदी का भाव 2,60,000 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया है।

निवेश से पहले ध्यान दें

इस समय कमोडिटी मार्केट में उतार-चढ़ाव बहुत तेज हो रहा है। इसलिए सोने और चांदी में निवेश करने से पहले हर छोटी-बड़ी अपडेट्स पर ध्यान रखना जरूरी है। डॉलर की कीमतों में वृद्धि और भू राजनीतिक मुद्दे भी कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं।

(नोट: यह जानकारी केवल सूचना के लिए है। खरीदारी से पहले अपने शहर के लेटेस्ट रेट्स जरूर चेक करें, क्योंकि ये अलग-अलग हो सकते हैं।)

Ranjeeta Pathare

Ranjeeta Pathare
Ranjeeta Pathare
Consultant

रंजीता पठारे, पिछले 3 सालों से ‘द इकनॉमिक टाइम्स हिंदी’ में लेखनी कर रही हैं। वे पर्सनल फाइनेंस, लोन, टैक्स और निवेश से जुड़ी खबरों पर ध्यान केंद्रित करती हैं।
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अमेज़न इंडिया 2,800 करोड़ रुपये का निवेश करेगा लॉजिस्टिक्स और क्विक कॉमर्स में

ब्रेकिंग न्यूज: अमेज़न भारत ने 2800 करोड़ रुपये का निवेश करने का ऐलान किया

अमेज़न इंडिया ने देशभर में अपने ढांचे और संचालन को मजबूत करने के लिए 2800 करोड़ रुपये (लगभग 300 मिलियन डॉलर) का निवेश करने की घोषणा की है। यह निवेश कंपनी के 2030 तक 35 अरब डॉलर निवेश करने के वादे का हिस्सा है।

त्वरित वाणिज्य में बढ़ोतरी

इस निवेश का एक हिस्सा कंपनी की त्वरित वाणिज्य सेवा, अमेज़न नाउ, के विस्तार में इस्तेमाल किया जाएगा। वर्तमान में, अमेज़न नाउ दिल्ली NCR, मुंबई और बेंगलुरु में कार्यरत है, जिसमें लगभग 300 सूक्ष्म पूर्ति केंद्र शामिल हैं। कंपनी की योजना है कि इस निवेश से वह अपनी त्वरित वाणिज्य की पहुँच को दोगुना कर सके।

अमेज़न नाउ के अलावा, कंपनी ने अपने ई-कॉमर्स नेटवर्क को भी देशभर में बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है, जिसमें गोदाम और अंतिम मील डिलीवरी स्टेशन शामिल हैं। इसका उद्देश्य डिलीवरी की गति को सुधारना है। यह कदम ऐसे समय में उठाया जा रहा है जब अमेज़न इंडिया ने ताजा जुलाई में 2000 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना की घोषणा की थी, जिसका मकसद अपनी संचालन अवसंरचना में सुधार करना था।

तकनीक में निवेश का महत्व

अमेज़न इंडिया अपने नए फंड का एक हिस्सा तकनीकी नवाचारों में भी लगाएगी। इसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग जैसे तकनीकी क्षेत्रों का समावेश होगा। पिछले वर्ष दिसंबर में, कंपनी ने भारत में निवेश प्रतिबद्धता को 35 अरब डॉलर तक बढ़ाने की घोषणा की थी। इस नए निवेश के जरिए, कंपनी की योजना है कि वह संचालन नेटवर्क में इन तकनीकों को समाहित कर सके।

वित्तीय स्थिति में सुधार

वित्तीय वर्ष 25 के दौरान, अमेज़न सेलर सर्विसेज से संचालन का राजस्व 30,139 करोड़ रुपये तक पहुँच गया। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से मार्केटप्लेस सेवाओं और विज्ञापन राजस्व में वृद्धि के कारण संभव हुई। कंपनी का नुकसान भी 374 करोड़ रुपये तक सीमित हो गया, जो बेहतर लागत नियंत्रण का संकेत देता है।

इस प्रकार, अमेज़न इंडिया का यह नया कदम, न केवल उसकी विकास योजनाओं को मजबूत करेगा बल्कि भारतीय ई-कॉमर्स क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा को भी प्रभावित करेगा। इसके साथ ही, कंपनी का यह निवेश भारत के डिजिटल मार्केट को भी एक नई दिशा देने का काम करेगा।

जॉर्ज रसेल: मैक्स वेरस्टैपेन के साथ टाइटल जंग और 2026 कारों के फायदें!

ब्रेकिंग न्यूज़: जॉर्ज रसेल ने BBC स्पोर्ट से बातचीत में कहा है कि उन्हें फ़ॉर्मूला 1 ख़िताब के लिए अधिक प्रतिस्पर्धा का आनंद मिलेगा। रसेल ने स्पष्ट किया है कि उनकी रेसिंग का तरीका आज भी वैसा ही है जैसे वह 10 साल के थे।

जॉर्ज रसेल, जो वर्तमान में वॉरस टीम में ड्राइवर हैं, ने यह भी साझा किया कि प्रतिस्पर्धा से उन्हें बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिलती है। रसेल का मानना है कि सभी ड्राइवरों के बीच कड़ी टक्कर फ़ॉर्मूला 1 के रोमांच को बढ़ाती है।

रसेल ने अपनी बात में यह भी कहा कि उनकी रेसिंग रुख में कोई बदलाव नहीं आया है, और उन्होंने अपनी शुरुआती उम्र से ही जोश एवं जुनून को कायम रखा है।

इस प्रकार, जॉर्ज रसेल ने फ़ॉर्मूला 1 में प्रतिस्पर्धा को लेकर अपने विचार साझा किए हैं, जो रेसिंग के प्रति उनके प्रेम को दर्शाते हैं।

10–12 घंटे की बिजली कटौती से सूख रही फसल, किसान संघ ने दिया ज्ञापन

वेबमोर्चा न्यूज | महासमुंद (कोमाखान ब्लॉक)

महासमुंद जिले के कोमाखान ब्लॉक में लगातार हो रही बिजली कटौती से किसान परेशान हो गए हैं। इस संबंध में किसान संघर्ष समिति ने बिजली विभाग को ज्ञापन सौंपकर तत्काल समस्या के समाधान की मांग की है।


🔴 क्या है किसानों की समस्या?

ज्ञापन के अनुसार:

  • कोमाखान क्षेत्र में लगातार 10–12 घंटे बिजली कटौती की जा रही है
  • इससे खेतों में सिंचाई प्रभावित हो रही है
  • धान की फसल सूखने की कगार पर पहुंच गई है
  • भीषण गर्मी में पानी की कमी से फसल खराब होने का खतरा बढ़ गया है

किसानों का कहना है कि जब फसल पकने के अंतिम चरण में है, ऐसे समय पर बिजली कटौती से उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।


⚠️ आंदोलन की चेतावनी

किसानों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि:

  • यदि जल्द बिजली आपूर्ति सुचारू नहीं की गई
  • तो मजबूर होकर किसान आंदोलन करेंगे

📝 ज्ञापन में शामिल ग्रामीणों के नाम

ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने वाले प्रमुख ग्रामीणों में शामिल हैं:

  1. देवनाथ देवांगन
  2. नंद कुमार कुम्हार
  3. जगराम सिंह
  4. कौशल कुमार साहू
  5. देवनारायण चंद्राकर
  6. दिलीप निषाद
  7. (अन्य ग्रामीण हस्ताक्षरित)

📌 निष्कर्ष

भीषण गर्मी और लगातार बिजली कटौती ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। यदि समय रहते बिजली आपूर्ति में सुधार नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में किसानों का आंदोलन तेज हो सकता है।

क्या तमिलनाडु में किसी फिल्म स्टार से बदलेगी चुनावी तस्वीर?

ब्रेकिंग न्यूज़: तमिलनाडु के चुनावी मैदान में विजय का उभरता सितारा

तमिलनाडु के तिरुनेलवेली में एक पैंतरेबाज़ी कर रहे अभिनेता-राजनेता सी. जोसेफ विजय ने अपने समर्थकों को संबोधित किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके विरोधी मिलकर उन्हें राज्य का मुख्यमंत्री बनने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं।

विजय का राजनीतिक एंट्री

51 वर्षीय विजय, जो एक प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता हैं, ने 2024 में तमिलागा वेट्री कज़ागम (टीवीके) पार्टी की स्थापना की। उनका मुख्य उद्देश्य है कि वे दशकों से सत्ता में बैठी द्रमुक और एआईएडीएमके पार्टियों का समर्थन खो दें। वर्तमान मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की द्रमुक और उनके विरुद्ध विपक्ष के नेता एदप्पादी के. पलानीस्वामी की एआईएडीएमके मिलकर चुनावी जंग लड़ रहे हैं।

द्रमुक और एआईएडीएमके को द्रविड़ी राजनीतिक दलों के रूप में जाना जाता है, जो जाति भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं। इन दलों ने 1967 से तमिलनाडु में लगातार सत्ता में बने रहने का एक अनूठा रिकॉर्ड स्थापित किया है।

विजय के खिलाफ चुनौतियाँ

विजय के सितारे का उदय पिछले एक दशक में हुआ, जब उन्होंने युवाओं के बीच अपनी लोकप्रियता बढ़ाई। वह अपने समर्थकों की बड़ी भीड़ को जुटाने में सक्षम रहे हैं, लेकिन विश्लेषक चेतावनी देते हैं कि सत्ता में आने की उनकी महत्वाकांक्षा इतनी आसान नहीं है। उनके सामने ऐसे दो प्रतिद्वंद्वी हैं, जो राजनीति के अनुभव में दशकों की विद्या रखते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि विजय के लिए वोट जुटाना यानी अपनी पार्टी को ज़मीन पर उतारना एक चुनौती हो सकती है। उनकी पार्टी का विचारधारा में स्पष्टता नहीं है, जो हर एक द्रविड़ियन पार्टी का मुख्य संकेतक होती है। इसके साथ ही, विजय का जनसमर्थन उनके व्यक्तिगत करिश्मे पर तो निर्भर कर सकता है, लेकिन राजनीतिक संगठन के मामले में वह कमजोर नजर आते हैं।

युवाओं और महिलाओं का ध्यान

विजय का फोकस खासकर 18 से 39 वर्ष के युवा मतदाताओं और महिलाओं पर है। ये दोनों वर्ग राज्य की कुल वोटिंग संख्या के महत्वपूर्ण हिस्से हैं। विजय ने स्टालिन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं, और इसे एक व्यक्तिगत लड़ाई के रूप में पेश किया है।

स्टालिन ने विजय की आलोचना को नजरअंदाज करते हुए, मोदी सरकार के खिलाफ अपने हमले तेज कर दिए हैं। वह केंद्र सरकार को तमिलनाडु के हक का पैसा देने में विफल ठहराते हुए चुनाव को तमिलनाडु बनाम नई दिल्ली की लड़ाई के रूप में पेश कर रहे हैं।

भले ही विजय ने चौंका देने वाले वादों से युवाओं का दिल जीतने की कोशिश की है, लेकिन राजनीतिक टिप्पणीकार मानते हैं कि उनका वास्तविक प्रभाव सीमित रह सकता है। उनकी पार्टी का अभी भी संगठन और स्पष्ट नीति की कमी है।

इन हालातों में आगामी चुनाव एक ट्रायंगल मुकाबला बनकर उभरने वाला है, जिसमें विजय की उपस्थिति एक नए संभावित बदलाव की ओर इशारा कर रही है। क्या वह द्रविड़ियन राजनीति में एक नई लहर पैदा कर पाएंगे, यह तो समय ही बताएगा।

बड़ी ख़बर: हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, शिक्षकों की पेंशन के लिए पूर्व सेवा गणना का रास्ता साफ! राज्य सरकार की अपील हुई खारिज!

बिग ब्रेकिंग न्यूज: बिलासपुर हाई कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला शिक्षकों के पक्ष में

बिलासपुर, छत्तीसगढ़: बिलासपुर हाई कोर्ट ने शिक्षकों के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की अगुवाई वाली डिवीजन बेंच ने शिक्षक एलबी राजेंद्र प्रसाद पटेल की याचिका पर सुनवाई के बाद राज्य सरकार की अपील को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि पुरानी पेंशन योजना (OPS) के तहत शिक्षाकर्मी एलबी की पूर्व सेवा की गणना को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

मामला क्या है?

चिरमिरी नगर निगम में कार्यरत शिक्षक राजेंद्र प्रसाद पटेल ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने अपने संविलियन से पूर्व की सेवा को OPS में शामिल करने की मांग की। उन्होंने कहा कि संविलियन के बाद उनकी पूर्व सेवा को पेंशन गणना में नहीं जोड़ा जा रहा, जो उनके लिए अन्याय है।

उल्लेखनीय है कि हाई कोर्ट की सिंगल बेंच ने राज्य सरकार को निर्देशित किया था कि वह इस मामले पर 120 दिनों के अंदर अपने विचार प्रस्तुत करे। लेकिन इसके बजाय, राज्य सरकार ने इस आदेश को चुनौती देते हुए डिवीजन बेंच में अपील दायर कर दी।

डिवीजन बेंच की सुनवाई

डिवीजन बेंच में सुनवाई के दौरान राजेंद्र प्रसाद पटेल खुद भी उपस्थित रहे। राज्य सरकार ने मामले में अपने पक्ष में कई तर्क प्रस्तुत किए, जिसमें संविलियन के दौरान तय की गई शर्तें शामिल थीं। हालांकि, कोर्ट ने इन तर्कों को खारिज करते हुए कहा कि जब पूर्व सेवा की गणना को मान्यता दी गई है, तो उसे पुरानी पेंशन योजना में शामिल करने में कोई बाधा नहीं होनी चाहिए।

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस तरह से पूर्व सेवा को नजरअंदाज करना न्यायसंगत नहीं है, और अंततः राज्य सरकार की अपील को खारिज कर दिया गया।

निष्कर्ष

बिलासपुर हाई कोर्ट का यह निर्णय शिक्षकों के लिए उम्मीद की किरण है। कोर्ट ने न केवल न्याय की स्थापना की है, बल्कि यह निर्णय अन्य शिक्षकों को भी प्रेरित करेगा कि वे अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करें। इस फैसले ने शिक्षाप्रणाली में न्याय और पारदर्शिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। अब देखना यह है कि राज्य सरकार इस फैसले को लागू करने में क्या कदम उठाती है।