Gold-Silver Price: जंग के बीच सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट… इतने हुए सस्‍ते, जानें नए रेट्स – Gold Silver Price Sharp Fall During War in Middle East check New Rates tutd

Gold-Silver Price: जंग के बीच सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट… इतने हुए सस्‍ते, जानें नए रेट्स – Gold Silver Price Sharp Fall During War in Middle East check New Rates tutd

आज की ताजा खबर:

ईरान में चल रहे युद्ध ने पिछले 6 दिनों से मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ा दिया है। इस कारण यूरोप और एशिया के देशों को गल्फ कंट्री से ऊर्जा की आपूर्ति में रुकावट आई है। ईरान ने होमुर्ज जलमार्ग को बंद कर दिया है, जहां से वैश्विक आपूर्ति का 20% तेल और ऊर्जा गुजरता है।

इस स्थिति के चलते कच्चे तेल की कीमतों में काफी बढ़ोतरी हुई है, जो अब 85 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है। आगे भी कीमतों में और बढ़ोतरी की उम्मीद है। वहीं, सुरक्षित निवेश माना जाने वाला सोना और चांदी की कीमतों में गिरावट आ रही है। मल्टी कमोडिटी मार्केट (MCX) में सोने और चांदी के दाम घटी है।

सोना और चांदी की गिरती कीमतें
गुरुवार को अप्रैल वायदा के लिए सोने की कीमत 1000 रुपये गिरकर 1.60 लाख रुपये पर आ गई। इसी प्रकार, चांदी के दाम में भी गिरावट आई, और मार्च वायदा के लिए 1 किलो चांदी की कीमत 7,500 रुपये घटकर 2.58 लाख रुपये हो गई। हालांकि, इसमें थोड़ी रिकवरी भी देखी गई है।

जंग के बीच सोने-चांदी की गिरावट का कारण
कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि युद्ध के पहले से ही सोने और चांदी की कीमतों में तेजी थी, लेकिन अब निवेशक मुनाफा निकालने के लिए कैश रखना चाहते हैं।

इंटरनेशनल मार्केट में सोने-चांदी की कीमतों में अस्थिरता बनी हुई है। चांदी का स्पॉट प्राइस 85 डॉलर से घटकर 83 डॉलर पर आ गया है। 3 मार्च को उछाल के बाद इसमें 15% की कमी आई है। इसी प्रकार, सोने का मूल्य 5,626.80 डॉलर से गिरकर 5,200 डॉलर पर कारोबार कर रहा है।

रिकॉर्ड हाई से कितनी सस्ती हैं सोना-चांदी?
युद्ध के पहले सोने और चांदी के मूल्य में काफी बढ़ोतरी हुई थी। MCX पर सोने का रिकॉर्ड हाई 1.93 लाख रुपये है, जबकि चांदी का रिकॉर्ड प्राइस 4.20 लाख रुपये है। इस तरह से, सोना अपने रिकॉर्ड हाई से 33 हजार रुपये सस्ता और चांदी 1.62 लाख रुपये सस्ती है।

ETFs की कीमतों में गिरावट
सोने और चांदी की कीमतों के साथ साथ, सोने और चांदी के ETFs के दाम में भी कमी आई है। बुधवार को गोल्ड ETF की कीमत 4% तक गिर गई, जबकि सिल्वर ETF को 8% की गिरावट का सामना करना पड़ा। गुरुवार को गोल्ड ETF में 2% और सिल्वर ETF में 4% की कमी आई है।

(नोट- किसी भी निवेश से पहले योग्य वित्तीय सलाहकार की राय अवश्य लें।)

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दुर्ग सबसे गर्म, पारा 43.5°C पार… अगले 3 दिन लू जैसे हालात

वेबमोर्चा न्यूज | रायपुर | 23 अप्रैल 2026

दुर्ग सबसे गर्म: छत्तीसगढ़ में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रदेश के मध्य हिस्सों में फिलहाल राहत के कोई संकेत नहीं हैं। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले 24 घंटों के बाद अधिकतम तापमान में करीब 3°C तक बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे गर्मी और तीखी हो जाएगी।


🔥 दुर्ग बना सबसे गर्म जिला

बुधवार को प्रदेश में सबसे अधिक तापमान दुर्ग में 43.5°C दर्ज किया गया।

  • अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान करीब 20°C रहा
  • कुछ इलाकों (जैसे नानगुर) में हल्की से मध्यम बारिश भी दर्ज हुई

गली में पत्नी का सिर लेकर घूमता रहा पति, चरित्र संदेह में की निर्मम हत्या

🌡️ अगले 3 दिन क्या कहता है मौसम विभाग?

  • 23 अप्रैल: मौसम मुख्यतः शुष्क रहेगा
  • 24–26 अप्रैल: मध्य छत्तीसगढ़ में लू जैसे हालात बनने की संभावना
  • तापमान में लगातार बढ़ोतरी के संकेत

🌬️ मौसम सिस्टम का असर

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार:

  • एक द्रोणिका (ट्रफ) मराठवाड़ा से कोमोरिन क्षेत्र तक फैली है
  • एक प्रतिचक्रवात (एंटी-साइक्लोन) महाराष्ट्र, तेलंगाना और कर्नाटक के ऊपर सक्रिय है

👉 इन सिस्टम्स के कारण प्रदेश में गर्म और शुष्क हवाएं चल रही हैं, जिससे तापमान तेजी से बढ़ रहा है।


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⚠️ सावधानी जरूरी

  • दोपहर में बाहर निकलने से बचें
  • ज्यादा पानी पिएं, शरीर को हाइड्रेट रखें
  • सिर को ढककर ही बाहर जाएं
  • बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें

📌 निष्कर्ष

छत्तीसगढ़ में फिलहाल गर्मी से राहत के आसार कम हैं। अगले कुछ दिन लू और तेज धूप लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकते हैं। ऐसे में सतर्क रहना और स्वास्थ्य का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।

गली में पत्नी का सिर लेकर घूमता रहा पति, चरित्र संदेह में की निर्मम हत्या

वेबमोर्चा न्यूज | कोरबा | 23 अप्रैल 2026

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से एक बेहद सनसनीखेज और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। रजगामार चौकी क्षेत्र के ग्राम बुंदेली में एक पति ने अपनी ही पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी। वारदात के पीछे घरेलू विवाद और चरित्र पर संदेह की बात सामने आ रही है।


🔴 क्या है पूरा मामला?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी सालिक राम यादव को अपनी पत्नी के चरित्र पर शक था। इसी को लेकर दोनों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि इसी विवाद ने उग्र रूप ले लिया और आरोपी ने पत्नी की हत्या कर दी।


⚠️ वारदात के बाद फैली दहशत

घटना के बाद आरोपी का व्यवहार और भी भयावह हो गया। वह पत्नी का कटा हुआ सिर लेकर गांव की गलियों में घूमता रहा।

  • इस दौरान ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई
  • पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया
  • घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल बताया जा रहा है

👨‍👩‍👧 घर में मौजूद थे बच्चे

जानकारी के मुताबिक, घटना के समय घर में बच्चे भी मौजूद थे, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। आरोपी एक पोल्ट्री फार्म में काम करता था और वहीं परिवार के साथ रह रहा था।


🚓 पुलिस की कार्रवाई

सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

  • शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया
  • मामले की जांच जारी
  • आरोपी से पूछताछ की जा रही है

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हत्या के पीछे के सभी कारणों की गहराई से जांच की जा रही है और आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


📌 निष्कर्ष

यह घटना न सिर्फ एक जघन्य अपराध है, बल्कि समाज में बढ़ते घरेलू विवाद और संदेह के खतरनाक परिणामों की भी चेतावनी देती है। इलाके में फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन घटना ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है।

दक्षिण अमेरिकी प्रवासी बोले: डीआरसी में वापसी का दबाव झेल रहे हैं

ब्रेकिंग न्यूज़: अमेरिका द्वारा निर्वासित शरणार्थियों पर दवाब, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की चिंताएँ बढ़ीं

अमेरिका द्वारा लोकतांत्रिक गणराज्य कांगो (DRC) भेजे गए दक्षिण अमेरिकी प्रवासियों और शरणार्थियों को अपने देशों में लौटने के लिए काफी दवाब का सामना करना पड़ रहा है। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने इसे एक गंभीर चिंता के रूप में देखा है।

प्रवासियों की दयनीय स्थिति

हाल ही में, अमेरिका से निर्वासित 15 दक्षिण अमेरिकी प्रवासी महिलाओं ने बताया है कि उन्हें अपने मूल देशों में लौटने का दवाब दिया जा रहा है, जबकि उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता है। ये महिलाएं कोलंबिया, पेरू और इक्वाडोर से हैं और हाल ही में उन्हें DRC भेजा गया है।

Reuters के अनुसार, एक 29 वर्षीय कोलंबियाई महिला ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि, "हमें अपने देश लौटने के लिए मजबूर किया जा रहा है, चाहे वहां का खतरा कितना भी बड़ा क्यों न हो।" यह स्थिति तब उत्पन्न हुई जब ट्रम्प प्रशासन के अंतर्गत तीसरे देशों में निर्वासन के विवादास्पद समझौते के तहत उन्हें DRC भेजा गया।

ट्रम्प प्रशासन की नीतियाँ और प्रवासन

ट्रम्प प्रशासन ने दूसरी बार राष्ट्रपति बनने के बाद, अमेरिका में प्रवासन को नियंत्रित करने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। इनमें न केवल अवैध प्रवासियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शामिल है, बल्कि उन प्रवासियों का भी निष्कासन किया जा रहा है, जिनके पास कानूनी स्थिति है।

इस समूह में कई लोग ऐसे हैं जिन्होंने अपने देशों में उत्पीड़न का सामना करने के बाद अमेरिका में शरण मांगी थी। उदाहरण के लिए, 29 वर्षीय महिला ने 2024 में अपनी शरण के लिए आवेदन में उल्लेख किया था कि उसे एक सशस्त्र समूह द्वारा अपहरण और torture का सामना करना पड़ा था।

मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की चिंताएँ

मानवाधिकार अधिवक्ताओं का मानना है कि तीसरे देशों में निर्वासन एक ऐसा कदम है जिसका उद्देश्य प्रवासियों को डराना है ताकि वे अमेरिका छोड़ने के लिए सहमत हो जाएं। ऐसे निर्वासन में उन स्थानों पर भेजा जाना शामिल है जिनसे प्रवासियों को कोई परिचित नहीं होता है, और कई स्थलों पर मानवाधिकारों की स्थिति खतरे में है।

एक अमेरिकी वकील आलमा डेविड ने कहा, "उद्देश्य स्पष्ट है: लोगों को ऐसे स्थान पर भेजना जो उन्हें पूरी तरह से अपरिचित लगे, ताकि वे अपने घर लौटने के लिए सहमत हो जाएं, भले ही वहां उन्हें बहुत बड़ा खतरा हो।"

इस स्थिति ने एक बार फिर से वि‍श्व के विभिन्न हिस्सों में प्रवासियों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा के मुद्दे को उठाया है। मानवाधिकार संगठनों का मानना है कि इन निर्वासन कार्यक्रमों का दुरुपयोग किया जा रहा है और यह प्रवासियों के लिए एक गंभीर खतरा बनता जा रहा है।

अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को इस मुद्दे पर ध्यान देने की आवश्यकता है, ताकि प्रवासियों के अधिकारों की रक्षा की जा सके और उन्हें उचित सुरक्षा प्रदान की जा सके।

भीषण गर्मी का कहर: इन जिलों में स्कूलों की छुट्टी, शिक्षा अधिकारी ने जारी किया दिशा-निर्देश!

ब्रेकिंग न्यूज़: सागर में बढ़ती गर्मी के बीच बच्चों के लिए स्कूलों में छुट्टी

सागर | 23 अप्रैल 2026 – मध्यप्रदेश के सागर जिले में गर्मियों ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। जिले में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जिसके चलते जिला प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूलों में छुट्टी की घोषणा की है। यह निर्णय जिले के सभी स्कूलों के लिए लागू होगा, जिससे छोटे बच्चों को सूरज की तीखी तपिश से राहत मिलेगी।

छोटे बच्चों के लिए स्कूल की छुट्टी

जिला शिक्षा अधिकारी ने कक्षा नर्सरी से लेकर पांचवीं तक के सभी छात्रों के लिए 23 अप्रैल से 30 अप्रैल तक की पूर्ण छुट्टी का आदेश जारी किया है। यह फैसला प्रशासन द्वारा बच्चों को ‘हीट स्ट्रोक’ और लू से बचाने के लिए लिया गया है। अब, छोटे बच्चे बिना किसी चिंता के अपनी छुट्टियां मना सकेंगे, जबकि उनका स्वास्थ्य और सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता बनी रहेगी।

6वीं से 12वीं क्लास के छात्रों के लिए समय में बदलाव

छोटे बच्चों की छुट्टी के साथ-साथ, 6वीं से 12वीं तक के छात्रों के लिए भी राहत भरा आदेश जारी किया गया है। इन कक्षाओं के छात्रों के लिए पढ़ाई का समय सुबह 7:30 बजे से लेकर दोपहर 12:00 बजे तक ही सीमित कर दिया गया है। इस परिवर्तन का उद्देश्य छात्रों को दोपहर की तेज गर्मी से सुरक्षित रखना है। हालांकि, स्कूल में उपस्थित रहने वाले शिक्षकों और अन्य स्टाफ को अपनी नियमित गतिविधियों को जारी रखना होगा।

अभिभावकों से खास अपील

स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने अभिभावकों से विशेष अनुरोध किया है कि वे बच्चों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच धूप में बाहर न निकलने दें। विशेषज्ञों का कहना है कि इस दौरान तेज धूप बच्चों के लिए हानिकारक हो सकती है। अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे बच्चों को हाइड्रेटेड रखने के लिए नियमित रूप से पानी, ORS या घर में बनाए गए तरल पदार्थों का सेवन कराएं।

निष्कर्ष

सागर जिले में बढ़ती गर्मी के साथ-साथ प्रशासन की यह पहल न केवल बच्चों की सुरक्षा के लिए आवश्यक है, बल्कि यह अभिभावकों के लिए भी एक राहत का कारण बनेगी। स्कूलों में छुट्टी और समय का बदलाव, दोनों ही पहलुओं का उद्देश्य बच्चों के स्वास्थ्य का संरक्षण करना है। यह निर्णय सभी स्कूलों के लिए मील का पत्थर साबित होगा और उम्मीद है कि इससे बच्चों के जीवन में सुधार आएगा।

IPL 2026: प्रिंस यादव ने अंशुल कम्बोज को पीछा किया पर्पल कैप रेस में!

ब्रेकिंग न्यूज:

वैभव सूर्यवंशी ने एक और असफलता का सामना किया, लेकिन फिर भी वह ऑरेंज कैप की तालिका में विराट कोहली को देखकर चौथे स्थान पर पहुँच गए हैं।

हाल ही में खेले गए मैच में वैभव की प्रदर्शन को देखते हुए, यह साफ है कि उन्होंने अपनी मेहनत से इस स्थिति को हासिल किया है। विराट कोहली, जो लंबे समय से इस सूची में शीर्ष पर बने हुए थे, अब वैभव के पीछे हैं।

इस बदलाव के साथ ही दोनों खिलाड़ियों की प्रतियोगिता में रोचकता बढ़ गई है। यह देखना दिलचस्प होगा कि आगे के मुकाबलों में कौन किस पर हावी होता है।

निष्कर्ष: लगातार प्रतिस्पर्धा और प्रदर्शन के चलते, क्रिकेट के इस उत्साह में हर खिलाड़ी अपने सर्वश्रेष्ठ के लिए प्रयासरत हैं।

अधिशासी यहूदियों ने राष्ट्रीय दिवस पर इजराइली झंडे जलाए

ब्रेकिंग न्यूज: इस्राइल की स्थापना की 78वीं वर्षगांठ पर पश्चिम जेरूसलम में उग्र प्रदर्शन
उल्ट्रा-ऑर्थोडॉक्स यहूदी प्रदर्शनकारियों ने इस्राइल के झंडे जलाए और इस समय विरोध के प्रतीक के रूप में एंटी-ज़ायोनिस्ट बैनर प्रदर्शित किए।

पश्चिम जेरूसलम में प्रदर्शन का आयोजन

पश्चिम जेरूसलम के मेआ शेआरिम क्षेत्र में यह घटना हुई, जहाँ प्रदर्शनकारियों ने इस्राइल की 78वीं वर्षगांठ के दौरान अपनी विरोधाभासी भावनाओं को व्यक्त किया। प्रदर्शनकारियों की संख्या में अचानक वृद्धि ने स्थानीय प्रशासन के लिए चुनौतियाँ पेश की। ये प्रदर्शनकारी अपने धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस्राइली शासन के खिलाफ आवाज उठा रहे थे।

प्रदर्शन का कारण

यह प्रदर्शन इस्राइल की राजनीतिक स्थिति और धार्मिक विचारों के बीच बढ़ते तनाव के परिणामस्वरूप हुआ। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वर्तमान सरकार ने धार्मिक स्वतंत्रता और सांस्कृतिक पहचान का उल्लंघन किया है। उनका कहना है कि यह सरकार उनकी आज़ादी को सीमित करने का प्रयास कर रही है और इस प्रकार, उन्होंने विरोध प्रकट करने का रास्ता चुना।

पुलिस की प्रतिक्रिया

स्थानीय पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए तुरंत कार्रवाई की। अधिकारियों ने कहा कि वे तनाव को कम करने के लिए तत्पर हैं और शांति व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास कर रहे हैं। पुलिस ने अग्निशामक और अन्य सुरक्षा बलों को मौके पर बुलाया, ताकि हालात और बिगड़ने से पहले स्थिति को काबू में रखा जा सके।

हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के प्रयासों का विरोध किया और स्थिति को और तनावपूर्ण बना दिया। स्थानीय निवासियों ने भी इस घटना पर चिंता व्यक्त की है और सुरक्षा के लिए पुलिस से उचित कार्रवाई की मांग की है।

इस घटनाक्रम ने क्षेत्र में अदृश्य सीमाओं को उजागर किया है, जिनसे न केवल धर्म, बल्कि राजनीति भी प्रभावित हो रही है। इस तरह के प्रदर्शनों ने यह स्पष्ट किया है कि अनेक दृष्टिकोण और विचारधाराएँ एक साथ सह-अस्तित्व में समस्याएं उत्पन्न कर रही हैं।

आगे का रास्ता

विश्लेषकों का मानना है कि इस स्थिति को सुलझाने के लिए आवश्यक है कि सभी पक्ष संवाद करें तथा आपसी समझ बनाने का प्रयास करें। इस्राइल की सरकार को चाहिए कि वे धार्मिक समुदायों के साथ विमर्श करें और उनके विचारों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक उपाय करें।

इस प्रकार के विरोध प्रदर्शन केवल एक राजनीतिक घटना नहीं है, बल्कि यह दर्शाता है कि समाज में गहरे विभाजन और वित्तीय सुरक्षा की चिंता किस प्रकार से लोक को प्रभावित कर रही है। इसे देखने की आवश्यकता है कि कैसे ये सामुदायिक मतभेद कई बार हिंसा का रूप ले लेते हैं।

निष्कर्ष

इस्राइल के इस ऐतिहासिक दिन पर हुई यह घटना न केवल इस्राइली समाज के भीतर चल रहे संघर्षों का प्रतीक है, बल्कि यह एक गहरी चिंतन का विषय भी है। उम्मीद है कि जल्दी ही सभी पक्ष शांति और समझ के साथ आगे बढ़ेंगे।

IPL 2026: LSG और RR के बीच 32वां मैच रिपोर्ट, 22 अप्रैल 2026

बिग ब्रेकिंग न्यूज़: राजस्थान रॉयल्स ने दो हार के बाद शानदार वापसी की। उन्होंने अपने खेल में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए अंक तालिका में दूसरा स्थान हासिल किया।

राजस्थान रॉयल्स (RR) ने लखनऊ सुपरजायंट्स (LSG) को हराकर एक बार फिर से जीत की राह पकड़ ली। इस मैच में RR ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए लखनऊ को नौंवे स्थान पर धकेल दिया।

राजस्थान की टीम ने इस जीत से न केवल आत्मविश्वास बढ़ाया, बल्कि अंक तालिका में भी अपनी स्थिति मजबूत की। लखनऊ की टीम को अब अपनी रणनीतियों में सुधार करने की जरूरत है।

आखिर में कहा जा सकता है कि RR की यह जीत उनके लिए न केवल एक जरूरी सफलता थी, बल्कि यह उन्हें आगामी मैचों में और भी मजबूती से खेलने का हौसला देगी।

Gold-Silver Crash From High: चांदी हाई से ₹2.11 लाख सस्ती, जानिए 20, 22, 24 कैरेट सोने का रेट – Gold Silver Price Crash from high check 10 gram 24 karat gold rate update tutc

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आज की ताजा खबर:

सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है। पिछले सप्ताह रामनवमी की छुट्टी के बाद चार कारोबारी दिनों में सोना अंतिम दिन तेजी से बंद हुआ, जबकि चांदी शुरू में तेजी के बाद आखिरी कारोबारी दिन गिर गई। हालांकि, दोनों कीमती धातुओं की कीमतें अपने उच्चतम स्तर से काफी कम हैं। चांदी का भाव 2.11 लाख रुपये से ज्यादा सस्ता है और सोना भी अपने लाइफ टाइम हाई से 55,000 रुपये से ज्यादा सस्ता है। आइए जानते हैं घरेलू मार्केट में 20, 22 और 24 कैरेट गोल्ड का क्या रेट चल रहा है?

चांदी की कीमत में गिरावट
चांदी की वायदा कीमतों के बारे में बात करें तो पिछले सप्ताह में कुछ दिन इसकी कीमत बढ़ी और कुछ दिन घटी। शुक्रवार को चांदी की कीमत 2,27,750 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई। पूरे हफ्ते में इसकी कीमत 978 रुपये बढ़कर 2,26,772 रुपये हुई। हालांकि, यह अपने उच्चतम स्तर से अब भी काफी सस्ती है, क्योंकि चांदी का लाइफ टाइम हाई 4,39,337 रुपये प्रति किलो है।

सोने की कीमतें भी कम
अगर सोने की कीमतों की बात करें, तो 20 मार्च को इसका भाव 1,47,987 रुपये था, लेकिन अब यह 1,47,270 रुपये पर आ गया है। इस दौरान 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत 717 रुपये कम हुई है। सोने का उच्चतम स्तर 2,02,984 रुपये प्रति 10 ग्राम है, जिससे यह अभी 55,714 रुपये सस्ता है।

घरेलू मार्केट की स्थिति
घरेलू मार्केट में सोने और चांदी की कीमतों की बात करें तो भारतीय बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, पिछले चार कारोबारी दिनों में 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1,42,942 रुपये पर आ गया है, यानी यह 4,276 रुपये सस्ता हुआ है। वहीं चांदी की कीमत 10,717 रुपये कम होकर 2,21,647 रुपये पर बंद हुई। अलग-अलग क्वालिटी के सोने के रेट इस प्रकार हैं:

क्वालिटीगोल्ड रेट
24 Karat Gold1,42,942 रुपये/10 ग्राम
22 Karat Gold1,39,510 रुपये/10 ग्राम
20 Karat Gold1,27,220 रुपये/10 ग्राम
18 Karat Gold1,15,780 रुपये/10 ग्राम
14 Karat Gold92,220 रुपये/10 ग्राम

गौरतलब है कि आईबीजेए पर अपडेट होने वाले गोल्ड और सिल्वर रेट्स देशभर में समान होते हैं, लेकिन ज्वेलरी खरीदने पर 3 फीसदी GST और मेकिंग चार्ज भी अतिरिक्त होता है। इसके बाद कीमतों में इजाफा होता है।

(नोट- सोना-चांदी या गोल्ड-सिल्वर ईटीएफ में निवेश से पहले अपने बाजार विशेषज्ञों से सलाह लें।)

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अमेरिका और ईरान में नाकाबंदी संकट, पाकिस्तान ने बातचीत की मांग की

ताजा खबर: ईरान ने राष्ट्रपति के सुझाव को किया खारिज

ईरान के राष्ट्रपति द्वारा दिए गए सुझाव को अस्वीकार कर दिया गया है। राष्ट्रपति ने कहा था कि वह तेहरान को एक "एकीकृत स्थिति" की तैयारी करने का समय दे रहे हैं। यह स्थिति ऐसे समय में आई है, जब ईरान पहले ही युद्ध के कारण कई समस्याओं का सामना कर रहा है।

ईरान का कड़ा फैसला

ईरानी सरकार ने राष्ट्रपति के सुझाव को गंभीरता से नहीं लिया। सरकार के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि वे युद्ध की मौजूदा स्थिति में किसी प्रकार का बदलाव नहीं करेंगे। विदित हो कि ईरान की स्थिति युद्ध के कारण पहले ही कमजोर हो चुकी है।

युद्ध की पृष्ठभूमि में, ईरान के लिए अपने सामरिक निर्णय लेना चुनौतीपूर्ण हो गया है। देश को आंतरिक और बाहरी दबावों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे राष्ट्र की स्थिति और भी जटिल हो गई है।

युद्ध की स्थिति और ईरान का मनोबल

ईरान के लिए यह समय अत्यंत चिंताजनक है। युद्ध ने देश के लगभग सभी क्षेत्रों को प्रभावित किया है। हालांकि अब तक युद्ध विराम का पालन किया गया है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान इस मौजूदा राहत को समाप्त नहीं करेगा। यदि ऐसा होता है, तो यह ईरान के लिए और अधिक समझौतों और दंड का कारण बन सकता है।

ईरान की सरकार ने अब तक युद्ध में लिप्त विभिन्न समूहों के साथ एकता बनाए रखने का प्रयास किया है। फिर भी, आंतरिक असहमति और विभिन्न विचारधाराओं का होना कई बार मुश्किलें पैदा करता है।

भविष्य की संभावनाएं

आने वाले दिनों में ईरान की राजनीतिक स्थिति में क्या परिवर्तन आएंगे, यह देखना बहुत ही दिलचस्प होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईरान ने युद्ध विराम का पालन नहीं किया, तो उसे क्षति उठानी पड़ सकती है।

भारत समेत कई राष्ट्र ईरान की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। सुरक्षा के दृष्टिकोण से, अन्य देशों की भूमिका ईरान के भविष्य को प्रभावित कर सकती है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या ईरान अपने आंतरिक मतभेदों को सुलझा पाता है और एक साथ आकर अपने हितों की रक्षा करेगा।

ईरान की शासन व्यवस्था के लिए समय की गति और परिस्थितियां बेहद महत्वपूर्ण हैं। वर्तमान स्थिति में, सभी की नजरें हैं कि क्या ईरानी प्रशासन किसी ठोस निर्णय की ओर अग्रसर होगा या फिर मौजूदा स्थिति को बनाए रखते हुए घटनाक्रमों का इंतजार करेगा।

आने वाले समय में, ईरान के निर्णयों से न केवल क्षेत्रीय स्थिरता पर प्रभाव पड़ेगा, बल्कि वैश्विक राजनीति में भी महत्वपूर्ण बदलाव आ सकते हैं। विशेषकर ऐसी स्थिति में, जब वैश्विक समुदाय की नजरें ईरान की गतिविधियों पर गहरी हैं।