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शराबी दूल्हे को लौटा कर बनी मिसाल: मुस्कान ने दिखाई हिम्मत, प्रशासन ने बनाया जिला आइकॉन

रायपुर/जांजगीर-चांपा। “जो व्यक्ति शादी के दिन ही नशे में धुत होकर खुद को संभाल नहीं पा रहा है, वह मुझे और मेरे भविष्य को क्या संभालेगा?” यह कहते हुए जांजगीर-चांपा जिले की बेटी मुस्कान प्रधान ने ऐसा साहसिक फैसला लिया, जिसने पूरे प्रदेश में एक मिसाल कायम कर दी। नशे में धुत दूल्हे के साथ आई बारात को वापस लौटा कर मुस्कान ने न केवल अपनी जिंदगी से जुड़ा बड़ा निर्णय लिया, बल्कि समाज को भी एक मजबूत संदेश दिया कि सम्मान और आत्मसम्मान से बड़ा कोई रिश्ता नहीं होता।

23 जून की रात मुस्कान के घर विवाह समारोह की तैयारियां पूरी हो चुकी थीं। दुल्हन बनी मुस्कान अपने जीवन के नए सफर की शुरुआत के लिए तैयार थी। इसी दौरान उसे पता चला कि दूल्हा शराब के नशे में धुत होकर बारात लेकर पहुंचा है। यह जानकारी मिलते ही मुस्कान ने बिना किसी दबाव के शादी से साफ इंकार कर दिया।

दूल्हे पक्ष ने काफी समझाने और दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन मुस्कान अपने निर्णय पर अडिग रही। स्थिति तनावपूर्ण होने पर पुलिस को बुलाना पड़ा। अंततः पूरे घटनाक्रम के बाद बारात को बिना दुल्हन के ही वापस लौटना पड़ा।

शराबी दूल्हे को लौटा कर बनी मिसाल: मुस्कान ने दिखाई हिम्मत, प्रशासन ने बनाया जिला आइकॉन
शराबी दूल्हे को लौटा कर बनी मिसाल: मुस्कान ने दिखाई हिम्मत, प्रशासन ने बनाया जिला आइकॉन

दर्द से निकला साहस

मुस्कान के इस फैसले के पीछे उसके जीवन का संघर्ष भी जुड़ा है। 10वीं तक पढ़ी मुस्कान तीन बहनों और एक भाई में सबसे बड़ी है। उसके पिता शराब के आदी थे और परिवार ने शराब की वजह से कई कठिनाइयों का सामना किया। पिता का निधन भी वर्षों पहले हो चुका है। अपनी मां और परिवार की पीड़ा को करीब से देखने वाली मुस्कान ने तय कर लिया था कि वह अपनी जिंदगी को उसी राह पर नहीं जाने देगी।

प्रशासन ने किया सम्मानित

मुस्कान के साहसिक कदम की सराहना केवल गांव और परिवार तक सीमित नहीं रही। जिला प्रशासन, महिला संगठनों और सामाजिक संस्थाओं ने भी उसके निर्णय का स्वागत किया। पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने मुस्कान को नशे के खिलाफ जिले का “आइकॉन” घोषित किया।

इतना ही नहीं, मुस्कान को जागरूकता अभियान से जोड़ते हुए काउंसलर की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। साथ ही पुलिस विभाग ने उसकी उच्च शिक्षा में सहयोग करने और कॉलेज तक की पढ़ाई का खर्च उठाने का निर्णय लिया है।

यहां देखें शराबी दुल्हा का वीडियो

समाज के लिए बड़ा संदेश

मुस्कान प्रधान का यह फैसला उन हजारों युवतियों के लिए प्रेरणा बन गया है, जो सामाजिक दबाव के कारण अपनी इच्छा के विरुद्ध फैसले लेने को मजबूर हो जाती हैं। मुस्कान ने साबित कर दिया कि एक साहसिक निर्णय केवल एक जीवन नहीं, बल्कि पूरे समाज की सोच बदल सकता है।

नशे के खिलाफ यह आवाज अब पूरे छत्तीसगढ़ में चर्चा का विषय है और मुस्कान का नाम महिला सशक्तिकरण तथा आत्मसम्मान की नई पहचान बनकर उभरा है।

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