Constellations: 27 नक्षत्रों का भाव, जन्म से मृत्यू तक होता है इसका प्रभाव

सनातन धर्म में ज्योतिष शास्त्र का बहुत महत्व है। खासकर जन्म लेने के साथ सबसे प्रभावी गणना होती है वह है नक्षत्र जो जन्म लेने के साथ मृत्यू तक हमसफर बनता है। ज्योतिष गणना में 27 नक्षत्र हैं। ज्योतिष गणना के मुताबिक, इन 27 नक्षत्रों को दक्ष प्रजापति की पुत्रियां माना गया है। वैदिक ज्योतिष में ज्योतिषीय गणना के लिए कुल 12 राशियां होती हैं और आकाश को 27 नक्षत्रों में बांटा गया है। कुल 9 ग्रहों को इन 27 नक्षत्रों में बांटा गया है और हर एक ग्रह 3 नक्षत्रों के स्वामी होते हैं।

यदि आपको नक्ष्त्र का ज्ञात नहीं है तो अपने नाम के अनुसार नक्षत्र का अनुशरण कर सकते हैं इसके लिए खबर के सबसे नीचे में लिंक है उसे क्लिक कर जान लें।   

अश्विन नक्षत्र Ashwin Nakshatra
अश्विन नक्षत्र Ashwin Nakshatra

1-अश्विन नक्षत्र Ashwin Nakshatra

ज्योतिष गणना के मुताबिक, अश्विन नक्षत्र सभी 27 नक्षत्रों में पहला नक्षत्र होता है।  यह नक्षत्र ज्योतिष शास्त्र में सबसे पहला और अहम माना जाता है। अगर आप अश्विन नक्षत्र वाले हैं तो आप बहुत ऊर्जावान और सक्रिय होंगे। अश्विन नक्षत्र वाले व्यक्ति बेहद महात्वाकांक्षी और बेचैन प्रकृति के होते हैं। हर काम जल्दबाजी में करना चाहते हैं और उसका नतीजा भी जल्दी से जल्दी चाहते हैं। कुछ रहस्यमय प्रकृति के होते हैं पहले काम कर लेते हैं, बाद में उसके बारे में सोचते हैं। इसलिए कई बार उन्हें कामकाज में नाकामयाबी भी मिलती है, लेकिन लगातार कोशिश करते रहने की वजह से ऐसे लोग आगे भी तेजी से बढ़ते हैं। दांपत्य जीवन अच्छा होता है और परिवार में समृद्धि रहती है।

2- भरणी नक्षत्र Bharani Nakshatra

यह सभी 27 नक्षत्रों में दूसरा नक्षत्र होता है। इस नक्षत्र के स्वामी शुक्र ग्रह होते हैं। अगर आप भरणी नक्षत्र वाले हैं तो आराम पसंद और आलीशान जीवन जीने का सपना देखने वाले होंगे। इस नक्षत्र के लोग काफी आकर्षक, सुंदर, व्यवहारकुशल और मृदुभाषी होते हैं और इनका मिलनसार स्वभाव लोगों को आकर्षित करता है। धुन के पक्के होते हैं और जो ठान लेते हैं उसे हासिल करके दम लेते हैं। सामाजिक प्रतिष्ठा और सम्मान को अपना मूल मंत्र मानने वाले ये लोग प्रेम और सद्भाव के साथ काम करना पसंद करते हैं।

3- कृत्तिका नक्षत्र Krittika Nakshatra

इस नक्षत्र के लोगों पर सूर्य का प्रभाव होता है और इनमें आत्मसम्मान का भाव बहुत ज्यादा होता है। इन्हें जल्दी किसी पर भरोसा नहीं होता और इनका स्वभाव तुनकमिजाज होता है। इनमें ऊर्जा खूब होती है और कोई भी काम बहुत लगन और मेहनत से करते हैं। प्रेम में इनका भरोसा होता है और रिश्ते बनाने में माहिर होते हैं।

4-रोहिणी नक्षत्र Rohini Nakshatra

रोहिणी नक्षत्र के लोग काफी कल्पनाशील और रोमांटिक स्वभाव के होते हैं। इस नक्षत्र का स्वामी चंद्रमा होता है। इसमें जन्मे लोग काफी चंचल स्वभाव के होते हैं और स्थायित्व इन्हें रास नहीं आता। इनकी सबसे बड़ी कमी यह होती है कि ये कभी एक ही मुद्दे या राय पर कायम नहीं रहते। ये लोग स्वभाव से काफी मिलनसार तो होते ही हैं लेकिन साथ-साथ जीवन की सभी सुख-सुविधाओं को पाने की कोशिश भी करते रहते हैं।

5-मृगशिरा नक्षत्र Mrigashira Nakshatra

इस नक्षत्र के लोगों पर मंगल का प्रभाव होने की वजह से वे काफी साहसी और मजबूत संकल्प वाले होते हैं। ये बेहद मेहनती होते हैं और स्थायी जीवन जीने में भरोसा रखते हैं। आकर्षक व्यक्तित्व के धनी और हमेशा सचेत रहने वाले ये लोग धोखा देने वालों को कभी माफ नहीं करते और बदला जरूर चुकाते हैं। ये लोग बुद्धिमान, मानसिक तौर पर मजबूत और संगीतप्रेमी होते हैं।

6- आर्द्रा नक्षत्र Ardra Nakshatra

इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले लोगों पर पूरी जिन्दगी बुध और राहु का प्रभाव रहता है। राहु के प्रभाव की वजह से इनकी दिलचस्पी राजनीति की ओर होती है। ये दूसरों को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं। दूसरों के मनोविज्ञान को समझ कर ही ये अपना व्यवहार बनाते हैं, बातचीत भी उसी लहजे से करते हैं। ऐसे लोगों को बेवकूफ बनाना बेहद मुश्किल होता है। दूसरों से काम निकलवाने में माहिर इस नक्षत्र के लोग अपने निजी स्वार्थ के लिए नैतिकता को भी छोड़ देते हैं।

7-पुनर्वसु नक्षत्र Punarvasu Nakshatra

इस नक्षत्र में जन्म लोग आध्यात्मिक स्वभाव के होते हैं और इनमें कुछ देवीय प्रतिभाएं भी होती हैं। माना जाता है कि ये जल्दी किसी मुश्किल में नहीं फंसते और इनपर ऊपरवाला अक्सर मेहरबान होता है, उसे हर मुसीबत से बचाता है। आमतौर पर इनके शरीर की बनावट थुलथुली सी होती है। इनकी याद्दाश्त बेहद मज़बूत होती है। काफी मिलनसार होते हैं और प्रेम से सबसे मिलते हैं। इन्हें कभी आर्थिक परेशानी नहीं होती और जीवन समृद्धि से भरपूर होता है।

8- पुष्य नक्षत्र Pushya Nakshatra

शनिदेव के प्रभाव वाले पुष्य नक्षत्र में जन्म लेने वाले लोग दूसरों की भलाई के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। इनके भीतर सेवा भावना इतनी होती है कि इसके लिए वे अपना नुकसान भी कर लेते हैं। पुष्य नक्षत्र को ज्योतिष शास्त्र में सबसे शुभ माना गया है। इसमें जन्में लोग बहुत मेहनती होते हैं और अपने दम पर जीने में भरोसा करते हैं। अपनी मेहनत की बदौलत धीरे-धीरे ही सही लेकिन कामयाबी जरूर हासिल करते हैं। कम उम्र में ही कई परेशानियों का सामना करते करते ये जल्दी परिपक्व और भीतर से मजबूत हो जाते हैं। इन्हें संयमित और व्यवस्थित जीवन जीना पसंद होता है।

9-आश्लेषा नक्षत्र Ashlesha Nakshatra

यह एक खतरनाक किस्म का नक्षत्र है और इसमें जन्मे लोगों के भीतर इस नक्षत्र का ज़हर कहीं न कहीं होता है। मतलब यह कि इनपर आप भरोसा नहीं कर सकते। ऊपर से ये ईमानदार तो होते हैं लेकिन माना जाता है कि इनमें से ज्यादातर बेहद मौकापरस्त भी होते हैं। अपना फायदा देखकर दोस्ती करते हैं और मतलब निकल जाने के बाद पहचानते तक नहीं। ऐसे लोग कुशल व्यवसायी साबित होते हैं और अपना काम निकलवाना बखूबी जानते हैं।

मघा नक्षत्र Magha Nakshatra
मघा नक्षत्र Magha Nakshatra

10- मघा नक्षत्र Magha Nakshatra

गण्डमूल नक्षत्र की श्रेणी में रखे गए मघा नक्षत्र में जन्में लोगों का स्वामी सूर्य होता है।इस वजह से इनका व्यक्तित्व प्रभावशाली होता है। स्वाभिमानी होते हैं और अपना दबदबा बनाकर रखना चाहते हैं। ये कर्मठ और मेहनती होते हैं और किसी भी काम को जल्दी से जल्दी पूरा करने की कोशिश करते हैं। ईश्वर में इनकी गहरी आस्था होती है।

11-पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र Purva Phalguni Nakshatra

अगर आपका जन्म इस नक्षत्र में हुआ है तो आपको संगीत और कला से विशेष लगाव होगा। आप नैतिकता और ईमानदारी के रास्ते पर चलना चाहेंगे और शांति से जीवन जीना चाहेंगे। इस नक्षत्र के लोग कभी लड़ाई-झगड़े या विवाद में नहीं पड़ना चाहते। इनके भीतर थोड़ा अहंकार भी होता है और ये खुद को सबसे अलग मानते हैं। भौतिक सुख सुविधाएं इन्हें प्रभावित करती हैं और आर्थिक रूप से समृद्ध रहते हैं।

12- उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र Uttara Phalguni Nakshatra

आम तौर पर इस नक्षत्र में जन्मे लोग बेहद समझदार और बुद्धिमान होते हैं। इनका मकसद बेहद संयम के साथ अपना लक्ष्य हासिल करना होता है। निजी क्षेत्र में ये इतने कामयाब नहीं हो पाते इसलिए सरकारी क्षेत्र को ही ये अपने कैरियर का लक्ष्य बनाना चाहते हैं। किसी भी काम को करने में इन्हें बहुत वक्त लगता है और कई बार टाल मटोल करके काम न करने की भी इनकी मंशा होती है। ऐसे लोग बातचीत में अपना वक्त ज्यादा बिताते हैं और इससे बने रिश्तों को लंबे समय तक निभाते भी हैं।

हस्त नक्षत्र Hasta Nakshatra
हस्त नक्षत्र Hasta Nakshatra

13- हस्त नक्षत्र Hasta Nakshatra

इस नक्षत्र के लोग बुद्धिमान होते हैं, एक दूसरे की मदद करते हैं लेकिन किसी भी बारे में फैसला लेने में इन्हें मुश्किल होती है। असमंजस के शिकार होते हैं। व्यवसाय में इनकी ज्यादा दिलचस्पी होती है और अपना काम निकालना जानते हैं। इन्हें हर तरह की सुख-सुविधाएं मिलती हैं और जीवन में भौतिक आनंद हासिल कर लेते हैं।

14- चित्रा नक्षत्र Chitra Nakshatra

इस नक्षत्र में जन्मे लोगों पर मंगल का प्रभाव होता है। इससे इनके रिश्ते सबसे बेहतर होते हैं। समाज के लिए काम करना इन्हें अच्छा लगता है। विपरीत परिस्थितियों में भी खुद को काफी संयम के साथ ले चलने में इन्हें महारथ होती है। इनकी मेहनत और हिम्मत ही इनकी ताकत है।

15- स्वाति नक्षत्र Swati Nakshatra

इस नक्षत्र के लोगों में एक विशेष प्रकार की चमक होती है। अपने मधुर स्वभाव और व्यवहार से ये सबका दिल जीत लेते हैं। ऐसा माना जाता है कि इस नक्षत्र में पानी की बूंद सीप पर गिरती है तो वह मोती बन जाती है। इनकी राशि तुला होती है इसलिए स्वाति नक्षत्र के जातक सात्विक और तामसिक दोनों ही प्रवृत्ति वाले होते हैं। राजनीतिक दांव-पेंचों को समझने में माहिर ये लोग हर हाल में जीतना जानते हैं।

16- विशाखा नक्षत्र Vishakha Nakshatra

इसके जातक शिक्षा के क्षेत्र में पढ़ने लिखने के काम में सबसे अव्वल रहते हैं। थोड़े आलसी तो होते हैं लेकिन दिमाग से बेहद तेज़ होते हैं। ये लोग बेहद सामाजिक होते हैं जिससे इनका सामाजिक दायरा भी बहुत बड़ा होता है। महत्वाकांक्षी होने की वजह से ये खुद की मंजिल हासिल करने के लिए दिमागी मेहनत बहुत करते हैं और तमाम दांवपेंच करना जानते हैं।

17-अनुराधा नक्षत्र Anuradha Nakshatra

इस नक्षत्र के जातक अपने सिद्धांतों और आदर्शों पर जीते हैं। गुस्सा इन्हें बहुत आता है और कभी कभार गुस्से में ये बेकाबू भी हो जाते हैं जिससे इन्हें बहुत नुकसान उठाना पड़ता है। ये लोग अपनी भावनाएं दबाकर नहीं रख पाते और दिमाग से ज्यादा दिल से काम लेते हैं। जबान के तेज़ और कड़वे होने की वजह से इन्हें कई लोगों का विरोध भी झेलना पड़ता है। इसलिए इन्हें लोग कम पसंद करते हैं।

18-ज्येष्ठा नक्षत्र Jyestha Nakshatra

गण्डमूल नक्षत्र की श्रेणी में होने की कारण से ज्येष्ठा भी अशुभ नक्षत्र ही माना जाता है। इसमें जन्म लेने वाले लोग तुनकमिजाज होते हैं और छोटी-छोटी बातों पर लड़ने के लिए तैयार हो जाते हैं। खुली मानसिकता वाले ये लोग सीमाओं में बंधकर अपना जीवन नहीं जी पाते। लेकिन व्यावहारिक जीवन में इन्हें काफी मुश्किलें उठानी पड़ती हैं।

19-मूल नक्षत्र Mool Nakshatra

यह नक्षत्र गण्डमूल नक्षत्र की श्रेणी का सबसे खराब (अशुभ) नक्षत्र माना जाता है। इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्तियों को खुद तो परेशानियों का सामना करना ही पड़ता हैस इसका खामियाजा उसके परिवार वाले भी भुगतते हैं। हालांकि ये लोग बेहद बुद्धिमान और धैर्य वाले होते हैं। दोस्तों और रिश्तों के प्रति इनकी वफादारी भी बेमिसाल होती है और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियां निभाने में ये कभी पीछे नहीं रहते।

20-पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र Purvashada Nakshatra

अगर आप इस नक्षत्र में उत्पन्न हुए लोग आपके व्यक्तित्व में ईमानदारी जरूर होगी। आप खुशमिजाज होंगे, कला-संस्कृति और साहित्य में आपकी दिलचस्पी होगी। रंगमंच से आपका लगाव होगा। आपके दोस्त खूब होंगे और आप दोस्ती निभाना जानते होंगे। आपका पारिवारिक और दांपत्य जीवन खुशहाल होगा और बेशक आप मृदुभाषी भी होंगे। ये सभी पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में जन्में लोगों के खासियत होती है।

21- उत्तराषाढ़ा नक्षत्र Uttarashada Nakshatra

इस नक्षत्र में जन्म होने वाले लोग कभी निराशा के शिकार नहीं होते। बेहद खुशमिजाज और आशावादी होते हैं। नौकरी और व्यवसाय दोनों में ही इन्हें कामयाबी मिलती है। दोस्तों के लिए कुछ भी करने के लिए ये हमेशा तत्पर रहते हैं। अपने सहयोगी स्वभाव की वजह से इनका दायरा बड़ा होता है और इनके जीवन में आर्थिक दिक्कतें नहीं आतीं।

22-श्रवण नक्षत्र Shravan Nakshatra

जैसा नाम से ही लगता है कि इसके जातक अपने माता पिता के लिए कुछ भी कर सकते हैं। यानी श्रवण कुमार की तरह होते हैं। बेहद ईमानदार, अपने कर्तव्यों के लिए सचेत और समर्पित और मन से शांत और सौम्य। ये लोग जिस भी काम में हाथ डालते हैं उसमें उन्हें कामयाबी हासिल होती है। फिजूलखर्ची नहीं करते जिससे इन्हें कुछ लोग कंजूस भी समझ लेते हैं। लेकिन सोच समझ कर चलने की इनकी यही आदत इन्हें हर सफलता दिलाती है।

23-घनिष्ठा नक्षत्र Ghanishtha Nakshatra

ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले लोगों को खाली बैठना कभी पसंद नहीं आता। वे हर वक्त कुछ न कुछ नया काम करने को सोचते हैं। बेहद ऊर्जावान होते हैं और अपनी मेहनत और लगन की बदौलत अपनी मंजिल हासिल कर ही लेते हैं। अपने कामकाज और बातों से ये लोग दूसरों पर अपना असर छोड़ते हैं और उन्हें प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं। इन्हें शांत जीवन जीना पसंद होता है।

शतभिषा नक्षत्र Shatabhisha Nakshatra
शतभिषा नक्षत्र Shatabhisha Nakshatra

24-शतभिषा नक्षत्र Shatabhisha Nakshatra

इस नक्षत्र के जातक बेहद आलसी प्रकृति के होते हैं। ये लोग शारीरिक श्रम में बिल्कुल भरोसा नहीं करते हैं और चाहते हैं कि वो सिर्फ दूसरों को आदेश दें और अपनी बुद्धि से अपना लक्ष्य हासिल कर लें। ये बेहद आजाद खयालों वाले होते हैं और किसी व्यवसाय में मिलकर या साझेदारी करके काम नहीं कर सकते। इन्हें स्वतंत्र रूप से काम करना पसंद होता है। मशीनी जीवन इन्हें पसंद नहीं होता और हमेशा दूसरों पर हावी रहने की कोशिश करते हैं।

25-पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र Purvabhadrapada Nakshatra

इस नक्षत्र का स्वामी गुरु है और इसके जातक सच्चाई और नैतिकता को अधिक अहमियत देते हैं। दूसरों की मदद करने के लिए हमेशा तैयार रहने वाले ये लोग बेहद व्यवहार कुशल और मिलनसार होते हैं। ये लोग धार्मिक और आध्यात्मिक प्रवृत्ति के तो होते ही हैं, इन्हें ज्योतिष में भी खासी दिलचस्पी होती है।

26-उत्तराभाद्रपद नक्षत्र Uttarabhadrapad Nakshatra

इस नक्षत्र के लोग बेहद यथार्थवादी होते हैं और इन्हें जमीनी हकीकत पर भरोसा होता है। सपनों की दुनिया में नहीं जीते। मेहनती बहुत होते हैं और इन्हें अपने कर्म पर भरोसा होता है इसलिए ये जहां भी काम करते हैं कामयाब रहते हैं। त्याग की भावना इनमें खूब होती है और अपना नुकसान उठाकर भी  कई बार दूसरों के लिए काफी कुछ कर जाते हैं।

27-रेवती नक्षत्र Revati Nakshatra

रेवती नक्षत्र के जातक भी बहुत ईमानदार होते हैं और किसी को धोखा नहीं दे सकते। परंपराओं और मान्यताओं में इनकी खासी आस्था होती है और उनका पालन करते हैं। हालांकि उनके व्यवहार में ये रूढ़िवादिता नजर नहीं आती और सबसे मिलकर मृदुभाषी अंदाज़ में ये अपना काम करते हैं। इनकी दिलचस्पी पढ़ने लिखने में होती है और सूझबूझ में इनका जवाब नहीं होता।

नक्षत्र चरणों और अक्षर के साथ जानें अपना राशि क्या है

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नक्षत्र चरणों और अक्षर के साथ जानें अपना राशि क्या है

सनातन धर्म में विवाह या किसी शुभ तिथि को तय करने के लिए नक्षत्र की गणना की जाती है। ये नक्षत्र जातक के शारीरिक अंगों को परिभाषित करने के साथ-साथ बीमारियों को बताने के लिए जाने जाते हैं। ज्योतिष के अनुसार 27 नक्षत्र होते हैं। लेकिन,  इन 27 नक्षत्रों को भी तीन भागों में विभाजित कर दिया गया है। शुभ नक्षत्र, मध्यम नक्षत्र और अशुभ नक्षत्र।  आइए जानते है आपके नाम के अनुसार आपकी नक्षत्र क्या है…

मेष राशि –

अश्विनि नक्षत्र:- चू, चे, चो, ला

भरणी नक्षत्र:-ला, ली, लू, ले, लो

कृतिका नक्षत्र:- आ,ई, ऊ, ए

वृषभ राशि-

कृतिका नक्षत्र:-  आ,ई, ऊ, ए

रोहिणी नक्षत्र:- ओ, वा, वी, वू

मृगशिरा नक्षत्र:- वे, वो,का, की

मिथुन राशि-

मृगशिरा नक्षत्र:- वे, वो,का, की

आर्द्रा नक्षत्र:-  कू, घ, ङ, छ

पुनर्वसु नक्षत्र:- के, को, हा, ही

कर्क राशि –

पुनर्वसु नक्षत्र:- के, को, हा, ही

पुष्य नक्षत्र:- हू, हे, हो, डा

अश्लेषा नक्षत्र:- डी, डू, डे, डो

सिंह राशि-

मघा नक्षत्र:-  मा, मी, मू, मे

पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र:- मो, टा, टी, टू

उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र:- टे,टो,पा,पी

कन्या राशि –

उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र:- टे,टो,पा,पी

हस्त नक्षत्र:- पू, ष, ण, ठ

चित्रा नक्षत्र:- पे,पो, रा,री

तुला राशि –

चित्रा नक्षत्र:- पे,पो, रा,री

स्वाती नक्षत्र:- रू, रे, रो, ता

विशाखा नक्षत्र:- ती, तू, ते, तो

वृश्चिक राशि –

विशाखा नक्षत्र:- ती, तू, ते, तो

अनुराधा नक्षत्र:- ना, नी, नू, ने

ज्येष्ठा नक्षत्र:- नो, या, यी, यू

धनु  राशि –

मूल नक्षत्र:- ये, यो, भा, भी

पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र:- भू, धा, फा, ढा

उत्तराषाढ़ा नक्षत्र:- भे,भो, जा, जी

मकर राशि –

उत्तराषाढ़ा नक्षत्र:- भे,भो, जा, जी

श्रवण नक्षत्र:- खी, खू, खे, खो

धनिष्ठा नक्षत्र:- गा, गी, गू, गे

कुंभ राशि –

धनिष्ठा नक्षत्र:- गा, गी, गू, गे

शतभिषा नक्षत्र:- गो, सा, सी, सू

पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र:- से, सो, दा, दी

मीन राशि –

पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र:- से, सो, दा, दी)

उत्तराभाद्रपद नक्षत्र:- दू, थ, झ, ण

रेवती नक्षत्र:- दे, दो, चा, ची

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26 December Aaj Ka Panchang: आज एकादशी, जानें गुरुवार का पंचांग

Aaj Ka Panchang 26 December 2024: 26 दिसंबर गुरुवार और पौष महीने के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है. एकादशी तिथि गुरुवार रात 12 बजकर 45 मिनट तक रहेगी. इसके साथ ही गुरुवार रात 10 बजकर 23 मिनट तक सुकर्मा योग और देर शाम 06 बजकर 10 मिनट स्वाती नक्षत्र रहेगा. बता दें, गुरुवार को सफला एकादशी का व्रत भी रखा जाएगा.

माह-पौष, कृष्ण पक्ष,पर्व -एकादशी,,व्रत -एकादशी व्रत

तिथि- एकादशी

दिवस -गुरुवार

सूर्योदय-07:08am

सूर्यास्त-05:24pm

नक्षत्र-स्वाती

चन्द्र राशि -तुला,स्वामी ग्रह -शुक्र

सूर्य राशि-धनु,स्वामी ग्रह-बृहस्पति

करण- तैतिल

योग- सुकर्मा

शुभ मुहूर्त

1अभिजीत- नहीं है

2विजय मुहूर्त-02:25pm से 03:29pm तक

3गोधुली मुहूर्त-06:21pm से 07:23pm तक

4 ब्रम्ह मुहूर्त-4:07m से 05:09am तक

5अमृत काल-06:07am से 07:42am तक

6निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:44से 12:29तक रात

संध्या पूजन-06:27 pm से 07:08pm तक

दिशा शूल-दक्षिण दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं,यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।

अशुभ मुहूर्त राहुकाल-दोपहर 01:30 बजे से 03 बजे तक

क्या न करें-भोजन में चावल मत ग्रहण करें।

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Chhattisgarh: शराबी पति को मौत के घाट उतारा और हुई फरार

सरगुजा। Chhattisgarh के सरगुजा जिले में वाइफ ने धारदार हथियार से हमला कर अपने ही पति की हत्या कर दी. वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी महिला मौके से फरार हो गई है. इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस (Police) मौके पर पहुंची है. यह मामला मैनपाट के कमलेश्वरपुर थाना क्षेत्र के नर्मदापुर गांव का है.

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Chhattisgarh: जानकारी के अनुसार, शराब के नशे में मृतक पति रोज पत्नी से झगड़ा करता था. इससे तंग आकर आरोपी पत्नी इहारो ने अपने पति को मौत के घाट उतार दिया. वारदात के बाद आरोपी पत्नी मौके से फरार हो गई है. मृत पति का नाम बलीराम मांझी बताया जा रहा है. घटना की सूचना के बाद पुलिस (Police) मौके पर पहुंची है और घटना की जांच कर रही है.

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Plane Crash: विमान क्रैश 66 लोगों की दर्दनाक मौत, अजरबैजान से रूस जा रही थी फ्लाइट

Plane Crash: अजरबैजान एयरलाइंस की फ्लाइट क्रैश होने का मामला सामने आया है. इस विमान ने बाकू एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी, जिसमें 72 से ज्‍यादा यात्री सवार थे. इस विमान को रूस के चेचन्या में ग्रोज़्नी जाना था लेकिन ग्रोज़्नी में कोहरे के कारण उसका रूट बदल दिया गया था. कज़ाकिस्तान के आपातकालीन मंत्रालय के हवाले से बुधवार को रिपोर्ट में कहा गया कि कज़ाकिस्तान के अक्तौ शहर के पास 72 से अधिक लोगों को ले जा रहा एक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें छह यात्री बच गए, जबकि दर्जनों लोगों के मारे जाने की आशंका है. विमान कथित तौर पर अक्तौ हवाई अड्डे के पास दुर्घटनाग्रस्त हुआ. बाद में यह स्‍पष्‍ट हो गया कि इस विमान हादसे में 66 लोगों की मौत हो गई है.

Plane Crash अजरबैजान एयरलाइंस की उड़ान संख्या 8243 के साथ एम्ब्रेयर 190 में चालक दल के सदस्यों सहित 72 लोग सवार थे. बताया गया कि इसे कजाख शहर अक्ताउ से लगभग 3 किलोमीटर  दूर आपातकालीन लैंडिंग करने के लिए मजबूर होना पड़ा. कजाकिस्तान में अधिकारियों ने कहा कि संभावित तकनीकी समस्या सहित घटना के कारण का पता लगाया जा रहा है। कजाकिस्तान के आपातकालीन मंत्रालय ने बाद में कहा कि अग्निशमन सेवाओं ने दुर्घटना के बाद लगी आग को बुझा दिया है और बचे हुए लोगों का इलाज पास के अस्पताल में किया जा रही थी।

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राजनांदगांव पुलिस भर्ती प्रक्रिया रद्द, अब तक 6 गिरफ्तार, जिनमें चार आरक्षक शामिल

रायपुर। CM विष्णु देव साय के निर्देश पर गृह मंत्री विजय शर्मा ने राजनांदगांव पुलिस (Police) भर्ती प्रक्रिया को रद्द कर दिया है. Police भर्ती प्रक्रिया गड़बड़ी मामले में पुलिस ने 6 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें चार आरक्षक भी शामिल हैं. गिरफ्तार किए गए आरोपियों में परिधि निषाद, योगेश कुमार धुर्वे, पवन कुमार साहू, नुतेश्वरी धुर्वे, धर्मराज मरकाम और पुष्पा चंद्रवशी का नाम शामिल है.

राजनांदगांव पुलिस भर्ती प्रक्रिया गड़बड़ी मामले में लालबाग थाने में अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया था. विवेचना के दौरान धारा 61(2), 3(5) BNS जोड़ी गई.

विवेचना के दौरान आरक्षक भर्ती संवर्ग में अभ्यर्थियों को मशीन में छेड़खानी कर अंक में लाभ दिलाने को लेकर अभ्यर्थी मीना पात्रे ने पूछताछ में बताया था कि 14 दिसंबर को सुबह आरक्षक भर्ती प्रक्रिया के दौरान अपनी परिचित (Police) पुलिस स्टॉफ को अनुचित तरीके से आर्थिक लुभावना ऑफर दिया था. आरोपिया मीना पात्रे के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य सबूत पाए जाने के बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया.

आरक्षक की खुदखुशी से हुआ खुलासा

बता दें कि Police पुलिस भर्ती प्रक्रिया में धांधली का खुलासा तब हुआ जब पुलिस आरक्षक अनिल कुमार रत्नाकर का शव 21 दिसंबर को ग्राम रामपुर के पास फांसी के फंदे से लटका हुआ मिला था. आरक्षक के हाथ में लिखा था कि भर्ती प्रक्रिया में केवल कर्मचारियों को फंसाया जा रहा है, जबकि अधिकारी भी इस घोटाले में शामिल हैं.

बनाई गई है SIT

आरक्षक के आत्महत्या के बाद जब मामला गरमाया तो (Police) पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) राजनांदगांव रेंज दीपक कुमार झा ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया है. आईजी ने एसआईटी को 10 दिन के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं.

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ज्ञान का उद्देश्य सिर्फ जानकारी इकठ्ठा करना नहीं, उसे समाज के भले के लिए उपयोग करना है

ज़िंदगीनामा। डॉ. नीरज गजेंद्र, वरिष्ठ पत्रकार

आज की समस्याएं जितनी जटिल है। उतनी ही सरल उसका समाधान है। यह मैं नहीं कह रहा हूँ। अल्बर्ट आइंस्टीन का सिद्धांत यह कहता है। आइंस्टीन, विज्ञान के क्षेत्र में एक ऐसा नाम है, जो हर समय प्रासंगिक रहेगा। सापेक्षता के सिद्धांत से उन्होंने न केवल भौतिकी में क्रांति लाई, बल्कि यह भी बताया कि इंसानी सोच की सीमाएं असीमित हैं। उनकी सोच और सिद्धांत आज भी हमें सिखाते हैं कि नई दृष्टि से समस्याओं को देखा जाए।

आज जलवायु परिवर्तन, तकनीकी विषमताएं और वैश्विक असमानता का समाधान खोजने के लिए हमें आइंस्टीन के विचारों को अपनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा था हम अपनी समस्याओं का समाधान उसी सोच से नहीं कर सकते, जिससे वे पैदा हुई हैं। यह वाक्य हमें सिखाता है कि बदलाव लाने के लिए सोच में क्रांति लानी होगी।

आइंस्टीन का जीवन भी सादगी और जिज्ञासा का आदर्श है। उन्होंने हमेशा सवाल पूछने पर जोर दिया। यह आदत आज की पीढ़ी को सिखा सकती है कि वे समस्याओं पर गहराई से सोचें और समाधान खोजें। उन्होंने इस बात को बार-बार दोहराया कि जिज्ञासा ज्ञान की पहली सीढ़ी है। यदि हम सवाल पूछने से डरेंगे, तो नए समाधान तक नहीं पहुंच पाएंगे।

उनका एक और महत्वपूर्ण सिद्धांत था — ज्ञान का उद्देश्य सिर्फ जानकारी इकठ्ठा करना नहीं, बल्कि उसे समाज के भले के लिए उपयोग करना है। आज जब तकनीक तेज गति से आगे बढ़ रही है और कृत्रिम बुद्धिमत्ता का प्रभाव बढ़ता जा रहा है, तब यह विचार और भी अहम हो जाता है। उन्होंने परमाणु बम के विनाशकारी प्रभावों के खिलाफ चेतावनी दी और इसे मानवता के लिए एक बड़ा खतरा बताया।विज्ञान और प्रौद्योगिकी का सही उपयोग तभी संभव है जब हम उसमें नैतिकता को प्राथमिकता दें।

आइंस्टीन का यह विचार कि कल्पना ज्ञान से अधिक महत्वपूर्ण है, हमें यह सिखाता है कि समस्याओं का समाधान सिर्फ तथ्यों और आंकड़ों से नहीं होता, हमें कल्पनाशक्ति का भी सहारा लेना चाहिए। उनकी यह सोच हमें प्रेरित करती है कि असंभव को संभव बनाने के लिए खुले दिमाग से सोचना जरूरी है।

आइंस्टीन की सबसे बड़ी ताकत थी उनकी सरलता। वे जटिल सिद्धांतों को भी सरल भाषा में समझाने की क्षमता रखते थे। यह गुण हमें सिखाता है कि चाहे समस्या कितनी भी कठिन क्यों न हो, उसे सरल दृष्टिकोण से सुलझाने का प्रयास करना चाहिए।

आज और आने वाली पीढ़ी के लिए अल्बर्ट आइंस्टीन सिर्फ एक वैज्ञानिक नहीं, बल्कि एक मार्गदर्शक हैं। उनकी सोच और जीवन हमें यह प्रेरणा देते हैं कि हम अपनी समस्याओं को नए नजरिए से देखें और समाधान ढूंढें। उनकी शिक्षाएं न केवल विज्ञान, बल्कि हर क्षेत्र में हमें नई दिशा देती हैं।

आइंस्टीन के विचारों और सिद्धांतों को अपनाकर हम अपने समय की चुनौतियों का सामना कर सकते हैं। उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि निरंतर सीखना और प्रश्न पूछना ही प्रगति की कुंजी है। उनके ये अमूल्य विचार हमेशा हमें प्रेरित करते रहेंगे।

आज, मैं आइंस्टीन की बात इसलिए कर रहा हूँ, क्योंकि आज के युग में लोग अपने आप से सवाल पूछने के बजाय दूसरों के पास समाधान खोजने में लगे हुए हैं। यह खोजी व्यक्तित्व और उनके विचार समस्याग्रस्त लोगों को उनके अंदर निहित समाधान तक पहुँचाने में मददगार होगा।

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गढ़ के गोठ: शांत छत्तीसगढ़ की छवि पर गांजे की नशे का धुंआ

डॉ. नीरज गजेंद्र, वरिष्ठ पत्रकार

छत्तीसगढ़, जिसे कभी शांत, संतुष्ट और सरल जीवनशैली के लिए जाना जाता था, अब अपराध और भ्रष्टाचार की नई ऊँचाइयों पर पहुँचता दिख रहा है। राज्य में कोयला, रेत और अन्य खनिजों के अवैध कारोबार के बाद अब गांजे की तस्करी जैसे नशे के धंधे में ख़ास लोगों की भागीदारी ने चिंता का एक नया अध्याय खोल दिया है। हाल ही में यहाँ के एक पूर्व विधायक के परिवार से जुड़े लोगों की गाड़ी में गांजा परिवहन करते पकड़ा जाना, न केवल शासन और प्रशासन की विफलताओं को उजागर करता है, बल्कि इस बात का प्रमाण भी है कि अब अपराध केवल आम लोगों तक सीमित नहीं रहा।

पहले जहाँ आम लोगों की गिरफ्तारी गांजा तस्करी के मामलों में होती थी, अब राजनीतिक और प्रभावशाली परिवारों का नाम आना गंभीर चिंता का विषय है। सवाल यह उठता है कि क्या कानून केवल आम जनता के लिए है। या फिर यह सिर्फ दिखावा बनकर रह गया है। शासन और प्रशासन की निष्क्रियता ने अपराधियों को ऐसा आत्मविश्वास दे दिया है कि अब वे खुलेआम अपनी हरकतों को अंजाम दे रहे हैं।

यह वही छत्तीसगढ़ है, जहाँ की जनता अपने सरल जीवन और मेहनतकश स्वभाव के लिए जानी जाती थी। लेकिन अब, अपराध और नशे का यह फैलता जाल राज्य की छवि को गहरा नुकसान पहुँचा रहा है।

शासन और प्रशासन के दावे सुनिए तो ऐसा लगेगा जैसे सब कुछ ठीक है। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयाँ करती है।

सख्त कार्रवाई करेंगे जैसे वाक्य अब रस्म अदायगी से अधिक कुछ नहीं लगते। कार्रवाई होती है, तो सिर्फ उन्हीं पर जो छोटे खिलाड़ी हैं। बड़े नाम और प्रभावशाली लोग अक्सर बच निकलते हैं। शायद प्रशासन भी इस नए अपराध नेटवर्क के खिलाफ अपनी जिम्मेदारी भूल चुका है, क्योंकि उन्हें ऊपर से आदेश नहीं मिलता।

आज समाधान के लिए एक नई सोच की ज़रूरत है। शासन और प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि कानून का पालन हर स्तर पर समान रूप से हो। चाहे कोई आम नागरिक हो या खास व्यक्ति, तस्करी में संलिप्त सभी के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। पुलिस को राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त करना जरूरी है। उन्हें स्वतंत्र रूप से जांच करने और दोषियों पर कार्रवाई करने की शक्ति दी जानी चाहिए।नशे के खिलाफ व्यापक जन-जागरण अभियान चलाया जाए। यह केवल पुलिस और प्रशासन का मामला नहीं है, बल्कि समाज को भी जागरूक होना होगा। राजनेताओं को अपने कर्तव्यों का पालन करना होगा और यदि उनके परिवार या सहयोगी अपराध में संलिप्त पाए जाते हैं, तो उन्हें खुद जिम्मेदारी लेते हुए कार्रवाई का समर्थन करना चाहिए।

छत्तीसगढ़ के शांत और संतोषजनक जीवन पर अपराध और भ्रष्टाचार का धुंआ मंडरा रहा है। यह समय है कि शासन, प्रशासन और समाज मिलकर इसे रोकने के लिए ठोस कदम उठाएं। अन्यथा, जिस राज्य पर कभी गर्व किया जाता था, वह केवल अपराध और नशे का पर्याय बनकर रह जाएगा।शांत छत्तीसगढ़ की छवि पर गांजे की नशे का धुंआ

छत्तीसगढ़, जिसे कभी शांत, संतुष्ट और सरल जीवनशैली के लिए जाना जाता था, अब अपराध और भ्रष्टाचार की नई ऊँचाइयों पर पहुँचता दिख रहा है। राज्य में कोयला, रेत और अन्य खनिजों के अवैध कारोबार के बाद अब गांजे की तस्करी जैसे नशे के धंधे में ख़ास लोगों की भागीदारी ने चिंता का एक नया अध्याय खोल दिया है। हाल ही में यहाँ के एक पूर्व विधायक के परिवार से जुड़े लोगों की गाड़ी में गांजा परिवहन करते पकड़ा जाना, न केवल शासन और प्रशासन की विफलताओं को उजागर करता है, बल्कि इस बात का प्रमाण भी है कि अब अपराध केवल आम लोगों तक सीमित नहीं रहा।

पहले जहाँ आम लोगों की गिरफ्तारी गांजा तस्करी के मामलों में होती थी, अब राजनीतिक और प्रभावशाली परिवारों का नाम आना गंभीर चिंता का विषय है। सवाल यह उठता है कि क्या कानून केवल आम जनता के लिए है। या फिर यह सिर्फ दिखावा बनकर रह गया है। शासन और प्रशासन की निष्क्रियता ने अपराधियों को ऐसा आत्मविश्वास दे दिया है कि अब वे खुलेआम अपनी हरकतों को अंजाम दे रहे हैं।

यह वही छत्तीसगढ़ है, जहाँ की जनता अपने सरल जीवन और मेहनतकश स्वभाव के लिए जानी जाती थी। लेकिन अब, अपराध और नशे का यह फैलता जाल राज्य की छवि को गहरा नुकसान पहुँचा रहा है।

शासन और प्रशासन के दावे सुनिए तो ऐसा लगेगा जैसे सब कुछ ठीक है। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयाँ करती है।

सख्त कार्रवाई करेंगे जैसे वाक्य अब रस्म अदायगी से अधिक कुछ नहीं लगते। कार्रवाई होती है, तो सिर्फ उन्हीं पर जो छोटे खिलाड़ी हैं। बड़े नाम और प्रभावशाली लोग अक्सर बच निकलते हैं। शायद प्रशासन भी इस नए अपराध नेटवर्क के खिलाफ अपनी जिम्मेदारी भूल चुका है, क्योंकि उन्हें ऊपर से आदेश नहीं मिलता।

आज समाधान के लिए एक नई सोच की ज़रूरत है। शासन और प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि कानून का पालन हर स्तर पर समान रूप से हो। चाहे कोई आम नागरिक हो या खास व्यक्ति, तस्करी में संलिप्त सभी के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। पुलिस को राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त करना जरूरी है। उन्हें स्वतंत्र रूप से जांच करने और दोषियों पर कार्रवाई करने की शक्ति दी जानी चाहिए।नशे के खिलाफ व्यापक जन-जागरण अभियान चलाया जाए। यह केवल पुलिस और प्रशासन का मामला नहीं है, बल्कि समाज को भी जागरूक होना होगा। राजनेताओं को अपने कर्तव्यों का पालन करना होगा और यदि उनके परिवार या सहयोगी अपराध में संलिप्त पाए जाते हैं, तो उन्हें खुद जिम्मेदारी लेते हुए कार्रवाई का समर्थन करना चाहिए।

छत्तीसगढ़ के शांत और संतोषजनक जीवन पर अपराध और भ्रष्टाचार का धुंआ मंडरा रहा है। यह समय है कि शासन, प्रशासन और समाज मिलकर इसे रोकने के लिए ठोस कदम उठाएं। अन्यथा, जिस राज्य पर कभी गर्व किया जाता था, वह केवल अपराध और नशे का पर्याय बनकर रह जाएगा।

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चुनाव की तैयारी बनी सरकारी दफ्तरों का आल टाइम फेवरेट बहाना

दफ्तरनामा। डॉ. नीरज गजेंद्र, वरिष्ठ पत्रकार

छत्तीसगढ़ के दफ्तरों में इन दिनों चुनावी माहौल बना हुआ है। गांव-शहर में सरकारों के गठन की प्रक्रिया शुरू हुई है। प्रक्रिया शुरू होने से उम्मीद थी कि चुनाव से पहले दफ्तर में फाइलों से धूल हट जाएगी। अधूरे काम पूरे हो जाएंगे। नगर और ग्राम की सरकारें बदलेंगी। दफ्तरों को चुनाव के लिहाज से साफ सुथरा कर दिया जाएगा। काम और तेजी से होंगे। लेकिन, हुआ इसके उलट। छत्तीसगढ़ के दफ्तरों में इन दिनों चुनावी व्यस्तता का ऐसा माहौल है, मानो हर कर्मचारी लोकतंत्र की धुरी हो। जनता का हर बुनियादी काम चुनावी प्रक्रिया के नाम पर ठप पड़ा है।

पालिका दफ्तर के बाहर खड़े एक मित्र ने बताया कि वह राशन कार्ड में अपने बच्चे का नाम जुड़वाने गया। बाबू ने बड़ी गंभीरता से कहा अभी चुनाव प्राथम्य है। अब चुनाव के बाद आना। मित्र ने पूछा भला चुनाव का राशन कार्ड से क्या लेना-देना। बाबू ने कहा आप समझोगे। सरकारी दफ्तरों में फाइलें जमा हो रही हैं। पेंडिंग फाइलों का ढेर ऐसा लगता है, मानो कबाड़ बाजार लगने वाला हो। हर डेस्क पर चुनावी व्यस्तता है। हालांकि, जब कोई पूछता है कि क्या काम हो रहा है। तो जवाब होता है अभी आदेश का इंतजार है। नगर और ग्राम सरकारों के आरक्षण की प्रक्रिया ने लोगों को और उलझा दिया। पंचायत दफ्तरों में जिज्ञासुओं की भीड़ लग रही है, लेकिन कर्मचारी कहते हैं, साहब फाइल लेकर मीटिंग में गए हैं।

शहरों में जहां वार्ड आरक्षण तय हो गया। वहां भी चुनावी अफसरों की व्यस्तता ने आम जनता को थका दिया। जनहित के कार्यों में रुकावट डालने का यह सिलसिला नया नहीं है। सरकारी दफ्तरों में चुनाव का काम ऑल टाइम फेवरेट बहाना बन चुका है। चाहे मतदाता सूची का काम हो या ईवीएम की चर्चा। हर बहाने के पीछे एक ही तर्क है चुनाव महत्वपूर्ण है। पिछले दिनों एक अखबार में छपी खबर ने इस समस्या को उजागर किया। एक महिला, जो विधवा पेंशन के लिए आवेदन करने आई थी। उसे पंचायत दफ्तर के चक्कर काटने पड़े। पंचायत सचिव ने चुनावी व्यस्तता का हवाला देकर उसे अगले महीने आने को कहा।

16 दिसंबर को ग्राम पंचायतों के आरक्षण का काम रोक दिया गया। इसके पीछे प्रशासनिक आदेश थे। पर जनता के लिए यह आदेश अनादेश बन गया। लोग, जो आरक्षण की प्रक्रिया के बाद अपने काम करवाने आए थे, उन्हें अगले आदेश का इंतजार करने को कह दिया गया। सरकार ने केंद्र का अनुसरण करते हुए ग्राम और नगर सरकारों के चुनाव एक साथ कराने का ऐलान किया था। लेकिन यह ऐलान भी चुनावी घोषणाओं जैसा अधूरा निकला। अब चुनाव में गैप होने की संभावना है, और यह गैप जनता के कामों में और बाधा डाल रहा है।

यह बात अब आम हो चुकी है कि सरकारी दफ्तरों में जनता की समस्याओं का हल ढूंढने के बजाय उन्हें टालने के तरीके ढूंढे जाते हैं। चुनावी व्यस्तता इस टालमटोल का सुनहरा मौका है। एक आम धारणा बन चुकी है कि लोकतंत्र जनता के लिए है, लेकिन जनता से दूर है। जनता का कहना है कि चुनाव के नाम पर उनके बुनियादी काम रोके जा रहे हैं। राशन कार्ड, पेंशन, बिजली कनेक्शन, जन्म प्रमाण पत्र  हर काम चुनाव के नाम पर अटका है। लोगों को बार-बार दफ्तर के चक्कर काटने पड़ते हैं, और हर बार एक नया बहाना मिलता है।

समस्या का समाधान आसान नहीं है। जब तक सरकारी तंत्र में जिम्मेदारी और जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक चुनावी व्यस्तता जैसे बहाने चलते रहेंगे। लोकतंत्र की मजबूती के लिए जरूरी है कि जनता के काम को प्राथमिकता दी जाए। जनता उम्मीद करती है कि दफ्तरों में चुनावी व्यस्तता का बहाना खत्म होगा। चुनाव लोकतंत्र का उत्सव है, लेकिन यह जनता की समस्याओं का बहाना नहीं बन सकता। छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में जहां विकास की संभावनाएं हैं, वहां चुनावी प्रक्रिया को व्यवस्थित करना और जनहित कार्यों को सुनिश्चित करना समय की मांग है।

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महासमुंद, यहां पहुंचा दतैल हाथी 10 गांवों में अलर्ट

महासमुंद। जिले में हाथी की आमद ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है। अभी हाल ही में बागबाहरा और पिथौरा के गांवों में हाथी की दस्तक ने ग्रामीणों को दहशत में डाल दिया था। अब एक सिंगल दतैल हाथी सिरपुर जंगल में पहुंच चुका है। वन विभाग ने 10 गांवों के लोगों का हाथी से अलर्ट रहने को कहा है।

महासमुंद वन विभाग के अनुसार, आज बुधवार को एक हाथी दतैल जो इस क्षेत्र में लगे फसल को नुकसान पहुंचाते हुए आगे बढ़ रहा है। निगम के कक्ष क्रमांक 442, 443, 173, 175, 176 के आस पास के जंगल में विचरण कर रहा है।

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इन गांवों को किया गया अलर्ट

हाई अलर्ट महासमुंद ग्राम बोरिद, पसिद, चुहरी, अमलोर, मरौद, रायकेरा, सुकुलबाय, नांदबारुद, केशलडीह, तथा खिरशाली के आस पास के ग्रामीण सतर्क रहने को कहा है।

महासमुंद फारेस्ट विभाग ने बताया की हाथी जाने की संभावना महासमुंद और बलौदा बाजार के सीमा में विचरण कर रहा है। विभाग ने बताया कि आसपास के ग्रामों में कोटवार द्वारा मुनादी करवा दी गई है। कोई भी जंगल न जावे, सतर्क रहे, हाथी दिखने पर नजदीकी वन कर्मचारी को सूचना देने का अगाह किया है।

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