SDM साहू ने बागबाहरा के होटलों में दी दबिश, लिए सैंपल, दिए निर्देश

महासमुंद 15 अक्टूबर 2024 SDM की दबिश/ खाद्य सुरक्षा आयुक्त, रायपुर के निर्देशानुसार एवं कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देशन एवं अनुविभागीय अधिकारी राजस्व बागबाहरा श्री उमेश कुमार साहू के नेतृत्व में दीपावली पर्व के दृष्टिगत रखते हुए बागबाहरा स्थित मेसर्स-यू साईं होटल, मेसर्स साईं होटल, मेसर्स दशमेश होटल बागबाहरा का सोमवार को औचक निरीक्षण एवं जांच किया गया।

मौके पर SDM उमेश कुमार साहू के निर्देश पर मेसर्स साईं होटल बस स्टैंड से पेड़ा एवं मलाई कतली तथा मेसर्स न्यू साहू होटल से जलेबी एवं कलाकंद तथा मेसर्स अग्रवाल एण्ड कंपनी मेन रोड बागबाहरा से घी का नमूना संकलित किया गया है। होटल एवं मिष्ठान्न प्रतिष्ठानों के निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई के लिए विशेष निर्देश दिए गए हैं तथा गुणवत्ता युक्त मिठाई विक्रय करने के सख्त निर्देश दिए गए है।

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गुणवत्ता जांच हेतु संकलित खाद्य नमूनों को रायपुर स्थित प्रयोगशाला को भेजा जा रहा है। रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरान्त अग्रिम कार्यवाही की जावेगी। कलेक्टर के निर्देशन में दीपावली पर्व को देखते हुए यह कार्यवाही जारी रहेगी। खाद्य नमूना संकलन एवं आदि निरीक्षण का कार्य क्षेत्र के खाद्य सुरक्षा अधिकारी शंखनाद भोई के द्वारा किया गया। मौके पर कौशल साहू, नमूना सहायक उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़, 630 करोड़ गड़बड़ी की फाइल फिर खुली, विवेक ढांड समेत कई घर में आराम फरमा रहे अफसर फंसे

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में राज्य स्रोत नि:शक्तजन स्रोत संस्थान के नाम पर प्रदेश के IAS आईएएस व राज्य सेवा संवर्ग के तकरीबन एक दर्जन अफसरों ने जमकर घोटाला किया था। इसी संस्थान में काम करने वाले कर्मचारी कुंदन सिंह ने जनहित याचिका दायर कर मामले की CBI से जांच कराने और दोषी अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

हाई कोर्ट के डिवीजन बेंच ने जब मामले की जांच के लिए CBI को प्रकरण सौंपा तब हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ उस दौर के ताकतवर नौकरशाह सीधे सुप्रीम कोर्ट चले गए। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद CBI जांच पर रोक लगा दी। तब से यह स्थगन आदेश चल रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने CBI जांच पर रोक के साथ ही एक और व्यवस्था दी थी। पूरे मामले की सुनवाई का अधिकार हाई कोर्ट को ही दे दिया था। लिहाजा इस मामले की फाइल एक बार फिर खुल गई है।

जनहित याचिका पर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में फाइनल हियरिंग चल रही है। अंतिम सुनवाई के बाद हाई कोर्ट का फैसला भी इस मामले में आना है। याचिकाकर्ता ने PLI में बड़े पैमाने पर हुए भ्रष्टाचार की CBI से जांच की मांग करते हुए हाई कोर्ट के समक्ष दस्तावेज भी पेश किया है। दस्तावेजों की पड़ताल और आला अफसरों के बयान के आधार पर यह बात भी सामने आई थी कि इस पूरे मामले में एक हजार करोड़ से भी ज्यादा के सरकारी धन को अफसरों ने फर्जी दस्तोवजों के आधार पर लूटा है। फाइनल हियरिंग के दौरान हाई कोर्ट के डिवीजन बेंच ने उन अफसरों को तलब किया है जिसने इस फर्जीवाड़े से अपने आपको पाक-साफ बताते हुए खुद ही क्लीन चिट दे दी है। कोर्ट ने ऐसे अफसरों को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने कहा है और इनकी सूची भी राज्य सरकार से मांगी है।

जानिए मामला

रायपुर निवासी कुंदन सिंह ठाकुर ने अधिवक्ता देवर्षि ठाकुर के माध्यम से वर्ष 2018 में हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। याचिका के अनुसार पूर्व सरकार के कार्यकाल के दौरान के 6 आईएएस अफसर आलोक शुक्ला, विवेक ढांड, एमके राउत, सुनील कुजूर, बीएल अग्रवाल और पीपी सोती के अलावा राज्य सेवा संवर्ग के अफसर राजेश तिवारी, अशोक तिवारी, हरमन खलखो, एमएल पांडेय और पंकज वर्मा ने फर्जी संस्थान स्टेट रिसोर्स सेंटर (एसआरसी) (राज्य स्रोत नि:शक्त जन संस्थान) के नाम पर 630 करोड़ रुपए का घोटाला किया है।

राज्य स्रोत नि:शक्तजन संस्थान का कार्यालय माना रायपुर में बताया गया, जो समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत आता है। एसआरसी ने बैंक ऑफ इंडिया के अकाउंट और एसबीआई मोतीबाग के तीन एकाउंट से संस्थान में कार्यरत अलग-अलग लोगों के नाम पर फर्जी आधार कार्ड के जरिए बैंक अकाउंट खुलवा लिए और इसी अकाउंट में फर्जी तरीके से वेतन का आहरण भी करते रहे।

CM विष्णुदेव साय 16 को महासमुंद के रामचंडी दिवस कार्यक्रम में होंगे शामिल

महासमुंद 15 अक्टूबर 2024/ CM विष्णुदेव साय कल बुधवार 16 अक्टूबर को महासमुंद जिले के दौरे पर रहेंगे। CM श्री साय निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रायपुर से सुबह 9: 20 बजे हेलीकॉप्टर से रवाना होकर सुबह 10 बजे बसना विकासखंड के गढ़फुलझर रामचंडी मंदिर स्थित मैदान पहुँचेंगे। वहाँ रामचंडी दिवस कार्यक्रम में शामिल होंगे। 10 बजे गढ़फुलझर से रायपुर के लिए प्रस्थान करेंगे।

जानें मानद उपाधि किसे मिलता है हर बात जो आपके मन में है..

जानें मानद उपाधि किसे मिलता है हर बात जो आपके मन में है..

honorary degree मानद उपाधि: ऑनरेरी डिग्री देने का उद्देश्य यह है कि हम किसी ऐसे व्यक्ति को सम्मानित करें, जिसने समाज में शानदार योगदान दिया हो। किसी विश्वविद्यालय द्वारा उस व्यक्ति को सम्मान देने से उस विश्वविद्यालय का ही सम्मान बढ़ता है।

maanad upaadhi: उच्च शिक्षा संस्थानों के नियमन, निगरानी और मूल्यांकन की जिम्मेदारी संभालने वाले लोगों को विश्वविद्यालय एक नहीं कई-कई बार डाक्टरेट की मानद उपाधियों से नवाजते हैं जिनमें राजनेता, नौकरशाह और अन्य प्रभावशाली व्यक्ति शामिल हैं।

किसी व्यक्ति को उसके उत्कृष्ट काम या समाज में बेहतरीन योगदान देने के लिए ऑनरेरी डिग्री (मानद उपाधि) दी जाती है। यह एक तरह से अकादमिक सम्मान है। मानद उपाधि (maanad upaadhi) देने की शुरुआत पंद्रहवीं शताब्दी में ऑक्सफोर्ड यूनवर्सिटी से हुई।

हाल में प्रकाशित पुस्तक ‘ आरटीआई से पत्रकारिता, खबर पड़ताल असर’ में इस बात का खुलासा किया गया है कि किस तरह मानव संसाधन विकास मंत्रियों , विश्वविद्यालयों में शिक्षण, परीक्षा और शोध के मानकों की निगरानी करने वाले विश्वविद्यालय अनुदान आयोग तथा उच्च शिक्षा संस्थानों को रैंकिंग प्रदान करने वाली संस्था के अधिकारियों को डाक्टरेट की मानद उपाधि प्रदान की जाती रही है।

इन लोगों को मिलती है मानद उपाधि

बता दें कि दो तरह की मानद डिग्री (maanad upaadhi) होती है। एक वह, जो उन लोगों को दी जाती है, जिनके पास पहले से डिग्री या कोई बड़ा सम्मान मौजूद हो। मसलन, कोई नोबेल विजेता है, अगर उसे कोई विश्वविद्यालय मानद डिग्री देता है, तो यह उस विश्वविद्यालय के लिए अपने सम्मान की बात है।

ऑनरेरी डिग्री पानेवाले लोग अपने नॉम के आगे ‘डॉक्टर’ नहीं लगा सकते। या अगर लगाते हैं, तो उसके आगे ‘ऑनरेरी’ जरूर लिखते हैं। दूसरी तरह की मानद डिग्री उन लोगों के लिए होती है, जिन्होंने समाज के लिए बहुत बड़े काम किये हों और क्वालिफिकेशन के तौर पर वे डॉक्टरेट न हों।

नेताओं को मिलती रही हैं मानद उपाधियां

विश्वविद्यालयों की गतिविधियों की निगरानी करने वाले प्रभारियों को मानद उपाधियों से नवाजा जाता रहा है। वर्ष 2010 से 2016 तक कृषि मंत्रालय में सचिव रहे एस. अयप्पन को पांच मानद उपाधियां प्रदान की गयी। उनके पूर्ववर्ती मंगला राय को दो मानद उपाधियां मिली। वर्ष 2005 से 2009 तक राष्ट्रीय ज्ञान आयोग के अध्यक्ष रहे सैम पित्रोदा को पांच मानद उपाधियां प्रदान की गयीं। 10 वर्ष तक योजना आयोग के उपाध्यक्ष रहे मोंटेक सिंह अहलूवालिया को उनके कार्यकाल के दौरान नौ मानद उपाधियां प्रदान की गयीं।

मानव संसाधन विकास मंत्रियों के रूप में कार्य करते हुये मुरली मनोहर जोशी तथा अर्जुन सिंह को दो दो बार मानद उपाधि मिली। संप्रग सरकार में मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री रही डी. पुरंदेश्वरी को भी दो मानद उपाधि प्रदान की गयी। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को उनके कार्यकाल के दौरान चार बार मानद उपाधि मिली। उनके बाद राज्य के मुख्यमंत्री बने मनोहर लाल खट्टर को दो बार मानद उपाधि मिल चुकी है।

ऑनरेरी डिग्री देने का उद्देश्य यह है कि हम किसी ऐसे शख्स को सम्मानित करें, जिसने समाज में शानदार योगदान दिया हो। किसी विश्वविद्यालय द्वारा उस व्यक्ति को सम्मान देने से उस विश्वविद्यालय का ही सम्मान बढ़ता है।

CG थाने के भीतर हो गई टीआई की पिटाई, जब्त बाइक को छुड़ाने पहुंचे लोगों ने किया हमला

रायपुर। जशपुर में शराब के नशे में आरोपी ने अपनी पत्नी, बेटे और अन्य परिचितों के साथ मिलकर पुलिस निरीक्षक (टीआई) से गाली-गलौज करते हुए पिटाई कर दी. मामले में पुलिस ने शासकीय कार्य में बाधा डालने और मारपीट करने पर 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, वहीं फरार दो आरोपियों की पतासाजी की जा रही है. जानकारी के अनुसार, दुलदुला थाना प्रभारी निरीक्षक कृष्ण कुमार साहू 13 अक्टूबर की रात थाने में बैठे थे, इस दौरान जब्त बाइक को छुड़ाने के लिए थाने पहुंचे लुकस कुजूर पिता जोहन कुजूर शराब के नशे में अपने अन्य रिश्तेदारों के साथ टीआई से गाली-गलौच करते हुए मारपीट शुरू कर दी.

टीआई ने उन लोगों को समझाइश देने की कोशिश की, लेकिन इसके बाद भी वे दुर्व्यवहार करते रहे. मामला बिगड़ता देख लुकस कुजूर के साथ उसकी पत्नी मुमताज कुजूर, बेटे शाहिल कुजूर के अलावा अरविंद मिंज पिता प्लासियुस मिंज, प्रवीण लकड़ा पिता इग्नासियुस लकड़ा, अनमोल टोप्पो पिता फबियानुस टोप्पो और मनीष तिर्की पिता सुनील तिर्की के खिलाफ BNS की धारा 121(1), 221 और 224 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर पांच लोगों को गिरफ्तार किया. वहीं मौके से फरार दो लोगों की पतासाजी की जा रही है.

प्रबुद्ध वर्ग में गुस्सा, चना-मुर्रा की तरह बांटे जा रहे मानद विद्यावाचस्पति सम्मान!

आलीशान होटलों में विद्यापीठों व निजी संस्थाओं द्वारा बाँटे जा रहे मानद विद्यावाचस्पति सम्मान के सन्दर्भ में प्रबुद्धजनों ने उठाया सवाल*

रायपुर। उच्च शिक्षा विभाग व लोक शिक्षण संचालनालय के दिशा निर्देशों के अनुसार कोई विभागीय व्यक्ति विभाग से अनुमति लेकर अन्वेषणात्मक उपाधि (एकेडमिक पीएचडी) की डिग्री प्राप्त करता है तो वह अपने नाम के आगे विभागीय दस्तावेजों व सूचनाओं में डॉ  लिख सकता है परंतु इस नियम को दरकिनार कर  राज्य व विभिन्न जिलों में अनेक शासकीय शिक्षक मानद विद्यावाचस्पति सम्मान  लेकर अपने नाम के आगे डॉ जोड़कर विभाग को गुमराह कर रहें हैं जिसके विरोध में प्रबुद्ध में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

इसी तारतम्य में सरायपाली में महाप्रभु बल्लभाचार्य महाविद्यालय महासमुंद की प्राचार्य डॉ. अनुसुईया अग्रवाल की अध्यक्षता वाली बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में महाविद्यालय, नवोदय विद्यालय व अन्य विद्यालयों के प्राचार्य बृजलाल पटेल, प्रशांत रहाटे, सी एल पुहुप, नरहरि पटनायक, मनोज पटेल, डॉ. अनिल प्रधान, कामता प्रसाद साहू सहायक प्राध्यापकगण क्षीरसागर पटेल, प्रविन्द पटेल, व्याख्यातागण डॉ. मुकेश चौधरी, बी.आर. पटेल, प्रधानपाठकगण डॉ. विजय शर्मा, यशवंत चौधरी, डॉ. गोपा शर्मा ,रमेश प्रधान, शिक्षकगण शुभ्रा डड़सेना, लिंगराज देवांगन समाजसेवी महेंद्र पसायत उपस्थित रहे।

बीते कुछ दिनों से सोशल मीडिया में मानद पीएचडी प्राप्त करने संबंधी खबरे प्रमुखता से देखने पढ़ने मिल रही है।उच्च शिक्षा विभाग, लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा पीएचडी डिग्री को लेकर स्पष्ट दिशा निर्देश दिया जाता है। मानद पीएचडी प्राप्त करने वाले शिक्षकों के द्वारा धड़ल्ले से विभागीय सूचनाओं में नाम के आगे  डॉ. जोड़ने की घटना से पूरा विभाग व  समाज भ्रम की स्थिति में  है।

जिले के प्रबुद्धजनों ने इस मामले में संज्ञान लेकर बैठक किया व शासन को ज्ञापन सौपनें हेतु निर्णय लिया है ताकि अकादमिक पीएचडी उपाधि प्राप्त करने वाले शिक्षकों  का सम्मान और पीएचडी उपाधि की गरिमा बरकरार रहे। बैठक में वर्तमान शिक्षा में कालान्तर में आई गिरावट, विसंगतियों व मानद पीएचडी  पर प्रहार करते हुए प्रबुद्धजनों ने ‘शिक्षा व समाज में मानद पीएचडी’ के बढ़ते प्रचार  को चिंताजनक बताया है। मानद उपाधि का शिक्षा जगत में भ्रम का प्रभाव  कड़वा सच उजागर करने वाला है।

शिक्षा व समाज मे डॉ उपसर्ग के स्तर में आ रही गिरावट के दूरगामी परिणाम चिंताजनक हैं, जिनकी ओर शासन को ध्यान दिलाया जा रहा है और मंथन की आवश्यकता भी जताई है। वर्तमान में  शिक्षा प्रणाली को सुधारने की दिशा में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि युवा अपने ज्ञान और कौशल के आधार पर सफल बन सकें। व्यावसायिक संगठन व निजी संस्था बड़े-बड़े होटलों में मानद पीएचडी वितरण करने हेतु भव्य कार्यक्रम  करके व्यक्तियों को लुभाने का कार्य करते है, किंतु धरातल पर शैक्षणिक विकास के लिए कार्य नहीं कर रहे हैं। ऐसे संगठनों से दूर रहने के लिए वर्तमान पीढ़ी को सचेत करना आवश्यक है।

सफलता का अचूक मंत्र रतन टाटा, जिन्होंने सपनों को सच करने का रास्ता दिखाया

जिंदगीनामा/डॉ. नीरज गजेंद्र

रतन टाटा का नाम सुनते ही एक ऐसे इंसान की छवि हमारे दिमाग में उभरती है, जिसने अपनी सादगी, मेहनत और दूरदर्शी सोच से न केवल व्यापार की दुनिया में झंडे गाड़े, बल्कि लोगों के दिलों में भी अपनी अलग जगह बनाई। उनका जीवन हमें यह सिखाता है कि सफलता केवल पैसा कमाने से नहीं, बल्कि समाज के लिए कुछ अच्छा करने से भी मिलती है। आइए, जानते हैं रतन टाटा के कुछ ऐसे मंत्र, जो हमें जिंदगी में आगे बढ़ने और बेहतर इंसान बनने की राह दिखाते हैं।

रतन टाटा से मेरी मुलाकात किताबों में हुई, कई बार अखबार की संपादकीय में भी उन्हें पढ़ने और सुनने का मौका मिला। वे हमेशा कहते थे, छोटा सोचना भी एक तरह का अपराध है। उन्होंने हमें सिखाया कि अगर बड़े सपने देखे हैं, तो उन्हें पूरा करने के लिए जोख़िम उठाने से भी पीछे नहीं हटना चाहिए। टाटा नैनो बनाकर उन्होंने दिखाया कि हर भारतीय के कार खरीदने का सपना पूरा किया जा सकता है। जब उन्होंने ब्रिटेन की जगुआर-लैंड रोवर कंपनी खरीदी, तब उन्होंने दुनिया को दिखा दिया कि भारतीय कंपनियां भी बड़े फैसले ले सकती हैं।

दुनिया के चुनिंदा सफल व्यक्तियों में शामिल रतन टाटा ने अपने कामों से साबित किया कि अगर आप सही रास्ते पर चलेंगे, तो लोग आप पर भरोसा करेंगे। टाटा समूह ने कई ऐसे प्रोजेक्ट्स में काम करने से इनकार किया, जो उनके सिद्धांतों से मेल नहीं खाते थे। संदेश साफ है कि कभी भी अपने मूल्यों से समझौता मत करो। पैसा तो आता-जाता रहेगा, लेकिन आपका नाम और भरोसा अमूल्य है।

उनका मानना था कि चाहे इंसान कितना भी बड़ा हो जाए, उसे सीखना कभी बंद नहीं करना चाहिए। उन्होंने अपने कर्मचारियों के साथ बैठकर उनकी बातों को सुना और हर किसी की राय को अहमियत दी। उनका व्यवहार यह सिखाता है कि विनम्र रहकर ही आप लंबे समय तक दूसरों का सम्मान और प्यार कमा सकते हैं। उनकी सीख थी, हर किसी से कुछ न कुछ सीखने की कोशिश करो, चाहे वो छोटा हो या बड़ा। जिंदगी का असली गुरु तो अनुभव ही है।

रतन टाटा ने कई बार ऐसे फैसले लिए जो शुरुआत में सही नहीं लगे। लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय असफलताओं से भी सीख ली और आगे बढ़ते गए। उनका मानना था कि गिरना गलत नहीं है, लेकिन गिरकर उठना जरूरी है। उनका मंत्र सीधा था – गलतियां होंगी, लेकिन उनसे घबराओ मत। हर असफलता तुम्हें कुछ नया सिखाएगी और आगे बढ़ाएगी।

रतन टाटा का जीवन उन युवाओं के लिए एक सबक है, जो कुछ बड़ा करने का सपना देखते हैं। उनके लिए अक्सर वे कहा करते थे, नए आइडियाज से मत घबराओ। जो बदलते वक्त के साथ नहीं बदलते, वे पीछे रह जाते हैं। वे कहते थे, सफलता रातोंरात नहीं मिलती। धैर्य और मेहनत से ही बड़े मुकाम हासिल होते हैं। रतन टाटा का जीवन हम सबके लिए एक प्रेरणा है।

उनका जीवन एक सबक है बड़े सपने देखो, मेहनत से उन्हें पूरा करो और कभी भी दूसरों की मदद करने से पीछे मत हटो। रतन टाटा की सोच और उनके द्वारा सिखाए गए मंत्र आने वाले कई सालों तक हमें सही रास्ता दिखाते रहेंगे। चाहे जिंदगी में कितनी भी मुश्किलें आएं, अगर हम उनके दिखाए रास्ते पर चलें, तो कामयाबी हमारी होगी।

Chanakya Niti: जान लें ये 4 बुरी आदतें, नहीं तो आएगी कई कठिनाईंयां

Chanakya Niti: विद्वान आचार्य चाणक्य को उनकी नीतियों के लिए आज भी याद किया जाता है. (Chanakya Niti) कहा जाता है कि उनकी नीतियों का जीवन में पालन करने से व्यक्ति सफलता आसानी से प्राप्त कर सकता है. साथ ही किसी भी बड़ी मुश्किल से आसानी से छुटकारा पाया जा सकता है. जीवन को बेहतर बनाने के लिए चाणक्य नीतिशास्त्र में कई उपाय भी बताए गए हैं. आज हम आपको उन 4 आदतों के बारे में बताने जा रहे हैं जिनके कारण व्यक्ति हमेशा कंगाली झेलता है और सफलता दूर रहती हैं. आप भी जानें इन आदतों के बारे में और तुरंत छोड़ दें…

वक्त बर्बाद करने वाले लोग

आचार्य चाणक्य (Chanakya Niti) के मुताबिक जो लोग फिजूल का समय बर्बाद करते हैं. उन लोगों को जीवन में आर्थिक समस्याएं का सामना करना पड़ता है. व्यक्ति को हमेशा अपने समय का सदुपयोग करना चाहिए.

साफ-सफाई न रखने की आदत

कई लोग बिल्कुल भी साफ-सफाई का ध्यान नहीं रखते हैं; गंदगी में रहते हैं, चीजों को गंदा छोड़े देते हैं. (Chanakya Niti) आचार्य चाणक्य के अनुसार ऐसे लोगों को हमेशा आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता है. धन की देवी मां लक्ष्मी का वास वहीं होता है जहां साफ-सफाई का ध्यान रखा जाता है. ऐसे में आप हमेशा अपने आसपास साफ-सफाई जरूर रखें.

दूसरों का अपमान करना

आचार्य चाणक्य (Chanakya Niti) के मुताबिक जो लोग दूसरों का अपमान करते हैं उन लोगों को जीवनभर समस्याओं का सामना करना पड़ता है. कई लोग मजाक-मजाक में दूसरों की खिल्ली उड़ाते हैं, ये एक खराब आदत है. ऐसे लोगों के पास धन तो आता है लेकिन व्यर्थ चला जाता है. अगर आप में भी ये आदत हैं तो तुरंत सुधार लें.

कड़वे वचन या फिर नकारात्मक फैलाने वाले लोग

चाणक्य नीति (Chanakya Niti) के मुताबिक जो लोग हमेशा नकारात्मक बोलते हैं और कड़वे वचनों का उपयोग करते हैं उनके घर में कभी भी मां लक्ष्मी का वास नहीं होता है. इन लोगों को पास कभी भी धन नहीं टिकता है. आचार्य चाणक्य के मुताबिक व्यक्ति को हमेशा मीठी वाणी ही बोलनी चाहिए.

Sharad Purnima 2024: जानें शरद पूर्णिमा कब? इस दिन को खास बनाने अच्छा अवसर

Sharad purnima 2024: सनातन धर्म में हर वर्ष आश्विन माह की शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को शरद पूर्णिमा मनाई जाती है। इस दिन धन की देवी लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा करने की परंपरा है। हिंदू धर्म में शरद पूर्णिमा की रात को बहुत खास माना जाता है। (Sharad purnima) क्योंकि इस रात चंद्रमा पूरी तरह चमकता है यानी चंद्रमा 16 कलाओं से परिपूर्ण होता है। इस दिन व्रत करने से व्यक्ति को सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। माना जाता है कि शरद पूर्णिमा पर पूजा करने से घर में सौभाग्य और समृद्धि आती है और चांदनी रात में खीर खाने से स्वास्थ्य लाभ होता है। इस दिन मंदिर के दर्शन करने से आपका मन शांत होगा। शरद पूर्णिमा आध्यात्मिक विकास के लिए एक अच्छा अवसर है।

जानें शरद पूर्णिमा 2024 तिथि (Sharad purnima 2024)

अश्विन माह की पूर्णिमा तिथि का आरंभ: 16 अक्टूबर, रात्रि 08 बजकर 40 मिनट पर

अश्विन माह की पूर्णिमा तिथि समाप्त: 17 अक्टूबर, सायं 04 बजकर 55 मिनट पर

शरद पूर्णिमा का पर्व 16 अक्टूबर को मनाया जाएगा। चन्द्रोदय का समय 05 बजकर 05 मिनट रहेगा।

शरद पूर्णिमा (Sharad purnima 2024) के दिन क्या करें?

चंद्रमा को जल चढ़ाएं और मंत्रों का जाप करें।

देवी लक्ष्मी की पूजा करें और धन के लिए प्रार्थना करें।

घर में दीपक जलाएं, इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा आएगी।

देवी लक्ष्मी और भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करें।

धार्मिक ग्रंथ पढ़ें।

जरूरतमंदों को दान करें।

शरद पूर्णिमा के दिन न करें ये काम

नकारात्मक विचारों को अपने मन में न आने दें।

किसी से विवाद न करें।

क्रोध न करें।

आपको झूठ नहीं बोलना चाहिए।

इन बातों पर विशेष ध्यान दें

शरद पूर्णिमा के दिन भूलकर भी तामसिक भोजन न करें।

(Sharad purnima 2024) साथ ही इस दिन लहसुन और प्याज का सेवन भी वर्जित है। इस दिन काले रंग का प्रयोग न करें और काले कपड़े ना पहने। चमकीले सफेद कपड़े पहनें तो बेहतर रहेगा।

Sharad purnima 2024

शरद पूर्णिमा पर चंद्रमा की रोशनी में रखी खीर खाने का विशेष महत्व है। ( Sharad purnima 2024 ) शरद पूर्णिमा की रात को चंद्रमा की रोशनी में खीर का भोग लगाने की परंपरा है। ऐसा माना जाता है कि चंद्रमा की किरणों के प्रभाव से खीर का अमृत रस घुल जाता है। खीर को कांच, मिट्टी या चांदी के बर्तन में ही रखें। अन्य धातुओं का प्रयोग न करें। शरद पूर्णिमा के दिन घर में किसी भी तरह का झगड़ा या कलह नहीं होना चाहिए। इससे घर में दरिद्रता आती है।

डिस्क्लेमर: ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए WebMorcha उत्तरदायी नहीं है।

Aaj Ka Ank Jyotish: 15 अक्टूबर, जानें आज का शुभ अंक और रंग

Aaj Ka Ank Jyotish: 15 अक्टूबर: ‘मंगलवार आज का भविष्यफल: अंकों के माध्यम से मानव के विषय एवं उसके भविष्य को जानने का प्रयास किया जाता है। उदाहरण के लिए समझिए यदि किसी व्यक्ति का जन्म 23 अप्रैल को हुआ है तो उसकी जन्म तारीख के अंकों का योग 2+3=5 आता है। अर्थात 5 उस व्यक्ति का मूलांक कहा जाएगा। अगर किसी की जन्मतिथि दो अंकों यानी 11 है तो उसका मूलांक 1+1= 2 होगा। मिलेगी मदद! जानें आज अपना भविष्यफल…

Aaj Ka Ank Jyotish आज अंक ज्योतिष Ank shaastr
Ank Jyotish अंक शास्त्र

अंक 1

आप अपनी शक्ति और कमजोरी को अच्छे से जानते हैं और लगातार लक्ष्य की तरफ बढ़ रहे हैं। Ank Jyotish जीवन वास्तव में आपके दृष्टिकोण और मिज़ाज पर निर्भर करता है। आपकी आज सभी योजनाएं पूरी होंगी जिससे आप खुशियों को महसूस करेंगे।

शुभ अंक- 4

शुभ रंग- केसरिया

अंक 2

नयी पहचान बनाने के लिए भी यह चरण शानदार है। Ank Jyotish आज आपके प्रयास, मूल्य और दृढ़ संकल्प आपको एक अलग पहचान दिला रहे है।

शुभ अंक- 2

शुभ रंग- सफेद

अंक 3

आज आप अपने वरिष्ठ अधिकारियों या सहकर्मियों से बातचीत करने की हर कोशिश करेंगे और उन्हें अपनी सूझबूझ से प्रभावित करेंगे।

शुभ अंक- 7

शुभ रंग- गुलाबी

अंक 4

आप आज नई चुनौतियों और अवसरों का भी पूरा फायदा उठा सकते है। Ank Jyotish कुछ बड़ा सोचे और करें क्योंकि भाग्य आज आपके साथ है।

शुभ अंक- 3

शुभ रंग- पीला

अंक ज्योतिष Ank shaastr
Ank Jyotish आज

अंक 5

आज आप अपनी दिनचर्या और जीवन में परिवर्तन करना चाहेंगे। Ank Jyotish आपकी ड्रीम बहुत बड़े हैं जिन्हे पूरा करने के लिए आपको दिन रात मेहनत करनी होगी।

शुभ अंक- 6

शुभ रंग- लाल

अंक 6

आर्थिक लाभ के लिए धन व्यय या निवेश करते समय सावधानी बरतें। Ank Jyotish अभी आपके दोस्त और रिश्तेदार भी आपकी कंपनी का आनंद लेंगे।

शुभ अंक- 5

शुभ रंग- नीला

अंक 7

अब समय है थोड़ा समय निकल कर किसी बड़े प्रोजेक्ट में काम करने का। अपने कौशल के साथ ही ज्ञान में भी बढ़ोतरी करें।

शुभ अंक- 6

शुभ रंग- पीला

अंक 8

अपने लक्ष्य पर केंद्रित करके कार्य करें, भाग्य आपका साथ ज़रूर देगा। Ank Jyotish यह समय परिवार को समर्पित है, न की दोस्त या अन्य रिश्तों को इसलिए इनका पूरा मज़ा लें।

शुभ अंक- 8

शुभ रंग- हरा

अंक ज्योतिष अंक शास्त्र Ank shaastr आज
अंक शास्त्र

अंक 9

आय को बढ़ाने के लिए नेटवर्किंग का सहारा ले सकते हैं। Ank Jyotish अचानक आई घरेलू मुसीबतों का आज आप पूरी जान लगाकर सामना करेंगे। आज आपके दरवाजे पर कई मौके दस्तक दे रहे हैं और आपको वित्तीय समृद्धि मिलने की भी संभावना हैं।

शुभ अंक- 18

शुभ रंग- सुनहरा