महासमुंद, धान से लदी ट्रक में लगी भीषण आग, देखें वीडियो

महासमुंद। NH 53 पिरदा मोड़ हाइवे के पास धान से लदा ट्रक पंचर होकर खड़ा था जहां ड्राईवर सोया हुआ था अचानक ट्रक के इंजन में आग जलने लगा। तुरंत गाड़ी से कूदकर चालक बाहर निकला। डायल 112 को सूचना किया मौके पर पटेवा, तुमगांव लायन पहुँचा। गाड़ी में धु धु कर आग जलने लगा। फायरब्रिग्रेड को तत्काल सूचना दिया मौके पर पहुँचकर तब आग पर काबू पाया गया। यह घटना आज मंगलवार अलसुबह की बताई जा रही है।

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समुद्र में तांडव, IMD ने इसे लेकर चेतावनी जारी की, कई राज्यों में बारिश

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समुद्र में तांडव, IMD ने इसे लेकर चेतावनी जारी की, कई राज्यों में बारिश

समुद्र चक्रवात: वैज्ञानिकों का कहना है कि हालिया अवलोकनों से संकेत मिलता है कि उत्तरी हिंद महासागर में चक्रवात अब तेजी से तीव्रता दिखा रहे हैं, जो 30 डिग्री सेल्सियस से कहीं अधिक एसएसटी के जवाब में केवल 24 घंटों में 50 समुद्री मील से अधिक तीव्र हो रहे हैं, इसका प्रमुख कारण तेजी से बढ़ रही गर्मी है।

2000 के बाद से, उत्तरी हिंद महासागर में तेजी से तीव्र होने वाले चक्रवातों की आवृत्ति में वृद्धि हुई है।उत्तरी हिंद महासागर में तीव्रता से गुजरने वाले चक्रवातों का प्रतिशत उत्तर पश्चिमी प्रशांत महासागर में चक्रवातों की तुलना में अधिक (38 प्रतिशत) है, जहां यह दर 22 प्रतिशत है।

भीषण चक्रवात विकसित होने की संभावना

बंगाल की खाड़ी में साइक्लोजेनेसिस (चक्रवात परिसंचरण का विकास या सुदृढ़ीकरण) स्थान के पूर्व की ओर स्थानांतरित होने के कारण, चक्रवात अब समुद्र के ऊपर लंबे समय तक यात्रा कर रहे हैं और गर्म समुद्र के पानी से निकलने वाली अधिक तापीय ऊर्जा खींच रहे हैं, जिससे वृद्धि हो रही है। 65 समुद्री मील से अधिक तीव्रता वाले अत्यंत भीषण चक्रवात के रूप में विकसित होने की संभावना है। इसका असर यूपी पर न के बराबर पड़ेगा।

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समुद्र चक्रवात

मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में कई क्षेत्रों में बारिश की संभावना जताई है. देश में तीन चक्रवाती तूफ़ान के सिस्टम सक्रिय हो रहे हैं. इसकी वजह से तेज बारिश के आसार बन रहे हैं. इस चक्रवात की वजह से देश के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना बनती नजर आ रही है. भारी बारिश की वजह से कई राज्यों में स्थिति बिगड़ने की बात मौसम वैज्ञानिकों ने की है.

इन राज्यों में होगी बारिश

अभी भारत के ज्यादातर इलाके कोहरे की मार झेल रहे हैं. मौसम वैज्ञानिकों के पूर्वानुमान के मुताबिक़, भारत में अब तीन चक्रवात एक्टिव होने वाले हैं. इसकी वजह से मध्य महाराष्ट्र, केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्रप्रदेश में मौसम काफी ज्यादा बिगड़ने के आसार हैं. बारिश से लोगों की लाइफ पर काफी प्रभाव पड़ेगा. मौसम विभाग ने इसे लेकर चेतावनी जारी की है.

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16 January Ank Jyotish जानें आज का लकी नंबर और शुभ रंग

16 January Ank Jyotish: अंक ज्योतिष  16 January मंगलवार को अंकों के माध्यम से मनुष्य के विषय एवं उसके भविष्य को जानने का प्रयास किया जाता है। उदाहरण के लिए समझिए यदि किसी व्यक्ति का जन्म 23 अप्रैल को हुआ है तो उसकी जन्म तारीख के अंकों का योग 2+3=5 आता है। यानि 5 उस व्यक्ति का मूलांक कहा जाएगा। यदि किसी की जन्मतिथि दो अंकों यानी 11 है तो उसका मूलांक 1+1= 2 होगा।

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अंक 1

हाल में किये गए मूल्यांकन ने आपको खुद के विश्लेषण और आत्मनिरीक्षण के मूड में छोड़ दिया है। Ank Jyotish  उन उत्तरों की खोज के लिए समय निकालें, जिनके बारे में आप जानना चाहते हैं। Weekly ank jyotish

शुभ अंक- 21

शुभ रंग-  नारंगी

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अंक 2

अपनी समझदारी से आपको भविष्य में धोखाधड़ी या ठगी से बचने में मदद मिलेगी। Ank Jyotish  आज आपको ऐसा महसूस होगा कि आप कहीं फंस गए है और इससे निकल नहीं पा रहे। भ्रम की इस स्थित में भी आपको चिंता करने की ज़रूरत है। Weekly ank jyotish

शुभ अंक-11

शुभ रंग- भूरा

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अंक 3

अंतिम निर्णय से पहले अपने तथ्यों को इकट्ठा करो और हमेशा दिल की सुनें। Ank Jyotish अगर आपके पास कहने के लिए कुछ अच्छा नहीं है तो चुप रहना एक बेहतरीन विकल्प है। Weekly ank jyotish

शुभ अंक- 19

शुभ रंग-  हरा

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अंक 4

यह पल आपके लिए समृद्धि भरे हैं क्योंकि आप आर्थिक लाभ और अपने दोस्तों के साथ का मज़ा ले रहे हैं। Ank Jyotish अपने घर के मामलों को नजरअंदाज न करें क्योंकि अपने संबंधों पर ध्यान देने की ज़रूरत हैं। Weekly ank jyotish

शुभ अंक-23

शुभ रंग- पीला

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अंक 5

यह अवसर केवल अपने दोस्तों को याद रखने का ही नहीं बल्कि अपने दुश्मनों तक पहुँचने और उन्हें हारने का भी है। Ank Jyotish सब कुछ नियंत्रण ने हैं और यह समाजिक अवसरों को हासिल करना का सही समय है। Weekly ank jyotish

शुभ अंक- 9

शुभ रंग- केसरिया

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अंक 6

छानबीन और मूल्यांकन का समय बीत चुका है। Ank Jyotish अगर आप अनसुना या नाकाबिल अनुभव कर रहे हैं तो शांत रहें। आपकी मेहनत को नोटिस किया जा रहा है। जहाँ आपका काम संतुलित है वहीं व्यक्तिगत जीवन जटिल हो सकता है। Weekly ank jyotish

शुभ अंक-16

शुभ रंग- नीला

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अंक 7

जो रिश्ते तनाव पैदा कर रहे हैं उन्हें समाप्त करना ही बेहतर है। Ank Jyotish यह वो क्षण है जब आप सफलता और प्रतिष्ठा का आनंद लेंगे। जो मौके आपको मिलने वाले है उनके लिए तैयार रहें। आपको काम में जो संतोष मिलता है वह आपकी विवाहित और निजी जिंदगी को दर्शाता है। Weekly ank jyotish

शुभ अंक- 18

शुभ रंग- ग्रे

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अंक 8

निजी या पेशेवर हानि आपको अविश्वासी महसूस करा सकती हैं। Ank Jyotish आपकी चिंता है कि दूसरे लोग आपसे बातें छुपाते हैं। कड़ी मेहनत से काम करना जारी रखें, जोखिम भरे विकल्पों से बचें, और आपको पुरस्कृत किया जाएगा। Weekly ank jyotish

शुभ अंक-6

शुभ रंग- लाल

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अंक 9

अप्रत्याशित धन का कोई स्त्रोत आपको ऋण के मुद्दों को हल करने में मदद करेगा। Ank Jyotish ऐसे रिश्ते जो आपके समय और पैसों का दुरूपयोग कर रहे हों, उन्हें अलविदा करने का समय आ चुका है। Weekly ank jyotish

शुभ अंक-29

शुभ रंग- गुलाबी

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Rammay: राम मंदिर आंदोलन का वह दिन, जब पूरा देश हुआ था राममय

India was blessed with Rammay: भारत देश में सस्वतंत्रता ऐसे नहीं मिली. (Rammay) सपने, संकल्प संघर्ष और सामूहिक बलिदान…तब जाकर मिली है स्वतंत्रता चाहे स्वतंत्रता भारत की हो या देश की आदर्श मर्यादापुरुषोत्तम श्रीराम की. आज हम आपको राम मंदिर आंदोलन के उस नेता के बारे में बताने जा रहे हैं, जो सड़कों पर उतरा तो मानो देश में राम नाम की एक लहर दौड़ गई.

कराची में किशिन आडवाणी के घर जन्म लेने वाला लाल जब 20 वर्ष का हुआ, तब भारत को अंग्रेजी हुकूमत से आजादी मिली. (Rammay) लेकिन रामलला की स्वतंत्रता के लिए उसे 30 वर्षों का कड़ा संघर्ष और 90 वर्षों का लंबा इंतजार करना पड़ा. भारत की आजादी के जन-नायक अगर गांधी जी थे तो रामलला की आज़ादी के जन-नायक लाल कृष्ण आडवाणी. किसी ने कल्पना नहीं की थी, कि कराची में रहने वाला किशिन का लाल.देश के बंटवारे के बाद भारत आएगा और 60 वर्ष की उम्र में श्रीराम का लाल बन जाएगा.

साल 2020 में राम मंदिर के शिलान्यास के दौरान पूर्व उप-PM एलके आडवाणी ने कहा था, जीवन के कुछ सपने पूरा होने में बहुत समय लेती हैं. (Rammay) लेकिन,जब वो चरितार्थ होते हैं तो लगता है कि प्रतीक्षा सार्थक हुई. ऐसा ही एक सपना जो मेरे हृदय के समीप है, वो पूरा हो रहा है.

जानें क्या बोले थे आडवाणी?

उन्होंने तब आगे कहा था, श्रीराम जन्मभूमि पर श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण भारतीय जनता पार्टी का एक स्वप्न रहा है और मिशन भी…मैं विनम्रता का अनुभव करता हूं कि नियति ने मुझे वर्ष 1990 में राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान सोमनाथ से अयोध्या तक राम रथ यात्रा का दायित्व प्रदान किया था. (Rammay) और इस यात्रा ने असंख्य लोगों की आकांक्षा, ऊर्जा और अभिलाषा को प्रेरित किया. राम मंदिर का निर्माण आज जरूर पूरा हो रहा है।

लेकिन राम मंदिर का इतिहास. इस महारथी के बिना कभी पूरा नहीं हो सकता जिसने एक रथ से भारत की राजनीति का रुख मोड़ दिया. जिसकी 10 हजार किलोमीटर की रथ यात्रा ने करीब 32 लाख वर्गकिलोमीटर में फैले भारत को ये विश्वास दिलाया कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम को उनकी जन्मभूमि भी मिलेगी और उनका भव्य मंदिर भी बनेगा.

जब आडवाणी ने निकाली थी रथ यात्रा

इंटरनेट पर गूगल करेंगे तो साल 1990 में लालकृष्ण आडवाणी की ऐतिहासिक रथ यात्रा की तस्वीरें मिल जाएंगी.  जिसकी शुरुआत 25 सितंबर को गुजरात के सोमनाथ से हुई थी और 30 अक्टूबर 1990 को इस रथ को अयोध्या पहुंचना था. (Rammay) रथ पर आडवाणी के दूत बनकर सवार लोगों में प्रमोद महाजन और नरेंद्र मोदी जैसे नेता भी थे. स्वतंत्र भारत के इतिहास में सड़कों पर ऐसी भीड़ कभी नहीं दिखी थी, जो राम मंदिर निर्माण के लिए निकाली गई इस रथयात्रा में उमड़ रही थी.

India was blessed with Rammay
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राम मंदिर के नारे जन-जन की जुबान से निकलकर गांव-गली-कस्बे-मोहल्लों में गूंज रहे थे. महिलाएं घर से निकलकर रथ की पूजा करती थीं. जल चढ़ाती थीं. (Rammay) रास्ते की जिस मिट्टी को छूकर रथ का पहिया निकलता था, उस मिट्टी को लोग माथे पर लगाते थे. भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस से लेकर राजनीति और समाजशास्त्र के बड़े-बड़े एक्सपर्ट के लिए ये दृश्य.. चमत्कार की तरह थे. खुद आडवाणी भी ये सब देखकर हैरान थे.

रथ यात्रा को लेकर उठे थे कई सवाल

इस रथयात्रा को लेकर कई तरह के सवाल थे. (Rammay) आडवाणी तो एक राजनेता थे और उनका मकसद भाजपा को भारत की सत्ता पर बिठाना था. फिर ऐसा क्या हुआ कि रामलला को उनकी सत्ता, उनका अधिकार दिलाने के लिए रथ लेकर निकल पड़े? और भी सवाल थे…जैसे रथयात्रा का आइडिया किसका था ? रथयात्रा की शुरुआत सोमनाथ से ही क्यों की गई ? क्या सचमुच इस रथयात्रा ने ही राम मंदिर निर्माण की आधारशिला रखी थी ? इन सभी प्रश्नों के उत्तर आडवाणी ने अपनी किताब MY COUNTRY MY LIFE में दिये हैं. लेकिन इसके लिए सबसे पहले आपको भारतीय इतिहास से जुड़े…वर्ष 1989 के पन्ने पलटने होंगे.

1 फरवरी 1989 को प्रयाग में कुंभ मेले के अवसर पर जुटे एक लाख साधु-संतों ने घोषणा कर दी कि 10 नवंबर 1989 को राम मंदिर की आधारशिला रखी जाएगी. (Rammay) देशभर के लाखों गांवों से कारसेवक मंदिर निर्माण के लिए अयोध्या जाएंगे. संतों के इस संकल्प को लेकर हिंदुओं में तो उत्साह था लेकिन किसी राजनीतिक दल का समर्थन उन्हें हासिल नहीं था. यहां तक कि उस समय के प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने भी संतों से दूरी बना ली थी..जिन्होंने वर्ष 1986 में राम मंदिर का ताला खुलवाया था.

आडवाणी ने पकड़ ली थी नब्ज

लालकृष्ण आडवाणी तब भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष थे. (Rammay) उन्होंने भांप लिया कि अगर केंद्र में कमल खिलाना है तो सिर्फ विकास और भारत के नवनिर्माण के सपने दिखाने से काम नहीं बनने वाला. देश की आबादी में 82 प्रतिशत की हिस्सेदारी रखने वाले हिंदू समाज की आस्था को जगाना भी होगा और उनका भरोसा जीतना भी होगा.

बता दें कि 6 अप्रैल 1980 को बीजेपी की स्थापना हुई. साल 1984 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के सिर्फ दो सांसद थे. (Rammay) साल 1986 में लाल कृष्ण आडवाणी बीजेपी के अध्यक्ष बने और 3 साल बाद 1989 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी 85 सीटें जीत गईं.  लोकसभा चुनाव 1989 के नवंबर महीने में हुआ था. उससे ठीक 5 महीने पहले जून 1989 में बीजेपी ने हिमाचल प्रदेश के पालमपुर में एक सम्मेलन किया और राम मंदिर को अपना प्रमुख एजेंडा बनाने का फैसला किया.

खुद तैयार किया था प्रस्ताव

पालमपुर की बैठक में आडवाणी ने खुद यह प्रस्ताव तैयार किया था, जिसमें लिखा था कि भारतीय जनता पार्टी राम जन्मभूमि आंदोलन का समर्थन करेगी. (Rammay) उन्होंने राजीव गांधी की कांग्रेस सरकार से मांग की थी कि जिस तरह नेहरू सरकार के दौरान सोमनाथ मंदिर का पुनरुद्धार हुआ था, उसी तरह का फैसला अयोध्या पर भी हो.

आडवाणी के अयोध्या आंदोलन से जुड़ने का असर ये हुआ कि भारतीय राजनीति में अजेय कही जाने वाली कांग्रेस पार्टी को 1989 के चुनाव प्रचार की शुरुआत अयोध्या से करनी पड़ी और तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने जनता से रामराज्य लाने का वादा किया. (Rammay) लेकिन रामभक्तों को उनके वादे पर यकीन नहीं हुआ.  दूसरी तरफ राजीव गांधी सरकार पर लगे बोफोर्स घोटाले के आरोप से देशभर में कांग्रेस विरोधी माहौल बनने लगा था. नतीजा- कांग्रेस 414 लोकसभा सीटों से घटकर 197 सीटों पर आ गई और बीजेपी 2 सांसदों से सीधे 85 सांसदों की पार्टी बन गई.

85 सीटों से सरकार में जगह तो बनाई जा सकती थी लेकिन सरकार चलाई नहीं जा सकती थी. इसलिए आडवाणी ने साल 1990 में रथ यात्रा शुरू की. ये रथ यात्रा सोमनाथ से अयोध्या तक जानी थी.

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आडवाणी की रथ यात्रा की कहानी

आडवाणी की रथ यात्रा के पीछे की कहानी उतनी ही रोमांचक है, जितनी रथ यात्रा. 2 दिसंबर 1989 को राष्ट्रीय मोर्चा गठबंधन की सरकार बनी. वी पी सिंह प्रधानमंत्री बने. (Rammay) VP सिंह सरकार को भाजपा और वामपंथी दल बाहर से समर्थन दे रहे थे. वहीं, लालू यादव और मुलायम सिंह यादव जैसे उभरते क्षेत्रीय नेता भी वीपी सिंह के साथ थे. यानी उस वक्त देश की राजनीति कांग्रेस बनाम ALL थी. लेकिन कांग्रेस को इस बात का एहसास था कि आने वाले समय में उसके लिए सबसे बड़ी चुनौती भारतीय जनता पार्टी ही होगी. जिसपर राजीव गांधी ने भी सांप्रदायिक तनाव फैलाने के आरोप लगाए थे.

राजीव गांधी के हाथ से सत्ता जा चुकी थी. अब वह विपक्ष में थे और कार सेवकों की उम्मीदें नई सरकार से बंधी थी. संतों ने तय किया कि फरवरी 1990 में कारसेवा की जाएगी. (Rammay) VP सिंह को ये बात पता चली तो उन्होंने संतों को दिल्ली बुलाया और उन्हें आश्वासन दिया कि 4 महीने में अयोध्या विवाद का समाधान हो जाएगा. संतों ने कारसेवा का अपना फैसला वापस ले लिया.  संतों ने मई तक का इंतजार किया…जब सरकार की ओर से कोई सुगबुगाहट नहीं दिखी तो जून में बैठक बुलाकर फिर से कारसेवा शुरू करने की घोषणा की गई….तारीख रखी गई 30 अक्टूबर 1990.

आडवाणी से मिले प्रमोद महाजन

लाल कृष्ण आडवाणी के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी के महासचिव प्रमोद महाजन पहले ऐसे नेता थे जिन्होंने संतों की घोषणा के बाद उठ रही हिंदू जन-भावना को भांप लिया था. (Rammay) 1990 के सितंबर महीने में पहले सप्ताह की बात है. एक दिन शाम के समय प्रमोद महाजन दिल्ली में आडवाणी के घर पहुंचे और उन्हें बताया कि पूरे देश में इस समय कारसेवा की चर्चा चल रही है.

आडवाणी के मन में सोमनाथ से अयोध्या तक की पदयात्रा का प्लान पहले से चल रहा था. वो चाहते थे कि सोमनाथ से पदयात्रा इस तरह निकाली जाए, जो 30 अक्टूबर को अयोध्या में जाकर पूरी हो. (Rammay) इस बातचीत के दौरान उस कमरे में सिर्फ तीन लोग थे. खुद लाल कृष्ण आडवाणी… उनकी पत्नी कमला आडवाणी और प्रमोद महाजन.

अपनी किताब में आडवाणी ने इस बातचीत का विस्तार से जिक्र करते हुए कहा कि वो पदयात्रा के जरिए ज्यादा से ज्यादा लोग, खासकर गांवों में बसने वाली आबादी से मिलना चाहते थे. (Rammay) उन्हें अयोध्या आंदोलन का मतलब समझाना चाहते थे.

प्रमोद महाजन ने दिया था रथ यात्रा का आइडिया

प्रमोद महाजन ने कहा- पदयात्रा में समय बहुत लग जाएगा और इतना लाभ भी नहीं होगा क्योंकि आप सिर्फ गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश और दिल्ली के कुछ हिस्सों के साथ आधे उत्तर प्रदेश तक ही पहुंच पाएंगे. आडवाणी ने पूछा- तो और क्या विकल्प है ? कार में यात्रा करना मुझे जम नहीं रहा. इससे अच्छा तो जीप में यात्रा करें. (Rammay) प्रमोद महाजन बोले – क्यों ना हम रथयात्रा की योजना बनाएं ? आखिर यह यात्रा राम मंदिर के लिए ही तो है. आडवाणी की उत्सुकता बढ़ी…उन्होंने कहा- रथयात्रा का मतलब क्या है ?

प्रमोद महाजन का सुझाव था- एक मिनी बस या मिनी ट्रक लेंगे और उसे रथ की तरह बनाएंगे. आप उसमें बैठकर यात्रा कर सकते हैं. क्योंकि इसका उद्देश्य अयोध्या में राम मंदिर बनाने के लिए जन-समर्थन जुटाना है. इसलिए इसे राम रथ यात्रा का नाम दिया जाएगा. आडवाणी को ये सुझाव पसंद आया . (Rammay) उन्होंने कहा- इसे करो. महाजन ने पूछा- आप यात्रा कब से शुरू करना चाहते हैं?

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आडवाणी का जवाब था – 25 सितंबर, दीनदयाल जयंती के दिन.

रथ का इंतजाम करने से लेकर रूट तय करने की जिम्मेदारी प्रमोद महाजन के कंधों पर थी . उन्होंने एक टोयोटा बस को रथ का आकार दिया. (Rammay) आडवाणी अगर इस रथ यात्रा के महारथी बनने जा रहे थे तो प्रमोद महाजन उनके पहले सारथी.

10 हजार किमी का रूट था सेट

उन्होंने ही रथ यात्रा के लिए 10 हजार किलोमीटर का रूट तय किया. रूट के मुताबिक रथ यात्रा गुजरात से शुरू होकर महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार होते हुए उत्तर प्रदेश में अयोध्या जाकर खत्म होने वाली थी. मीडिया को रथ यात्रा के फैसले की जानकारी 12 सितंबर को दी गई.

25 सितंबर 1990 की सुबह लाल कृष्ण आडवाणी ने सोमनाथ मंदिर में ज्योतिर्लिंग की पूजा अर्चना की. मंदिर में उनके साथ परिवार के सदस्य थे. (Rammay) मौजूदा PM नरेंद्र मोदी, प्रमोद महाजन और गुजरात में बीजेपी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी भी मौजूद थे. रथ यात्रा को हरी झंडी दिखाने के लिए बीजेपी के दो उपाध्यक्ष राजमाता विजयराजे सिंधिया और सिकंदर बख्त भी सोमनाथ आए थे. सोमनाथ से आशीर्वाद लेकर आडवाणी रथ यात्रा पर निकल पड़े. सोमनाथ से यात्रा शुरू करने का मकसद देश तक ये संदेश देना था कि जब मुगल आक्रमणकारियों के बार-बार हमले के बाद भी सोमनाथ लहलहा सकता है तो अयोध्या क्यों नहीं.

सोमनाथ मंदिर पर गजनवी ने किया था हमला

सोमनाथ मंदिर पर 11वीं सदी में अफगानिस्तान से आए गजनवी ने हमला किया था. उसे लूटा था, तहस-नहस कर दिया था और फिर 18वीं सदी में औरंगजेब ने तोड़ा. (Rammay) इसी तरह 16वीं सदी के दौरान बाबर ने अयोध्या में राम मंदिर पर हमला कराया. बाबर के आदेश पर उसके सेनापति मीर बाकी ने राम मंदिर को तोड़कर वहां बाबरी मस्जिद बना दी. आजादी के बाद साधु-संतों की मांग और केंद्र सरकार के सहयोग से वर्ष 1951 में सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण हुआ और तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद के हाथों शिवलिंग की प्राण प्रतिष्ठा हुई. आडवाणी चाहते थे कि इसी तरह केंद्र सरकार अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए सहयोग करे.

जैसे-जैसे रथयात्रा आगे बढ़ रही थी, भीड़ भी बढ़ती जा रही थी. एक दिन में 300 किलोमीटर तक की दूरी तय की जाती थी. हर दिन 20 से 25 सभाएं होती थीं और आडवाणी के भाषण 5-5 मिनट के होते थे. यात्रा रात को चाहे जितनी देर तक चले लेकिन रोज सुबह 10 बजे यात्रा शुरू हो जाती थी. (Rammay) रथ यात्रा के दौरान आडवाणी कई बड़ी सभाओं को भी संबोधित करते थे.इन सभाओं में उन्हें सुनने के लिए हजारों लोग जुटते थे.

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विपक्ष को सताने लगा था रथ यात्रा का डर

जीवन के युवा काल में हॉरर फिल्में देखने के शौकीन रहे आडवाणी की राम रथ यात्रा विपक्ष को अब डराने लगी थी. यहां तक कि बीजेपी के समर्थन से चल रही वीपी सिंह सरकार और उनके सहयोगी दल मंडल के मास्टरस्ट्रोक के बाद भी घबरा गए थे. (Rammay) मंडल यानी पिछड़े वर्ग के लिए 27 प्रतिशत का आरक्षण देने वो फैसला जो रथ यात्रा शुरू होने से ठीक 1 महीना 18 दिन पहले लिया गया था. तारीख थी  7 अगस्त 1990 और 8 दिन बाद विरोध प्रदर्शन के बीच तत्कालीन प्रधानमंत्री वी पी सिंह ने लालकिले के प्राचीर से भी इस फैसले की जानकारी पूरे देश को दी.

90 में नई सोशल इंजीनियरिंग का प्रयोग हो रहा था. पिछड़ों की राजनीति करने वाले आगे बढ़ रहे थे. और मीडिया में आडवाणी की रथ यात्रा को मंडल बनाम कमंडल बनाकर पेश किया जा रहा था. बिहार और उत्तर प्रदेश में राम रथ पहुंचने से पहले धमकियां आने लगी थीं. (Rammay) केंद्र की वीपी सिंह सरकार को समर्थन देने वाले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव और बिहार के मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ऐलान कर चुके थे कि अपने राज्य में रथ घुसने नहीं देंगे.

लालू ने दी थी आडवाणी को चेतावनी

उस वक्त बिहार के CM रहे लालू यादव ने कहा था, (Rammay) मैं इस मंच के माध्यम से फिर से आडवाणी जी से अपील करना चाहता हूं कि अपनी यात्रा को स्थगित कर दें.  स्थगित करके वो दिल्ली वापस चले जाएं. देशहित में अगर इंसान ही नहीं रहेगा तब मंदिर में घंटी कौन बजाएगा. हम अपने राज्य में दंगा-फसाद नहीं फैलने देंगे.

जिसने युवा अवस्था में बंटवारे का दंश झेला हो.जो हिंदू और सिखों के नरसंहार के बीच सिंध से सुरक्षित भारत आया हो. (Rammay) वो इन धमकियों से कहां डरने वाला था. आडवाणी का रथ बढ़ चला. धनबाद होते हुए पटना और उसके बाद राम रथ समस्तीपुर पहुंचा. तारीख थी 23 अक्टूबर 1990. लालू यादव की कोशिश आडवाणी को धनबाद में ही नेशनल सिक्योरिटी एक्ट के तहत गिरफ्तार करने की थी जो अब झारखंड में है.  लेकिन गिरफ्तारी हुई समस्तीपुर में..वो भी रात के 3 बजे .

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जब गिरफ्तार हुए

इस पर लाल कृष्ण आडवाणी कहते हैं, “जब मैंने सोमनाथ से लेकर अयोध्या की यात्रा की थी वो पूरी नहीं हो सकी. मैं अयोध्या जा ही नहीं पाया. रास्ते में मुझे गिरफ्तार कर लिया गया. गिरफ्तार करके जेल में रखा. मेरे साथ पत्रकार बहुत गए थे तब. (Rammay) मैं समस्तीपुर पहुंचा तो वहां से पहले पटना आता है. प्रमोद महाजन सारा इंतजाम देख रहे थे. उन्होंने कहा कि पटना में आडवाणी विश्राम करेंगे. ज्यादातर पत्रकार पटना में रुक गए.

आडवाणी आगे कहते हैं, ‘जब उन्हें अगली सुबह पता चला कि समस्तीपुर में मुझे गिरफ्तार कर लिया और हेलीकॉप्टर से जेल भेज दिया तो उन्होंने कहा कि जो सबसे अहम प्रसंग था वो हमने मिस कर दिया.'(Rammay)

समस्तीपुर में रुकी थी रथ यात्रा

ये वाकई रथ यात्रा का सबसे अहम प्रसंग था क्योंकि इसके बाद देश भर में कार सेवकों ने आंदोलन छेड़ दिया. इसका सबसे बड़ा लाभ दो राजनेताओं को हुआ. (Rammay) एक- लाल कृष्ण आडवाणी और दूसरे- लालू यादव. प्लान के मुताबिक 24 अक्टूबर को देवरिया से उत्तर प्रदेश में रथ यात्रा प्रवेश करने वाली थी.लेकिन रथ तो समस्तीपुर में ही रुक गया और आडवाणी गिरफ्तार कर हेलीकॉप्टर से दुमका भेज दिए गये.

आडवाणी की गिरफ्तारी के पीछे वजह बताई गई कि उनकी रथ यात्रा से सांप्रदायिक तनाव फैल सकता है. बिहार में दंगे हो सकते हैं. बीजेपी विरोधी दल दावा कर रहे थे कि रथ यात्रा की वजह से आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश में कई जगहों पर दंगे हुए जिसमें 600 से ज्यादा लोग मारे गए.

लेकिन आडवाणी अपनी किताब MY COUNTRY MY LIFE में दावा करते हैं कि उनकी रथ यात्रा जिन जगहों से होकर गुजरी..वहां दंगे की एक भी घटना नहीं हुई.

पूरी रथ यात्रा के दौरान आडवाणी के तेवर आक्रामक थे लेकिन भाषा मर्यादित. आवाज़ बुलंद थी और नीयत साफ. लक्ष्य यही था- राम मंदिर निर्माण कराना है और वो भी राम जन्मभूमि पर…और इससे अगर दल को लाभ होता है तो इसे कबूल करने में कोई हर्ज नहीं है.

मत आने दो हीन भावना: आडवाणी

आडवाणी बताते हैं, जो लोग कहते हैं ना कि ये तो अयोध्या, मंदिर और राम मंदिर के आधार पर ही बीजेपी ने या जनसंघ ने ये स्थान प्राप्त किया है. (Rammay) मैं उनको ये कहता हूं कि हां बराबर है.  हम इस पर गर्व करते हैं कि हमारा आंदोलन केवल राजनीतिक आंदोलन नहीं है वो एक सांस्कृतिक आंदोलन है. लेकिन इस सांस्कृतिक आंदोलन का जब प्रतिरूप मुझे डॉ लोहिया जैसे समाजवादी व्यक्ति और नेता से मिलता है तो उनकी प्रशंसा किये बगैर मैं नहीं रह पाता. मैं मानता हूं. सही बात आप करो तो दुनिया उसे स्वीकार करेगी. संकोच मत करो. हीन भावना कभी मत आने दो. अयोध्या की बात पर विश्वास करते हैं. आंदोलन करते हैं तो उसपर एपोलॉजिटिक नहीं होना चाहिए. गर्व करना चाहिए.

भारतीय जनता पार्टी को आडवाणी की रथ यात्रा पर गर्व था..इसलिए उनकी गिरफ्तारी बर्दाश्त नहीं थी. (Rammay) जिस दिन आडवाणी की गिरफ्तारी हुई उसी दिन अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में बीजेपी ने वी पी सिंह सरकार से समर्थन वापस ले लिया.

India was blessed with Rammay
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और फिर गिर गई VP सिंह की सरकार

7 नवंबर को बहुमत साबित ना कर पाने की वजह से VP सिंह की सरकार गिर गई. (Rammay) लेकिन उससे 5 दिन पहले अयोध्या में ऐसी घटना हुई जिसने ब्रिटिश हुकूमत के दौरान जनरल डायर की बर्बरता याद दिला दी. दरअसल मुलायम सिंह यादव ने चेतावनी दी थी कि 30 अक्टूबर को अयोध्या में कार सेवा किसी भी कीमत पर नहीं करने दी जाएगी.

लेकिन विश्व हिंदू परिषद के तत्कालीन महासचिव अशोक सिंघल 28 अक्टूबर को ही अयोध्या पहुंच गए और 30 अक्टूबर को अयोध्या में सैकड़ों कार सेवकों की मौजूदगी ने मुलायम को पराजित जैसा महसूस कराया. (Rammay) 48 घंटे बाद ही, 2 नवंबर 1990 को अयोध्या में राम जन्मभूमि की तरफ बढ़ रहे कारसेवकों पर पुलिस ने अंधाधुंध गोलियां चला दीं. आडवाणी का दावा है कि उस गोलीबारी में लगभग 50 कारसेवक मारे गए.

मुलायम सिंह ने चलवाईं कारसेवकों पर गोलियां

अयोध्या के हनुमानगढ़ी के सामने ही 2 नवंबर 1990 को कार सेवकों पर गोलियां चलाई गई थीं. तब मुलायम सिंह यादव उत्तर प्रदेश के CM थे. कहा जाता है कि मुलायम ने पुलिस को कार सेवकों पर गोली चलाने के आदेश दिये थे. इसी गोलीबारी में कोलकाता से आए कारसेवक कोठारी बंधुओं की मौत हो गई थी.

इस वारदात ने कारसेवकों के अंदर धधक रही ज्वाला को हवा दे दी. इस बीच 10 नवंबर को केंद्र में वी पी सिंह की जगह चंद्रशेखर प्रधानमंत्री बने. (Rammay) उन्हें कांग्रेस ने बाहर से समर्थन दिया था और 19 नवंबर 1990 को लाल कृष्ण आडवाणी अयोध्या पहुंच गए. राम मंदिर आंदोलन अब पूरी तरह से बीजेपी के लिए करो या मरो का मुद्दा बन चुका था.

1991 में मिली BJP को जीत

क्योंकि आडवाणी की अगुवाई में राम रथ पर चढ़कर भारतीय जनता पार्टी की सफलता का ग्राफ बढ़ता जा रहा था. साल 1991 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की जीत हुई. (Rammay) मुलायम सिंह यादव की जगह बीजेपी नेता कल्याण सिंह मुख्यमंत्री बने और उसी साल हुए लोकसभा चुनाव में पहली बार बीजेपी के 100 से ज्यादा सांसद चुनकर आए. हालांकि सरकार कांग्रेस की बनी क्योंकि उसके पास सबसे ज्यादा 232 सीटें थीं और बीजेपी के पास 119.

राम मंदिर का मुद्दा बातचीत के जरिए सुलझाने के लिए विश्व हिंदू परिषद और बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी के बीच पहली बैठक कराने वाले चंद्रशेखर सत्ता से बाहर हो चुके थे. उनकी जगह पीवी नरसिम्हा राव नए प्रधानमंत्री थे. (Rammay) आडवाणी विपक्ष में थे और राम मंदिर को लेकर आक्रामक थे. नरसिम्हा राव की सरकार से बीजेपी और वीएचपी को कोई उम्मीद नहीं थी. आंदोलनकारी कारसेवा के लिए सर्वोच्च अदालत का दरवाजा खटखटा रहे थे. उत्तर प्रदेश में कल्याण सिंह की सरकार सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर शांतिपूर्ण कार सेवा की अनुमति मांग रही थी.

देश में आग की तरह फैला आडवाणी-अटल का भाषण

28 नवंबर 1992 को सुप्रीम कोर्ट ने सांकेतिक कार सेवा की अनुमति दे दी. उसके बाद विश्व हिंदू परिषद से लेकर भारतीय जनता पार्टी तक कार सेवा में कूद गई. (Rammay) उस समय लाल कृष्ण आडवाणी की जगह डॉक्टर मुरली मनोहर जोशी बीजेपी के अध्यक्ष थे. लेकिन राम मंदिर आंदोलन का सबसे मजबूत राजनीतिक चेहरा अभी भी आडवाणी ही थे. अयोध्या जाने से पहले अटल-आडवाणी और जोशी लखनऊ की जनसभा को संबोधित करने वाले थे. ये बात 5 दिसंबर 1992 की है. उस दिन मंच से अटल बिहारी वाजपेयी का दिया भाषण बिना सोशल मीडिया के देश भर में वायरल हो गया.

पूर्व PM अटल बिहारी वाजपेयी ने एक भाषण में कहा था, ‘सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा है कि आप भजन कर सकते हैं. कीर्तन कर सकते हैं. (Rammay) अब भजन एक व्यक्ति नहीं करता. भजन होता है तो सामूहिक होता है और कीर्तन के लिए और भी लोगों की जरूरत होती है. खड़े-खड़े तो हो नहीं सकता. कब तक खड़े रहेंगे. यहां नुकीले पत्थर निकले हैं उसपर तो कोई बहस नहीं करता. तो जमीन को समतल करना पड़ेगा, बैठने लायक करना पड़ेगा. यज्ञ का आयोजन होगा तो कुछ निर्माण भी होगा. लाल कृष्ण आडवाणी ने इसी मंच से दिल्ली सरकार को राम रथ यात्रा की याद दिलाई . उस रात, आडवाणी के भाषण पर भी वाजपेयी की तरह जनता तालियां बजा रही थीं.’

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6 दिसंबर 1992 को उग्र हो गई कारसेवा

आगामी दिन, यानी 6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में शांतिपूर्ण कारसेवा अचानक उग्र हो चली थी. सुप्रीम कोर्ट से उत्तर प्रदेश की कल्याण सिंह सरकार का किया हुआ वादा टूट चुका था. कारसेवक विवादित ढांचे के गुंबद को तोड़ रहे थे. (Rammay) ना पुलिस प्रशासन कुछ कर पा रहा था और ना ही वहां मौजूद वीएचपी और बीजेपी के बड़े बड़े नेता. कांग्रेस, लेफ्ट और दूसरे क्षेत्रीय दल बाबरी विध्वंस को सोची-समझी साजिश बता रहे थे और इसके लिए आडवाणी समेत भाजपा और विश्व हिंदू परिषद को जिम्मेदार बता रही थी . जबकि आडवाणी सफाई दे रहे थे कि उन्होंने कारसेवकों को रोकने की कोशिश की…ना कि भड़काने की .

आडवाणी ने कहा था, “मैंने कोशिश की…हमने अपील की मैंने की… आरएसएस की तरफ से हुई…वीएचपी की तरफ से हर भाषा में अनाउंस किया गया कार सेवकों से….लेकिन कोई रेस्पॉन्स नहीं हुआ . जब वो ऊपर चढ़ गए . (Rammay) हमने वहां मौजूद पुलिस ऑफिसरों से कहा कि मुझे वहां जाने दीजिए मैं उनलोगों को रोकूंगा . तो पुलिसवालों ने कहा नहीं हम आपको वहां नहीं जाने दे सकते.”

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कल्याण सिंह ने दिया पद से इस्तीफा

6 दिसंबर को ही कल्याण सिंह ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया. अगले दिन चुनी हुई सरकार को बर्खास्त कर उत्तर प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया. (Rammay) 8 दिसंबर को लाल कृष्ण आडवाणी गिरफ्तार कर लिये गए. अपने राजनीतिक करियर में आडवाणी कुल 4 बार गिरफ्तार हुए.

इनमें से दो बार उनकी गिरफ्तारी की वजह राम मंदिर आंदोलन था. आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, कल्याण सिंह और उमा भारती समेत बीजेपी के कई बड़े नेताओं को विवादित ढांचे के मामले में आरोपी बनाया गया. CBI जांच बैठी. 28 साल बाद वर्ष 2020 में सीबीआई की विशेष अदालत ने आडवाणी समेत 32 आरोपियों को बरी कर दिया. मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचा.9 नवंबर 2022 को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी बरी कर दिया.

30 साल में BJP का तेजी से बढ़ा ग्राफ

वर्ष 1992 से 2022 तक ये 30 वर्ष राम रथ पर सवार भारतीय जनता पार्टी के लिए राजनीतिक तौर पर स्वर्णिम काल रहे. (Rammay) क्योंकि विवादित ढांचे गिराये जाने के 3 साल 6 महीने बाद वर्ष 1996 में पहली बार भारतीय जनता पार्टी ने अन्य सहयोगी दलों की मदद से दिल्ली में सरकार बनाई. अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री बने.

संयोग देखिए इस बार भी पार्टी का नेतृत्व लाल कृष्ण आडवाणी के हाथ में ही था. वाजपेयी सरकार दूसरे दलों के सहयोग से सिर्फ 13 दिन चली. 1998 में फिर आम चुनाव हुए. वाजपेयी और आडवाणी की जोड़ी ने सीटों के लिहाज से बीजेपी को सबसे बड़ी पार्टी बना दिया. बीजेपी के पास 182 सीटें थीं. कांग्रेस के पास सिर्फ 141. लेकिन सरकार बनाने के लिए बीजेपी को बहुमत चाहिए था और बहुमत के लिए दूसरे दलों का साथ. यहीं NDA का जन्म हुआ. बीजेपी की अगुवाई वाला नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस. वाजपेयी के नेतृत्व में NDA की सरकार बनी. लेकिन NDA के कई घटक दलों के दबाव में बीजेपी को राम मंदिर का मुद्दा पीछे छोड़ना पड़ा.

अटल सरकार में नहीं हो पाया समाधान

साल 1999 में फिर लोकसभा चुनाव हुए और वाजपेयी की अगुवाई वाली NDA सरकार पहले से अधिक मजबूती के साथ बनी, जो पूरे 5 साल तक चली. इस दौरान कई बार हिंदू और मुस्लिम पक्ष के बीच बातचीत के जरिए अयोध्या मामले का हल निकालने की कोशिश हुई.लेकिन ये कोशिश कामयाब नहीं हुई . आडवाणी ने अपनी किताब में लिखा है कि अगर बीजेपी के पास संसद में बहुमत होता तो राम मंदिर के मुद्दे का समाधान हो जाता या 2004 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी की जीत होती तब भी अयोध्या का हल निकल जाता.

PM मोदी राज में बन रहा राम मंदिर

2004 की हार के साथ ही भारतीय राजनीति में अटल-आडवाणी का युग लगभग खत्म हो चुका था. (Rammay) लेकिन 10 वर्ष बाद आडवाणी के शिष्य और 1990 की राम रथ यात्रा के सारथी रहे नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी ने दमदार वापसी की. पहली बार देश में बहुमत के साथ बीजेपी की सरकार बनी. नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने. 9 नवंबर 2019 को जब सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर के पक्ष में फैसला सुनाया तब देश में मोदी सरकार थी और उत्तर प्रदेश में बीजेपी की योगी सरकार. आज जब भव्य राम मंदिर का निर्माण हो रहा है तब भी देश में मोदी सरकार है और उत्तर प्रदेश में योगी सरकार. दिल्ली से उत्तर प्रदेश तक कमल खिल रहा है . और अयोध्या में रामध्वज लहरा रहा है.

भव्य मंदिर में विराजमान

समय के साथ सपने भी बदलते हैं. लाल कृष्ण आडवाणी जब युवा थे तो सपना था कि भारत आज़ाद हो. भारत की आजादी की लड़ाई लड़ी और ये सपना 20 साल की उम्र में पूरा हो गया. जब 62 साल के हुए तो उन्होंने संकल्प लिया कि रामलला को आजाद कराना है. (Rammay) लेकिन उनका ये सपना जब पूरा हुआ तो उनकी उम्र 92 साल हो गई और आज जब राम मंदिर बनकर तैयार है. तो वो 96 वर्ष के हैं. वो खुश हैं कि जिस रामलला के लिए उन्होंने रथयात्रा निकाली. 2-2 बार जेल गए. वो रामलला आज अपनी जन्मभूमि पर बने भव्य मंदिर में विराजमान हो रहे हैं.

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छत्तीसगढ़ में गजब की शराब तस्करी, पानी पाउच में भरकर बनाता था पौवा

छत्तीसगढ़ में गजब की शराब तस्करी: जांजगीर-चांपा। शनिवार को अवैध शराब निर्माण और भंडारण के खिलाफ आबकारी विभाग की ताबड़तोड़ कार्रवाई की है। दो ठिकानों से 200 लीटर से भी अधिक शराब जब्त की है। आबकारी ने महिल सहित दो आरोपियों को जेल दाखिल किया है। जिले में अवैध शराब का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। पुलिस व आबकारी की लाख कड़ाई के बाद भी महुआ शराब विक्रेता अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं।

छत्तीसगढ़ में गजब की शराब तस्करी
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Weekly ank jyotish: 15 _21 Jan: इस तारीख में जन्में जातक के लिए आर्थिक और परिवारिक जीवन होगा सुखमय

ताबड़तोड़ कार्रवाई

हद तो तब हो जा रही है जब जिले में महुआ शराब बनाने की फैक्ट्री भी संचालित हो रही है। यहां पानी पाडच में शराब भरकर बेच रहे थे। वर्दी का इन्हें तनिक भी डर नहीं है। वहीं इसका दूसरा कारण ऐसे लोगों पर कड़ी सजा का प्रावधान नहीं है। यदि ऐसे लोगों को कड़ी सजा होती तो इन पर कुछ अंकुश लग सकता था। रविवार को कलेक्टर आकाश छिकारा के निर्देशानुसार व सहायक आयुक्त आबकारी प्रवीण वर्मा के विशेष मार्गदर्शन में जिला-जांजगीर में आबकारी विभाग द्वारा अवैध शराब निर्माण एवं भंडारण पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की है।

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Weekly ank jyotish: 15 _21 Jan: इस तारीख में जन्में जातक के लिए आर्थिक और परिवारिक जीवन होगा सुखमय

Weekly ank jyotish: 15 _21 Jan: अंकों का शुभ प्रभाव पड़ने वाला है। वहीं मूलांक 5, मूलांक 6 और मूलांक 8 वालों को जनवरी के इस Week में उतार चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है। Weekly ank jyotish आइए जानते हैं जन्मतारीख के आधार पर 1 से 9 तक सभी मूलांकों के लिए कैसा रहेगा, जनवरी का यह सप्ताह।

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मूलांक 1

जनवरी 2024 के इस Week मूलांक 1 वालों के कार्यक्षेत्र में अच्छी उन्नति होगी और आपको परिजनों की मदद मिलेगी, जिस वजह से प्रोजेक्ट समय पर पूरे होते जाएंगे। (ank jyotish) आर्थिक मामलों के लिए यह सप्ताह शुभ सप्ताह रहने वाला है और धन लाभ के प्रबल संयोग आपके लिए बन रहे हैं। लव लाइफ में आपसी प्रेम में वृद्धि होगी और लव लाइफ रोमांटिक रहेंगी। सप्ताह के अंत में साझेदारी में किए गए कार्य आपके लिए सुकून लेकर आएंगे।

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मूलांक 2

जनवरी 2024 के इस Week मूलांक 2 वालों के कार्यक्षेत्र में उन्नति के शुभ योग बन रहे हैं और आप जितना अधिक फोकस के साथ काम करेंगे, उतना अधिक सफलता जीवन में प्राप्त करेंगे। (ank jyotish) आर्थिक मामलों में धन लाभ धीरे धीरे होगा और आपको कर्जों से मुक्ति भी मिलेगी। वैवाहिक जीवन में जीवनसाथी से बातचीत द्वारा मामलों को सुलझाएंगे तो बेहतर परिणाम सामने आ सकते हैं। सप्ताह के अंत में किसी महिला की मदद से जीवन में सुख शांति प्राप्त होगी।

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मूलांक 3

जनवरी 2024 के इस Week मूलांक 3 वालों क आर्थिक स्थिति में सुधार रहेगा और किसी पुराने निवेश से अच्छा रिटर्न भी मिलेगा। पारिवारिक जीवन में सुख शांति बनी रहेगी और परिवार के सदस्यों का पूरा साथ मिलेगा। जीवनसाथी के साथ संबंध अच्छे रहेंगे और उनकी सलाह काम आएगी। कार्यक्षेत्र में किसी भी स्थिति को संयम के साथ सुलझाएंगे तो बेहतर होगा। दोस्तों के साथ अगर विवाद चल रहा है तो बातचीत द्वारा मामलों को सुलझाने के लिए अच्छा सप्ताह है।

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मूलांक 4

जनवरी 2024 मूलांक 4 वालों के कार्यक्षेत्र के लिए जनवरी का यह Week शुभ सप्ताह है और आपके अधूरे प्रोजेक्ट समय पर पूर्ण भी होते नजर आएंगे। इस सप्ताह शुरू किया गया कोई भी नया काम आपके लिए भविष्य में लंबे अरसे तक फायदे लेकर आ सकता है। आर्थिक मामलों में धीरे धीरे सुधार आता जाएगा। लव लाइफ वालों के लिए यह सप्ताह अच्छा रहेगा, लव पार्टनर की मुलाकात घरवालों से करवा सकते हैं। सप्ताह के अंत में सुख समृद्धि के शुभ संयोग बनते जाएंगे।

यहां पढ़ें: Weekly Horoscope (15-21 Jan): इस सप्ताह में इन राशियों को मिलेगा भाग्य का साथ

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मूलांक 5

जनवरी 2024 के इस Week मूलांक 5 वाले परिजनों के साथ कहीं बाहर घूमने जा सकते हैं और परिवार में किसी सदस्य के विवाह की बात भी फाइनल हो सकती है। आर्थिक दृष्टिकोण से यह सप्ताह अनुकूल रहेगा और धन लाभ के प्रबल चांसेज बन रहे हैं। कार्यक्षेत्र में अधिकारियों या सहकर्मियों की वजह से बेचैनी महसूस हो सकती है और किसी भी काम में मन कम लगेगा। सप्ताह के अंत में एक बैलेंस बनाकर अपने जीवन में आगे बढ़ना आपके हित में फैसला लेकर आएगा।

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मूलांक 6

जनवरी 2024 के इस Week में मूलांक 6 वालों के लिए खट्टे मीठे अनुभव रहेंगे। (ank jyotish) कार्यक्षेत्र में किसी बात को लेकर मन परेशान रहेगा और वहीं पर कोई नया प्रोजेक्ट आपके लिए शुभ समाचार भी लेकर आएगा। आर्थिक मामलों में शुभ संयोग बन रहे हैं और निवेशों द्वारा शुभ समाचार प्राप्त होगा। पिता की मदद से आपके कई कार्य पूरे होंगे और परिवार के किसी सदस्य से इस सप्ताह शुभ समाचार भी मिल सकता है। सप्ताह के अंत में आप अपने सुंदर भविष्य के लिए कुछ ठोस निर्णय ले सकते हैं।

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मूलांक 7

जनवरी 2024 मूलांक 7 वालों के लिए आर्थिक मामलों में जनवरी का यह Week शुभ सप्ताह रहेगा और धन लाभ के प्रबल संयोग भी बना रहे हैं। (ank jyotish) लव लाइफ में आपके पार्टनर इस सप्ताह काफी अटेंशन चाहेंगे और प्रतिकूल स्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। कार्यक्षेत्र में अपने प्रोजेक्ट की सफलता चाहते हैं तो आपको बातचीत द्वारा मामलों को सुलझाने की कोशिश करनी चाहिए। सप्ताह के अंत में जीवन में काफी शुभ बदलाव नजर आएंगे।

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मूलांक 8

जनवरी 2024 मूलांक 8 वाले छात्रों को जनवरी के इस Week शुभ परिणाम प्राप्त करेंगे और उच्च शिक्षा के लिए विदेश भी जा सकते हैं। (ank jyotish) वैवाहिक जीवन की बात करें तो जीवनसाथी के साथ अगर कोई विवाद चल रहा है तो इस सप्ताह खत्म हो जाएगा और बच्चों के लिए निर्णय भी ले सकते हैं। अपने खर्चों पर नियंत्रण रखें अन्यथा आपका मासिक बजट बिगड़ सकता है। कार्यक्षेत्र में सुख समृद्धि के शुभ संयोग सप्ताह के अंत तक आते आते बन जाएंगे। सप्ताह के अंत में शुभ समाचार मिल सकता है।

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मूलांक 9

जनवरी 2024 के इस Week मूलांक 9 वालों की आर्थिक स्थिति में काफी बदलाव रहेंगे और आपके द्वार किए गए निवेशों द्वारा आपको धीरे धीरे शुभ परिणाम मिलते जाएंगे। लव लाइफ में एक नई सोच या फिर एक नई शुरुआत आपके जीवन में खुशियां लेकर आ सकती हैं। पारिवारिक और वैवाहिक जीवन में यह सप्ताह सामान्य रहेगा और सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे छात्रों को कड़ी मेहनत की आवश्यकता है। कार्यक्षेत्र में अचानक से कोई कष्ट बढ़ सकता है और प्रोजेक्ट में अवरोध उत्पन्न हो सकते हैं। सप्ताह के अंत में धार्मिक कार्यों में मन लगेगा, जिससे आपको मानसिक शांति भी मिलेगी।

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Weekly Horoscope (15-21 Jan): इस सप्ताह में इन राशियों को मिलेगा भाग्य का साथ

Weekly Horoscope (15-21 Jan): नई सप्ताह आपके लिए कैसा रहने वाला है। जानें आपके लिए  कारोबार, करियर, और लव लाइफ कैसी रहेगी, जानें मेष से कन्या राशि तक 12 राशियों का साप्ताहिक राशिफल (Weekly Horoscope)

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मेष

इस राशि के लोगों के लिए यह सप्ताह शानदार रहने वाला है। इस Week आप अपनी उर्जा, कार्यक्षमता का पूरी तरह से सदुपयोग कर पाएंगे। नतीजतन आपके सोचे हुए काम समय पर पूरे होंगे। इस Week छात्रों का मन अध्ययन और लेखन आदि के प्रति बढ़ेगा। लेखक, शोध कार्य करने वालों तथा मीडियाकर्मियों के लिए समय अत्यंत ही शुभ रहने वाला है। सप्ताह के पूर्वार्ध में आपका मन धर्म-अध्यात्म के प्रति भी लगेगा।

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वृष

इस राशि के जातकों के लिए यह Week शुभता लिए हुए है। इस Week आपके सोचे हुए कार्य समय पर और मनमुताबिक तरीके से पूरे होते हुए नजर आएंगे। आपको जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में अपने इष्टमित्रों और परिजनों आदि का पूरा सहयोग मिलेगा। कार्यक्षेत्र में अनुकूलता बनी रहेगी। करियर-कारोबार के क्षेत्र में आपको इस सप्ताह अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल हो सकती है। इस सप्ताह आपको भाग्य का पूरा सहयोग मिलेगा। यदि आप व्यवसाय से जुड़े हैं तो आपको मनचाहा लाभ कमाने के कई अवसर प्राप्त होंगे।

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मिथुन

इस राशि के जातकों के लिए यह सप्ताह थोड़ा आपाधापी वाला रह सकता है। इस सप्ताह आपको छोटे-छोटे कार्यों को पूरा करने के लिए अधिक परिश्रम और प्रयास करना पड़ सकता है। सप्ताह की शुरुआत में आपको अपने कार्य को बेहद सावधानी और सूझबूझ के साथ करने की जरूरत रहेगी। इस दौरान अपना कार्य किसी दूसरे के भरोसे छोड़ने की भूल बिल्कुल न करें। साथ ही साथ अपनी सेहत का भी पूरा ख्याल रखें।

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कर्क

इस राशि के जातकों के लिए यह सप्ताह मिलाजुला साबित होगा। ऐसे में इस राशि के जातकों को किसी भी कार्य को खूब समझदारी के साथ करने की आवश्यकता रहेगी। इस सप्ताह आपको अभिमान और अपमान दोनों से बचने की आवश्यकता रहेगी। यदि आप नौकरीपेशा व्यक्ति हैं तो कार्यक्षेत्र किसी से बेवजह उलझने से बचें और अपने सीनियर और जूनियर दोनों को मिलाकर चलें। इस सप्ताह आपको उन लोगों से विशेष रूप से सावधान रहने की आवश्यकता है जो आपसे ईष्या रखते हैं और आपका काम हर समय बिगाड़ने के लिए षडयंत्र रचते रहते हैं।

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सिंह

इस राशि के जातकों के लिए यह Week शुभ साबित होगा। इस सप्ताह आपको करियर-कारोबार की दिशा में अच्छे अवसर प्राप्त होंगे। ऐसे में यदि आप चाहें तो अपनी कड़ी मेहनत और प्रयास से मनचाही सफलता प्राप्त कर सकते हैं। यदि आप अपने कार्य को बगैर किसी आलस्य के समय पर बेहतर तरीके से करने का प्रयास करें तो आपको मान-सम्मान के साथ धन एवं पद में बढ़ोत्तरी का लाभ भी प्राप्त होगा। सेहत और संबंध की दृष्टि से यह पूरा सप्ताह आपके लिए अनुकूल रहने वाला है। पूरे सप्ताह आपका स्वास्थ्य बेहतर रहेगा।

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कन्या

इस राशि के लोगों के लिए यह Week मिलाजुला रहने वाला है। इस सप्ताह आपको अपने कार्यों में कुछेक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। सप्ताह के पूर्वार्ध में करियर-कारोबार से जुड़ी कुछेक चुनौतियां आपकी परेशानी का बड़ा सबब बन सकती हैं। इस दौरान अवसर आपके हाथों से फिसलते हुए महसूस होंगें। अनचाही जगह पर तबादले अथवा जिम्मेदारी का बोझ आपकी चिंता का बड़ा कारण बनेगा। यदि आप व्यवसाय से जुड़े हैं तो आपको इस दौरान कुछ कुछ भी नया शुरू करने से पहले खूब सोच-विचार कर लेना चाहिए।

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तुला

इस राशि के लोगों के लिए यह Week शुभता लिए है, लेकिन इसे सफलता और लाभ में परिवर्तित करने के लिए उन्हें आलस्य छोड़कर अथक परिश्रम और प्रयास करना होगा। यदि आप अपने समय का सदुपयोग करते हैं तो आपको अपेक्षा से कहीं ज्यादा लाभ की प्राप्ति हो सकती है। यदि आप बीते कुछ समय से किसी नई चीज शुरूआत करना चाहते हैं या फिर कुछ योजनाएं आपके दिमाग में हैं और आप इसके लिए पर्याप्त धन व्यवस्था नहीं कर पा रहे हैं, तो यह अवधि उसका इंतजाम भी हो जाएगा।

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वृश्चिक

इस राशि के लोगों के लिए यह Week जीवन में नई संभावनाओं के द्वार खोलने वाला साबित होगा। सप्ताह की शुरुआत किसी शुभ समाचार की प्राप्ति से संभव है। इस दौरान आपके घर में धार्मिक-मांगलिक कार्य संपन्न होंगे। व्यक्ति विशेष के घर आगमन से खुशियों का माहौल बना रहेगा। इस सप्ताह आपको अपनी अपेक्षा के अनुसार कार्य में सफलता मिल सकती है। भूमि-भवन से जुड़े विवाद किसी दूर होंगे। पैतृक संपत्ति की प्राप्ति होगी।

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धनु

इस राशि के जातकों के लिए यह Week अत्यधिक शुभ रहने वाला है। इस सप्ताह करियर-कारोबार के सिलसिले में की गई यात्राएं आपके पद-प्रतिष्ठा को बढ़ाने वाली साबित होंगी। यदि आप लंबे समय से अपने कारोबार का विस्तार करने की सोच रहे थे तो इस सप्ताह आपकी यह कामना साकार हो सकती है। हालांकि ऐसा करते समय आपको किसी अनुभवी व्यक्ति से मार्गदर्शन लेना बेहतर होगा। सप्ताह के पूवार्ध में आपका अधिकांश समय धार्मिक कार्यों में बीतेगा।

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मकर

इस राशि के जातकों के लिए यह Week मिलाजुला साबित होगा। इस सप्ताह आपके मन में किसी कार्य विशेष में नुकसान को लेकर लेकर एक भय बना रहेगा। जिससे दूर करने में आपके मित्रगण काफी मददगार साबित होंगे। इस सप्ताह आपको अपने आराध्य और अपनी कार्यक्षमता पर पूरा भरोसा करते हुए अपने काम को समय पर बेहतर तरीके से पूरा करने का प्रयास करना चाहिए। ऐसा करने पर आपकी चीजें पटरी पर आती हुई नजर आएंगी। रिश्ते-नाते के लिए भी आपको सकारात्मक रहते हुए लोगों के साथ बेहतर तालमेल बनाने का प्रयास करना चाहिए।

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कुंभ

इस राशि के जातकों के लिए बीते Week के मुकाबले यह हफ्ता थोड़ा बेहतर रहने वाला है। इस सप्ताह आपके सोचे हुए काम समय पर पूरे होते हुए नजर आएंगे। कार्यक्षेत्र में अनुकूलता बनी रहेगी। सीनियर और जूनियर आप पर पूरी तरह से मेहरबान रहेंगे, जिनकी मदद से आप अपने टारगेट को समय से पूर्व करने में कामयाब होंगे। कार्यक्षेत्र में आपके कामकाज की प्रशंसा होगी। घर-परिवार में भी परिजनों के साथ प्रेम और सामंजस्य बना रहेगा। इस सप्ताह आपको अपने पिता से विशेष लाभ एवं सहयोग की प्राप्ति होगी। छात्रों की पढ़ने-लिखने में रूचि बढ़ेगी।

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मीन

इस राशि के जातकों के लिए यह Week गुडलक लिए हुए है। इस सप्ताह की शुरुआत में आपकी कोई बड़ी मनोकामना पूरी होगी। जिससे घर में खुशियों का माहौल बना रहेगा। सप्ताह की शुरुआत में आप अपने सुख-सुविधा से जुड़ी चीजों अथवा वस्त्र, आभूषण आदि पर बड़ी धनराशि खर्च कर सकते हैं। इस दौरान आपको अपने प्रियजनों से मिलने का मौका मिलेगा। घर में धार्मिक-मांगलिक कार्य संपन्न होंगे। नौकरीपेशा लोगों को कार्यक्षेत्र में अनुकूलता बनी रहेगी। व्यवसाय में लाभ और विस्तार होगा। कार्यक्षेत्र अथवा व्यापार में आप अपने कौशल और प्रतिभा से सभी को प्रभावित करने में सक्षम होंगें।

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Virat Kohli: आज T20 में 35 रन बनाते ही इतिहास बन लेंगे विराट

IND vs AFG 2nd T20: इंडियन क्रिकेट टीम के धाकड़ बल्लेबाज विराट कोहली आज 14 जनवरी अफगानिस्तान के खिलाफ इंदौर में होने वाले दूसरे T20 इंटरनेशनल मैच में संभवत: करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि हासिल कर लेंगे. इंदौर टी20 में 35 रन बनाते ही विराट कोहली इतिहास रच देंगे. बता दें कि इंदौर के होल्कर स्टेडियम में आज शाम 7 बजे से भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज का दूसरा मुकबला खेला जाएगा.

35 रन बनाते ही इतिहास रच देंगे विराट कोहली

अफगानिस्तान के खिलाफ इंदौर में होने वाले दूसरे T20 इंटरनेशनल मैच में 35 रन बनाते ही विराट कोहली बेहद खास रिकॉर्ड अपने नाम कर लेंगे. विराट कोहली ऐसा करते ही ओवरऑल टी20 क्रिकेट में 12,000 रन पूरे करने वाले इंडिया के पहले और विश्व के चौथे बल्लेबाज बन जाएंगे. बता दें कि भारत का कोई भी बल्लेबाज आज तक ये महारिकॉर्ड नहीं बना पाया है. अगर विराट कोहली ऐसा करते हैं, तो वह भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर लेंगे.

Virat Kohli
Virat Kohli

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विराट कोहली ने अभी तक 11,965 रन बनाए

विराट कोहली ने अभी तक 374 टी20 मैचों में 41.40 की औसत से 11965 रन बनाए हैं. 35 रन बनाते ही विराट कोहली टी20 क्रिकेट में 12000 या उससे ज्यादा रन बनाने वाले भारत के पहले और दुनिया के चौथे बल्लेबाज बन जाएंगे. बता दें कि ओवरऑल टी20 क्रिकेट में अभी तक क्रिस गेल, शोएब मलिक और कीरोन पोलार्ड ने ही 12000 या उससे ज्यादा रन बनाने का कमाल किया है.

T20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन

  1. क्रिस गेल (वेस्टइंडीज) – 463 मैचों में 14562 रन
  2. शोएब मलिक (पाकिस्तान) – 525 मैचों में 12993 रन
  3. कीरोन पोलार्ड (वेस्टइंडीज) – 639 मैचों में 12430 रन
  4. विराट कोहली (भारत) – 374 मैचों में 11965 रन
  5. एलेक्स हेल्स (इंग्लैंड) – 426 मैचों में 11764 रन

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Makar Sankranti 2024: 14 या 15 जनवरी, जानें कब मनेगी मकर संक्रांति?

Makar Sankranti 2024: मकर संक्रांति हिन्दुओं का प्रमुख पर्व होता है. पौष मास में जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है, तब ये पर्व मनाया जाता है. इस साल मकर संक्रांति 15 जनवरी को मनाया जाएगा. मकर संक्रांति से ही ऋतु परिवर्तन भी होने लगता है. (Makar Sankranti) इस दिन स्नान और दान-पुण्य जैसे कार्यों का विशेष महत्व माना जाता है. मकर संक्रांति के दिन खिचड़ी बनाने और खाने का खास महत्व होता है. इसी कारण इस पर्व को कई जगहों पर खिचड़ी का पर्व भी कहा जाता है.

ऐसी मान्यता है कि इसी त्यौहार पर सूर्य देव अपने पुत्र शनि से मिलने के लिए आते हैं. सूर्य और शनि का सम्बन्ध इस पर्व से होने के कारण यह काफी महत्वपूर्ण हो जाता है. (Makar Sankranti) आम तौर पर शुक्र का उदय भी लगभग इसी समय होता है इसलिए यहां से शुभ कार्यों की शुरुआत होती है.

शुभ मुहूर्त  मकर संक्रांति का (Makar Sankranti 2024 Shubh Muhurat)

15 जनवरी 2024 को मकर संक्रांति पर 77 सालों के बाद वरीयान योग और रवि योग का संयोग बन रहा है. इस दिन बुध और मंगल भी एक ही राशि धनु में विराजमान रहेंगे.

वरीयान योग – 15 जनवरी को यह योग प्रात: 2 बजकर 40 मिनट से लेकर रात 11 बजकर 11 मिनट तक रहेगा

रवि योग – 15 जनवरी को सुबह 07 बजकर 15 मिनट से लेकर सुबह 08 बजकर 07 मिनट तक रहेगा

सोमवार – पांच साल बाद मकर संक्रांति सोमवार के दिन पड़ रही है. ऐसे में सूर्य संग शिव का आशीर्वाद भी प्राप्त होगा.

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Makar Sankranti 2024

पूजन विधि मकर संक्रांति (Makar Sankranti 2024 Pujan Vidhi)

इस दिन प्रातःकाल स्नान कर लोटे में लाल फूल और अक्षत डाल कर सूर्य को अर्घ्य दें. सूर्य के बीज मंत्र का जाप करें. श्रीमदभागवद के एक अध्याय का पाठ करें या गीता का पाठ करें. (Makar Sankranti) नए अन्न, कम्बल, तिल और घी का दान करें. भोजन में नए अन्न की खिचड़ी बनाएं. भोजन भगवान को समर्पित करके प्रसाद रूप से ग्रहण करें. संध्या काल में अन्न का सेवन न करें. इस दिन किसी गरीब व्यक्ति को बर्तन समेत तिल का दान करने से शनि से जुड़ी हर पीड़ा से मुक्ति मिलती है.

मकर संक्रांति के दिन करें ये खास उपाय (Makar Sankranti 2024 Upay)

  1. मकर संक्रांति के दिन स्नान करने के पानी में काले तिल डालें. तिल के पानी से स्नान करना बेहद ही शुभ माना जाता है. साथ ही ऐसा करने वाले व्यक्ति को रोग से मुक्ति मिलती है.
  2. मकर संक्रांति के दिन स्नान के बाद सूर्य देव को जल अर्पित करें और सूर्य देव को चढ़ाए जाने वाले जल में तिल अवश्य डालें. ऐसा करने से इंसान की बंद किस्मत के दरवाज़े खुलते हैं.
  3. इस दिन कंबल, गर्म कपड़े, घी, दाल चावल की खिचड़ी और तिल का दान करने से गलती से भी हुए पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख समृद्धि आती है.
  4. इस दिन पितरों की शांति के लिए जल देते समय उसमें तिल अवश्य डालें. ऐसा करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है.
  5. अगर आर्थिक रूप से कोई समस्या आ रही है तो इस दिन घर में सूर्य यंत्र की स्थापना करें और सूर्य मंत्र का 501 बार जाप करें.
  6. कुंडली में मौजूद किसी भी तरह का सूर्य दोष को कम करने के लिए तांबे का सिक्का या तांबे का चौकोर टुकड़ा बहते जल में प्रवाहित करें.

मकर संक्रांति पर किन चीजों का करें दान

  1. तिल – मकर संक्रांति पर तिल का दान करना शुभ माना जाता है. तिल का दान करने से शनि देव प्रसन्न होते हैं.
  2. खिचड़ी- मकर संक्रांति के दिन खिचड़ी खाना जितना शुभ है उतना ही शुभ इसका दान करना भी माना जाता है.
  3. गुड़- इस दिन गुड़ का दान करना भी शुभ होता है. गुड़ का दान करने से सूर्य देव की कृपा प्राप्त होती है.
  4. तेल- इस दिन तेल दान करना शुभ होता है. ऐसा करने से शनि देव का आर्शीवाद मिलता है.
  5. अनाज- मकर संक्रांति के दिन पांच तरह के अनाज दान करने से हर तरह की मनोकामना पूरी होती है.
  6. रेवड़ी – मकर संक्रांति के दिन रेवड़ी का भी दान करना भी शुभ माना जाता है.
  7. कंबल – इस दिन कंबल का दान करना शुभ होता है. इससे राहु और शनि शांत होते हैं.

14 January Ank Jyotish इस अंक वालों के लिए लक्की साबित होगा समय, जानें आपका लकी नंबर और शुभ रंग

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14 January Ank Jyotish इस अंक वालों के लिए लक्की साबित होगा समय, जानें आपका लकी नंबर और शुभ रंग

14 January Ank Jyotish: अंक ज्योतिष  14 January रविवार को अंकों के माध्यम से मनुष्य के विषय एवं उसके भविष्य को जानने का प्रयास किया जाता है। (Saturday) उदाहरण के लिए समझिए यदि किसी व्यक्ति का जन्म 23 अप्रैल को हुआ है तो उसकी जन्म तारीख के अंकों का योग 2+3=5 आता है। यानि 5 उस व्यक्ति का मूलांक कहा जाएगा। यदि किसी की जन्मतिथि दो अंकों यानी 11 है तो उसका मूलांक 1+1= 2 होगा।

अंक 1

बीते दिनों की चिंताओं से आप अचानक राहत महसूस करेंगे। (Ank Jyotish) यदि अवसर मिले तो कोई यात्रा करें या दिलचस्प कोर्स में भाग लें। आप आध्यात्मिक मामलों में भी अपना ध्यान केंद्रित कर सकते हैं।

शुभ अंक- 15

शुभ रंग- गुलाबी

अंक 2

आपके पिता या अंकल आपके लिए एक सलाहकार के रूप में कार्य करेंगे। (Ank Jyotish) एक बैठक या आधिकारिक बातचीत आज चिंता का कारण हो सकती है। आपको परिणाम की चिंता करने की ज़रूरत नहीं है क्योंकि आपके ग्रहों के अनुसार सब कुछ सही होगा।

शुभ अंक- 19

शुभ रंग- बैंगनी

अंक 3

आपका आत्मविश्वास अभी आपकी बाहरी उपस्थिति में झलक रहा है। (Ank Jyotish) नयी शुरुआत के लिए यह बेहतरीन पल हैं क्योंकि करियर में भी नए अवसर पैदा हो रहे हैं। रैंक में वृद्धि का आनंद लें लेकिन धन को लेकर सतर्क रहें और घर पर भावनात्मक चिंताओं को नजरअंदाज न करें।

शुभ अंक- 21

शुभ रंग- लाल

अंक 4

यह अवसर केवल अपने दोस्तों को याद रखने का ही नहीं बल्कि अपने दुश्मनों तक पहुँचने और उन्हें हारने का भी है। (Ank Jyotish) सब कुछ नियंत्रण ने हैं और यह समाजिक अवसरों को हासिल करना का सही समय है।

शुभ अंक- 11

शुभ रंग- भूरा

अंक 5

एक आर्थिक हानि आपको दुःख पहुंचा सकती हैं। (Ank Jyotish) गलत और सही का फिर से मूल्यांकन करने के लिए यह अच्छा समय हैं। अपने स्वास्थ्य और रिश्तों का विश्लेषण करें, जो लंबे समय तक आपके लिए लाभदायक होगा।

शुभ अंक- 10

शुभ रंग-ग्रे

अंक 6

इस पल में आराम करें, अपना ख्याल रखें और बदलाव के लिए तैयार रहें। (Ank Jyotish) यह वो क्षण है जब आप सफलता और प्रतिष्ठा का आनंद लेंगे। जो मौके आपको मिलने वाले है उनके लिए तैयार रहें।

शुभ अंक-19

शुभ रंग-नारंगी

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Makar Sankranti 2024

अंक 7

आपको काम में जो संतोष मिलता है वह आपकी विवाहित और निजी जिंदगी को दर्शाता है। (Ank Jyotish) घर या ऑफिस दोनों जगह आपको आनंद मिलेगा।

शुभ अंक- 29

शुभ रंग-सफेद

अंक 8

नेटवर्किंग, सामाजिक बैठकों या क्लब में शामिल होने के लिए यह एक आदर्श समय है। (Ank Jyotish) आपका करिश्मा आपके आसपास के लोगों को प्रभावित करेगा। एक दुर्घटना या चोरी आपकी आर्थिक स्थिति में परिवर्तन ला सकती है।

शुभ अंक- 26

शुभ रंग-नीला

अंक 9

किसी भी घरेलू परेशानी को हल करने के लिए बातचीत करें। (Ank Jyotish) आप अपने दैनिक जीवन से फुर्सत के कुछ पल निकालना चाहेंगे। काम और जिम्मेदारियों को अच्छी तरह से पूरा करेंगे।

शुभ अंक- 31

शुभ रंग-केसरिया

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