नई दिल्ली/भोपाल। मध्य प्रदेश से कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस ने इस फैसले को लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर हमला बताते हुए इसे “सीट चोरी” करार दिया है, जबकि भाजपा ने इसे “सत्य की जीत” बताया है।
शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के नेता आदित्य ठाकरे ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत की लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता और स्वायत्तता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने टिप्पणी की कि देश “दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र” से “दुनिया का सबसे बड़ा पूर्व लोकतंत्र” बनने की ओर बढ़ रहा है।
वहीं, तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने नामांकन निरस्त किए जाने को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए आरोप लगाया कि केंद्र सरकार संसद के दोनों सदनों पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश कर रही है।
मंगलवार को राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द कर दिया गया। इसके विरोध में कांग्रेस ने चुनाव आयोग का रुख किया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश, भूपेश बघेल, सचिन पायलट और के.सी. वेणुगोपाल सहित कई नेता नई दिल्ली स्थित चुनाव आयोग मुख्यालय पहुंचे और विरोध-प्रदर्शन किया।
कांग्रेस का कहना है कि वह इस मामले में कानूनी और संवैधानिक स्तर पर लड़ाई जारी रखेगी तथा नामांकन रद्द करने के फैसले को चुनौती देगी।


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