ब्रेकिंग न्यूज़: बिलासपुर पुलिस लाने जा रही है हाईटेक ड्राइविंग टेस्ट
बिलासपुर, 12 अप्रैल 2026: छत्तीसगढ़ की बिलासपुर पुलिस ने सड़क पर नशे की हालत में ड्राइविंग पर सख्त नियंत्रण लगाने के लिए एक नई तकनीकी पहल की शुरुआत की है। अब, पुलिस एडवांस्ड ब्रीथ एनालाइजर मशीनों का उपयोग करेगी, जिससे शराब पीकर वाहन चलाने वालों का पता लगाने में मदद मिलेगी। खास बात यह है कि अब ड्राइवर को फूंक मारने की जरूरत नहीं होगी, सिर्फ गंध से ही शराब की मात्रा का पता लगाया जा सकेगा।
अधिकारियों को मिला प्रशिक्षण
पुलिस लाइन स्थित चेतना भवन में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में जिले के सभी थाना, चौकी और पुलिस सहायता केंद्र के अधिकारियों को इस नई तकनीक का प्रशिक्षण दिया गया। यह पहल एसएसपी रजनेश सिंह के मार्गदर्शन और एएसपी (यातायात) रामगोपाल करियारे की देखरेख में की गई। अधिकारियों ने इस प्रशिक्षण में भाग लेकर नई तकनीकी से संबंधित जानकारी प्राप्त की।
तकनीकी उपकरणों से बढ़ेगी कार्रवाई की तेजी
प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने बताया कि एडवांस्ड एल्कोमीटर मशीनें ड्राइवर की सांस में मौजूद अल्कोहल की मात्रा को तुरंत मापकर डिजिटल डेटा तैयार करती हैं। इससे मौके पर ही केस बनाकर कोर्ट में भेजना आसान हो जाएगा। इस नई तकनीक में नो-ब्लो फीचर भी जोड़ा गया है, जिससे महज गंध के आधार पर शराब की पहचान की जा सकेगी। इससे उन ड्राइवरों के खिलाफ कार्रवाई और तेज होगी जो जांच से बचने की कोशिश करते हैं।
नो पार्किंग पर सख्ती
बिलासपुर में ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए पुलिस ने बड़ी संख्या में व्हील लॉक खरीदे हैं। नो पार्किंग एरिया में वाहन खड़ा करने वालों के वाहनों को मौके पर ही लॉक किया जाएगा। इसके माध्यम से ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
उद्योगों और ट्रांसपोर्ट सेक्टर को दी सलाह
कार्यशाला में एनटीपीसी, एसईसीएल और ट्रांसपोर्टर एसोसिएशन के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया। पुलिस ने उन्हें सुझाव दिया है कि वे अपने प्रतिष्ठानों में ब्रेथ एनालाइजर मशीन लगा कर ड्राइवरों की जांच अनिवार्य करें। इससे सड़क पर निकलने से पहले नशे में ड्राइविंग को रोका जा सकेगा।
निष्कर्ष: बिलासपुर पुलिस की नई तकनीकी पहल से सड़क सुरक्षा में सुधार के साथ-साथ नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्ती में बढ़ोतरी होगी। इस तकनीक के माध्यम से न केवल सड़क दुर्घटनाओं को नियंत्रित किया जाएगा, बल्कि ट्रैफिक नियमों का पालन भी सुनिश्चित किया जाएगा।
