Homeमेरा गांव मेरा शहरकांग्रेस से ज्यादा पुलिस की नाकेबंदी बनी लोगों की परेशानी

कांग्रेस से ज्यादा पुलिस की नाकेबंदी बनी लोगों की परेशानी

रायपुर/महासमुंद। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल की ईडी द्वारा गिरफ्तारी के विरोध में कांग्रेस ने शुक्रवार को प्रदेशव्यापी आर्थिक नाकेबंदी और चक्काजाम किया। आंदोलन के तहत विभिन्न जिलों में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नेशनल हाईवे और मुख्य मार्गों पर प्रदर्शन कर यातायात को बाधित किया।

महासमुंद जिले के टेमरी में एनएच-353 पर दो घंटे तक चक्काजाम रहा। प्रदर्शन स्थल के पास खरियार रोड रेलवे फाटक पर छत्तीसगढ़ पुलिस की सख्त नाकेबंदी के चलते सैकड़ों वाहन और हजारों लोग जाम में फंसे रहे। इसमें एक एंबुलेंस और गर्भवती महिला के फंसने की जानकारी सामने आई, जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश दिखा।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल

चार स्थानों पर चक्काजाम

महासमुंद कांग्रेस कमेटी ने जिले के चार प्रमुख मार्गों पर चक्काजाम किया:

  • घोड़ारी (NH-53) में पूर्व विधायक विनोद चंद्राकर की अगुवाई में

  • तुमगांव (NH-53) में जिला अध्यक्ष रश्मि चंद्राकर के नेतृत्व में

  • सरायपाली में विधायक चातुरी नंद ने मोर्चा संभाला

  • टेमरी (NH-353) में विधायक द्वारिकाधीश यादव की मौजूदगी रही

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने “ईडी-सीबीआई हटाओ, अडानी भगाओ – राज्य बचाओ” जैसे नारे लगाए। दोपहर 2 बजे तक प्रदर्शन जारी रहा।

जनता को पुलिस नाकेबंदी से ज़्यादा परेशानी

टेमरी में जाम की स्थिति तब और विकराल हो गई जब ओडिशा से आने-जाने वाले वाहनों को पुलिस ने रोक दिया। प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़ या झड़प की सूचना नहीं है, लेकिन यात्रियों ने शिकायत की कि कांग्रेस के विरोध से ज़्यादा पुलिस की सख्ती के चलते लोगों को परेशान होना पड़ा।

स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया कि क्या आर्थिक नाकेबंदी की आड़ में प्रशासनिक सख्ती वाजिब है, खासकर तब जब जरूरी सेवाएं भी बाधित हो रही हों।

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