नई दिल्ली/कोयंबटूर। देश के करोड़ों किसानों का इंतजार आज (बुधवार, 19 नवंबर) खत्म होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज तमिलनाडु के कोयंबटूर से पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 21वीं किस्त जारी करेंगे।
इस मौके पर केंद्र सरकार देश के 9 करोड़ पात्र किसानों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से लगभग ₹18,000 करोड़ की राशि ट्रांसफर करेगी। हर पात्र किसान को इस बार भी ₹2,000 की किस्त प्राप्त होगी।
‘पीएम किसान उत्सव दिवस’ के रूप में मनेगा राष्ट्रीय कार्यक्रम
कोयंबटूर में आयोजित होने वाले इस राष्ट्रीय कार्यक्रम को केंद्र सरकार “पीएम किसान उत्सव दिवस” के रूप में मना रही है। प्रधानमंत्री मोदी यहीं से किसानों को संबोधित करेंगे, जिसका लाइव प्रसारण देश भर में निम्नलिखित स्थानों पर किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक किसान सीधे प्रधानमंत्री का संदेश सुन सकें:
सभी जिलों के कलेक्ट्रेट सभागार
पंचायत भवन और मंडियां
कृषि विज्ञान केंद्र और कृषि विश्वविद्यालय
किसान समृद्धि केंद्र
केंद्र सरकार ने किसानों से अपील की है कि वे अपने नजदीकी आयोजन स्थल पर पहुंचकर इस कार्यक्रम से जुड़ें और पीएम का लाइव संबोधन, लाइव किस्त ट्रांसफर तथा सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त करें।
इन 4 राज्यों के किसानों को नहीं मिलेगी आज की किस्त
केंद्र सरकार के अनुसार, चार राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के किसानों को यह किस्त सितंबर-अक्टूबर 2025 में ही एडवांस में भेजी जा चुकी है। इसलिए 19 नवंबर को इन किसानों को दोबारा राशि नहीं मिलेगी।
ये राज्य हैं:
पंजाब
हिमाचल प्रदेश
उत्तराखंड
जम्मू-कश्मीर
इन राज्यों के कुल 35.54 लाख किसानों को छोड़कर, बाकी सभी राज्यों के पात्र किसानों के खाते में आज यह किस्त पहुँचेगी।
प्राकृतिक कृषि शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे पीएम मोदी
पीएम मोदी आज कोयंबटूर में “दक्षिण भारत प्राकृतिक कृषि शिखर सम्मेलन (South India Natural Farming Summit)” में भी हिस्सा लेंगे। यह कार्यक्रम प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
शिखर सम्मेलन की मुख्य बातें:
यह किसानों के संघों द्वारा आयोजित एक राष्ट्रीय सम्मेलन है।
प्रधानमंत्री दक्षिणी राज्यों के प्राकृतिक एवं जैविक कृषि विशेषज्ञ 50 वैज्ञानिकों से चर्चा करेंगे।
यहां 300 स्टॉलों वाली एक प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।
कार्यक्रम का उद्देश्य प्राकृतिक और पुनर्योजी खेती को बढ़ावा देने पर नीति निर्माण करना है।
इंडियन नेचुरल फार्मिंग राइस और परंपरागत कृषि विकास योजना को प्रमुखता दी जाएगी।
यह दौरा किसानों की आय बढ़ाने और कृषि सुधारों की दिशा में महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।






















