ब्रेकिंग न्यूज: बिलासपुर में शिक्षक पदोन्नति प्रक्रिया पर गरमाई राजनीति
बिलासपुर: शिक्षा संभाग बिलासपुर में लंबे समय से टालमटोल का शिकार हो रही शिक्षक पदोन्नति प्रक्रिया को लेकर छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन ने कड़ा विरोध जताया है। बृहस्पतिवार को संघ के पदाधिकारियों ने संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग बिलासपुर और जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का घेराव किया। फेडरेशन ने स्पष्ट किया है कि यदि अगले 10 दिन के भीतर पदोन्नति प्रक्रिया को पूरा नहीं किया गया, तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
पदोन्नति की प्रक्रिया में देरी
बिलासपुर के शिक्षक पिछले कई महीनों से अपनी पदोन्नति को लेकर निराश हैं। फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष रविंद्र राठौर और प्रदेश सलाहकार रंजीत बनर्जी की अगुवाई में शिक्षकों का प्रतिनिधिमंडल संयुक्त संचालक को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में शिक्षकों ने एलबी संवर्ग, मिडिल स्कूल प्रधान पाठक, सहायक शिक्षक से उच्च वर्ग शिक्षक, पीटीआई शिक्षक और ग्रंथपाल जैसी विभिन्न श्रेणियों में लंबित पदोन्नति की प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने की मांग की।
प्रशासन की प्रतिक्रिया और उम्मीदें
संयुक्त संचालक आरपी आदित्य ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि वे इस मामले में 7 दिनों के भीतर आवश्यक कार्यवाहियां पूरी करने का प्रयास करेंगे। इसके बाद, शिक्षकों ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में भी ज्ञापन सौंपा, जिसमें प्राइमरी स्कूल प्रधान पाठक की पदोन्नति प्रक्रिया में हो रही देरी पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। शिक्षकों ने यह भी आग्रह किया कि परीक्षा अनुमति आदेश जल्द जारी किया जाए और नियमितीकरण प्रक्रिया में तेजी लाई जाए।
निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन ने स्पष्ट रूप से 10 दिन की समय-सीमा तय की है। यदि इस अवधि में पदोन्नति और संबंधित प्रक्रियाएं पूरी नहीं की जाती हैं, तो संगठन को आंदोलन प्रक्रिया शुरू करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। अब शिक्षा विभाग की यह जिम्मेदारी होती है कि वे शिक्षकों की मांगों का संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई करें, ताकि शिक्षा प्रणाली में स्थिरता बनी रहे।
इस मामले पर आगे की स्थिति पर नजर बनाए रखना आवश्यक है, क्योंकि इससे न केवल शिक्षकों का मनोबल प्रभावित होता है, बल्कि छात्रों की शिक्षा भी इस प्रक्रिया पर निर्भर करती है।