इजरायली हमले लेबनान पर: आलोचकों का आरोप, युद्धविराम को कमजोर करना है

webmorcha

April 9, 2026

ब्रेकिंग न्यूज: इजराइल ने लेबनान पर बढ़ाई बमबारी, संघर्ष विराम पर बढ़ा विवाद
अमेरिका और ईरान द्वारा संघर्ष विराम की घोषणा के कुछ ही घंटे बाद, इजराइल ने लेबनान पर बमबारी की। इस हमले में सैकड़ों लोगों की मौत हो गई और हजारों घायल हुए।

इजराइल का जवाबी हमला

बुधवार को इजराइल ने लेबनान पर अपने सबसे बड़े हवाई हमले किए, जिससे स्थिति और भी बिगड़ गई। तनाव के बीच यह सवाल उठता है कि क्या इजराइल की यह कार्रवाई संघर्ष विराम में शामिल थी या नहीं। पाकिस्तान ने कहा कि लेबनान इस तय शिल्प में शामिल है, जबकि इजराइल ने इसे नकार दिया।

हमले के दौरान इजराइली सेना ने 10 मिनट में 100 से अधिक हवाई हमले किए। बमबारी से बेरूत, दक्षिणी लेबनान और बेका घाटी में कई लोगों की मौत हुई है। विभिन्न देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने इस हमले की निंदा की है। इनमें स्पेन, फ्रांस, यूनाइटेड किंगडम, संयुक्त राष्ट्र और पाकिस्तान शामिल हैं।

ईरान का प्रतिक्रिया

लेबनान पर बमबारी के बाद, ईरान ने संघर्ष विराम से हटने की संभावना पर चर्चा करने की घोषणा की है। ईरान के राज्य मीडिया ने यह भी बताया कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों को फिर से लागू करने का निर्णय लिया है।

ईरान के 10-पॉइंट शांति योजना को स्वीकार किया गया है, जिसके तहत ईरान अपने परमाणु भंडार को बनाए रख सकेगा। इसके विपरीत, अमेरिका द्वारा ईरान को पहले दिए गए 15-पॉइंट मांग सूची में यह शांति योजना बहुत अलग है, जिसमें ईरान को अपने परमाणु भंडार को समाप्त करना था।

राजनीतिक दबाव में इजराइल सरकार

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को अब अपने स्वयं के राजनीतिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है। कई वरिष्ठ राजनेताओं ने नेतन्याहू को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उन्होंने स्थिति को संभालने में असफल रहे हैं। विपक्ष के नेता यैर लापिद ने कहा कि नेतन्याहू ने इजराइल को एक ऐसा राज्य बना दिया है जो अन्य देशों के निर्देश पर चल रहा है।

विरोधी पार्टी ने भी इस बात पर जोर दिया कि नेतन्याहू अब संकट में हैं और उन्हें संघर्ष विराम को तोड़ने के लिए कोई न कोई कार्रवाई करनी पड़ेगी, जैसा कि उन्होंने पहले गाज़ा में किया था।

यह घटना इस बात का संकेत है कि इजराइल का ध्यान अब सिर्फ सैन्य कार्रवाई पर है, जबकि उनकी राजनीतिक स्थिति कमजोर होती जा रही है। नेतन्याहू के जुलाई में होने वाले चुनावों में प्रदर्शन पर इन हमलों का गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।

सारांश रूप में, इजराइल की हालिया बमबारी ने न केवल लेबनान की स्थिति को और गंभीर बना दिया है, बल्कि यह संघर्ष विराम पर भी एक बड़ा प्रश्नचिन्ह खड़ा किया है। शायद यह समय है कि क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं।

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