ब्रेकिंग न्यूज: छत्तीसगढ़ में लोक सेवा गारंटी अधिनियम की समीक्षा बैठक
मुख्य सचिव ने की विभागीय सेवाओं की विस्तृत समीक्षा
रायपुर: छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव विकासशील ने आज मंत्रालय महानदी भवन में राज्य के सभी विभागों के सचिवों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत विभागीय सेवाओं के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विभागीय सेवाओं को जो जनता से जुड़ी हैं, उन्हें शीघ्र अधिसूचित किया जाए। इसके साथ ही, इन सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराने की भी आवश्यकता व्यक्त की गई।
सेवाओं का समय पर क्रियान्वयन अनिवार्य
मुख्य सचिव ने बैठक में यह स्पष्ट किया कि सरकार की नीति के अनुसार, सभी सेवाएं निर्धारित समय सीमा के भीतर हितग्राहियों को प्रदान की जानी चाहिए। यदि सेवाएं समय पर नहीं दी जाती हैं, तो संबंधित अधिकारियों को उत्तरदायी ठहराया जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट सेवा कार्य करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित किया जाएगा ताकि बेहतर सेवा सुनिश्चित की जा सके। यह कदम सुशासन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण साबित होगा।
निर्धारित सेवाओं की वर्तमान स्थिति पर चर्चा
मुख्य सचिव ने प्रत्येक विभाग में लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत आने वाली सेवाओं की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने विभाग के अन्य सेवाओं को भी चिन्हित करें और उन्हें अधिसूचित करें। इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए सुशासन एवं अभिसरण विभाग को अद्यतन सूचियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कहा गया। बैठक में विभागीय अधिकारियों को उच्च स्तर पर सेवा वितरण की नीति को समझाने का प्रयास किया गया।
निष्कर्ष
इस बैठक का उद्देश्य छत्तीसगढ़ सरकार के लोक सेवा गारंटी अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना है। मुख्य सचिव के निर्देशों के अनुसार, यदि सभी सेवाएं समय पर और प्रभावी ढंग से पूरी की जाती हैं, तो इससे राज्य की जनता को सीधा लाभ होगा। अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे निर्धारित समय सीमा में कार्य पूर्ण करें, ताकि नागरिकों की अपेक्षाओं पर खरे उतर सकें।