ब्रेकिंग न्यूज़: छत्तीसगढ़ में अवैध धर्मांतरण रोकने के लिए अधिकारिक विधेयक
रायपुर, 10 अप्रैल 2026: छत्तीसगढ़ सरकार ने अवैध धर्मांतरण को रोकने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए धर्म स्वतंत्रता विधेयक 2026 पेश किया है। इस विधेयक का स्वागत करते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सोसाइटी के संयोजक डॉ. कुलदीप सोलंकी ने इसे राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया है।
विधेयक का महत्व
डॉ. सोलंकी ने अपने बयान में कहा कि यह कानून छत्तीसगढ़ में अवैध धर्मांतरण की गतिविधियों पर सख्त रोक लगाने में सहायक होगा। उन्होंने बताया कि लंबे समय से विभिन्न समाज वर्गों द्वारा इस मुद्दे पर चिंता जताई जा रही थी। इस संदर्भ में, उन्होंने सरकार के इस निर्णय को अत्यंत सकारात्मक और आवश्यक बताया।
त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता
उन्होंने आगे कहा कि इस विधेयक के लागू होने से दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। इससे समाज में कानून का सम्मान बढ़ेगा और सामाजिक संतुलन मजबूत होगा। डॉ. सोलंकी ने इस बात पर जोर दिया कि समाज में एकता और सद्भाव को बनाए रखना अति आवश्यक है।
मुख्यमंत्री की सराहना
डॉ. सोलंकी ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को इस सराहनीय पहल के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सिविल सोसाइटी इस निर्णय का पूर्ण समर्थन करती है और राज्यहित में सरकार के साथ खड़ी है। इस विधेयक के जरिए छत्तीसगढ़ एक ऐसा मॉडल स्थापित कर सकता है, जिसका अनुसरण अन्य राज्य भी कर सकते हैं।
निष्कर्ष
अवसंख्यक समुदायों के हितों की रक्षा करते हुए अवैध धर्मांतरण को रोकने के लिए यह विधेयक छत्तीसगढ़ के लिए एक नई दिशा दिखाता है। इसके प्रभावी कार्यान्वयन से राज्य में सामाजिक स्थिरता तथा कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी। इस प्रकार का कदम न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे भारत के लिए एक मिसाल स्थापित करने का कार्य करेगा।
