BREAKING 🔴 छत्तीसगढ़ में बड़ी खबर – नई योजना लागू | 🟡 खेल: भारत की शानदार जीत | 🔵 मनोरंजन: नई फिल्म रिलीज | 🟢 WebMorcha पर पढ़ें ताजा खबरें

भारत: सदाबहार गायिका आशा भोसले का 92 वर्ष की आयु में निधन

ब्रेकिंग न्यूज: भारतीय गायिका आशा भोसले का निधन
भारतीय संगीत जगत की दिग्गज गायिका आशा भोसले का रविवार को मुंबई में निधन हो गया। वह 92 वर्ष की थीं और पिछले दिनों उन्हें सीने में संक्रमण की वजह से अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

अंतिम क्षणों में परिवार की अपील

भोसले की पोती, ज़नाई भोसले ने शनिवार को सोशल मीडिया पर अपनी दादी के स्वास्थ्य की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि उनकी दादी काफी थकी हुई थीं और सीने में संक्रमण के कारण अस्पताल में भर्ती की गई हैं। उन्होंने फैंस से प्राइवेसी की अपील की थी। ज़नाई ने लिखा, "हमारी दादी का उपचार चल रहा है, हमें उम्मीद है कि सब ठीक होगा।"

शुक्रवार को अस्पताल में भर्ती होने के बाद, भोसले के डॉक्टर ने पुष्टि की कि वह विभिन्न अंगों के विफल होने के कारण चल बसीं। डॉक्टर प्रतीत समदानी ने कहा, "वह कुछ मिनट पहले ही इस दुनिया को छोड़ गईं।"

उनके बेटे, आनंद भोसले ने संवाददाताओं को अंतिम संस्कार की तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया, "माँ का निधन हो गया है। लोग कल सुबह 11 बजे कासा ग्रांडे, लोअर परेल में अंतिम श्रद्धांजलि दे सकते हैं। उनका अंतिम संस्कार कल शाम 4 बजे शिवाजी पार्क में किया जाएगा।"

भोसले का जीवित रहस्य

आशा भोसले का जन्म महाराष्ट्र के सांगली में हुआ था। उन्होंने 1950 के दशक में अपने करियर की शुरुआत की और 1980 के दशक तक भारतीय सिनेमा में गीत गाए। 2011 में उन्हें गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में सबसे ज्यादा रिकॉर्डेड आर्टिस्ट के रूप में मान्यता प्राप्त हुई थी।

उनकी गाई हुई कुछ प्रसिद्ध गानें हैं "अब ही न जाओ छोड़कर," "चुरा लिया है तुमने जो दिलको," और "दम मारो दम।" भोसले को भारतीय संगीत की दुनिया में एक बहुपरकार की गायिका माना जाता है, जिन्होंने कई पीढ़ियों के दिलों में अपनी जगह बनाई है।

भोसले को कई पुरुस्कार मिले, जिनमें पद्म विभूषण और दादासाहेब फाल्के पुरस्कार शामिल हैं। वह लता मंगेशकर की छोटी बहन रह चुकी हैं, और दोनों ने मिलकर भारतीय प्लेबैक संगीत में एक खास पहचान बनाई।

‘आशा ताई’ को असीम श्रद्धांजलियाँ

भोसले के निधन की खबर आते ही पूरे संगीत जगत से श्रद्धांजलियों का तांता लग गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें "भारत की सबसे प्रतिष्ठित और बहुपरकार की आवाज़" कहा। उन्होंने कहा, "मैं हमेशा उनके साथ बिताए गए क्षणों को संजोकर रखूँगा।"

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने भी भोसले के साथ बिताए अनुभवों को याद करते हुए लिखा, "हम विश्व रेडियो दिवस कार्यक्रम में साथ थे, जहाँ उन्होंने मुझे गाने के लिए मजबूर किया था। यह विश्वास करना कठिन है कि अब उनकी उपस्थिति हमारे बीच नहीं रहेगी।"

आशा भोसले का संगीत और उनकी अनोखी आवाज़ हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेंगी। वे भारतीय संगीत उद्योग की एक स्तंभ रहीं और उनकी यादों को सदा संजोकर रखा जाएगा।

🙏 WebMorcha को सपोर्ट करें

आपका छोटा सहयोग बड़ी पत्रकारिता

💰 अपनी पसंद से सहयोग करें
📲 इस खबर को तुरंत शेयर करें

🚨 ताजा खबर सबसे पहले पाएं!

WhatsApp से भी तेज अपडेट के लिए अभी Telegram जॉइन करें

👉 Join Telegram Channel
WP Twitter Auto Publish Powered By : XYZScripts.com