ब्रेकिंग न्यूज: छत्तीसगढ़ में प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए नया कानून लागू
रायपुर: विधि एवं विधायी विभाग ने मंगलवार को छत्तीसगढ़ (लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2026 के तहत एक महत्वपूर्ण गजट नोटिफिकेशन जारी किया है। प्रदेश में यह कानून अब प्रभावी हो गया है। इसके तहत प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल के मामले में दोषी पाए जाने पर अधिकतम 10 साल की सजा और 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
कानूनी प्रावधानों में होंगे कड़े दंड
गजट नोटिफिकेशन में स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी अभ्यर्थी के अलावा कोई और व्यक्ति इस कानून का उल्लंघन करता है, तो उसे तीन साल से 10 साल तक की सजा और अधिकतम 10 लाख रुपये का जुर्माना भुगतना पड़ेगा। इसके साथ ही, अगर कोई व्यक्ति धारा 4 से 9 के अंतर्गत उल्लंघन करता है, तो उसे कम से कम एक साल से लेकर पांच साल तक की सजा और 5 लाख रुपये का जुर्माना हो सकता है।
सेवा प्रदाताओं पर भी कार्रवाई
इस अधिनियम के तहत सेवा प्रदाते भी दंडित होंगे। यदि कोई सेवा प्रदाता या संस्थान अपराध में संलिप्त पाया जाता है, तो उन्हें एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना परिभाषित किया जा सकता है। इसके अलावा, ऐसे संस्थानों को परीक्षा संचालन से तीन साल के लिए प्रतिबंधित किया जाएगा। परीक्षा में किसी प्रकार की गड़बड़ी में शामिल व्यक्तियों, विशेषकर प्रबंधन स्तर के अधिकारियों को भी सजा भोगनी पड़ेगी।
अनुचित साधनों की परिभाषा
कानून में "अनुचित साधनों" को स्पष्ट किया गया है, जिसमें किसी भी प्रकार की अनधिकृत सहायता लेना, नकल करने के प्रयास करना, या किसी भी अन्य व्यक्ति की पहचान चुराना शामिल है। अगर कोई व्यक्ति इस प्रकार का कार्य करता है, तो उसे गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ सकता है।
निष्कर्ष:
छत्तीसगढ़ में लागू किया गया यह नया कानून छात्रों और प्रतियोगी परीक्षाओं में ईमानदारी को स्थापित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम है। इस कानून के तहत नकल को रोकने के लिए उठाए गए कड़े कदम साफ करते हैं कि अब किसी भी परीक्षा में अनुचित साधनों की कोई जगह नहीं होगी। राज्य सरकार का यह प्रयास युवा पीढ़ी को एक स्वच्छ और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।




