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सुशासन तिहार शिविर से पहले जल जीवन मिशन पर उठे सवाल, कई पंचायतों में अधूरी योजनाओं से ग्रामीण परेशान

दिलीप शर्मा, महासमुंद। महासमुंद जिले के बागबाहरा ब्लॉक में 20 मई को मुनगासेर सेक्टर के पटपरपाली शिविर स्थल में सुशासन तिहार 2026 का आयोजन होना है। शिविर में 21 ग्राम पंचायतों के हजारों ग्रामीण अपनी समस्याएं और मांगें लेकर पहुंचेंगे।

इधर, जल जीवन मिशन की कई योजनाओं को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। क्षेत्र के कई गांवों में करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद योजनाएं अधूरी पड़ी हैं। कहीं पानी टंकियां लीक हो रही हैं, तो कहीं अब तक घरों तक पानी की सप्लाई शुरू नहीं हो सकी है।

कई पंचायतों में अधूरे कार्य

सिवनी: पानी भरते ही लीक हो रही टंकी

सिवनी गांव में 91.52 लाख रुपये की लागत से बनी पानी टंकी में पानी भरते ही रिसाव होने की शिकायत है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई घरों में अब तक प्लेटफॉर्म नहीं बने हैं और टंकी में पानी टिकता ही नहीं।

टेमरी: तीन साल बाद भी योजना अधूरी

टेमरी गांव में 62.39 लाख रुपये की लागत से बनी पानी टंकी तीन साल बाद भी उपयोग में नहीं आ सकी है। ग्रामीण निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठा रहे हैं।

करहीडीह: खर्च हुआ लाखों, लाभ नहीं

करहीडीह गांव में 62.91 लाख रुपये खर्च होने के बावजूद योजना का लाभ ग्रामीणों तक नहीं पहुंच पाया है। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में अनियमितता और लापरवाही के आरोप लगाए हैं।

पटपरपाली: 30 माह बाद भी अधूरी योजना

पटपरपाली गांव में 66.99 लाख रुपये की योजना 30 माह बाद भी अधूरी बताई जा रही है। ग्रामीणों के मुताबिक बोरिंग नहीं होने के कारण पानी सप्लाई शुरू नहीं हो पाई है।

“ये पानी की टंकी नहीं… ये महासमुंद में बना मौत का गड्ढा है!”
जल जीवन मिशन के नाम पर ₹66 लाख की योजना…”

साल्हेभाठा और खुर्सीपार में भी शिकायतें

साल्हेभाठा गांव में रिकॉर्ड के अनुसार 32.65 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि सिर्फ पानी टंकी खड़ी की गई है। पाइपलाइन और घर-घर कनेक्शन अब तक पूरे नहीं हुए हैं। मजदूरी भुगतान लंबित होने और ठेकेदार के काम छोड़ने के आरोप भी लगाए गए हैं।

वहीं खुर्सीपार में भी जल जीवन मिशन के कार्यों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों ने तकनीकी और वित्तीय जांच की मांग की है।

1.11 करोड़ खर्च, फिर भी गांव प्यासा

कुसमी गांव में जल जीवन मिशन के तहत हर घर तक नल कनेक्शन देने का दावा किया गया है। सरकारी रिकॉर्ड में गांव को 100 प्रतिशत “हर घर जल” प्रमाणित बताया गया है, लेकिन जमीनी स्थिति अलग नजर आ रही है।

ग्रामीणों के अनुसार पिछले दो महीनों से गांव में नलों से पानी सप्लाई बंद है। गांव में बनाई गई पानी टंकी कई जगहों से लीक हो रही है, जिससे पानी ठहर नहीं पाता और सप्लाई पूरी तरह प्रभावित हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि टंकी बनने के बाद से ही लीकेज की समस्या बनी हुई है।

मुनगासेर और नरतोरी की स्थिति

मुनगासेर पंचायत में सभी घरों को नल कनेक्शन दिए जाने और “हर घर जल” प्रमाणित होने के बावजूद योजना विभागीय रिकॉर्ड में अब भी “Ongoing” दिखाई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि कुछ निर्माण और औपचारिक प्रक्रियाएं अब भी अधूरी हैं।

वहीं नरतोरी पंचायत में पाइप जल योजना शुरू तो हुई, लेकिन सभी घरों तक कनेक्शन नहीं पहुंच पाया है।

ग्रामीणों की मांग

ग्रामीणों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद उन्हें योजना का पूरा लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने दोषी ठेकेदारों पर कार्रवाई, अधूरे कार्य जल्द पूरा कराने और गुणवत्ता जांच कराने की मांग की है।

एसडीओ साहू ने क्या कहा?

बागबाहरा एसडीओ साहू ने कहा कि क्षेत्र की कई पंचायतों में जल जीवन मिशन का काम अभी पूरी तरह पूरा नहीं हो पाया है। कुछ जगहों पर निर्माण कार्य अधूरा है, जबकि कई गांवों में पानी की समस्या बनी हुई है।

उन्होंने बताया कि योजना की दूसरी किश्त अभी जारी होना बाकी है। शासन स्तर पर निर्देश है कि कार्य पूर्ण होने के बाद ही संबंधित एजेंसी को भुगतान किया जाएगा। प्रशासन अधूरे कार्यों को जल्द पूरा कराने की दिशा में काम कर रहा है।

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