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छत्तीसगढ़ में बिजली महंगी: नियामक आयोग ने बढ़ाई दरें, घरेलू उपभोक्ताओं पर 30 से 50 पैसे का अतिरिक्त बोझ

रायपुर: छत्तीसगढ़ विद्युत नियामक आयोग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बिजली की नई दरों की घोषणा कर दी है। प्रदेश में अब बिजली का उपयोग करना महंगा हो गया है। आयोग ने बिजली दरों में औसतन 6.23 प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी दी है।

नई दरों का मुख्य ब्यौरा:

  • घरेलू उपभोक्ता: दरों में 30 पैसे से 50 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है।
  • गैर-घरेलू उपभोक्ता: व्यावसायिक श्रेणी में 20 पैसे से 40 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी हुई है।
  • कृषि पम्प: कृषि पम्पों के लिए दरों में 40 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है। हालांकि, गैर-सब्सिडी वाले कृषि पंप कनेक्शनों के लिए छूट 30% से बढ़ाकर 40% कर दी गई है।

आम जनता और विशेष श्रेणियों के लिए राहत:

  • विद्यार्थियों को बड़ी राहत: राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों, बस्तर और सरगुजा संभाग के विकास प्राधिकरण क्षेत्रों में स्थित विद्यार्थियों के छात्रावासों को अब ‘गैर-घरेलू’ श्रेणी से हटाकर ‘घरेलू’ श्रेणी में रखा गया है।
  • सरकारी सुविधाएं: स्थानीय निकायों के कार्यालयों, छत्तीसगढ़ आवास बोर्ड की कॉलोनियों की स्ट्रीट लाइट और सार्वजनिक जल आपूर्ति को भी अब ‘घरेलू’ श्रेणी के अंतर्गत लाभ मिलेगा।
  • महिला सशक्तिकरण: पंजीकृत महिला स्वसहायता समूहों द्वारा संचालित उद्योगों/व्यवसायों को ऊर्जा प्रभार में 10% की छूट जारी रहेगी।
  • पर्यावरण को बढ़ावा: इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) चार्जिंग स्टेशनों को प्रोत्साहन देने के लिए टैरिफ को औसत विद्युत लागत (7.13 रुपये प्रति यूनिट) के बराबर सीमित रखा गया है।

महत्वपूर्ण बदलाव:

  • विलंबित भुगतान: बिल के भुगतान में देरी पर लगने वाला सरचार्ज (Delay payment surcharge) अब 1.5% प्रतिमाह के बजाय 0.04% प्रतिदिन कर दिया गया है।
  • अग्रिम भुगतान: बिल का एडवांस भुगतान करने पर मिलने वाली 1.25% की छूट को घटाकर 0.75% कर दिया गया है।
  • TOD टैरिफ: 10 किलोवाट से अधिक भार वाले उपभोक्ताओं के लिए टाइम ऑफ डे (TOD) टैरिफ में बदलाव किए गए हैं। ऑफ-पीक आवर्स में 5% की छूट मिलेगी, जबकि पीक आवर्स में 5% अधिभार लागू होगा।

आयोग ने स्पष्ट किया है कि वितरण कंपनी द्वारा प्रस्तावित 24% की भारी वृद्धि के प्रस्ताव को खारिज करते हुए, उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखकर केवल 6.23% की औसत वृद्धि को मंजूरी दी गई है।

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