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महासमुंद जिला अस्पताल में गुंडागर्दी! कलेजे के टुकड़े को सीने से लगाए पिता पर टूटे कैंटीन के गुंडे; प्रसूति वार्ड के भीतर लात-घूंसों से मारपीट

महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिला अस्पताल के भीतर प्रसूति (डिलवरी) वार्ड से एक बेहद ही हृदयविदारक और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था की धज्जियां उड़ाते हुए कैंटीन स्टाफ ने एक ऐसे लाचार पिता की बेरहमी से पिटाई कर दी, जो अपने कलेजे के टुकड़े यानी अपनी नवजात बेटी को सीने से लगाए बैठा था। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी मोंटू और उसके साथियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया है।

नवजात बेटी को गोद में थामे पिता की लगी थी आंख

यह दर्दनाक घटना सोमवार, 15 जून 2026 की शाम करीब 4 से 5 बजे के बीच की है। आरंग के इंदिरा चौक निवासी पीड़ित दुलेश्वर सेन (23 वर्ष) ने महासमुंद थाने में अपनी आपबीती दर्ज कराई है। दुलेश्वर ने बताया कि उसने अपनी गर्भवती पत्नी को 13 जून को जिला अस्पताल महासमुंद में भर्ती कराया था। पत्नी ने एक सुंदर बेटी को जन्म दिया। अपनी नन्ही परी के आने की खुशी में दुलेश्वर 15 जून को अस्पताल पहुंचा और प्रसूति वार्ड में अपनी बेटी को गोद में लेकर बैठ गया। सफर और अस्पताल की थकान के कारण वार्ड में बैठे-बैठे ही उसकी आंख लग गई।

“बाकियों को भी बाहर निकालो”… बस इतनी सी बात पर भड़के गुंडे

इसी दौरान वार्ड में तैनात सुरक्षा गार्ड ने दुलेश्वर को टोकते हुए बाहर जाने को कहा। इस पर दुलेश्वर ने सहज भाव से सिर्फ इतना कहा, “वार्ड में बाकि आदमी लोग भी तो हैं, उन्हें भी बाहर निकालो।”

बस इतनी सी बात वहां मौजूद कैंटीन स्टाफ को इतनी नागवार गुजरी कि वे आपे से बाहर हो गए। “यह ज्यादा बात कर रहा है” कहते हुए कैंटीन में खाना बनाने वाले और अन्य कर्मचारी एक राय होकर प्रसूति वार्ड के भीतर ही घुस आए।

महिला ने कॉलर पकड़ा, मोंटू ने बरसाए लात-घूंसे

शिकायत के मुताबिक, मानवता को शर्मसार करते हुए भीड़ में शामिल एक महिला कर्मचारी ने सबसे पहले पीड़ित पिता का कॉलर पकड़कर उसे खींचना शुरू किया। इसके तुरंत बाद मोंटू नामक आरोपी ने मां-बहन की अश्लील और गंदी गालियां देते हुए दुलेश्वर पर लात-मुक्कों की बरसात कर दी।

हैरानी की बात यह है कि जब यह मारपीट हो रही थी, तब मासूम नवजात बच्ची पिता की गोद में ही थी। इस अचानक हुए हमले में पीड़ित के बाएं कंधे पर गंभीर चोटें आई हैं। मौके पर मौजूद पीड़ित की सास कविता और रिश्तेदार पायल ने किसी तरह बीच-बचाव कर दुलेश्वर और नवजात बच्ची को उन गुंडों से बचाया।

पुलिस ने दर्ज की FIR, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

महासमुंद थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 0355/2026 के तहत मामला पंजीकृत कर लिया है।

इन धाराओं के तहत दर्ज हुआ केस: आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 296 (अश्लील कृत्य व गाली-गलौज) और 3(5) (समान इरादे से कई व्यक्तियों द्वारा हमला करना) के तहत अपराध दर्ज किया गया है। मामले की जांच हेड कांस्टेबल भाग्यवती खान द्वारा की जा रही है।

इस घटना ने जिला अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। प्रसूति जैसे संवेदनशील वार्ड में, जहाँ नवजात बच्चों और माताओं को संक्रमण और बाहरी खतरों से बचाकर रखा जाता है, वहाँ कैंटीन के कर्मचारी घुसकर मारपीट कर रहे हैं। इस गुंडागर्दी के बाद अब अस्पताल में भर्ती अन्य मरीजों और उनके परिजनों के बीच भारी डर का माहौल है। पाठकों का कहना है कि ऐसे गुंडा तत्वों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि दोबारा किसी पिता को अपनी नवजात औलाद के सामने इस तरह लहूलुहान न होना पड़े।

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