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कैंडिडेट्स शतरंज: R वैषाली ने चार राउंड पहले अकेली बढ़त बनाई

ब्रेकिंग न्यूज़: भारत की वैषाली रामेश्‍भाबू ने FIDE कैन्डीडेट्स 2026 में अपनी अद्वितीय पकड़ बनाई, चार राउंड बाकी हैं। यह इवेंट अब एक महत्वपूर्ण विश्राम दिवस पर पहुंच गया है।

नई दिल्ली: फ़िडे कैन्डीडेट्स 2026 टूर्नामेंट में भारत की युवा खिलाड़ी वैषाली रामेश्‍भाबू ने अपनी बेहतरीन प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए महिला वर्ग में एकल बढ़त बनाई है। 24 वर्षीय वैषाली ने 10वें राउंड में ड्रॉ खेलने के बावजूद 6 अंकों के साथ शीर्ष स्थान पर पहुँच गई हैं। इस टूर्नामेंट में भारत के अन्य खिलाड़ियों के लिए यह चुनौतीपूर्ण रहा है, जबकि वैषाली ने खुद को अलग साबित किया है।

वैषाली की मजबूती और रणनीति

ब्रेक के पहले यह टूर्नामेंट कड़ी प्रतिस्पर्धा से भरा रहा है। वैषाली ने अपनी पिछली मैच में अन्ना म्यूज़िक को चुनौती दी, जहाँ उन्होंने काले मोहरों के साथ एक संतुलित और सुरक्षित खेल का सामना किया। टाइम्स ऑफ इंडिया के ग्रांडमास्टर प्रवीन थिपसे ने कहा, "वैषाली ने अपने अनुभव से परे खेल का संचालन किया। उनके खेल में सावधानी बरती गई थी, और उन्होंने 42 चालों के बाद ड्रॉ कर लिया।"

महिलाओं की श्रेणी में वैषाली बढ़त बनाने के साथ ही, उनके अन्य साथी खिलाड़ियों के लिए हालात थोड़े मुश्किल हैं। 20 वर्षीय दिव्या देशमुख के मैच में हार ने उनकी चैंपियनशिप की दौड़ को चुनौती दी है। रूस की अलेक्सांद्रा गोरीयाचकिना के खिलाफ हुए मुकाबले में दिव्या ने एक बड़ा गलती की, जिससे उन्हें मैच में हार का सामना करना पड़ा।

ओपन सेक्शन में प्रग्ग्नानंद की मुश्किलें

ओपन सेक्शन में भारत के युवा प्रतिभाशाली गर्र्द, प्रग्ग्नानंद भी एक चुनौती का सामना कर रहे हैं। उज़्बेकिस्तान के जावोखिर सिंदरोव के खिलाफ मुकाबले में प्रग्ग्नानंद ने एक अनोखी चाल खेलकर शुरुआत की, लेकिन वह अपने अद्भुत खेल को बनाए रखने में असफल रहे। थिपसे के अनुसार, "प्रग्ग्नानंद ने अपनी चाल में बदलाव किया और इसका नकारात्मक परिणाम भुगतना पड़ा। यह मैच एकतरफा हो गया और प्रग्ग्नानंद को हार का सामना करना पड़ा।"

अगली राउंड की तैयारियाँ

फिलहाल केवल चार राउंड शेष हैं, और खिलाड़ियों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। वैषाली की स्थिति मजबूत नजर आ रही है, परंतु इस प्रतियोगिता की प्रतिस्पर्धा को देखते हुए कुछ भी निश्चित नहीं है। अगली राउंड में वैषाली का सामना गयोरीयाचकिना के खिलाफ होगा, जो उसके लिए एक बड़ा चैलेंज साबित हो सकता है।

इस महाकुंभ में प्रतियोगियों की स्थिति और खेल पर नजर बनाए रखना अत्यंत महत्वपूर्ण हो गया है। जो खिलाड़ी अंत तक सजग रहेंगे, वही इस चैंपियनशिप का विजेता बन पाएंगे।

FIDE कैन्डीडेट्स टूर्नामेंट में खेलने वाली सभी खिलाड़ियों के लिए यह एक महत्वपूर्ण अवसर है, और भारत की वैषाली जैसी युवा प्रतिभा इस खेल की दुनिया में नई इबारत लिखने की ओर अग्रसर है।


यह समाचार न केवल खिलाड़ियों के खेल को समर्पित है, बल्कि भारत की चैस संस्कृति को भी प्रदर्शित करता है। सभी की नजरें अब अगले राउंड पर टिकी हुई हैं, जहाँ ये खिलाड़ी अपनी क्षमताओं का सर्वोत्तम प्रदर्शन करेंगे।

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