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राजस्व निरीक्षक निलंबित: कलेक्टर की सख्त कार्रवाई, जानें क्या है पूरा सच!

ब्रेकिंग न्यूज: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में राजस्व निरीक्षक निलंबित

राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में एक राजस्व निरीक्षक को सरकारी कार्यों में लापरवाही और उच्च अधिकारियों के आदेशों का उल्लंघन करने के कारण कलेक्टर ने निलंबित कर दिया है। यह कार्यवाही ऐसे समय में हुई है जब जनता ने उनकी कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए थे।

अवहेलना और लापरवाही के सबूत

कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) राजनांदगांव की जांच रिपोर्ट में पाया गया कि अवधराम ठाकुर, जो कि राजस्व निरीक्षक हैं, ने अपने राजस्व निरीक्षक मंडल क्षेत्र से संबंधित सीमांकन प्रकरणों को लंबे समय तक लम्बित रखा था। उनके द्वारा मामले में कोई प्रगति नहीं की गई, जिसके चलते आम जनता ने इसकी शिकायत की थी।

कारण बताओ सूचना पत्र का जारी होना

इसके चलते, अवधराम ठाकुर को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया था। लेकिन जब उन्होंने संतोषप्रद उत्तर नहीं दिया, तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव किया गया। अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार की लापरवाही छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचारण नियम, 1965 के नियम 3 "क" के खिलाफ है।

निलंबन की प्रक्रिया और आगे की कार्रवाई

उनके निलंबन का आदेश छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 (1) (क) के तहत किया गया है। निलंबित निरीक्षक का मुख्यालय कार्यालय कलेक्टर भू अभिलेख शाखा राजनांदगांव में नियत किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। इस निलंबन का अंतिम निर्णय विभागीय जांच पूरी होने के बाद लिया जाएगा।

निष्कर्ष

राजनांदगांव में हुए इस निलंबन से यह स्पष्ट होता है कि सरकारी अधिकारियों के कार्यों में लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह कदम अधिकारियों के प्रति लोगों की अपेक्षाओं को दर्शाता है और यह संदेश देता है कि सरकारी सेवा में पारदर्शिता और जवाबदेही अनिवार्य हैं। आने वाले समय में यदि इस प्रकार के मामलों में सख्त कार्रवाई होती है, तो इससे प्रशासनिक कार्यालयों में सुधार की उम्मीद की जा सकती है।

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