रायपुर। छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने नए साल से पहले बड़ी कार्रवाई करते हुए भारतमाला प्रोजेक्ट मुआवजा घोटाले (Bharatmala Project Scam) में राजधानी रायपुर और महासमुंद जिले में एक साथ छापेमारी की है। सोमवार सुबह शुरू हुई इस कार्रवाई में 9 से अधिक ठिकानों पर तलाशी ली जा रही है।
भूमि अधिग्रहण मुआवजे में अनियमितता का मामला
ईडी (ED) की यह कार्रवाई भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत सड़क निर्माण के लिए किए गए भूमि अधिग्रहण में मुआवजा भुगतान को लेकर हुई कथित अनियमितताओं से जुड़ी है। आरोप है कि कुछ अधिकारियों, राजस्व कर्मचारियों और निजी व्यक्तियों ने मिलीभगत कर किसानों के मुआवजे की राशि में घोटाला किया।
2025 क्रिकेट जगत में इन युवा क्रिकेटरों ने मचाया तहलका
किन-किन जगहों पर चल रही जांच
सूत्रों के अनुसार,
महासमुंद में होंडा शोरूम के मालिक कारोबारी जशबीर सिंह बग्गा के बसंत कॉलोनी स्थित निवास पर ईडी की टीम ने छापा मारा।
रायपुर में लॉ विष्टा सोसाइटी स्थित हरमीत खनूजा के आवास पर भी कार्रवाई की गई है।
इसके अलावा, उनके कथित सहयोगियों, कुछ सरकारी अधिकारियों और भूमि अधिग्रहण से जुड़े जमीन मालिकों से भी पूछताछ की जा रही है। ईडी (ED) की अलग-अलग टीमें वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड और संपत्ति से संबंधित कागजातों की जांच कर रही हैं।
भारतमाला परियोजना क्या है?
भारत सरकार द्वारा वर्ष 2017 में शुरू की गई भारतमाला परियोजना देश की सबसे महत्वाकांक्षी सड़क और राजमार्ग परियोजनाओं में से एक है। इसके तहत करीब 26,000 किलोमीटर लंबे आर्थिक गलियारों का विकास किया जाना है।
इस परियोजना में आर्थिक कॉरिडोर, फीडर कॉरिडोर, राष्ट्रीय कॉरिडोर, तटीय सड़कें और बंदरगाह संपर्क सड़कें शामिल हैं। रायपुर–विशाखापत्तनम कॉरिडोर, जिसकी लंबाई लगभग 950 किलोमीटर है, इसी परियोजना का एक अहम हिस्सा है।
किसानों को नहीं मिला पूरा मुआवजा
छत्तीसगढ़ में भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत अधिग्रहित की गई जमीनों के बदले कई किसानों को अब तक पूरा मुआवजा नहीं मिल पाया है। आरोप है कि कुछ अधिकारियों और राजस्व कर्मचारियों ने धोखाधड़ी कर मुआवजा राशि का दुरुपयोग किया। इसी मामले में ईडी (ED) की जांच लगातार आगे बढ़ रही है।
फिलहाल, ईडी (ED) की कार्रवाई जारी है और आने वाले समय में इस घोटाले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।





















