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Gold Silver Price:चांदी 3400 रुपये फिसली; सोना स्थिर, समझें वैश्विक उथल-पुथल के बीच इसके क्या मायने – Gold Rate Today Silver Price Today Mcx Gold Gold Price India Safe-haven Demand

Gold Silver Price:चांदी 3400 रुपये फिसली; सोना स्थिर, समझें वैश्विक उथल-पुथल के बीच इसके क्या मायने – Gold Rate Today Silver Price Today Mcx Gold Gold Price India Safe-haven Demand

आज की ताजा खबर:

डॉलर की मजबूती के कारण चांदी की कीमत में 3,400 रुपये की कमी आई है, और यह 2.68 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुँच गई। वहीं, सोने की कीमत स्थिर बनी रही। सोमवार को दिल्ली में, चांदी की कीमतें 3,400 रुपये घटकर 2,68,300 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई हैं, जबकि सोने का भाव 1,64,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर unchanged रहा। वैश्विक बाजारों की अस्थिरता के चलते अमेरिकी डॉलर की मजबूती से कीमती धातुओं की मांग में कमी आई है।

ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के अनुसार, चांदी की कीमतें लगातार तीसरे दिन गिरावट पर हैं। शुक्रवार को चांदी का भाव 2,71,700 रुपये प्रति किलोग्राम था, जो अब 3,400 रुपये की कमी के साथ 2,68,300 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) हो गया है। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक सौमिल गांधी के अनुसार, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण मुद्रास्फीति का दबाव फिर से बढ़ सकता है, जिससे चांदी की कीमतों में गिरावट बनी हुई है।

ऊर्जा की बढ़ती कीमतें वैश्विक मुद्रास्फीति की चिंताओं को बढ़ाते हैं, जिससे फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में कटौती की योजना में देरी हो सकती है। इसके कारण अमेरिकी डॉलर और ट्रेजरी यील्ड को समर्थन मिला है, जिसने कीमती धातुओं पर दबाव डाला है।

इस बीच, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत में मामूली 200 रुपये की वृद्धि हुई, और यह 1,64,300 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) पर पहुँच गई। पिछले बाजार सत्र में इसका भाव 1,64,100 रुपये था।

वैश्विक स्तर पर, हाजिर सोने की कीमत 65.23 अमेरिकी डॉलर या 1.26 प्रतिशत गिरकर 5,105.89 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस पर आ गई, जबकि चांदी की कीमत 0.53 प्रतिशत घटकर 83.92 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी।

बाज़ार को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक

  1. मध्य-पूर्व में ईरान और इजरायल के घटनाक्रमों के चलते निवेशक सोने और चांदी को सुरक्षित निवेश के रूप में देख रहे हैं।
  2. औद्योगिक मांग: चांदी सिर्फ सुरक्षित निवेश नहीं है, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक्स और अक्षय ऊर्जा क्षेत्र से भी इसकी मजबूत मांग है।
  3. टैक्स और लोकल फैक्टर: घरेलू खरीदारों को सोने और चांदी पर 3% जीएसटी और आभूषणों के मेकिंग चार्ज भी चुकाने पड़ते हैं।

अब आगे क्या?

विश्लेषकों का मानना है कि सोने और चांदी में वर्तमान में उतार-चढ़ाव जारी है। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए डिजिटल गोल्ड या गोल्ड/सिल्वर ईटीएफ के जरिए निवेश करना एक अच्छा विकल्प हो सकता है। जब तक वैश्विक कूटनीतिक हालात और ब्याज दरों की अनिश्चितता बनी रहती है, कीमती धातुओं की कीमतों में मजबूती कायम रह सकती है।

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