Homeदेश - विदेशहर्मुज़ जलडमरूमध्य में व्यवधान से खाद्य 'आपदा' का खतरा: FAO

हर्मुज़ जलडमरूमध्य में व्यवधान से खाद्य ‘आपदा’ का खतरा: FAO

ताजा समाचार: जल मार्ग के ठप होने से वैश्विक खाद्य संकट का खतरा
हालिया डेवलपमेंट के अनुसार, हॉरमज़ जलसंधि में लंबे समय तक रुकावट से वैश्विक कृषि में गंभीर संकट उत्पन्न हो सकता है। खाद्य कीमतों में वृद्धि और महंगाई का खतरा गंभीर चिंता का विषय बन गया है।

हॉरमज़ जलसंधि में रुकावट का प्रभाव

खाद्य और कृषि संगठन (FAO) ने चेतावनी दी है कि हॉरमज़ जलसंधि में रुकावट के चलते कृषि उत्पादों की भंडारण की समस्या बढ़ सकती है। अमेरिका-इज़राइल युद्ध के कारण महत्वपूर्ण कृषि सामग्री की आपूर्ति में बाधा आ गई है। FAO के मुख्य अर्थशास्त्री मैक्सिमो टोरेरो का कहना है कि इस समय खाद्य संकट नहीं है क्योंकि भंडारण अभी पर्याप्त है। लेकिन यदि जल मार्ग सामान्य नहीं होता है, तो भविष्य में खाद्य कीमतों में वृद्धि संभव है।

यह भी ज्ञात हुआ है कि 20 से 45 प्रतिशत महत्वपूर्ण खाद्य सामग्री का निर्यात इस जलसंधि पर निर्भर करता है। डेविड लाबोरडे, FAO के कृषि अर्थशास्त्र विभाग के निदेशक, ने कहा कि "हम खाद्य संकट में नहीं हैं, लेकिन यदि आवश्यक सामग्रियों की निर्बाध आपूर्ति नहीं हुई, तो स्थिति गंभीर हो सकती है।"

खाद्य महंगाई पर पड़ने वाला प्रभाव

अगर जल मार्ग पर आवाजाही नियमित नहीं होती है, तो ऊर्जा और उर्वरक बाजारों में आएगा अस्थिरता से अनाज तथा खुदरा कीमतों में वृद्धि संभव है। टोरेरो ने कहा कि इस समय गैस और तेल की कीमतों में वृद्धि ने रोटी और गेहूं की कीमतों को प्रभावित नहीं किया है, किन्तु ऐसा हमेशा नहीं रहेगा। उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा, "हालात अभी ठीक हैं, लेकिन यदि हम तुरंत कदम नहीं उठाते हैं तो संकट बढ़ सकता है।"

उर्वरकों का संकट

विश्व के लगभग आधे व्यापारित यूरिया, जिसे सबसे व्यापक रूप से उपयोग किया जाने वाला उर्वरक माना जाता है, का निर्यात हॉरमज़ जलसंधि के माध्यम से होता है। हालिया समय में गैस आपूर्ति में रुकावट ने उर्वरक कारखानों को उत्पादन में कटौती या बंद करने के लिए मजबूर किया है।

टोरेरो ने बताया कि यदि जल मार्ग में रुकावट जारी रहती है तो किसान कम उर्वरक का उपयोग करने पर मजबूर होंगे या उत्पाद की कीमत बढ़ानी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि युद्धविराम का संरक्षण जरूरी है, ताकि जल परिवहन पुनः शुरू हो सके।

इसी बीच ईरान ने अमेरिका और इज़राइल द्वारा किए गए हमलों के प्रति अपनी प्रतिक्रिया में जलसंधि की यातायात को लगभग रोक दिया है। इन हमलों में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या शामिल है, जिसने वैश्विक ऊर्जा संकट को जन्म दिया है।

इससे पहले, ईरान और अमेरिका के प्रतिनिधियों ने जलसंधि के लिए स्थायी युद्धविराम स्थापित करने के लिए 21 घंटों की वार्ता की, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने समुद्री नाकेबंदी की घोषणा करते हुए कहा कि नौसेना उन जहाजों को रोक देगी जिन्होंने ईरान को जलसंधि के पार जाने के लिए शुल्क चुकाया है।

यदि स्थिति नहीं सुधरती है, तो वैश्विक खाद्य महंगाई का संकट गहरा सकता है। देश के कमजोर वर्ग को इस संकट के प्रति विशेष रूप से संवेदी होना पड़ेगा, क्योंकि कृषि उत्पादन में कमी से महंगाई और वैश्विक विकास में मंदी का खतरा बढ़ सकता है।

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