India Heatwave 2026: अप्रैल के 21 दिन गुजरते ही देश में भीषण गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। उत्तर से दक्षिण तक कई राज्यों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में लू के थपेड़ों ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। मौसम विभाग (IMD) और ग्लोबल क्लाइमेट मॉडल्स के ताजा संकेत आने वाले महीनों को और ज्यादा चुनौतीपूर्ण बता रहे हैं।
6
India Heatwave 2026: इस साल अप्रैल में ही तापमान सामान्य से 5 से 7 डिग्री ज्यादा दर्ज किया जा रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह केवल शुरुआत है और आने वाले दिनों में हीटवेव की तीव्रता और आवृत्ति दोनों बढ़ सकती हैं। ओडिशा, पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश में अभी से रिकॉर्ड तापमान देखने को मिल रहा है। वहीं शहरों में ‘अर्बन हीट आइलैंड’ प्रभाव के कारण रात में भी राहत नहीं मिल रही। इसका असर रबी फसलों, खासकर गेहूं की पैदावार पर पड़ने की आशंका है।
6
India Heatwave 2026: भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता प्रशांत महासागर में बन रही स्थिति है। वैज्ञानिकों ने इस साल एक मजबूत ‘अल नीनो’ की संभावना जताई है, जिसे ‘सुपर अल नीनो’ तक कहा जा रहा है। जब समुद्र का तापमान सामान्य से काफी बढ़ जाता है, तो भारत में मानसून कमजोर पड़ जाता है। अनुमान है कि इस बार मानसून सामान्य से कम यानी करीब 92% रह सकता है, जो पिछले कई वर्षों में सबसे कम स्तर हो सकता है।
7
भारत की 70% से अधिक बारिश मानसून के चार महीनों में होती है। ऐसे में मानसून कमजोर रहने पर जल संकट गहराने की आशंका है। दक्षिण भारत के कई जलाशयों में पानी का स्तर पहले ही काफी नीचे जा चुका है। गर्मी के कारण वाष्पीकरण भी तेजी से बढ़ रहा है। यदि मानसून में देरी होती है, तो पीने के पानी और बिजली उत्पादन दोनों पर असर पड़ सकता है।
7
India Heatwave 2026: इस साल गर्मी और कम बारिश का संयोजन एक खतरनाक स्थिति पैदा कर सकता है। वैज्ञानिक इसे ‘क्रिटिकल क्लाइमेट फेज’ मान रहे हैं। जब तापमान बहुत अधिक हो और हवा में नमी भी बढ़ जाए, तो शरीर की कूलिंग क्षमता कम हो जाती है। इस स्थिति को ‘वेट बल्ब टेम्परेचर’ कहा जाता है, जिसमें हीट स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
7
India Heatwave 2026: सरकार और नीति निर्धारकों के लिए यह साल बड़ी चुनौती लेकर आया है। हालांकि जल संरक्षण और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में पिछले वर्षों में सुधार हुआ है। मनरेगा के तहत बनाए गए तालाब और चेक डैम सूखे के समय मददगार साबित हो सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि किसानों को कम पानी वाली फसलों की ओर बढ़ना होगा और शहरों में ‘कूल रूफ’ व हरित क्षेत्र बढ़ाने पर ध्यान देना जरूरी है।
6
India Heatwave 2026: मौसम विभाग के अनुसार जून और जुलाई में बारिश सामान्य रह सकती है, लेकिन असली असर अगस्त और सितंबर में दिखेगा। यदि इस दौरान बारिश कम हुई, तो खरीफ फसलें प्रभावित होंगी और भूजल स्तर भी नहीं सुधरेगा। इससे महंगाई बढ़ने की आशंका है। कुल मिलाकर, अप्रैल की यह गर्मी आने वाले कठिन मौसम की एक चेतावनी है और समय रहते तैयारी करना बेहद जरूरी होगा।




