ब्रेकिंग न्यूज़: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ वार्ता के दूसरे दौर की संभावना जताई है। इस बीच, इज़रायल और लेबनान के बीच सीधे बातचीत वाशिंगटन, डीसी में हुई।
ट्रंप ने ईरान के खिलाफ युद्ध को "बहुत करीब समाप्त होने" की बात कही है। वाशिंगटन, डीसी में इज़रायल और लेबनान के बीच वार्ता के दौरान, ईरान को लेकर नए संकेत मिले हैं। अमेरिका ने हर हाल में होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री नाकेबंदी लागू कर रखा है।
ईरान में स्थिति
अंतर्राष्ट्रीय रेड क्रॉस समिति ने रविवार को ईरान में मानवीय सहायता भेजी है। यह पहली खेप है जो युद्ध की शुरूआत के बाद ईरान पहुंची है। इसके अलावा, अमेरिकी ट्रेजरी ने ईरान के तेल बिक्री पर लगा अस्थायी प्रतिबंध समाप्त करने का निर्णय लिया है। वहीं, तेहरान में हलकी बमबारी भी हुई है। ईरान का अनुमान है कि उसे युद्ध के कारण 270 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है।
युद्ध की कूटनीति
वाशिंगटन में, लेबनानी और इज़रायली राजदूतों के बीच सीधे वार्ता हुई है। इस वार्ता में बाईरूत ने संघर्ष विराम की मांग की है। ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि ईरान के साथ बातचीत पाकिस्तान में कुछ दिनों में फिर से शुरू हो सकती है। वहीं, दोनों पक्षों के बीच यूरेनियम संवर्धन एक महत्वपूर्ण मुद्दा बना हुआ है।
अमेरिका में घटनाक्रम
यूएस सीनेट जल्द ही ट्रंप की युद्ध शक्तियों को सीमित करने के लिए मतदान कर सकता है। पूर्व रक्षा अधिकारी डेविड सेडनी का कहना है कि ईरान ने ट्रंप की रणनीति को चुनौती दी है। ट्रंप ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी पर भी आलोचना की, क्योंकि उन्होंने ईरान के खिलाफ हमले में अमेरिका का साथ नहीं दिया।
लेबनान में हालात
लेबनानी नागरिक रक्षा बलों ने इज़रायली हमले में चार शव बरामद किए हैं। वहीं, हिज़्बुल्लाह ने इज़रायल के गैलिली क्षेत्र में 20 रॉकेट दागे हैं। इज़राईली सैनिकों ने कहा है कि वे लेबनानी गांवों को नष्ट कर रहे हैं, जो गाजा में उपयोग की गई रणनीति के समान है।
वैश्विक आर्थिक स्थिति
अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने चेतावनी दी है कि युद्ध में बढ़ोतरी से वैश्विक आर्थिक मंदी का खतरा बढ़ सकता है। IMF ने मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका के लिए 2026 की विकास दर का अनुमान घटाकर 1.1 प्रतिशत कर दिया है।
वर्तमान में, वैश्विक बाजारों में कुछ स्थिरता देखी गई है, जिससे उम्मीदें जगी हैं। इस माहौल में, निवेशकों ने पुनः तेल बाजार में संभावित सुधार को लेकर सकारात्मक संकेत दिखाए हैं।
इन सभी घटनाओं से स्पष्ट है कि यह समय युद्ध और कूटनीतिक प्रयासों का मिश्रण है। सभी देश इस दिशा में ध्यान लगा रहे हैं कि किस तरह से भू-राजनीतिक स्थिरता की बहाली की जा सके।
