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महासमुंद: लकड़ी बीनने जंगल गया युवक तेंदुए से भिड़ा, दो बार हमले के बाद भी नहीं मानी हार!

पंडरीपानी के कारीडोगर जंगल में खौफनाक मुठभेड़, युवक के शरीर पर 5 जगह पंजों के निशान; वन विभाग ने तत्काल मदद के रूप में दिए 1 हजार रुपये

कोमाखान। शनिवार सुबह करीब 10 बजे कारीडोगर जंगल में लकड़ी बीनने गए एक युवक का सामना अचानक तेंदुए से हो गया। जंगल के सन्नाटे के बीच तेंदुए ने युवक पर हमला कर दिया। जान पर बन आई, लेकिन युवक ने घबराकर हार मानने के बजाय हिम्मत दिखाई और तेंदुए का मुकाबला करता रहा। युवक के अनुसार, तेंदुए ने उस पर दो बार हमला किया, लेकिन उसने भी दोनों बार उसका सामना किया। इस संघर्ष में युवक के शरीर पर पांच जगह नाखूनों से खरोंच आई हैं। घटना के बाद उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। वन विभाग की ओर से तत्कालिक सहायता के रूप में एक हजार रुपये भी दिए गए हैं।

लकड़ी बीनने गया था युवक, अचानक सामने आ गया तेंदुआ

जानकारी के अनुसार, कोमाखान तहसील अंतर्गत ग्राम पंडरीपानी निवासी लक्ष्मीचंद पिता पुसतम यादव शनिवार सुबह लकड़ी बीनने के लिए कारीडोगर जंगल क्षेत्र में गया था। वह जंगल में लकड़ी बीन रहा था, तभी अचानक तेंदुए ने उस पर हमला कर दिया। जंगल के बीच अचानक हुए इस हमले से युवक की जान खतरे में पड़ गई। सामने तेंदुआ था और खुद को बचाने के लिए उसे उसी पल हिम्मत और सूझबूझ का सहारा लेना पड़ा।

पहली बार मुकाबला किया, फिर दोबारा टूट पड़ा तेंदुआ

युवक के बताए अनुसार, उसने घबराने के बजाय तेंदुए का सामना किया और जोर का झटका देकर उसे दूर फेंक दिया। लेकिन खतरा अभी टला नहीं था। तेंदुए ने दोबारा हमला कर दिया। इसके बाद भी लक्ष्मीचंद ने हिम्मत नहीं हारी और दूसरी बार भी उसका मुकाबला किया।

जंगल के बीच हुए इस संघर्ष में युवक तेंदुए के पंजों से घायल हो गया। उसके शरीर पर पांच जगह नाखूनों से खरोंच आने की जानकारी सामने आई है। इस घटना ने जंगल में लकड़ी बीनने जाने वाले ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

वन विभाग ने दी तत्कालिक सहायता

कोमाखान वन परिक्षेत्र के डिप्टी रेंजर दुलार सिंह सिन्हा ने बताया कि युवक लकड़ी बीनने जंगल गया हुआ था। इसी दौरान तेंदुए ने उस पर हमला कर दिया। हमले में युवक के शरीर पर पांच जगह नाखूनों की खरोंच आई है। उन्होंने बताया कि वन विभाग की ओर से तत्कालिक मदद के रूप में युवक को एक हजार रुपये दिए गए हैं।

112 की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया युवक

घटना के बाद घायल लक्ष्मीचंद को आपातकालीन सेवा 112 के माध्यम से अस्पताल पहुंचाया गया। तेंदुए के हमले की खबर से इलाके में दहशत का माहौल बन गया है। ग्रामीणों में जंगल जाने के दौरान सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

जंगल जाने वाले ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील

कारीडोगर जंगल क्षेत्र में हुई इस घटना ने एक बार फिर वन्यजीवों की मौजूदगी वाले इलाकों में सावधानी बरतने की जरूरत को सामने ला दिया है। ग्रामीणों को जंगल में अकेले जाने से बचना चाहिए तथा वन्यजीव दिखाई देने पर उसके करीब जाने या उसे उकसाने के बजाय सुरक्षित दूरी बनाए रखनी चाहिए। घटना के मद्देनजर वन विभाग की निगरानी और ग्रामीणों को सतर्क करने की आवश्यकता भी महसूस की जा रही है।

कोमाखान क्षेत्र में तेंदुए के हमले की इस घटना ने ग्रामीणों को सतर्क रहने का संदेश दिया है। युवक की हिम्मत ने उसे मुश्किल परिस्थिति में मुकाबला करने का अवसर दिया, लेकिन जंगल में वन्यजीवों से सामना होने पर जोखिम बेहद गंभीर हो सकता है।

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