दिनभर पूछताछ के बाद बाड़ी मालिक घनश्यामदास मानिकपुरी को पुलिस ने छोड़ा, आपसी रंजिश और साजिश की आशंका समेत 4-5 लोगों की भूमिका जांच के दायरे में
महासमुंद/कोमाखान। महासमुंद जिले के कोमाखान थाना क्षेत्र के ग्राम बिंद्रावन में ओडिशा ब्रांड की शराब मिलने से हलचल मच गई। 30 सितंबर की रात मुखबिर से मिली सूचना पर पुलिस ने एक ग्रामीण की बाड़ी के पास दबिश दी, जहां दो बोरियों में रखे शराब के 150 पाउच बरामद किए गए। शराब किसने और किस मकसद से वहां रखी थी, फिलहाल यह सवाल अनसुलझा है। मामले में बाड़ी मालिक घनश्यामदास मानिकपुरी को संदेह के आधार पर पूछताछ के लिए थाने लाया गया था। दिनभर पूछताछ के बाद पुलिस ने उन्हें शाम को छोड़ दिया। अब पुलिस अवैध शराब की आशंका के साथ-साथ आपसी रंजिश और किसी को फंसाने की संभावना की भी जांच कर रही है।
मुखबिर की सूचना पर दबिश, दो बोरियों में मिली शराब
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 30 सितंबर की रात कोमाखान पुलिस को ग्राम बिंद्रावन में ओडिशा की शराब रखे होने की सूचना मिली थी। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम मौके पर पहुंची। तलाशी के दौरान घनश्यामदास मानिकपुरी के घर के पास स्थित बाड़ी से दो बोरियों में रखे शराब के 150 पाउच बरामद किए गए।
शराब बरामद होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और बाड़ी मालिक को पूछताछ के लिए थाने ले गई। हालांकि, शराब की बरामदगी के बावजूद अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि शराब वहां किसने रखी थी और इसके पीछे क्या उद्देश्य था।
दिनभर थाने में रहे घनश्याम, शाम को मिली रिहाई
शराब बरामदगी के बाद घनश्यामदास मानिकपुरी को संदेह के आधार पर पूछताछ के लिए थाने लाया गया था। वह दिनभर थाने में रहे, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया।
कोमाखान थाना प्रभारी मुकेश सोरी के अनुसार, पुलिस किसी निर्दोष व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई नहीं करना चाहती। घनश्याम की पृष्ठभूमि और जांच में सामने आए तथ्यों को ध्यान में रखते हुए उन्हें फिलहाल छोड़ा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि घनश्याम को छोड़ने का अर्थ यह नहीं है कि मामले की जांच समाप्त हो गई है। शराब बरामदगी के पीछे की वास्तविक वजह जानने के लिए जांच जारी है।
4-5 लोग जांच के दायरे में, आपसी रंजिश का एंगल भी खंगाल रही पुलिस
इस मामले में पुलिस अब केवल शराब की बरामदगी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भी पता लगाने में जुटी है कि शराब वहां कैसे पहुंची और इसके पीछे किन लोगों की भूमिका हो सकती है।
थाना प्रभारी मुकेश सोरी ने बताया कि सूचनाकर्ता के अलावा चार से पांच लोगों की भूमिका संदेह के दायरे में है। पुलिस इस आशंका की भी पड़ताल कर रही है कि कहीं आपसी रंजिश के चलते किसी को फंसाने के उद्देश्य से तो शराब वहां नहीं रखी गई थी।
हालांकि, अभी तक किसी व्यक्ति की संलिप्तता की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि सभी संभावित पहलुओं की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
परिवार का दावा—शराब से कोई संबंध नहीं, फंसाने की जताई आशंका
इधर, घनश्यामदास मानिकपुरी के परिवार ने शराब के कारोबार से किसी भी तरह का संबंध होने से इनकार किया है। परिवार का संदेह है कि किसी ने जानबूझकर उनकी बाड़ी के पास शराब रखकर उन्हें मामले में फंसाने की कोशिश की हो सकती है।
परिवार ने यह भी बताया कि घनश्याम का एक बेटा ओडिशा में पुलिस बल में तैनात है। परिवार ने इसी पृष्ठभूमि में साजिश की आशंका जताई है। हालांकि, परिवार के इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और न ही फिलहाल किसी व्यक्ति के खिलाफ शराब रखकर फंसाने का आरोप प्रमाणित हुआ है।
अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज, अब जांच पर टिकी निगाहें
ग्राम बिंद्रावन में शराब बरामदगी के इस मामले में पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ धारा 6 के तहत कार्रवाई की है। अब जांच का मुख्य बिंदु यह है कि बरामद शराब का वास्तविक मालिक कौन है, उसे वहां किसने रखा और क्या इस घटना के पीछे कोई व्यक्तिगत विवाद है।
एक ओर शराब की बरामदगी हुई है, वहीं दूसरी ओर परिवार ने साजिश की आशंका जताई है। ऐसे में पुलिस के सामने शराब रखने वाले व्यक्ति की पहचान करने के साथ घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाने की चुनौती है।
फिलहाल मामले में किसी व्यक्ति को दोषी ठहराने की स्थिति नहीं है। पुलिस की जांच और उससे सामने आने वाले तथ्यों के बाद ही स्पष्ट होगा कि बिंद्रावन में शराब बरामदगी के पीछे अवैध कारोबार था, आपसी रंजिश थी या कोई अन्य वजह।


Recent Comments