ब्रेकिंग न्यूज़: कोरबा में नशीली दवा कारोबार पर प्रशासन का सख्त एक्शन
कोरबा जिले में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार पर लगाम कसने के लिए प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। औषधि विभाग की टीम ने हाल ही में औचक निरीक्षण करते हुए कई मेडिकल स्टोर्स में अनियमितताओं की पहचान की है। जिला दंडाधिकारी कुणाल दुदावत के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए तीन मेडिकल स्टोर्स के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं।
औचक निरीक्षण में सामने आईं अनियमितताएं
हरदी बाजार, पाली, बालको, गोढ़ी, भैसमा, सोहागपुर, ढेलवाडीह और छुरी क्षेत्रों के मेडिकल स्टोर्स की जांच में अन्नपूर्णा मेडिकल स्टोर्स (हरदी बाजार), जीके मेडिकल स्टोर्स (पाली) और गर्वित मेडिकल स्टोर्स (सोहागपुर) में दवाओं के क्रय-विक्रय अभिलेखों में गड़बड़ी पाई गई। इन फर्मों को पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, परंतु उत्तर संतोषजनक नहीं रहने के कारण तीनों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। अब इन दुकानों पर दवा की खरीद-बिक्री पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगी।
अन्य मेडिकल स्टोर्स पर निगरानी जारी
जिन अन्य मेडिकल स्टोर्स – मिश्रा मेडिकल (बालको), ओम साईं मेडिकल (गोढ़ी), मेनन मेडिकल, जायसवाल मेडिकल, मोनिशा मेडिकल स्टोर्स, प्रिशा मेडिकल (ढेलवाडीह) और मारुति मेडिकल (छुरी) – के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है, उनके जवाब का इंतज़ार किया जा रहा है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना चिकित्सकीय पर्चे के नशीली दवाओं की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके लिए औषधि और पुलिस विभाग संयुक्त रूप से कार्रवाई करने के लिए आगे बढ़ेंगे।
दवाओं के नमूने लेकर की जाएगी परीक्षण
निरीक्षण के दौरान कोसाबाड़ी, मदवारानी और ढेलवाडीह-कटघोरा क्षेत्र से दवाओं के नमूने भी लिए गए हैं। इन्हें परीक्षण के लिए रायपुर की राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया है। परीक्षण के परिणामों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष
कोरबा में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार पर प्रशासन की यह कड़ी कार्रवाई दर्शाती है कि स्वास्थ्य और सुरक्षा के प्रति प्रशासन कितना गंभीर है। इस प्रकार की कार्रवाइयों से ही न केवल जिले में स्वास्थ्य सेवाएं सुधरेंगी, बल्कि अवैध कारोबार पर भी नियंत्रित किया जा सकेगा।

