पोप लियो का गिनी के जेल दौरे से मिला नया मोड़!

ताजा समाचार: पूप लियो XIV का अफ्रीका दौरा समाप्त, इक्वेटोरियल गिनी में जेल का दौरा

पूप लियो XIV ने अपने अफ्रीका दौरे के अंतिम दिन इक्वेटोरियल गिनी में एक जेल का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने 600 कैदियों से मुलाकात की और उन्हें प्रतिष्ठा एवं पुनर्मिलन पर बातचीत की, साथ ही जेल की स्थिति की आलोचना की।

जेल में कैदियों के साथ संवाद

पूप के इस दौरे का मुख्य उद्देश्य कैदियों को आश्वस्त करना और उनकी समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता दर्शाना था। बारिश के बीच, उन्होंने कैदियों के साथ खुलकर बात की और उनकी कठिनाइयों को समझने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति की मानवता को पहचानना आवश्यक है और समाज में गणमान्य नागरिक के रूप में उन्हें मान्यता दी जानी चाहिए।

जेल के अंदर, पूप ने पुनर्संरचना तथा सामाजिक न्याय का मुद्दा उठाया। उन्होंने कैदियों से आग्रह किया कि वे अपनी गलियों से सीखें और अपने भविष्य को सुधारने का प्रयत्न करें। उन्होंने कहा, "आपकी स्थिति आपकी पहचान नहीं है।"

सुधार की आवश्यकता

पूप लियो XIV ने जेल की दयनीय स्थिति की आलोचना की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं और अन्य बुनियादी सुविधाएं कैदियों के लिए अनिवार्य हैं। उन्होंने सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि कैदियों को मानवीय परिस्थितियों में रखा जा सके।

उन्होंने प्रशासन की ध्यानाकर्षण करते हुए कहा कि जेलों का उद्देश्य सजा देना नहीं, बल्कि सुधार करना होना चाहिए। इस दौरान उन्होंने कैदियों से बातचीत में सुधारात्मक उपायों पर भी चर्चा की।

स्थानीय समुदाय के लिए संदेश

पूप लियो XIV के दौरे का आयोजन केवल कैदियों के लिए नहीं, बल्कि समाज के लिए भी महत्वपूर्ण था। उन्होंने कहा कि समुदाय को एकजुट होकर काम करना चाहिए और उन्हें एक दूसरे का समर्थन करना चाहिए।

उन्होंने कहा, "हम सभी को अपने आसपास के लोगों की सहायता करनी चाहिए। हम सभी को एक परिवार की तरह जीना चाहिए।" उनका यह संदेश समाज में एकजुटता और सहिष्णुता पर जोर देता है।

पूप का यह दौरा न केवल कैदियों के लिए, बल्कि समाज के सभी वर्गों के लिए एक प्रेरणा का स्रोत है। उम्मीद की जा रही है कि इस दौरे से समाज में सकारात्मक बदलाव आएगा और कैदियों को संवेदनशीलता के साथ समझा जाएगा।

इस प्रकार, पूप लियो XIV का इस यात्रा का उद्देश्य केवल धार्मिक नहीं, बल्कि मानवता और सामाजिक सुधार का भी था।

"बिलासपुर हाई कोर्ट में historic पल: पांच जजों ने ली स्थायी जज की शपथ, रजिस्ट्रार जनरल ने जारी की अधिसूचना!"

ब्रेकिंग न्यूज़: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में नए न्यायाधीशों का शपथ ग्रहण

बिलासपुर: छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में आज एक महत्वपूर्ण अवसर पर चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने नए न्यायाधीशों को शपथ दिलाई। इस समारोह में उच्च न्यायालय के सभी न्यायाधीश उपस्थित रहे। यह कार्यक्रम एक ओर जहां न्यायिक प्रणाली की मजबूती का प्रतीक है, वहीं न्यायिक अधिकारियों के लिए एक नई जिम्मेदारी का भी आगाज़ है।

नए न्यायाधीशों की नियुक्ति की अधिसूचना

भारत सरकार के विधि एवं विधायी कार्य विभाग, नई दिल्ली द्वारा हाल ही में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में पांच नए स्थायी न्यायाधीशों की नियुक्ति की अधिसूचना जारी की गई थी। इस सूची में न्यायमूर्ति सचिन सिंह राजपूत, न्यायमूर्ति राधाकिशन अग्रवाल, न्यायमूर्ति संजय कुमार जायसवाल, न्यायमूर्ति बिभू दत्ता गुरु और न्यायमूर्ति अमितेन्द्र किशोर प्रसाद शामिल हैं। सभी न्यायाधीशों ने 20 अप्रैल 2026 को अपने पद का कार्यभार ग्रहण किया।

शपथ ग्रहण समारोह में उपस्थित विशिष्टजन

इस शपथ ग्रहण समारोह में उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष एवं सचिव, डिप्टी सॉलिसिटर जनरल, अतिरिक्त महाधिवक्ता, वरिष्ठ अधिवक्ता और विभिन्न न्यायिक अधिकारीगण उपस्थित रहे। समारोह में रजिस्ट्रार जनरल, न्यायिक अकादमी एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारी भी शामिल हुए। यह कार्यक्रम न्यायपालिका और विधिक समुदाय के बीच एकता और सहयोग को बढ़ावा देता है।

निष्कर्ष

न्यायपालिका की इस नई पिढ़ी के आगाज़ के साथ, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में न्यायिक प्रक्रियाओं में और गति और प्रभावशीलता बढ़ने की उम्मीद है। नए न्यायाधीशों की नियुक्ति से न केवल न्यायिक कार्यवाही में सुधार होगा, बल्कि इससे आम जनता को भी त्वरित और प्रभावी न्याय प्राप्त करने में सहायता मिलेगी। उच्च न्यायालय के सभी न्यायधीशों ने इस अवसर पर वचन दिया कि वे अपनी ज़िम्मेदारियों को ईमानदारी से निभाएंगे और न्याय की रक्षा करेंगे।

पंचायत राज दिवस पर महासमुंद जिले में होंगे विशेष कार्यक्रम, कलेक्टर ने जारी निर्देश

वेबमोर्चा न्यूज | महासमुंद | 23 अप्रैल 2026

महासमुंद जिले में 24 अप्रैल को राष्ट्रीय पंचायत राज दिवस के अवसर पर सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में कलेक्टर कार्यालय (पंचायत) द्वारा सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं।


📌 क्या रहेगा कार्यक्रम का उद्देश्य?

कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इस आयोजन का उद्देश्य लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण को मजबूत करना और ग्राम स्तर पर जनभागीदारी बढ़ाना है।


🗓️ ग्राम सभा में ये प्रमुख गतिविधियां होंगी

  • ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभा का आयोजन
  • जनप्रतिनिधियों और सम्मानित नागरिकों को आमंत्रण
  • मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन
  • ग्राम विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा
  • “हमारा गांव–हमारा अधिकार” जैसे संकल्प पारित
  • उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों और SHG महिलाओं का सम्मान
  • पंचायत एडवांसमेंट इंडेक्स (PAI) का प्रदर्शन
  • स्वच्छता और सार्वजनिक संपत्तियों के संरक्षण पर प्रस्ताव

महासमुंद में दिल दहला देने वाली वारदात, जमीन विवाद में छोटे भाई ने बड़े भाई को जिंदा जलाया, मां के सामने हुई वारदात

📲 रिकॉर्डिंग और ऑनलाइन अपलोड अनिवार्य

निर्देशों में कहा गया है कि ग्राम सभा की कार्यवाही की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी और इसे “GS Nirnay” मोबाइल ऐप के माध्यम से अपलोड करना अनिवार्य होगा। साथ ही पंचायत पोर्टल पर भी जानकारी साझा की जाएगी।


🌱 विशेष अभियान पर भी चर्चा

  • मोर गांव-मोर पानी” अभियान के तहत जल संरक्षण
  • पंचायतों को आदर्श ग्राम पंचायत बनाने का संकल्प

📌 निष्कर्ष

पंचायत राज दिवस के मौके पर आयोजित यह विशेष ग्राम सभा ग्रामीण विकास और जनभागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशासन ने सभी पंचायतों को निर्देश दिए हैं कि कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार कर सफल आयोजन सुनिश्चित करें।

IPL 2026: LSG vs RR – ऋषभ पंत पर चर्चा फाफ, डेल, जस्टिन और सबा!

ताजा खबर:
Rishabh Pant की चुनौतियाँ लगातार बढ़ती जा रही हैं। LSG कप्तान की हालिया असफलता के बाद, पूर्व खिलाड़ी सबा करीम ने अपनी सटीक राय दी है।

सबा करीम ने इस बात पर प्रकाश डाला कि "Rishabh Pant की समस्या यह है कि वह अब तक सफेद गेंद वाले क्रिकेट के लिए अपनी सही रणनीति नहीं ढूंढ पाए हैं।" उनका यह बयान LSG की हाल की पारियों को लेकर आया है, जहां Pant ने अपेक्षित प्रदर्शन नहीं किया। इस साल के IPL में उनकी फॉर्म कई सवाल खड़े कर रही है।

Rishabh Pant, जो भारतीय क्रिकेट टीम के प्रमुख बल्लेबाजों में शामिल हैं, अब जल्द से जल्द अपनी तकनीक में सुधार करके विपक्षियों के खिलाफ प्रतिस्पर्धा में वापस लौटने की कोशिश करेंगे।

निष्कर्ष:
Rishabh Pant की समस्या को हल करने के लिए उन्हें अपनी खेल रणनीति पर ध्यान देना होगा, ताकि LSG और भारतीय टीम के लिए उनका योगदान मजबूत बन सके।

महासमुंद में दिल दहला देने वाली वारदात, जमीन विवाद में छोटे भाई ने बड़े भाई को जिंदा जलाया, मां के सामने हुई वारदात

वेबमोर्चा न्यूज | महासमुंद | 23 अप्रैल 2026

छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। बागबाहरा थाना क्षेत्र के ग्राम आमगांव में जमीन विवाद के चलते छोटे भाई ने अपने बड़े भाई को जिंदा जलाकर मौत के घाट उतार दिया। इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।


🔴 क्या है पूरा मामला?

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, रायपुर निवासी कृष्णकांत दुबे (38) अपनी कथित पत्नी के साथ अपने पैतृक गांव आमगांव पहुंचे थे। यहां उनकी मां और छोटा भाई दौलत दुबे रहते हैं।

दोनों भाइयों के बीच लंबे समय से जमीन बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा था। मंगलवार शाम इसी मुद्दे पर दोनों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला हिंसक हो गया।


⚠️ विवाद ने लिया खौफनाक रूप

बताया जा रहा है कि झगड़े के दौरान:

  • बड़े भाई ने डंडे से हमला किया
  • छोटे भाई ने जवाब में हंसिए से वार किया
  • इसके बाद आरोपी ने बड़े भाई को एक कमरे में बंद कर दिया

कमरे में धान और महुआ रखा हुआ था। आरोपी ने बाहर से दरवाजा बंद कर पेट्रोल डालकर आग लगा दी, जिससे अंदर फंसे कृष्णकांत की दर्दनाक मौत हो गई।


👩‍👦 मां के सामने हुई घटना

घटना के समय मृतक की मां और एक महिला मौके पर मौजूद थीं। आग लगने के बाद बचाने की कोशिश की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली। आसपास के लोगों को भी बुलाया गया, पर मदद नहीं मिल सकी।


छोटे भाई ने बड़े भाई को कमरे में बंद कर जिंदा जलाया, जमीन विवाद बना वजह
छोटे भाई ने बड़े भाई को कमरे में बंद कर जिंदा जलाया, जमीन विवाद बना वजह

🚓 पुलिस की कार्रवाई

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और करीब 70% जले शव को बाहर निकाला।

  • आरोपी दौलत दुबे को हिरासत में लिया गया
  • हत्या का मामला दर्ज
  • पूरे घटनाक्रम की जांच जारी

📌 निष्कर्ष

जमीन विवाद जैसी पुरानी रंजिश ने एक परिवार को बिखेर दिया। यह घटना बताती है कि छोटी-छोटी बातों से शुरू हुआ विवाद किस तरह खौफनाक अंजाम तक पहुंच सकता है। फिलहाल पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।


👉 नोट: खबर उपलब्ध प्रारंभिक जानकारी पर आधारित है, पुलिस जांच के बाद तथ्य अपडेट हो सकते हैं।

लेबनानी पत्रकार की लक्षित इजरायली हवाई हमलों में हत्या, अधिकारियों का दावा

ब्रेकिंग न्यूज़: लबनान की संप्रभुता को बनाए रखना है शीर्ष प्राथमिकता

लबनान के राष्ट्रपति मिशेल औन ने कहा है कि देश की संप्रभुता की रक्षा करना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि लबनानी वार्ताकार इजरायली आक्रमणों को समाप्त करने, इजरायली सैनिकों को लबनान से वापस बुलाने, इजरायल में लबनानी कैदियों की रिहाई, इजरायली सीमा पर लबनानी सैनिकों की तैनाती, और पुनर्निर्माण प्रक्रिया शुरू करने का प्रयास करेंगे।

लबनान की संप्रभुता को प्राथमिकता

आउन के कार्यालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि वे अपने देश के सभी क्षेत्रों की संप्रभुता की रक्षा करने के प्रति दृढ़ संकल्पित हैं। उन्होंने यह चेतावनी दी है कि देश की सुरक्षा और स्वतंत्रता के लिए आवश्यक सभी कदम उठाए जाएंगे। लबनान में सुरक्षा स्थिति को सुरक्षित बनाना उनके लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है।

वार्ता में प्रमुख मुद्दे

लबनानी वार्ताकारों की सबसे पहले मांग होगी कि इजरायल के द्वारा चलाए जा रहे आक्रमणों का अंत हो। इसके साथ ही, उन्हें उम्मीद है कि इजरायली सैनिक जल्द ही लबनान से वापस लौटेंगे। औन ने इस बार में यह भी बताया कि उनके राष्ट्रपति भवन में सुरक्षा और रक्षा मामलों पर चर्चा जारी है।

उन्होंने यह भी कहा कि लबनान की सरकार इजरायल में बंद लबनानी नागरिकों की जल्दी रिहाई के लिए प्रयासरत है। औन ने कहा कि यह एक मानवीय मुद्दा है और इससे लबनान की जनता का भी विकास संभव होगा।

सीमा पर सैनिकों की तैनाती

इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए, औन ने सीमा पर लबनानी सैनिकों की तैनाती की दिशा में अपने कदम बढ़ाने की बात कही। उन्होंने यह सुनिश्चित करने का वादा किया है कि लबनान की सीमाएं सुरक्षित रहें, ताकि किसी भी प्रकार की अतिक्रमण की संभावना को समाप्त किया जा सके।

औन ने बताया कि इस प्रकार के प्रयासों से लबनान की संप्रभुता में मजबूती आएगी और देश के लोगों को स्थिरता और सुरक्षा मिलेगी।

पुनर्निर्माण की प्रक्रिया

अंत में, औन ने लबनान के पुनर्निर्माण के लिए आवश्यक कदम उठाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि देश में बुनियादी आधारभूत संरचनाओं को मजबूत करने की आवश्यकता है। उन्होंने इस दिशा में सभी संभावित संसाधनों का उपयोग करने का आश्वासन दिया।

संक्षेप में, औन ने लबनान के विकास और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विभिन्न मुद्दों पर ठोस कदम उठाने के लिए अपने इरादे को स्पष्ट किया है। लबनान की संप्रभुता और सुरक्षा के लिए किया गया उनका ये प्रयास कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

"बड़ी लापरवाही का पर्दाफाश! कचरे में मिला सरकारी स्कूल के बच्चों का यूनिफॉर्म, जिम्मेदार कौन?"

ब्रेकिंग न्यूज़: बलरामपुर में स्कूल यूनिफॉर्म वितरण में लापरवाही का मामला

बलरामपुर-रामानुजगंज से एक चौंकाने वाली खबर आ रही है, जहां एक सरकारी स्कूल के प्राचार्य, शिक्षकों और कर्मचारियों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। स्थानीय शासकीय स्कूल में शिक्षा सत्र 2024-25 के लिए मंगाए गए सैकड़ों यूनिफॉर्म बच्चों को नहीं बांटे गए और ये अब गांव में कचरे के ढेर में पाए गए हैं। इस घटना ने स्कूल प्रशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं और स्थानीय अभिभावकों में नाराजगी का माहौल है।

यूनिफॉर्म की बर्बादी ने सबको चौकाया

इस घटना की शुरुआत तब हुई जब कुछ ग्रामीणों ने कचरे के ढेर में स्कूली बच्चों के नए यूनिफॉर्म देखे। इन यूनिफॉर्म को खोलने तक नहीं दिया गया था। स्कूल प्रशासन द्वारा आवश्यकता से अधिक यूनिफॉर्म मंगवाने के सवाल उठने लगे हैं। यह भी स्पष्ट नहीं है कि पिछले शिक्षा सत्र में बच्चों को यूनिफॉर्म क्यों नहीं बांटे गए।

ग्रामीणों की चिंता इस बात को लेकर भी है कि यूनिफॉर्म कचरे के ढेर में कैसे पहुंचा, इसके लिए कोई खुलासा नहीं हुआ है। जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव ने कहा है कि मामला गंभीर है, और इसकी जांच की जा रही है, लेकिन स्कूल प्रशासन अपने बचाव में जुटा हुआ है।

पहले भी हो चुकी है गड़बड़ी

बलरामपुर जिले में पहले भी यूनिफॉर्म वितरण में अनियमितताओं के मामले सामने आ चुके हैं। इस तरह के मामलों में पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी को निलंबित किया गया था। शिक्षा विभाग ने अब फिर से इस मामले को गंभीरता से लिया है, हालांकि स्कूल के शिक्षक अब इस घटना को दबाने की कोशिश कर रहे हैं।

जिला शिक्षा अधिकारी का कहना है कि सूचना मिलते ही एक जांच दल को घटनास्थल पर भेजा गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि चोरों ने यूनिफॉर्म को बाहर निकालकर कचरे के ढेर में फेंक दिया।

शिक्षा विभाग की ओर से उठाए गए कदम

इस मामले के प्रकाश में आने के बाद, स्कूल प्रशासन ने व्यावहारिक कदम उठाते हुए थाने में चोरी की शिकायत दर्ज कराई है। लेकिन सवाल यह है कि क्या चोर वास्तव में स्कूल के यूनिफॉर्म को लेकर जा सकते थे? यदि चोरों ने यूनिफॉर्म को फेंका है, तो उन्हें बिखेरने का उद्देश्य क्या था? इन सब सवालों के जवाब अभी भी अधूरे हैं।

निष्कर्ष

बिल्कुल स्पष्ट है कि बलरामपुर जिले का यह यूनिफॉर्म मामला शिक्षण व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता को दर्शाता है। अधिकारियों को इस मामले की गंभीरता को समझते हुए सख्त कदम उठाने की जरूरत है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। बच्चों के शिक्षा के अधिकार की सुरक्षा करना हम सभी की जिम्मेदारी है। ऐसे में यह जरूरी है कि सरकारी स्कूलों में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व सुनिश्चित किया जाए।

आईपीएल 2026: मिशेल स्टार्क की यात्रा को मिली मंजूरी, दिल्ली कैपिटल्स के लिए हैं तैयार!

ब्रेकिंग न्यूज़:
मिचेल स्टार्क को कंधे और कोहनी की समस्याओं से मुक्त कर दिया गया है। स्टार्क शुक्रवार को भारत आएंगे और उम्मीद है कि वह 1 मई को दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेल सकेंगे।

मिचेल स्टार्क, ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज, ने हाल ही में अपनी कंधे और कोहनी की समस्याओं को हल कर लिया है। उनकी वापसी दिल्ली कैपिटल्स के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है, क्योंकि टीम को उनके अनुभव और कौशल की जरूरत है। 1 मई को, दिल्ली कैपिटल्स का सामना IPL में एक महत्वपूर्ण मैच में होगा, जहां स्टार्क की उपस्थिति से टीम की ताकत बढ़ जाएगी।

इस तरह, मिचेल स्टार्क की वापसी से दिल्ली कैपिटल्स को बड़े मुकाबलों में जीत की उम्मीदें बढ़ रही हैं।

Gold Silver Price: शादी सीजन से पहले निवेशकों को मिल गया मौका, सोने-चांदी के दाम गिरे; जानिए आज का ताजा रेट

Gold Silver Price: शादी सीजन से पहले निवेशकों को मिल गया मौका, सोने-चांदी के दाम गिरे; जानिए आज का ताजा रेट

आज की ताजा खबर:

त्वरित पठन दिखाएँ

AI द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित

  • घरेलू फ्यूचर मार्केट में सोने-चांदी के दामों में कमी आई है।
  • MCX पर गोल्ड फ्यूचर वायदा 540 रुपये कम होकर ट्रेड हो रहा है।
  • चांदी के दाम में 1.55% या 3,850 रुपये की गिरावट आई।
  • विभिन्न शहरों में सोना और चांदी के दामों में भिन्नता देखी गई।

सोने-चांदी की कीमत आज: घरेलू फ्यूचर मार्केट में 23 अप्रैल, गुरुवार को सोने और चांदी के दामों में गिरावट आई है। समाचार लिखे जाने तक मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 5 जून, 2026 के गोल्ड फ्यूचर वायदा में 540 रुपये की कमी आई थी।

MCX पर गोल्ड वायदा 1,52,051 रुपये (प्रति 10 ग्राम) पर खुला था। पिछले कारोबारी दिन MCX पर सोने का भाव 1,52,657 रुपये पर बंद हुआ था।

सुबह करीब 9:50 बजे, गोल्ड वायदा 0.36 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,52,115 रुपये पर ट्रेड कर रहा था, जबकि शुरुआती कारोबार में गोल्ड फ्यूचर वायदा 1,53,200 रुपये के उच्च स्तर पर पहुंचा था।

चांदी की कीमत:

MCX पर 5 मई, 2026 की चांदी 1.55 प्रतिशत या 3,850 रुपये की गिरावट के साथ ट्रेड कर रही है। चांदी ने 2,42,501 रुपये पर कारोबार की शुरुआत की थी। दिन के दौरान चांदी का उच्चतम स्तर 2,44,730 रुपये था।

दिल्ली, मुंबई और कोलकाता में चांदी का दाम आज 2,600 रुपये प्रति 10 ग्राम है, जबकि 100 ग्राम चांदी खरीदने के लिए 26,000 रुपये देने होंगे। चेन्नई में 10 ग्राम चांदी की कीमत 2,700 रुपये है।

भिन्न शहरों में सोने के दाम:

दिल्ली:
24 कैरेट – 1,53,700 रुपए
22 कैरेट – 1,40,900 रुपए
18 कैरेट – 1,15,310 रुपए

मुंबई:
24 कैरेट – 1,53,550 रुपए
22 कैरेट – 1,40,750 रुपए
18 कैरेट – 1,15,160 रुपए

चेन्नई:
24 कैरेट – 1,55,450 रुपए
22 कैरेट – 1,42,490 रुपए
18 कैरेट – 1,18,810 रुपए

कोलकाता:
24 कैरेट – 1,53,550 रुपए
22 कैरेट – 1,40,750 रुपए
18 कैरेट – 1,15,160 रुपए

अहमदाबाद:
24 कैरेट – 1,53,600 रुपए
22 कैरेट – 1,40,800 रुपए
18 कैरेट – 1,15,210 रुपए

लखनऊ:
24 कैरेट – 1,53,700 रुपए
22 कैरेट – 1,40,900 रुपए
18 कैरेट – 1,15,310 रुपए

पटना:
24 कैरेट – 1,53,600 रुपए
22 कैरेट – 1,40,800 रुपए
18 कैरेट – 1,15,210 रुपए

हैदराबाद:
24 कैरेट – 1,53,550 रुपए
22 कैरेट – 1,40,750 रुपए
18 कैरेट – 1,15,160 रुपए

यह भी पढ़ें:

शेयर बाजार 23 अप्रैल: सेंसेक्स में 640 अंक की गिरावट; निफ्टी भी प्रभावित

Source: Read More

👉 रोजाना अपडेट के लिए WebMorcha विजिट करें

[ad_1]

तमिलनाडु चुनाव 2026: TVK प्रमुख विजय ने मतदान समय बढ़ाने की मांग की, सलेम में AIADMK-DMK में संघर्ष

ब्रेकिंग न्यूज़: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए मतदान शुरू!

तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान आज सुबह 7 बजे से शुरू हुआ। चुनावी प्रक्रिया के बीच सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, और मतदाता चुनाव केंद्रों के बाहर लंबी कतारों में खड़े नजर आ रहे हैं।

चुनावी मुकाबला: DMK और AIADMK के बीच कड़ी टक्कर

राज्य में चुनावी दंगल में सत्तारूढ़ द्रमुक (DMK) और मुख्य विपक्षी पार्टी AIADMK प्रमुख रूप से आमने-सामने हैं। इसके अलावा, अभिनेता-राजनीतिज्ञ विजय की नेतृत्व वाली टीवीके (TVK) और तमिल राष्ट्रवादी नेता सीमन की पार्टी NTK भी चुनावी मैदान में है।

मुख्य मंत्री पलानीस्वामी, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम, पूर्व तेलंगाना के राज्यपाल और बीजेपी की उम्मीदवार डॉ. तमिलिसाई सौंदरराजन, और NTK के नेता सीमन जैसे वरिष्ठ नेता भी मतदान के लिए पहुंचे। उन्होंने क्रमशः सलेम, शिवगंगा और चेन्नई में अपने वोट डालें।

विभिन्न श्रेणी के अन्य प्रमुख चेहरे, जैसे अभिनेता रजनीकांत और विजय, ने भी मतदान किया। रजनीकांत ने स्टेला मैरिस कॉलेज में वोट डाला, जबकि विजय ने वेल्स इंटरनेशनल स्कूल में अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

प्रधानमंत्री का मतदाताओं से अपील

चुनाव के उत्साह के बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मतदाताओं से अपील की कि वे इस "लोकतंत्र के पवित्र कर्तव्य" में उत्साहपूर्वक भाग लें। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं और महिलाओं को रिकॉर्ड संख्या में मतदान करने के लिए प्रेरित किया।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी मतदाताओं से एक ऐसी सरकार चुनने की अपील की, जो उनकी आकांक्षाओं को पूरा करे, न कि परिवार की महत्वाकांक्षाओं के लिए काम करे।

भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने तमिलनाडु के लोगों से लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि "तमिलनाडु भ्रष्टाचार और हिंसा के संकट में है। यह एक बार साधुओं की भूमि थी, लेकिन अब इसे सांस्कृतिक पहचान संकट का सामना करना पड़ रहा है।"

मतदान की तैयारियां: सुरक्षा और सुविधाएं

तमिलनाडु में कुल 5.73 करोड़ मतदाता हैं, जो 75,064 मतदान केंद्रों पर अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें से 2.93 करोड़ महिलाएं, 2.83 करोड़ पुरुष और 7,728 तीसरे लिंग के लोग शामिल हैं।

चुनाव आयोग ने 1,06,418 बैलट यूनिट्स के साथ-साथ 75,064 कंट्रोल यूनिट्स और VVPAT मशीनें तैनात की हैं। किसी भी तकनीकी बाधा को रोकने के लिए EVMs और VVPATs के लिए रिजर्व भी रखा गया है।

शांति की देखरेख के लिए 300 कंपनियों की केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) तथा 83,875 राज्य पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।

पहली बार मतदान करने वाले 14,59,039 मतदाताओं और 85 वर्ष से ऊपर के 3,98,513 मतदाताओं ने घर से मतदान का लाभ उठाया है। मतदान की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए प्रशासन ने पेयजल, शौचालय, हेल्प डेस्क, रैंप, और व्हीलचेयर की सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं।

मतदान केंद्रों के भीतर मोबाइल फोन और स्मार्टवॉच ले जाने पर सख्ती से प्रतिबंध लागू किया गया है।

राज्य के इस महत्वपूर्ण चुनाव के परिणाम कितने असरदार होंगे, यह तो चुनाव परिणामों के बाद ही सामने आएगा।