Gold Silver Price Today April 23: बाजार खुलते ही चांदी ₹6,000 लुढकी, सोने में भी गिरावट, अपने शहर में चेक कर लें 24K, 22K, 18K का भाव – gold silver rate today 23 april 2026 aaj sone chandi ka bhav check 24k 22k 18k prices in major cities

Gold Silver Price Today April 23: बाजार खुलते ही चांदी ₹6,000 लुढकी, सोने में भी गिरावट, अपने शहर में चेक कर लें 24K, 22K, 18K का भाव – gold silver rate today 23 april 2026 aaj sone chandi ka bhav check 24k 22k 18k prices in major cities

आज की ताजा खबर:

गोल्ड और सिल्वर रेट आज 23 अप्रैल, 2026: सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट


Gold Silver Price 23 April 2026
सोने और चांदी की कीमतें।

नई दिल्ली: आज सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखी गई है। एमसीएक्स पर चांदी की कीमत में 6,000 रुपये से अधिक की कमी आई है, वहीं सोने की कीमत लगभग 1,000 रुपये कम हुई है। पिछले सत्र में, 5 मई की डिलीवरी वाली चांदी 2,48,364 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी, जबकि आज यह 2,42,501 रुपये पर खुली और शुरुआती कारोबार में 6,144 रुपये की गिरावट के साथ 2,42,220 रुपये तक पहुंच गई।

सुबह 9:10 बजे यह 4,488 रुपये यानी 1.81 फीसदी की कमी के साथ 2,43,876 रुपये पर व्यापार कर रही थी। 5 जून की डिलीवरी वाला सोना पिछले सत्र में 152,657 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था, आज यह 152,051 रुपये पर खुला और शुरुआती कारोबार में 938 रुपये की गिरावट के बाद 1,51,719 रुपये तक फिसल गया। सुबह 9:45 बजे यह 528 रुपये यानी 0.35 फीसदी की कमी के साथ 1,52,129 रुपये पर ट्रेड कर रहा था।

सर्राफा बाजार में कीमतें

सर्राफा बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में कमी आई है। गुड रिटर्न्स के अनुसार, 24 कैरेट सोने की कीमत 1,200 रुपये की गिरावट के साथ 1,53,550 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई है। 22 कैरेट सोने में 1,100 रुपये की कमी आई है और इसकी कीमत 1,40,750 रुपये है। इसी तरह, 18 कैरेट गोल्ड की कीमत 900 रुपये की गिरावट के साथ 1,15,160 रुपये हो गई। चांदी की कीमत 5,000 रुपये प्रति किलो की गिरावट के बाद 2,60,000 रुपये पर रह गई।

विभिन्न शहरों में सोने की कीमत (सुबह 10 बजे)

शहर24K22K18K
दिल्ली₹153700₹140900₹115310
मुंबई₹153550₹140750₹115160
कोलकाता₹153550₹140750₹115160
चेन्नई₹154480₹141600₹118100
लखनऊ₹153700₹140090₹115310
कानपुर₹153700₹140090₹115310
पटना₹153600₹140800₹115210
जयपुर₹153700₹140900₹115310
इंदौर₹153600₹140800₹115210
भोपाल₹153600₹140800₹115210

सर्राफा बाजार में हुई कीमतों में गिरावट

राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में सोने की कीमत 300 रुपये की कमी के साथ 1,57,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई है। चांदी की कीमत 2,700 रुपये घटकर 2,55,000 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है।

सोने की कीमतों में गिरावट का कारण अमेरिका-ईरान बातचीत की अनिश्चितता है। हालांकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संघर्ष विराम की अवधि बढ़ा दी है।

सौमिल गांधी, वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस), एचडीएफसी सिक्योरिटीज

आगे के अनुमान

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि एमसीएक्स पर हालिया बढ़त के बावजूद सोने और चांदी की कीमतें एक सीमित दायरे में बनी हुई हैं। कुछ बदलाव संभव हैं:

  • अगर सोना 1,55,000 रुपये के ऊपर रहता है, तो कीमत 1,57,000 से 1,58,000 रुपये तक बढ़ सकती है। अगर यह 1,52,000 रुपये के नीचे गिरता है, तो यह 1,50,000 से 1,48,000 रुपये के स्तर तक आ सकता है।
  • चांदी 2,48,000 से 2,50,000 रुपये के बीच कारोबार कर रही है। 2,53,000 से 2,55,000 रुपये पर प्रतिरोध है, इसके पार जाने से कीमतें 2,60,000 से 2,62,000 रुपये तक पहुंच सकती हैं।

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महासमुंद, भीषण गर्मी का असर: खड़ी वैगन आर धू-धू कर जली, फायर ब्रिगेड देर से पहुंची, देखें वीडियों

वेबमोर्चा न्यूज | सरायपाली

सरायपाली में भीषण गर्मी के बीच एक बड़ा हादसा सामने आया है। सड़क किनारे खड़ी मारुति वैगन आर में अचानक आग लग गई, देखते ही देखते कार पूरी तरह आग की चपेट में आ गई और धू-धू कर जलने लगी। मौके पर लोगों में अफरा-तफरी मच गई।


🚨 क्या हुआ मौके पर?

  • कार धूप में खड़ी थी, तभी अचानक आग लगी
  • कुछ ही मिनटों में आग ने पूरी गाड़ी को घेर लिया
  • स्थानीय लोगों ने आग बुझाने की कोशिश की

बताया जा रहा है कि अग्निशमन विभाग समय पर नहीं पहुंच सका, जिससे नुकसान बढ़ गया।


पंचायत राज दिवस पर महासमुंद जिले में होंगे विशेष कार्यक्रम, कलेक्टर ने जारी निर्देश


⚠️ गर्मी में सावधानी बेहद जरूरी

भीषण गर्मी के मौसम में इस तरह की घटनाएं बढ़ रही हैं। नागरिकों से अपील की गई है कि:

  • ☀️ तेज धूप में लंबे समय तक कार खड़ी न करें
  • 🧴 कार के अंदर प्लास्टिक बोतल या ज्वलनशील सामान न रखें
  • 🚗 वाहन को छायादार स्थान पर पार्क करें
  • 🔧 समय-समय पर गाड़ी की वायरिंग और बैटरी की जांच कराएं

📌 निष्कर्ष

गर्मी के इस मौसम में छोटी सी लापरवाही बड़ा हादसा बन सकती है। सतर्क रहें और सुरक्षित रहें।

नीचे देखें वीडियो

चीन, भारत या अन्य संकट: ट्रम्प ने शेयर किया आप्रवासी रोधी राग!

ब्रेकिंग न्यूज: ट्रंप का नया पोस्ट, प्रवासन पर फिर से भड़की बयानबाजी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक बार फिर आप्रवासन के खिलाफ भड़काऊ पोस्ट साझा किया है। यह कदम उनके घटते लोकप्रियता के बीच उठाया गया है।

ट्रंप का विवादास्पद पोस्ट

डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में एक लंबे पोस्ट को अपने ‘ट्रुथ सोशल’ प्लेटफॉर्म पर साझा किया। इस पोस्ट में आप्रवासन और अमेरिका में जन्म से नागरिकता के अधिकारों के खिलाफ तीखी टिप्पणी की गई है। ट्रंप ने आरोप लगाया है कि जन्म से नागरिकता का वर्तमान व्याख्या आप्रवासियों को अपने परिवार को अमेरिका लाने की अनुमति देता है, चाहे वे चीन, भारत या अन्य देशों से हों।

पोस्ट में कहा गया है, “यहां जन्मे बच्चे तुरंत नागरिक बन जाते हैं, और फिर वे अपने पूरे परिवार को लेकर आते हैं।” ट्रंप ने यह भी দাবি किया कि आजकल के आप्रवासियों में अमेरिका के प्रति कोई वफादारी नहीं है।

सांस्कृतिक और राजनीतिक संकट के रूप में मुद्दा

ट्रंप का यह पोस्ट कानूनी सवाल के बजाय एक सांस्कृतिक और राजनीतिक संकट के रूप में जन्म से नागरिकता के मुद्दे को पेश करता है। उन्होंने कहा, “यह वास्तव में कानून के बारे में नहीं है, यह सार्वजनिक राय के बारे में है।”

इससे यह स्पष्ट होता है कि ट्रंप आप्रवासन नीति और राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ अपने हमलों को और तेज कर रहे हैं।

घटती लोकप्रियता और चुनावी संकट

ट्रंप की लोकप्रियता हाल के सर्वेक्षणों में गिर रही है। कई सर्वेक्षणों, जैसे कि रॉयटर्स/इप्सोस और एपी-नॉर्क, में दिखाया गया है कि उनकी अनुमोदन रेटिंग 30 के मध्य में ठहरी हुई है। लोग प्रमुख मुद्दों जैसे कि अर्थव्यवस्था, आप्रवासन, और ईरान के साथ चल रहे संघर्ष पर असंतुष्ट हैं।

ट्रंप ने अप्रैल में जन्म से नागरिकता पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई में भाग लेकर एक नया अध्याय खोला। यह सुनवाई अमेरिका के संविधान के चौदहवें संशोधन से संबंधित महत्वपूर्ण सवालों पर केंद्रित थी।

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स और न्यायाधीश एलेना केगन ने इस मुद्दे पर कानूनी तर्कों के प्रति संदेह व्यक्त किया। कई विशेषज्ञों ने चेताया है कि यदि इस संशोधन को सीमित किया गया, तो इससे लाखों लोगों पर प्रभाव पड़ेगा।

एक हालिया रॉयटर्स/इप्सोस सर्वेक्षण में पाया गया कि 52% अमेरिकियों ने कहा कि वे ट्रंप की प्रवासन नीतियों को समर्थन देने वाले उम्मीदवारों को वोट नहीं देंगे।

इन घटते अनुमोदन रेटिंग और राजनीतिक संकट के बावजूद, ट्रंप के बयानबाजी लगातार जारी है, जो आने वाले चुनावों में उनकी स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बना सकता है।

बड़ी खबर: मध्य प्रदेश कैबिनेट का ऐतिहासिक फैसला! किसानों को चार गुना मुआवजा, जमीन अधिग्रहण के नियम हुए बदल!

ब्रेकिंग न्यूज: मध्य प्रदेश कैबिनेट का ऐतिहासिक फैसला, किसानों को मिलेगा चार गुना मुआवजा

मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, जिसे प्रदेश के विकास में मील का पत्थर माना जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में भूमि अधिग्रहण के मुआवजे में भारी वृद्धि का ऐलान किया गया है। इस नई गाइडलाइन के अनुसार, विकास परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित भूमि के बदले किसानों को गाइडलाइन वैल्यू का चार गुना मुआवजा दिया जाएगा।

मुआवजा राशि में वृद्धि का कारण

मुख्यमंत्री ने बताया कि भूमि अधिग्रहण कानून (2013 अधिनियम) के तहत मुआवजे के ‘फैक्टर’ को बदला गया है। पहले राज्य में यह फैक्टर-1 लागू था, जिसके कारण किसानों को उनकी भूमि का केवल दो गुना मुआवजा मिलता था। अब, कैबिनेट ने फैक्टर-2 लागू किया है, जिसका सीधा अर्थ है कि ग्रामीण क्षेत्रों में निर्धारित गाइडलाइन वैल्यू का चार गुना मुआवजा मिलेगा। इससे किसान अपने हक के अनुसार बेहतर मुआवजा प्राप्त कर सकेंगे।

विकास परियोजनाओं में तेजी आएगी

सरकार का यह निर्णय किसानों के लिए एक सकारात्मक बदलाव लाएगा। पहले, सरकारी गाइडलाइन रेट बाजार मूल्य से कम होते थे, जिससे किसान अपनी जमीन देने में हिचकिचाते थे। इससे महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं, जैसे सिंचाई परियोजनाएं, बांध, रेलवे और सड़कों के कामों में देरी होती थी। मुख्यमंत्री का मानना है कि चार गुना मुआवजे के जरिए किसान अब अपनी जमीन देने में आगे आएंगे, जिससे सरकारी परियोजनाएं समय पर पूरी हो सकेंगी।

लंबे समय से चल रही मांग पूरी

यह उल्लेखनीय है कि भारतीय किसान संघ समेत कई संगठनों ने लंबे समय से मुआवजे की राशि बढ़ाने की मांग की थी। किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार ने एक उच्चस्तरीय समिति बनाई थी, जिसमें कई दिग्गज नेता शामिल थे। समिति ने किसानों की आवश्यकताओं को गहराई से समझा और अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी, जिसके आधार पर यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है।

निष्कर्ष

मध्य प्रदेश सरकार का यह निर्णय न केवल किसानों के लिए अत्यधिक फायदेमंद होगा, बल्कि इससे राज्य के विकास में भी गति मिलेगी। इस फैसले से लाखों किसानों के जीवन में खुशहाली आने की संभावनाएं हैं। सरकार की इस पहल से प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक समृद्धि को नया रुख मिलेगा।

ब्रायन मैकडरमोट का इंग्लैंड को रग्बी लीग वर्ल्ड कप में सशक्त नेतृत्व!

ब्रेकिंग न्यूज़: इंग्लैंड की पुरुष रग्बी लीग टीम के नए मुख्य कोच ब्रायन मैकडермॉट बने हैं। वह इस वर्ष के पतझड़ में होने वाले रग्बी लीग विश्व कप में टीम का नेतृत्व करेंगे।

ब्रायन मैकडर्मॉट को इंग्लैंड की रग्बी लीग टीम के प्रभारी के रूप में नियुक्त किया गया है। उनकी कोचिंग में इंग्लैंड की टीम इस साल अक्टूबर में रग्बी लीग विश्व कप में भाग लेगी। मैकडर्मॉट के अनुभव और रणनीति के साथ, टीम अपनी जीत की संभावनाओं को और मजबूत करने की कोशिश करेगी।

रग्बी लीग विश्व कप इंग्लैंड के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, जहां टीम को अपने प्रदर्शन को साबित करने का मौका मिलेगा। मैकडर्मॉट की अगुवाई में खिलाड़ियों से उम्मीद की जा रही है कि वे उच्च स्तर का खेल प्रदर्शित करेंगे।

इस प्रकार, ब्रायन मैकडर्मॉट की कोचिंग में इंग्लैंड की पुरुष रग्बी लीग टीम विश्व कप में सफलता के नए आयाम छूने को तैयार है।

US नौसेना का प्रमुख ‘तुरंत प्रभाव से’ पद छोड़ रहा है, पेंटागन ने कहा

ताज़ा खबर: अमेरिकी नौसेना के सचिव जॉन फेलेन ने छोड़ी अपनी नियुक्ति, प्रशासन में फिर एक बड़ा बदलाव

अमेरिका में एक और अहम राजनीतिक बदलाव हुआ है, जब नौसेना के सचिव जॉन फेलेन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यह घटनाक्रम उन उच्च रैंकिंग अधिकारियों की एक सूची में शामिल हो गया है, जिन्होंने हाल ही में प्रशासन को छोड़ा है।

जॉन फेलेन का करियर

जॉन फेलेन ने अपने करियर की शुरुआत नौसेना में एक अधिकारी के रूप में की थी। उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है और नौसेना के संचालन में उनका योगदान महत्वपूर्ण रहा है। उनका इस्तीफा ऐसे समय आया है, जब अमेरिका की नौसेना विभिन्न चुनौतियों का सामना कर रही है, विशेषकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर।

प्रशासन में बदलाव की पृष्ठभूमि

हाल के महीनों में, अमेरिका की राजनीतिक व्यवस्था में कई बदलाव देखने को मिले हैं। जॉन फेलेन का इस्तीफा उन उच्च श्रेणी के अधिकारियों की सूची में शामिल है, जिन्होंने प्रशासन छोड़ने का निर्णय लिया है। इससे पहले भी कई अन्य प्रमुख अधिकारियों ने पद छोड़कर अन्य योजनाओं की ओर बढ़ने का फैसला किया था। इस प्रकार के बदलाव प्रशासन की स्थिरता पर सवाल उठाते हैं।

हालांकि, भविष्य की संभावनाएँ

जॉन फेलेन के इस्तीफे के बाद अब यह देखना होगा कि कौन उनके स्थान पर नियुक्त किया जाएगा। इस पद पर नए नेता की नियुक्ति अमेरिका की नौसेना की दिशा और रणनीति को निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। नई नियुक्तियां मोटे तौर पर सेना की कार्यप्रणाली को प्रभावित कर सकती हैं।

अमेरिकी नौसेना को विभिन्न चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, जिनमें सुरक्षा, तकनीकी विकास और अंतरराष्ट्रीय संबंध शामिल हैं। जॉन फेलेन की विदाई के बाद, नई नियुक्तियों से इन चुनौतियों का सही दिशा में सामना किया जा सकता है या नहीं, यह भविष्य की बात है।

इस बदलाव के परिणामस्वरूप अमेरिका की नौसेना की प्राथमिकताएँ और कार्यशैली प्रभावित हो सकती हैं। ऐसे समय में जब अमेरिका कई महत्वपूर्ण सामरिक निर्णयों की ओर बढ़ रहा है, ये बदलाव महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।

अंत में, जॉन फेलेन के इस्तीफे से यह स्पष्ट होता है कि अमेरिका में प्रशासनिक बदलाव निरंतर हो रहे हैं। इन परिवर्तनों का दीर्घकालिक प्रभाव देखने के लिए समय लगेगा, लेकिन इस समय अमेरिका की नौसेना को नई दिशा देने का कार्य निश्चित ही आवश्यक है।

Bilaspur High Court का बड़ा फैसला: RERA कोर्ट नहीं, नियामक संस्था – देरी की वजह से केस खारिज करना गलत!

ब्रेकिंग न्यूज़: बिलासपुर हाई कोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला

बिलासपुर, छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर हाई कोर्ट ने रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) के अधिकारों को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। जस्टिस बीडी गुरु ने स्पष्ट किया है कि रेरा न्यायालय की श्रेणी में नहीं आता, बल्कि यह एक नोडल नियामक संस्था है। इसके परिणामस्वरूप, किसी भी मामले में देरी से शिकायत दायर करने को आधार बना कर केस को खारिज करना सही नहीं है।

रेरा का महत्व और शिकायतों का अधिकार

बिलासपुर हाई कोर्ट ने कहा कि रेरा में शिकायत दायर करने के लिए कोई समय सीमा नहीं है। कोर्ट ने यह भी कहा कि समय-सीमा की पाबंदी को मामला खारिज करने का कारण नहीं माना जा सकता है। इससे मकान खरीदने वालों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। जस्टिस बीडी गुरु ने अपने फैसले में दोहराया कि रेरा की भूमिका उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा करना है और इसके तहत किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जा सकता।

मामला क्या था?

यह मामला जगदलपुर निवासी निधि साव से जुड़ा है, जिन्होंने दुर्ग जिले के अमलेश्वर में ग्रीन अर्थ सिटी में एक फ्लैट बुक कराया था। समय पर कब्जा नहीं मिलने और घटिया निर्माण के खिलाफ उन्होंने स्थानीय प्रशासन में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन उनकी शिकायत का कोई ठोस समाधान नहीं निकला। इस निराशा के चलते, उन्होंने रेरा में अपना मामला दायर किया।

ट्रिब्यूनल के आदेश की समीक्षा

रेरा ने बिल्डर को दो महीने में काम पूरा कर कब्जा देने का आदेश दिया था, लेकिन बिल्डर ने खरीदार को बकाया राशि जमा करने को कहा। निधि ने ट्रिब्यूनल के उस आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी, जिसमें उनके आवेदन को समय सीमा के कारण खारिज कर दिया गया था। हाई कोर्ट ने ट्रिब्यूनल के निर्णय को रद्द करते हुए आदेश दिया है कि मामले की फिर से गुण-दोष के आधार पर सुनवाई की जाए।

निष्कर्ष

बिलासपुर हाई कोर्ट का यह फैसला रेरा के अधिकारों और उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम है। यह सुनिश्चित करता है कि रेरा के माध्यम से खरीदारों को उनके अधिकारों की रक्षा मिल सके। इस फैसले ने उपभोक्ताओं को स्पष्ट संकेत दिया है कि उन्हें शिकायत दर्ज कराने में समय सीमा की चिंता नहीं करनी चाहिए। कोर्ट का यह निर्णय रियल एस्टेट से जुड़े मामलों में एक नई दिशा प्रदान करेगा।

जय शाह: पোমोना में नाइट राइडर्स का MLC बेस LA28 में चमकेगा!

ब्रेकिंग न्यूज़: लॉस एंजेलेस नाइट राइडर्स के लिए फेयरप्लेक्स खेल परिसर को MLC 2026 का होम वेन्यू घोषित किया गया है। यह स्थान 2028 ओलंपिक खेलों में क्रिकेट का मुख्य स्थल भी होगा।

फेयरप्लेक्स, लॉस एंजेलेस की एक प्रमुख खेल सुविधा है, जो न केवल MLC 2026 के दौरान लॉस एंजेलेस नाइट राइडर्स का घर बनेगा, बल्कि यह 2028 ओलंपिक खेलों में क्रिकेट की मेज़बानी भी करेगा। इस खबर से न केवल क्रिकेट प्रेमियों में उत्साह बढ़ा है, बल्कि लॉस एंजेलेस में खेल के विकास की संभावनाओं को भी नई दिशा मिली है।

इस आयोजन से स्थानीय खिलाड़ियों और क्रिकेट फैंस को भरपूर लाभ मिलने की उम्मीद है। फेयरप्लेक्स के इस सम्मेलन से क्रिकेट को ओलंपिक स्तर पर नई पहचान मिलेगी और खेल को और बढ़ावा मिलेगा।

इस प्रकार, फेयरप्लेक्स एक महत्वपूर्ण स्थल बन जाएगा, जो लॉस एंजेलेस में क्रिकेट के भविष्य को उज्ज्वल बनाने में सहायक सिद्ध होगा।

Gold Rate Today In India: गोल्ड हुआ और सस्ता, 10 शहरों में 24 से 22 कैरेट का अब ये है भाव – gold price today on wednesday 18 feb gold rate sone ka bhav 24k 22k 18k delhi mumbai chennai kolkata lucknow jaipur patna silver price today

Gold Rate Today In India: गोल्ड हुआ और सस्ता, 10 शहरों में 24 से 22 कैरेट का अब ये है भाव – gold price today on wednesday 18 feb gold rate sone ka bhav 24k 22k 18k delhi mumbai chennai kolkata lucknow jaipur patna silver price today

आज की ताजा खबर:

भारत में आज का सोने का भाव: डॉलर में मजबूती और जियोपॉलिटिकल तनाव में कमी संकेतों के चलते सोने और चांदी के बाजार में लगातार तीसरे दिन गिरावट देखी गई है। दिल्ली में 24 कैरेट सोने का दाम प्रति दस ग्राम ₹3560 और 22 कैरेट सोने का ₹3260 कम हुआ है। आज सोने की कीमतों में प्रति दस ग्राम ₹10 की कमी आई है। चांदी के भाव भी आज तीसरे दिन गिरकर प्रति किलोग्राम ₹15,100 सस्ते हुए हैं।

शहर के अनुसार सोने के भाव

देश के 10 बड़े शहरों में 18 कैरेट, 22 कैरेट और 24 कैरेट शुद्धता वाले 10 ग्राम सोने की कीमत जानें…

चांदी का भाव भी गिरा

एक दिन की स्थिरता के बाद चांदी की कीमतें लगातार तीसरे दिन गिरी हैं। पिछले तीन दिनों में एक किलो चांदी ₹15,100 सस्ती हुई। आज, 18 फरवरी को दिल्ली में चांदी का भाव ₹2,59,900 प्रति किलोग्राम है, जिसमें ₹100 की कमी आई है। मुंबई और कोलकाता में भी इसी कीमत पर बिक रही है, जबकि चेन्नई में चांदी का भाव ₹2,64,900 है, जो अन्य महानगरों से अधिक है।

विशेषज्ञ की राय

सोने और चांदी की कीमतों पर मुनाफावसूली का दबाव बना हुआ है। मार्केट की नजर अमेरिका के PCE आंकड़ों और FOMC की बैठक के कार्यवाही पर है, जो इनकी कीमतों को प्रभावित कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि डॉलर की मजबूती और जियोपॉलिटिकल तनाव में कमी से अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति पर अनिश्चितता बढ़ी है।

आगे जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के उपाध्यक्ष प्रणव मेर ने बताया कि सोने और चांदी की कीमतों में और गिरावट देखने को मिल सकती है। लेकिन अमेरिकी GDP के डेटा और PCE के आंकड़ों पर ध्यान देने से अस्थिरता बनी रहेगी। ट्रेडर्स के बीच अस्पष्टता के कारण बाजार में स्थिरता नहीं आ पा रही है।

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फिलहाल सरेंडर से छूट, CBI को नोटिस… रामअवतार जग्गी हत्याकांड में सुनवाई जारी

वेबमोर्चा न्यूज | रायपुर/नई दिल्ली | 23 अप्रैल 2026

बहुचर्चित रामअवतार जग्गी हत्याकांड में आरोपी अमित जोगी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने फिलहाल उन्हें सरेंडर करने से छूट देते हुए CBI को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है


🔴 क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने?

जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने गुरुवार को मामले की सुनवाई करते हुए:

  • अमित जोगी को तत्काल सरेंडर से राहत दी
  • मामले में CBI से जवाब मांगा
  • अगली सुनवाई तक राहत बरकरार रखी

⚖️ हाईकोर्ट के आदेश को दी थी चुनौती

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 2026 में इस मामले में अमित जोगी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी और 23 अप्रैल तक सरेंडर करने का आदेश दिया था।
👉 इसी फैसले को चुनौती देते हुए अमित जोगी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।


🕰️ 23 साल पुराना है मामला

  • घटना: 4 जून 2003
  • स्थान: रायपुर
  • पीड़ित: NCP नेता रामअवतार जग्गी
  • घटना: गोली मारकर हत्या

इस केस को राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील माना जाता है और इसमें साजिश के आरोप भी जुड़े रहे हैं।


📌 अभी क्या स्थिति है?

फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में मामला लंबित है और आगे की सुनवाई में CBI के जवाब के बाद अगला फैसला लिया जाएगा।


👉 निष्कर्ष

अमित जोगी को मिली यह अंतरिम राहत कानूनी लड़ाई में एक अहम मोड़ मानी जा रही है। अब सभी की नजर सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी है, जहां इस चर्चित मामले में आगे की दिशा तय होगी।