BREAKING: रायपुर में पूर्व विस अध्यक्ष धरमलाल कौशिक से मोबाइल लूट, मॉर्निंग वॉक के दौरान वारदात

रायपुर। राजधानी रायपुर में केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah के दौरे को लेकर हाई अलर्ट के बीच बड़ी लूट की घटना सामने आई है। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष Dharamlal Kaushik मॉर्निंग वॉक के दौरान मोबाइल लूट का शिकार हो गए।

मिली जानकारी के अनुसार, धरमलाल कौशिक सुबह करीब 8 बजे टहलने के लिए घर से निकले थे। इसी दौरान शंकर नगर स्थित भारत माता चौक के पास बाइक सवार बदमाश उनका मोबाइल झपटकर मौके से फरार हो गए।

PM मोदी की चेतावनी: कोरोना महामारी, युद्ध और ऊर्जा संकट को लेकर पीएम मोदी ने दुनिया को आगाह किया। कहा- हालात नहीं सुधरे तो…

घटना के तुरंत बाद कौशिक ने पुलिस को सूचना दी। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालते हुए आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

राजधानी में हाई अलर्ट के बीच हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

बागबाहरा में भाजपा पार्षद का दर्द छलका, बोले- जनता से किए वादे निभाने में असमर्थ

महासमुंद जिले के बागबाहरा नगर पालिका परिषद में भाजपा पार्षद का एक कथित इस्तीफा पत्र सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है। वार्ड क्रमांक 10 के पार्षद थानूराम पाण्डेय के नाम से वायरल इस पत्र में वार्ड में विकास कार्य नहीं होने और प्रशासनिक सहयोग नहीं मिलने की बात कही गई है।

वायरल पत्र में पार्षद ने लिखा है कि वे लंबे समय से अपने वार्ड की मूलभूत समस्याओं और विकास कार्यों को लेकर नगर पालिका कार्यालय में लगातार पत्राचार और आग्रह करते रहे, लेकिन इसके बावजूद वार्ड में अपेक्षित विकास कार्य नहीं हो पाए। उन्होंने कहा कि जनता से किए गए वादों को पूरा नहीं कर पाने के कारण वे स्वयं को असमर्थ महसूस कर रहे हैं, इसलिए पार्षद पद से इस्तीफा देने की पेशकश कर रहे हैं।

पत्र वायरल होने के बाद स्थानीय राजनीति भी गर्मा गई है। कांग्रेस नेता अंकित बागबाहरा ने सोशल मीडिया में पोस्ट कर भाजपा सरकार और नगर पालिका व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने लिखा कि भाजपा शासन में भाजपा के ही पार्षद विकास कार्य नहीं करा पा रहे हैं और आम लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है।

अंकित बागबाहरा ने अपने पोस्ट में वार्ड क्रमांक 10 की पानी टंकी का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि टंकी में पहली बार पानी भरते ही वह गिरने की स्थिति में पहुंच गई, लेकिन अब तक न तो ठेकेदार पर कोई कार्रवाई हुई और न ही मरम्मत का काम पूरा हुआ। इसके कारण वार्डवासी आज भी पानी की समस्या से जूझ रहे हैं।

फिलहाल यह पत्र और सोशल मीडिया पोस्ट नगर पालिका क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, पार्षद की ओर से आधिकारिक रूप से इस्तीफा सौंपे जाने की पुष्टि नहीं हुई है।

PM मोदी की चेतावनी: कोरोना महामारी, युद्ध और ऊर्जा संकट को लेकर पीएम मोदी ने दुनिया को आगाह किया। कहा- हालात नहीं सुधरे तो करोड़ों लोग फिर गरीबी में जा सकते हैं।

PM मोदी की चेतावनी: कोरोना महामारी, युद्ध और ऊर्जा संकट को लेकर पीएम मोदी ने दुनिया को आगाह किया। कहा- हालात नहीं सुधरे तो करोड़ों लोग फिर गरीबी में जा सकते हैं। PM मोदी ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता जाहिर करते हुए कहा है कि दुनिया लगातार नए संकटों का सामना कर रही है और यदि हालात जल्द नहीं सुधरे तो पिछले कई दशकों में गरीबी उन्मूलन के लिए हासिल की गई उपलब्धियां खत्म हो सकती हैं।

नीदरलैंड्स के द हेग में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि वर्तमान दशक दुनिया के लिए आपदाओं का दौर बनता जा रहा है। अपने पांच देशों के यूरोपीय दौरे के दूसरे चरण में उन्होंने कहा कि पहले कोरोना महामारी आई, उसके बाद युद्ध शुरू हुए और अब पूरी दुनिया ऊर्जा संकट से जूझ रही है।

PM मोदी ने कहा कि इन वैश्विक संकटों का असर आम लोगों की जिंदगी और अर्थव्यवस्था पर साफ दिखाई दे रहा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इन परिस्थितियों पर जल्द नियंत्रण नहीं पाया गया, तो दुनिया की बड़ी आबादी दोबारा गरीबी की ओर धकेली जा सकती है और वर्षों की मेहनत बेकार हो सकती है।

मितव्ययिता अपनाने की अपील

यूरोप दौरे से पहले हैदराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम में भी पीएम मोदी ने लोगों से स्वैच्छिक मितव्ययिता अपनाने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि जहां संभव हो, लोग घर से काम करें, अनावश्यक विदेश यात्राओं से बचें और सोने की खरीदारी कम करें।

उन्होंने ईंधन बचत और विदेशी मुद्रा संरक्षण को देशहित से जोड़ते हुए सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल, कार पूलिंग और उर्वरकों के सीमित उपयोग पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना काल में वर्क फ्रॉम होम एक सामान्य व्यवस्था बन गई थी और अब ऐसे व्यवहारिक बदलावों को मांग प्रबंधन के प्रभावी उपाय के रूप में देखा जा रहा है।

उन्होंने लोगों से जरूरत के अनुसार ही संसाधनों के उपयोग की अपील करते हुए कहा कि इससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी और वैश्विक संकटों के असर को कम करने में मदद मिलेगी।

अधिकमास में क्यों बदल जाते हैं खान-पान के नियम? जानिए धार्मिक मान्यता और विज्ञान क्या कहता है

खान-पान के नियम: धार्मिक दृष्टि से अधिकमास को मन और शरीर की शुद्धि का समय माना जाता है। इसी कारण तला-भुना, ज्यादा मसालेदार और तामसिक भोजन छोड़कर हल्का, सादा और सात्त्विक भोजन करने की सलाह दी जाती है। लेकिन आधुनिक विज्ञान भी इस सोच को पूरी तरह गलत नहीं मानता।

मौसम बदलने से कमजोर होती है पाचन शक्ति

आयुर्वेद और आधुनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार मई-जून के दौरान तेज गर्मी, उमस और बदलते मौसम की वजह से पाचन तंत्र अपेक्षाकृत कमजोर हो जाता है। ऐसे समय भारी, ज्यादा तैलीय और अत्यधिक प्रोटीन वाला भोजन शरीर पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है।

विशेषज्ञ बताते हैं कि हल्का भोजन:

  • पाचन को आसान बनाता है
  • शरीर में पानी की कमी कम करता है
  • गैस, एसिडिटी और अपच से बचाता है
  • मानसिक थकान कम करने में मदद करता है

किन चीजों से परहेज करने की परंपरा है?

अधिकमास में कई लोग प्याज, लहसुन, बैंगन, उड़द दाल, मांसाहार, शराब और तामसिक भोजन से दूरी बनाते हैं। धार्मिक मान्यता है कि ये चीजें मन में उत्तेजना और आलस्य बढ़ाती हैं, जिससे ध्यान और साधना में बाधा आती है।

विज्ञान क्या कहता है?

विशेषज्ञों के अनुसार:

  • ज्यादा मसालेदार भोजन गर्मी में डिहाइड्रेशन बढ़ा सकता है
  • भारी दालें और तला भोजन गैस और पाचन समस्या बढ़ा सकते हैं
  • शराब और प्रोसेस्ड फूड शरीर की ऊर्जा और नींद पर असर डालते हैं
  • मांसाहार गर्म मौसम में जल्दी खराब होने का खतरा रखता है

हालांकि वैज्ञानिक रूप से सभी खाद्य पदार्थों पर पूर्ण प्रतिबंध का कोई ठोस प्रमाण नहीं है। डॉक्टर संतुलित और स्वच्छ भोजन को ज्यादा महत्वपूर्ण मानते हैं।

साप्ताहिक राशिफल 18 से 24 मई 2026: सिंह, मिथुन समेत 5 राशियों के लिए शानदार रहेगा सप्ताह, कर्क और धनु समेत इन राशियों को…


अधिकमास में क्या खाना बेहतर माना जाता है?

धार्मिक परंपराओं में इस दौरान गेहूं, चावल, मूंग दाल, जौ, गाय का घी, मौसमी फल और हल्की सब्जियों का सेवन शुभ माना गया है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी इन चीजों को फायदेमंद मानते हैं:

  • मूंग दाल: आसानी से पचने वाली प्रोटीन
  • चावल और जौ: शरीर को ऊर्जा देने वाले हल्के अनाज
  • आंवला: विटामिन-C से भरपूर
  • केला और ककड़ी: शरीर को हाइड्रेट रखने में मददगार
  • सेंधा नमक: सामान्य नमक की तुलना में हल्का माना जाता है

क्या सभी नियमों का पालन जरूरी है?

धर्माचार्यों के अनुसार अधिकमास का मुख्य उद्देश्य संयम, आत्मनियंत्रण और सकारात्मक सोच है। इसलिए लोग अपनी श्रद्धा, स्वास्थ्य और क्षमता के अनुसार नियमों का पालन करते हैं।

डॉक्टरों का कहना है कि:

  • मधुमेह, BP या अन्य बीमारी वाले लोग बिना सलाह लंबा उपवास न करें
  • शरीर की जरूरत के अनुसार संतुलित भोजन लें
  • साफ और ताजा भोजन सबसे ज्यादा जरूरी है

आस्था और स्वास्थ्य का संतुलन

विशेषज्ञ मानते हैं कि अधिकमास केवल धार्मिक अनुष्ठानों का समय नहीं बल्कि शरीर और मन को रीसेट करने का अवसर भी हो सकता है। सात्त्विक भोजन, सीमित खान-पान, कम तनाव और नियमित पूजा या ध्यान मानसिक शांति और स्वास्थ्य दोनों के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं।

आज से शुरू हुआ पुरुषोत्तम मास: 15 जून तक बंद रहेंगे विवाह और सभी मांगलिक कार्य

साप्ताहिक राशिफल 18 से 24 मई 2026: सिंह, मिथुन समेत 5 राशियों के लिए शानदार रहेगा सप्ताह, कर्क और धनु समेत इन राशियों को रहना होगा अलर्ट

साप्ताहिक राशिफल 18 से 24 मई 2026: मई के इस सप्ताह ग्रह-नक्षत्रों की चाल कई राशियों के लिए बड़ा बदलाव लेकर आने वाली है। बुध का रोहिणी नक्षत्र में और शुक्र का आर्द्रा नक्षत्र में गोचर होने से शुभ योग बन रहे हैं। वहीं मिथुन राशि में गुरु, शुक्र और चंद्रमा की युति कुछ राशियों के लिए भाग्य के द्वार खोल सकती है। इस सप्ताह सिंह, मिथुन, कुंभ समेत 5 राशियों को धन, सम्मान और सफलता मिलने के संकेत हैं, जबकि कर्क, धनु, मकर समेत कुछ राशियों को संभलकर रहने की सलाह दी गई है।

मेष साप्ताहिक राशिफल (18 से 24 मई 2026)

मेष राशि वालों के लिए सप्ताह की शुरुआत थोड़ी परेशानियों भरी रह सकती है। कामकाज में रुकावट और मानसिक तनाव बना रह सकता है। नौकरीपेशा लोगों पर कार्यभार बढ़ेगा, वहीं अधिकारियों से बहसबाजी की स्थिति बन सकती है। स्वास्थ्य के मामले में सिरदर्द और आंखों की परेशानी हो सकती है। हालांकि सप्ताह के अंत में हालात बेहतर होने लगेंगे।


वृषभ साप्ताहिक राशिफल (18 से 24 मई 2026)

वृषभ राशि वालों को इस सप्ताह मानसिक तनाव और पारिवारिक उलझनों का सामना करना पड़ सकता है। वैवाहिक जीवन में तनाव बढ़ सकता है और जरूरी काम अटक सकते हैं। धन लेन-देन से बचना बेहतर रहेगा। माता-पिता का सहयोग मिलेगा और सप्ताह के आखिर में राहत मिलने के संकेत हैं।


मिथुन साप्ताहिक राशिफल (18 से 24 मई 2026)

मिथुन राशि वालों के लिए यह सप्ताह शानदार रहने वाला है। गुरु और शुक्र की कृपा से कई रुके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं। विवाह योग्य लोगों को अच्छे रिश्ते मिल सकते हैं। पैतृक संपत्ति से जुड़े मामलों में सफलता मिलने के योग हैं। हालांकि वैवाहिक जीवन में हल्की तकरार हो सकती है। स्वास्थ्य और वाणी पर नियंत्रण रखें।


कर्क साप्ताहिक राशिफल (18 से 24 मई 2026)

कर्क राशि वालों को इस सप्ताह संभलकर रहने की जरूरत है। मन में डर और नकारात्मक विचार बढ़ सकते हैं। धन फंसने की आशंका है, इसलिए उधार और लेन-देन से बचें। दांपत्य जीवन और प्रेम संबंधों में तनाव बढ़ सकता है। हालांकि नौकरी में वरिष्ठों का सहयोग मिलेगा और आमदनी के नए रास्ते खुल सकते हैं।


सिंह साप्ताहिक राशिफल (18 से 24 मई 2026)

सिंह राशि वालों के लिए यह सप्ताह बेहद शुभ साबित हो सकता है। धन लाभ के अच्छे योग बन रहे हैं और भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। निवेश से फायदा हो सकता है। नौकरी और कारोबार में सफलता मिलने के संकेत हैं। पारिवारिक माहौल अच्छा रहेगा। हालांकि वाहन चलाते समय सावधानी बरतें।


कन्या साप्ताहिक राशिफल (18 से 24 मई 2026)

कन्या राशि वालों को इस सप्ताह यात्राएं करनी पड़ सकती हैं। सरकारी कार्यों में सफलता मिलेगी, लेकिन निवेश करने से बचें। विद्यार्थियों को मेहनत के बाद सफलता मिलेगी। आलस्य और थकान महसूस हो सकती है। परिवार में मांगलिक कार्य के योग बन रहे हैं।


तुला साप्ताहिक राशिफल (18 से 24 मई 2026)

तुला राशि वालों के लिए यह सप्ताह ऊर्जा और उत्साह से भरा रहेगा। धार्मिक यात्रा के योग बन रहे हैं। कारोबार में तरक्की होगी और आर्थिक परेशानियां दूर हो सकती हैं। निवेश से लाभ मिलेगा। परिवार में कुछ चिंता रह सकती है, लेकिन इच्छाओं की पूर्ति के संकेत भी हैं।


वृश्चिक साप्ताहिक राशिफल (18 से 24 मई 2026)

वृश्चिक राशि वालों का रुझान धार्मिक कार्यों की ओर बढ़ेगा। नौकरी और व्यापार में लाभ मिलने के योग हैं। अचानक धन लाभ हो सकता है। जीवनसाथी के साथ अच्छा समय बिताएंगे। स्वास्थ्य में सुधार होगा, लेकिन गले से जुड़ी समस्या परेशान कर सकती है।


धनु साप्ताहिक राशिफल (18 से 24 मई 2026)

धनु राशि वालों को इस सप्ताह सतर्क रहने की जरूरत है। पेट और दांत से जुड़ी परेशानी हो सकती है। कारोबार में उधार देने से नुकसान हो सकता है। गलत बोलचाल की वजह से विवाद और कानूनी परेशानी भी बढ़ सकती है। कार्यस्थल पर सहकर्मियों से तनाव बना रह सकता है।


मकर साप्ताहिक राशिफल (18 से 24 मई 2026)

मकर राशि वालों के खर्च बढ़ सकते हैं, जिससे मानसिक तनाव रहेगा। कोर्ट-कचहरी के मामलों में परेशानी हो सकती है। जीवनसाथी और ससुराल पक्ष से मतभेद बढ़ सकते हैं। हालांकि छात्रों और युवाओं को मेहनत का फायदा मिलेगा। रुका हुआ धन वापस मिलने के संकेत हैं।


कुंभ साप्ताहिक राशिफल (18 से 24 मई 2026)

कुंभ राशि वालों के आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। भाग्य का अच्छा साथ मिलेगा और रुके हुए काम पूरे होंगे। व्यापारिक यात्राओं से लाभ मिलेगा। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। हालांकि नकारात्मक सोच और संतान पक्ष को लेकर चिंता बनी रह सकती है।


मीन साप्ताहिक राशिफल (18 से 24 मई 2026)

मीन राशि वालों के लिए आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। नौकरी में काम का दबाव बढ़ सकता है, जिससे मानसिक तनाव रहेगा। पिता और संतान को लेकर चिंता बनी रह सकती है। प्रेम संबंधों में गलतफहमी की स्थिति बन सकती है। सप्ताह के अंत में राहत मिलने के योग हैं।

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छत्तीसगढ़: मंदिर में दिखा दुर्लभ पाम सिवेट, वन विभाग की टीम ने सुरक्षित पकड़ा

छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ में एक दुर्लभ वन्यजीव के मंदिर में पहुंचने से लोगों में उत्सुकता फैल गई। राधाकृष्ण मंदिर के छज्जे पर बैठे पाम सिवेट को देखने बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर सावधानी से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और वन्यजीव को सुरक्षित बाहर निकाला।

खैरागढ़ के बख्शी मार्ग स्थित राधाकृष्ण मंदिर में रविवार सुबह उस समय हलचल मच गई, जब मंदिर के ऊपरी छज्जे पर एक दुर्लभ वन्यजीव दिखाई दिया। शुरुआत में लोगों ने उसे सामान्य जंगली जानवर या “कबरबिज्जू” समझा, लेकिन करीब से देखने पर उसकी पहचान पाम सिवेट के रूप में हुई। मंदिर में पूजा की तैयारी कर रहे पुजारी की नजर सबसे पहले उसकी चमकती आंखों पर पड़ी, जिसके बाद देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए।

मंदिर के कोने में दुबका पाम सिवेट लगातार भीड़ और हलचल को देख सहमा हुआ बैठा रहा। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और लगभग एक घंटे की मशक्कत के बाद उसे सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। बाद में वन विभाग ने उसे शहर से दूर जंगल क्षेत्र में छोड़ दिया।

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जंगलों के सिमटने से शहरों तक पहुंच रहे वन्यजीव

वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि पाम सिवेट का शहरों में दिखना अब धीरे-धीरे बढ़ता हुआ ट्रेंड बनता जा रहा है। जंगलों की कटाई, बढ़ती आबादी और प्राकृतिक आवासों के कम होने के कारण ये जीव भोजन और सुरक्षित ठिकाने की तलाश में आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुंच रहे हैं। खैरागढ़ के आसपास मौजूद खेत, छोटे जंगल, नाले और पेड़ों की पट्टियां इनके लिए प्राकृतिक रास्तों का काम करती हैं।

विशेषज्ञ बताते हैं कि पाम सिवेट निशाचर और बेहद सतर्क जीव होता है। दिन के समय यह शांत और छिपकर रहता है, जबकि रात में भोजन की तलाश में बाहर निकलता है। फल, कीड़े-मकोड़े, छोटे पक्षी और खाने की गंध इसे मानव बस्तियों की ओर आकर्षित करती है। पुराने मंदिर, बंद मकान और कम आवाजाही वाली जगहें इसे सुरक्षित आश्रय जैसी लगती हैं।

पारिस्थितिकी के लिए अहम है पाम सिवेट

पाम सिवेट का वैज्ञानिक नाम Paradoxurus hermaphroditus है। यह दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया में पाया जाने वाला दुर्लभ स्तनधारी जीव माना जाता है। इसकी बड़ी आंखें, लंबी पूंछ और पेड़ों पर तेजी से चढ़ने की क्षमता इसे खास बनाती है।

वन्यजीव विशेषज्ञों के मुताबिक यह जीव जंगलों के पारिस्थितिक संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह फलों के बीजों को फैलाने में मदद करता है, जिससे वनस्पतियों का प्राकृतिक विस्तार होता है। इसी वजह से इसे “फॉरेस्ट गार्डनर” यानी जंगल का प्राकृतिक बीज वाहक भी कहा जाता है।

भीड़ और शोर से बढ़ी परेशानी

मंदिर में वन्यजीव होने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग वहां पहुंच गए। भीड़ और शोरगुल के कारण पाम सिवेट काफी देर तक डरा-सहमा रहा। वन विभाग की टीम ने लोगों को दूर हटाकर सावधानी के साथ रेस्क्यू अभियान चलाया।

खैरागढ़ डीएफओ पंकज राजपूत ने लोगों से अपील की है कि किसी भी वन्यजीव के दिखाई देने पर उसे पकड़ने, घेरने या भगाने की कोशिश न करें। ऐसी स्थिति में तुरंत वन विभाग को सूचना देना सबसे सुरक्षित तरीका है।

विशेषज्ञों का मानना है कि खैरागढ़ में पाम सिवेट का दिखाई देना केवल एक रेस्क्यू घटना नहीं, बल्कि बदलते पर्यावरण और तेजी से सिमटते जंगलों की चेतावनी भी है।

छत्तीसगढ़ में मानसून की एंट्री जल्द! जानिए कब पहुंचेगी बारिश और किन जिलों में बरसेंगे सबसे ज्यादा बादल

रायपुर छत्तीसगढ़ में मानसून। भीषण गर्मी और लू से जूझ रहे छत्तीसगढ़वासियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। मौसम विभाग के मुताबिक इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून तय समय से पहले दस्तक दे सकता है। अनुमान है कि मानसून 25 से 27 मई के बीच केरल पहुंच जाएगा, जबकि सामान्य तौर पर इसकी एंट्री 1 जून को होती है।

छत्तीसगढ़ में कब पहुंचेगा मानसून?

छत्तीसगढ़ में मानसून। मौसम विभाग के अनुसार, केरल में मानसून जल्दी पहुंचने का असर छत्तीसगढ़ पर भी देखने को मिलेगा। प्रदेश में मानसून जून के दूसरे सप्ताह में प्रवेश कर सकता है। सबसे पहले बस्तर संभाग में मानसून की एंट्री होने की संभावना जताई गई है। अनुमान है कि बस्तर में 10 जून या उससे पहले बारिश शुरू हो सकती है।

इसके बाद मानसून राजधानी रायपुर और मध्य छत्तीसगढ़ के इलाकों में 15 से 16 जून तक पहुंच सकता है। वहीं सरगुजा संभाग में मानसून सबसे आखिर में 20 या 21 जून तक पहुंचने का अनुमान है।

इन जिलों में हो सकती है सबसे ज्यादा बारिश

छत्तीसगढ़ में मानसून। इस बार प्रदेश के दक्षिणी और उत्तरी हिस्सों में अच्छी बारिश के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक बीजापुर, नारायणपुर (अबुझमाड़) और कोरिया जिले में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की जा सकती है।

अभी जारी रहेगा गर्मी और लू का कहर

मानसून आने से पहले प्रदेश में भीषण गर्मी का दौर जारी है। कई जिलों में तापमान 42 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। मौसम विभाग ने लू को लेकर अलर्ट भी जारी किया है। लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी गई है।

खेती-किसानी के लिए बेहद अहम है मानसून

छत्तीसगढ़ में मानसून। मौसम विभाग के अनुसार देश में चार महीने के मानसून सीजन के दौरान करीब 70 प्रतिशत बारिश होती है। यही बारिश खेती और जल स्रोतों के लिए सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है। हालांकि इस बार मानसून सीजन में सामान्य से थोड़ी कम बारिश होने की संभावना भी जताई गई है।

आज से शुरू हुआ पुरुषोत्तम मास: 15 जून तक बंद रहेंगे विवाह और सभी मांगलिक कार्य

17 मई 2026 से पुरुषोत्तम मास यानी मलमास की शुरुआत हो गई है, जो 15 जून तक रहेगा। हिंदू धर्म में इस माह को अत्यंत पवित्र माना जाता है। इस दौरान विवाह, मुंडन, उपनयन संस्कार और अन्य मांगलिक कार्यों पर रोक रहती है। धार्मिक मान्यता है कि यह पूरा महीना भगवान विष्णु की आराधना और आध्यात्मिक साधना के लिए समर्पित होता है।

क्या होता है पुरुषोत्तम मास?

पुरुषोत्तम मास को अधिक मास या मलमास भी कहा जाता है। हिंदू पंचांग में यह अतिरिक्त महीना हर तीसरे वर्ष जोड़ा जाता है ताकि चंद्र वर्ष और सौर वर्ष के बीच बने समय के अंतर को संतुलित किया जा सके।

दरअसल, चंद्र वर्ष और सौर वर्ष के बीच हर साल लगभग 11 दिनों का अंतर आ जाता है। यदि इस अंतर को ठीक नहीं किया जाए तो कुछ वर्षों बाद त्योहारों और ऋतुओं का तालमेल बिगड़ सकता है। इसी कारण हर तीसरे साल पंचांग में एक अतिरिक्त महीना जोड़ा जाता है, जिसे अधिक मास कहा जाता है।

कैसे तय होता है अधिक मास?

हिंदू ज्योतिष में जब सूर्य एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करता है तो उसे संक्रांति कहा जाता है। जिस चंद्र मास में सूर्य की कोई संक्रांति नहीं होती, वही महीना अधिक मास घोषित किया जाता है। इसी व्यवस्था की वजह से दीपावली, दशहरा और अन्य त्योहार हमेशा अपनी निश्चित ऋतु में ही आते हैं।

क्यों कहा जाता है पुरुषोत्तम मास?

पौराणिक कथाओं के अनुसार इस अतिरिक्त महीने का कोई स्वामी देवता नहीं था, इसलिए इसे मलमास यानी अशुभ महीना माना जाता था। बाद में भगवान विष्णु ने इसे अपना नाम “पुरुषोत्तम” प्रदान किया और इसे अपना प्रिय मास घोषित किया। तभी से इसे पुरुषोत्तम मास कहा जाने लगा। मान्यता है कि इस महीने में किए गए जप, तप, दान और पूजा का फल कई गुना अधिक मिलता है।

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मलमास में क्या करें?

इस महीने में भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व माना जाता है। प्रतिदिन “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करना शुभ माना गया है। इसके अलावा दीपदान, अन्नदान, वस्त्र दान और विशेष रूप से मालपुए का दान पुण्यदायी माना जाता है।

भागवत पुराण और रामायण का पाठ या श्रवण करना भी अत्यंत फलदायी माना गया है। यदि संभव हो तो पवित्र नदी में स्नान करें, अन्यथा घर में स्नान के जल में गंगाजल मिलाकर स्नान करना भी शुभ माना जाता है। इस दौरान सात्विक भोजन और शुद्ध आचरण अपनाने की सलाह दी जाती है।

मलमास में क्या न करें?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में विवाह, मुंडन, उपनयन संस्कार और अन्य मांगलिक कार्य नहीं किए जाते। नई गाड़ी, मकान या जमीन खरीदने से भी बचने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा नए व्यापार की शुरुआत या बड़ा निवेश करने को भी शुभ नहीं माना जाता। तामसिक भोजन और अशुद्ध आचरण से दूर रहने की सलाह दी जाती है।

आंध्र प्रदेश में ज्यादा बच्चे पैदा करने पर मिलेगा कैश, तीसरे बच्चे पर 30 हजार का ऐलान

आंध्र प्रदेश में तेजी से घटती जन्म दर अब सरकार के लिए बड़ी चिंता बन गई है। इसी को देखते हुए मुख्यमंत्री N. Chandrababu Naidu ने नई जनसंख्या प्रोत्साहन योजना का ऐलान किया है। अब राज्य में तीसरा बच्चा होने पर 30 हजार रुपये और चौथे बच्चे पर 40 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। सरकार का मानना है कि यदि जन्म दर में सुधार नहीं हुआ तो आने वाले वर्षों में युवाओं की कमी और बुजुर्ग आबादी का बोझ राज्य की अर्थव्यवस्था पर भारी पड़ सकता है।

तीसरे बच्चे पर 30 हजार, चौथे पर 40 हजार रुपये

आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले में आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में तीसरा बच्चा होने पर परिवार को 30 हजार रुपये और चौथे बच्चे के जन्म पर 40 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी। सरकार जल्द ही इस योजना की विस्तृत गाइडलाइन जारी करेगी। उनका कहना है कि बच्चे देश की सबसे बड़ी संपत्ति हैं और भविष्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत रखने के लिए जन्म दर बढ़ाना जरूरी हो गया है।

क्यों चिंता में है सरकार?

राज्य सरकार की चिंता का सबसे बड़ा कारण आंध्र प्रदेश का तेजी से गिरता टोटल फर्टिलिटी रेट (TFR) है। वर्तमान में राज्य का टीएफआर करीब 1.50 तक पहुंच गया है, जबकि आबादी को संतुलित बनाए रखने के लिए 2.1 का स्तर जरूरी माना जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही स्थिति जारी रही तो आने वाले वर्षों में राज्य में युवाओं की भारी कमी हो सकती है।

बुजुर्ग आबादी बढ़ने का खतरा

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 2011 में राज्य में 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों की आबादी 25 प्रतिशत थी, जो 2036 तक घटकर 15 प्रतिशत रहने का अनुमान है। दूसरी ओर 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि 2040 के बाद राज्य में कामकाजी युवाओं की कमी आर्थिक व्यवस्था पर बड़ा असर डाल सकती है।

बदलनी पड़ी पुरानी नीति

दिलचस्प बात यह है कि एक समय मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू जनसंख्या नियंत्रण के समर्थक माने जाते थे। पहले उनकी सरकार छोटे परिवार को बढ़ावा देती थी, लेकिन अब बदलते हालात को देखते हुए सरकार ज्यादा बच्चों वाले परिवारों को प्रोत्साहन देने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इससे पहले विधानसभा में दूसरे बच्चे पर 25 हजार रुपये देने की बात भी सामने आई थी।

साउथ कोरिया और जापान से सबक

सरकार का मानना है कि साउथ कोरिया और जापान जैसे देशों में घटती जन्म दर के कारण गंभीर जनसंख्या संकट पैदा हो चुका है। साउथ कोरिया का फर्टिलिटी रेट 1 से नीचे पहुंच चुका है, जबकि जापान में हर साल जन्म लेने वाले बच्चों की संख्या लगातार रिकॉर्ड स्तर तक घट रही है। इन देशों में युवाओं की कमी, बंद होते स्कूल और पेंशन व्यवस्था पर बढ़ता दबाव सरकारों के लिए बड़ी चुनौती बन चुका है।

विपक्ष ने उठाए सवाल

सरकार की इस नई नीति पर विपक्ष ने सवाल भी खड़े किए हैं। कांग्रेस और वाईएसआर कांग्रेस ने इसे राजनीतिक स्टंट बताते हुए कहा कि सरकार के पास योजना लागू करने का स्पष्ट वित्तीय रोडमैप नहीं है। विपक्ष का आरोप है कि राज्य सरकार असली मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है।

17 मई रविवार राशिफल: दांपत्य, धन, सेहत और करियर में कैसा रहेगा आपका दिन

17 मई रविवार राशिफल: वैदिक ज्योतिष के अनुसार 17 मई 2026, रविवार का दिन कई राशियों के लिए नई उम्मीद और सकारात्मक बदलाव लेकर आया है। आज सूर्य और चंद्रमा की स्थिति का प्रभाव दांपत्य जीवन, आर्थिक मामलों, सेहत और करियर पर देखने को मिलेगा। कुछ राशियों को धन लाभ और सफलता के संकेत मिल रहे हैं, वहीं कुछ लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत होगी। जानिए मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का विस्तृत दैनिक राशिफल, शुभ अंक, रंग, उपाय, मंत्र और रत्न।

मेष राशि

आज का दिन आत्मविश्वास से भरा रहेगा। परिवार में सुखद माहौल रहेगा और पुराने विवाद सुलझ सकते हैं। कार्यक्षेत्र में मेहनत का अच्छा परिणाम मिलेगा। दांपत्य जीवन में जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। सेहत सामान्य रहेगी, लेकिन गर्मी और थकान से बचें। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, रुका हुआ धन मिलने के संकेत हैं। वाहन चलाते समय सावधानी रखें।
शुभ अंक: 9
शुभ रंग: लाल
दैनिक उपाय: हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाएं।
मंत्र: ॐ हनुमते नमः
रत्न: मूंगा


वृषभ राशि

आज धैर्य और समझदारी से काम लेना लाभदायक रहेगा। परिवार में किसी शुभ समाचार से खुशी का माहौल बनेगा। दांपत्य जीवन मधुर रहेगा। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। सेहत में पेट संबंधी परेशानी हो सकती है, खानपान संतुलित रखें। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर निवेश करें। अनजान लोगों पर अधिक भरोसा न करें।
शुभ अंक: 6
शुभ रंग: सफेद
दैनिक उपाय: माता लक्ष्मी को कमल का फूल अर्पित करें।
मंत्र: ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः
रत्न: हीरा या ओपल


मिथुन राशि

आज आपके विचारों में सकारात्मकता रहेगी। मित्रों और रिश्तेदारों से सहयोग मिलेगा। दांपत्य जीवन में प्रेम बढ़ेगा। विद्यार्थियों के लिए दिन अच्छा रहेगा। सेहत में सिरदर्द या तनाव की शिकायत हो सकती है। आर्थिक स्थिति बेहतर होगी, लेकिन खर्च भी बढ़ सकते हैं। किसी भी दस्तावेज पर हस्ताक्षर करते समय सावधानी रखें।
शुभ अंक: 5
शुभ रंग: हरा
दैनिक उपाय: गणेश जी को दूर्वा अर्पित करें।
मंत्र: ॐ गं गणपतये नमः
रत्न: पन्ना


कर्क राशि

आज भावनाओं में बहकर निर्णय लेने से बचें। परिवार में किसी सदस्य की चिंता रह सकती है। दांपत्य जीवन में सामंजस्य बना रहेगा। कार्यक्षेत्र में वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। सेहत में कमजोरी और थकान महसूस हो सकती है। आर्थिक मामलों में लाभ के योग हैं। यात्रा करते समय सावधानी बरतें।
शुभ अंक: 2
शुभ रंग: क्रीम
दैनिक उपाय: शिवलिंग पर जल अर्पित करें।
मंत्र: ॐ नमः शिवाय
रत्न: मोती


सिंह राशि

आज सामाजिक मान-सम्मान में वृद्धि होगी। रुके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं। दांपत्य जीवन में छोटी बातों को लेकर विवाद हो सकता है, संयम रखें। सेहत अच्छी रहेगी, लेकिन गर्मी से बचाव जरूरी है। आर्थिक मामलों में सफलता मिलेगी। व्यवसाय में नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं। अहंकार से बचना आपके लिए लाभदायक रहेगा।
शुभ अंक: 1
शुभ रंग: सुनहरा
दैनिक उपाय: सूर्यदेव को जल अर्पित करें।
मंत्र: ॐ घृणि सूर्याय नमः
रत्न: माणिक्य


कन्या राशि

आज दिन योजनाओं को पूरा करने के लिए अनुकूल रहेगा। परिवार का सहयोग मिलेगा। दांपत्य जीवन में मधुरता बनी रहेगी। नौकरीपेशा लोगों को नई उपलब्धि मिल सकती है। सेहत में त्वचा या एलर्जी संबंधी परेशानी हो सकती है। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। किसी भी विवाद से दूर रहें।
शुभ अंक: 7
शुभ रंग: हरा
दैनिक उपाय: गाय को हरा चारा खिलाएं।
मंत्र: ॐ बुधाय नमः
रत्न: पन्ना


तुला राशि

आज का दिन मिश्रित फल देने वाला रहेगा। परिवार में शांति बनी रहेगी। दांपत्य जीवन में रोमांस बढ़ेगा। व्यापार में नई योजनाएं लाभ दे सकती हैं। सेहत में नींद की कमी परेशान कर सकती है। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। फिजूल खर्च से बचें। कानूनी मामलों में सतर्क रहें।
शुभ अंक: 6
शुभ रंग: गुलाबी
दैनिक उपाय: माता दुर्गा को लाल फूल अर्पित करें।
मंत्र: ॐ दुं दुर्गायै नमः
रत्न: ओपल


वृश्चिक राशि

आज मेहनत का पूरा फल मिलेगा। परिवार में किसी शुभ कार्य की योजना बन सकती है। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। सेहत में रक्तचाप और गुस्से पर नियंत्रण रखें। आर्थिक मामलों में लाभ मिलेगा। पुराने निवेश से फायदा हो सकता है। किसी भी विवाद में जल्दबाजी से बचें।
शुभ अंक: 8
शुभ रंग: मैरून
दैनिक उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें।
मंत्र: ॐ केशवाय नमः
रत्न: मूंगा


धनु राशि

आज भाग्य का साथ मिलेगा। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। दांपत्य जीवन में आपसी समझ बेहतर होगी। नौकरी और व्यापार में उन्नति के संकेत हैं। सेहत अच्छी रहेगी, लेकिन यात्रा में सावधानी रखें। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। नई योजना पर काम शुरू कर सकते हैं।
शुभ अंक: 3
शुभ रंग: पीला
दैनिक उपाय: केले के पेड़ की पूजा करें।
मंत्र: ॐ बृं बृहस्पतये नमः
रत्न: पुखराज


मकर राशि

आज जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। दांपत्य जीवन में जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। सेहत में जोड़ों का दर्द या थकान परेशान कर सकती है। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर निर्णय लें। नौकरी में तनाव रह सकता है। किसी भी प्रकार के विवाद से बचें।
शुभ अंक: 8
शुभ रंग: नीला
दैनिक उपाय: शनिदेव को सरसों का तेल अर्पित करें।
मंत्र: ॐ शं शनैश्चराय नमः
रत्न: नीलम


कुंभ राशि

आज नए लोगों से मुलाकात लाभदायक साबित होगी। परिवार में खुशहाली बनी रहेगी। दांपत्य जीवन में मधुरता आएगी। सेहत में आंखों और सिरदर्द की समस्या हो सकती है। आर्थिक लाभ के योग हैं। व्यापार में विस्तार की योजना बन सकती है। किसी भी काम में लापरवाही न करें।
शुभ अंक: 4
शुभ रंग: आसमानी
दैनिक उपाय: जरूरतमंद को भोजन कराएं।
मंत्र: ॐ नमो नारायणाय
रत्न: नीलम


मीन राशि

आज का दिन आध्यात्मिक और सकारात्मक रहेगा। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। दांपत्य जीवन में प्रेम और विश्वास बढ़ेगा। सेहत अच्छी रहेगी, लेकिन मौसम परिवर्तन से बचाव रखें। आर्थिक मामलों में लाभ होगा। विद्यार्थियों को सफलता मिल सकती है। भावनाओं में बहकर निर्णय लेने से बचें।
शुभ अंक: 3
शुभ रंग: पीला
दैनिक उपाय: भगवान विष्णु की पूजा करें।
मंत्र: ॐ विष्णवे नमः
रत्न: पुखराज