लॉर्ड्स तक और आगे: नाइट-स्टोक्स कप से स्कूल क्रिकेट में नया अवसर

ब्रेकिंग न्यूज़:
पहला अंडर-15 टूर्नामेंट में भाग लेंगे 1,100 से अधिक लड़के और लड़कियों की टीमें। यह टूर्नामेंट 820 माध्यमिक राज्य विद्यालयों से आए प्रतिभागियों का होगा।

यह विशेष अंडर-15 टूर्नामेंट राज्य के विभिन्न भागों से आए खिलाड़ियों के लिए एक अद्वितीय मंच प्रदान करेगा। इस प्रतियोगिता में शामिल होने वाली टीमें विद्यालय स्तर पर उत्कृष्टता को प्रदर्शित करती हैं और युवा खिलाड़ियों को अपने कौशल को निखारने का मौका मिलेगा।

इस टूर्नामेंट का आयोजन शिक्षा मंत्रालय द्वारा किया जा रहा है, जिसका मकसद युवा खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाना है। सभी 1,100 टीमों में लड़के और लड़कियों दोनों की संख्या शामिल है, जो इस खेल के प्रति उनकी रुचि को दर्शाता है।

कुल मिलाकर, यह टूर्नामेंट युवा खिलाड़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर साबित होगा और उनकी खेल यात्रा को नई दिशा देगा।

दक्षिण अफ्रीका के पुलिस प्रमुख विवादास्पद स्वास्थ्य अनुबंध से जुड़े आरोपों में गिरफ्तार

ब्रेकिंग न्यूज: फैंनी मासेमोला के खिलाफ अव्यवस्थाओं के आरोप
फैंनी मासेमोला पर अपने कार्यों में लापरवाही का आरोप लगाया गया है। उन पर सही तरीके से जिम्मेदारी निभाने में असफल रहने का आरोप है।

आरोपों का संक्षिप्त विवरण

फैंनी मासेमोला पर आरोप है कि उन्होंने अपने पेशेवर दायित्वों को सही तरीके से नहीं निभाया। उनकी भूमिका में उचित निगरानी का अभाव देखा गया, जिसके कारण कई महत्वपूर्ण मुद्दे सामने आए हैं। उनके कार्यों के कारण संबंधित क्षेत्र में गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो गई हैं।

जानकारी के अनुसार, मासेमोला की जिम्मेदारी में जो रेखा उनके दायित्व का हिस्सा थी, उसे उन्होंने नजरअंदाज किया। इससे न केवल उनके अधीन कार्य करने वाले कर्मचारियों की कार्यप्रणाली प्रभावित हुई, बल्कि मामलों में भी अव्यवस्था बढ़ गई। उनके खिलाफ उठे इस मुद्दे ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

प्रभाव और परिणाम

मासेमोला की लापरवाही का सीधा असर उनके विभाग की कार्यक्षा पर पड़ा है। अन्य अधिकारियों ने भी इस पर चिंता जताई है। उनके कार्यों की समीक्षा की जा रही है और यह देखा जा रहा है कि क्या अन्य संबंधित व्यक्तियों की जिम्मेदारियों में भी चूक हुई है।

इस मामले ने न केवल स्थानीय क्षेत्र में, बल्कि समूचे देश में बहस का विषय बना दिया है। नागरिकों का कहना है कि ऐसी लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की परिस्थितियों से बचा जा सके। यदि सही कदम नहीं उठाए गए, तो इससे सार्वजनिक विश्वास कमजोर हो सकता है।

प्रशासन की प्रतिक्रिया

प्रशासन ने कहा है कि वे इस मामले की गंभीरता को समझते हैं। अधिकारियों का मानना है कि मामलों की जांच की जाएगी और उचित कार्रवाई की जाएगी। वे यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं कि सभी जिम्मेदारियों का पालन सही तरीके से किया जाए।

मासेमोला को इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण देने के लिए एक अवसर दिया गया है। यदि उनकी ओर से संतोषजनक उत्तर नहीं मिलता है, तो उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। प्रशासन का यह भी कहना है कि ऐसी घटनाओं से सीख लेकर भविष्य में इसी तरह के मामलों को रोकना आवश्यक है।

नागरिकों का मानना है कि जवाबदेही सुनिश्चित करने से प्रशासन में पारदर्शिता आएगी। इसलिए उन्हें उम्मीद है कि प्रशासन इस मामले में उचित कदम उठाएगा। इससे लोगों का विश्वास पुनः स्थापित होगा और वे प्रशासन पर भरोसा कर सकेंगे।

निष्कर्ष

फैंनी मासेमोला पर लगे आरोप बेहद गंभीर हैं और यह दर्शाता है कि प्रशासनिक प्रणाली में सुधार की आवश्यकता है। नागरिकों की उम्मीद है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं हो और सभी अधिकारी अपने कर्तव्यों का सही तरीके से पालन करें। ऐसी स्थिति में ही एक स्वस्थ एवं सुरक्षित समाज का निर्माण हो सकता है।

IPL 2026 में ऐष मिहातरे की हैमस्ट्रिंग चोट से हुई छुट्टी!

ब्रेकिंग न्यूज़:
सीएसके के प्रमुख बल्लेबाज मत्रे को गंभीर चोट लगी है। इस चोट के कारण उन्हें 6 से 12 हफ्तों तक रिहैबिलिटेशन की आवश्यकता होगी।

शुक्रवार को हुए मैच में, मत्रे ने सीएसके के लिए इस सीज़न में सबसे अधिक रन बनाये थे। अब उनकी अनुपस्थिति टीम के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकती है। मत्रे की चोट से उनके फैंस और टीम प्रबंधन दोनों ही चिंतित हैं।

आने वाले मुकाबलों में उनकी कमी टीम को प्रभावित कर सकती है, लेकिन सीएसके को उम्मीद है कि वे जल्दी ठीक होकर वापसी करेंगे।

निष्कर्ष:
मत्रे की चोट ने सीएसके के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण पैदा किया है, जिससे उनकी आगामी रणनीतियों पर असर पड़ सकता है।

आज का सोने चांदी का रेट 21 अप्रैल 2026: चांदी ₹1700 हुई सस्ती, सोने में भी गिरावट, जानें 22 और 22 कैरेट के दाम

आज का सोने चांदी का रेट 21 अप्रैल 2026: चांदी ₹1700 हुई सस्ती, सोने में भी गिरावट, जानें 22 और 22 कैरेट के दाम

आज की ताजा खबर:

सोना और चांदी के भाव 21 अप्रैल 2026: आज भारतीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट आई है। सोने की कीमत 200 रुपये या 0.130% घटकर 154,020 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई है। वहीं, चांदी के दाम 1,770 रुपये या 0.700% गिरकर 251,960 रुपये प्रति किलो हो गए हैं। यह गिरावट अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में उतार-चढ़ाव के चलते हुई है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी सोने और चांदी के दाम पर दबाव बना हुआ है।

भारत में सोने का भाव 21 अप्रैल 2026 (Gold Rate in India)

22 और 24 कैरेट सोने का भाव 21 अप्रैल 2026 (22 & 24 Carat Gold Rate Today)

bullions.co.in के अनुसार, आज दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव 153,360 रुपये प्रति 10 ग्राम है, जबकि 22 कैरेट सोने की कीमत 140,580 रुपये प्रति 10 ग्राम है। मुंबई में, 24 कैरेट सोने का दाम 153,640 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने का दाम 140,837 रुपये प्रति 10 ग्राम है। कोलकाता में 24 कैरेट सोना 153,430 रुपये और 22 कैरेट सोना 140,644 रुपये प्रति 10 ग्राम बिक रहा है।

चेन्नई में 24 कैरेट सोना 154,080 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 141,240 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बेचा जा रहा है। बेंगलुरु में 24 कैरेट सोने की कीमत 153,760 रुपये है, जबकि 22 कैरेट सोने की कीमत 140,947 रुपये प्रति 10 ग्राम है। हैदराबाद में 24 कैरेट सोने की कीमत 153,880 रुपये और 22 कैरेट सोने की कीमत 141,057 रुपये प्रति 10 ग्राम निर्धारित की गई है।

22 और 24 कैरेट सोने के भाव की सूची

भारत में चांदी का भाव 21 अप्रैल 2026 (Silver Rate in India 21 April 2026)

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ईरान में मेरे सपने तब तक मरे थे, जब तक संघर्षविराम नहीं आया।

ताजा जानकारी: युद्ध के बीच बर्बादी की कहानी सुनाता एक युवा पेशेवर

तेहरान में एक वीडियो संपादक सहायक की कहानी युद्ध के प्रभाव को उजागर करती है। 28 साल का यह युवक अपने सपनों और जीविका के लिए संघर्ष में जुटा है, लेकिन हालिया संघर्ष ने उसकी ज़िंदगी को बदल कर रख दिया है।

पिछले संघर्षों का संकेत

सिना, एक 28 वर्षीय वीडियो संपादक सहायक, जिसने तेहरान में एक बेहतर जीवन बनाने के लिए कई कठिनाइयों का सामना किया है, आज एक नाजुक स्थिति में हैं। उन्होंने अनिवार्य सैन्य सेवा पूरी के बाद अपने गृहनगर नेशाबुर लौटने से मना कर दिया। उन्हें पता था कि वहां उनके जैसे युवा के लिए सीमित अवसर हैं। एक कॉलेज के दोस्त के माध्यम से, उन्होंने एक वीडियो सामग्री निर्माण स्टूडियो में पद प्राप्त किया और छह महीने में सहायक वीडियो संपादक बन गए। किन्तु, अमेरिका-इजराइल के संघर्ष ने उनकी नौकरी छीन ली।

युद्ध का असर

कुछ दिनों पहले संघर्ष विराम की घोषणा होने पर सिना को उम्मीद की एक छोटी सी किरण दिखाई दी थी, लेकिन अब यह उम्मीद भी चुराई जा चुकी है। उन्होंने अनेक नौकरी के लिए आवेदन किए, लेकिन सिर्फ एक ही कंपनी ने उन्हें साक्षात्कार के लिए बुलाया। उस कंपनी द्वारा दी गई सैलरी से उनकी बुनियादी जरूरतें भी पूरी नहीं हो रही थीं। उनके परिजन नेशाबुर से बार-बार उन्हें वापस आने के लिए कह रहे हैं, जहां उनका मानना है कि उनके लिए काम है। यह सुझाव असल में सिना के लिए एक गहरी चोट का काम कर रहा है।

खोते हुए सपने

इस संकट के समय में सिना अपनी दादी के खाली अपार्टमेंट में रह रहे हैं। यहां उनके पास न तो इंटरनेट है और न ही कोई नौकरी। पहले वे अपने पिता से पैसे लेना बंद कर चुके थे, अपनी दो बहनों के लिए उपहार खरीदते थे और अपने जीवन में पहली बार स्वतंत्र महसूस कर रहे थे। लेकिन अब, वे अपने आप को बेवश महसूस कर रहे हैं।

सिना ने अपने अनुभवों का वर्णन करते हुए कहा कि युद्ध ने उनके जीवन को पूरा बदल दिया है। वे अपनी दादी के घर में किश्तों में जी रहे हैं, ऐसे माहौल में जहां खुद को रोकने का कोई रास्ता नहीं है।

दिल्ली की बात

एक सुबह, जब युद्ध शुरू हुआ, वे अपने सहकर्मियों के साथ चाय पी रहे थे। तभी एक तेजगति वाली जेट का शोर सुनाई दिया और उसके बाद एक धमाका। उनका पहला अनुभव आतंक की बजाय जिज्ञासा का था, लेकिन जब धमाकों की श्रृंखला शुरू हुई, तो सबकुछ बदल गया। उन्होंने दादी के साथ ठंडे खड़े होकर सुरक्षा की उम्मीद की।

यह युवा वीडियो संपादक उन दर्दनाक क्षणों का उल्लेख करते हैं जब तेज धमाकों ने उन्हें बुरी तरह प्रभावित किया। उनके दिल की धड़कन तेज हो गई और उन्हें लगा कि वे अपनी ज़िंदगी के सबसे खतरनाक क्षणों में से एक से गुजर रहे हैं।

युद्ध की इस स्थिति ने सिना को पूरी तरह से दबी हुई सोच में डाल दिया। वे अपने घर लौटने की योजना बनाने में मजबूर हैं, जबकि उनके सपने बिखरते जा रहे हैं।

जीवन की नई शुरुआत

इस कठिनाई के बावजूद, सिना की कहानी हमें यह दिखाती है कि संघर्ष के समय में भी आशा की एक किरण बनी रहती है। हालात चाहे कितने भी बुरे हों, इंसान की जिज्ञासा और जीवित रहने की इच्छा कभी खत्म नहीं होती। आज, भले ही सिना अपने सपनों को खो दिया है, लेकिन एक नई शुरुआत की उम्मीद में उन्होंने फिर से कदम बढ़ाने का साहस दिखाया है।

सिना की कहानी हर उस युवा के लिए प्रेरणा है जो कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। यह हमें याद दिलाती है कि कठिनाइयों के बावजूद, संघर्ष और उम्मीद कभी भी खत्म नहीं होती।

🔴 बड़ी ख़बर: हाई कोर्ट का फ़ैसला – काल्पनिक याचिकाओं पर नहीं होगी सुनवाई, स्टे हटाकर याचिका ख़ारिज!

ब्रेकिंग न्यूज़: बिलासपुर हाई कोर्ट ने रिट याचिका खारिज की

बिलासपुर, 21 अप्रैल 2026। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में रिट याचिका को खारिज कर दिया है। जस्टिस एके प्रसाद की सिंगल बेंच ने स्पष्ट किया है कि कोर्ट सामान्यतः काल्पनिक या आशंकाओं पर आधारित याचिकाओं पर विचार नहीं करता। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता द्वारा दायर याचिका में वास्तविक खतरे का कोई सबूत नहीं है।

याचिकाकर्ता का पक्ष

याचिकाकर्ता मुरारी लाल गुप्ता ने अधिवक्ता अच्युत तिवारी के माध्यम से याचिका दायर की थी। गुप्ता ने अपनी 1100 वर्ग फुट भूमि के वैध स्वामित्व का दावा किया है। इस भूमि में उन्होंने दुकानें बनाई हैं और वर्षों से अपना व्यवसाय चला रहे हैं। उनका कहना है कि नगर निगम की कथित कार्रवाइयां उन्हें उनके कानूनी अधिकारों से वंचित कर रही हैं।

याचिकाकर्ता ने बताया कि विवाद की जड़ वर्ष 2004 की सड़क विकास योजना है, जिसमें मंगला-भैंसाझार सड़क के विकास का उल्लेख किया गया था। गुप्ता का कहना है कि नगर निगम द्वारा अभी तक कोई उचित अधिग्रहण प्रक्रिया नहीं शुरू की गई है, जिससे उनकी भूमि के प्रस्तावित सड़क मार्ग में आने का सिद्ध होना आवश्यक है।

नगर निगम की स्थिति

दूसरी ओर, राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता मानस वाजपेयी ने कोर्ट में कहा कि याचिकाकर्ता का मामला केवल निराधार आशंकाओं पर आधारित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नगर निगम द्वारा अभी तक कोई नोटिस जारी नहीं किया गया है और पुल की स्थिति में किसी प्रकार की खतरा मौजूद नहीं है।

कोर्ट ने यह भी माना कि अधिकारियों द्वारा याचिकाकर्ता को दी गई मौखिक धमकियां कानूनी कार्रवाई का आधार नहीं बन सकतीं। इसके मद्देनजर, याचिकाकर्ता की चिंता को निराधार बताते हुए कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया।

न्यायालय का अंतिम फैसला

कोर्ट ने अपने फैसले में कहा, “रिट याचिका समय से पहले और योग्यताहीन है। इसमें रिट क्षेत्राधिकार के लागू होने के लिए आवश्यक मूलभूत कारण का अभाव है।” न्यायालय ने यह भी कहा कि यदि भविष्य में नगर निगम के अधिकारी याचिकाकर्ता के अधिकारों को प्रभावित करने वाली कोई कार्रवाई करते हैं, तो यह पूरी तरह से कानून के अनुसार और याचिकाकर्ता को सुनवाई का उचित अवसर प्रदान करने के बाद ही होगी।

निष्कर्ष

इस फैसले से स्पष्ट होता है कि हाई कोर्ट बिना ठोस सबूतों के आधार पर किसी भी याचिका को स्वीकार नहीं करता। याचिकाकर्ताओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहना चाहिए और बिना प्रमाणित जानकारी के अदालती कार्रवाई की कोशिश नहीं करनी चाहिए। इस मामले ने नगर निगम और जनहित को ध्यान में रखते हुए न्याय के सही मायनों को भी दर्शाया है।

2026 कॉमनवेल्थ गेम्स: एलेक्स मार्शल और पॉल फॉस्टर, टीम स्कॉटलैंड बॉल्स में!

ब्रेकिंग न्यूज़: इस गर्मी में ग्लासगो में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों के लिए स्कॉटिश बैल्स टीम में अलेक्ज़ ‘टैटी’ मार्शल और पॉल फोस्टर प्रमुख खिलाड़ी हैं। इन दोनों खिलाड़ियों ने मिलकर 13 पदक जीते हैं।

स्कॉटिश बैल्स टीम के ये अनुभवी खिलाड़ी टीमें खेलेंगे, जो मुकाबले में अपनी बेहतरीन तकनीक और कौशल का प्रदर्शन करेंगे। अलेक्ज़ ‘टैटी’ मार्शल और पॉल फोस्टर ने अपने खेल में उत्कृष्टता साबित की है, और अब वे राष्ट्रमंडल खेलों में अपनी प्रतिभा को और निखारेंगे।

ग्लासगो में होने वाले यह खेल भारत सहित अन्य देशों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर हैं। स्कॉटिश बैल्स टीम की इन दिग्गज खिलाड़ियों का प्रदर्शन देखने के लिए दर्शकों में काफी उत्साह है।

इस प्रकार, अलेक्ज़ ‘टैटी’ मार्शल और पॉल फोस्टर ने स्कॉटिश बैल्स टीम को नया ऊँचाई देने की तैयारी कर ली है और वे एक बार फिर से इतिहास रचने की ओर अग्रसर हैं।

पश्चिम बंगाल चुनाव: नेता हाथ में मछली लेकर क्यों कर रहे हैं प्रचार?

ब्रेकिंग न्यूज़: कोलकाता में भाजपा उम्मीदवार ने मचाया धमाल!

कोलकाता के बंदरगाह क्षेत्र में भाजपा के उम्मीदवार राकेश सिंह ने चुनावी प्रचार में अनूठा तरीका अपनाया है। वे सुबह-सवेरे जनसाधारण के बीच एक विशेष प्रदर्शन कर रहे हैं।

पार्टियों के बीच गर्म चुनावी मुकाबला

राकेश सिंह, जो कि भाजपा के उम्मीदवार हैं, भारी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ जुटे हुए हैं। वे पेनल्टियों के बीच चलते हुए एक मछली को बार-बार उठाकर लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। उनका यह अनोखा तरीका लोगों को मोहित करने के लिए है, जबकि वे शहर के मेयर फीरहाद हकीम के खिलाफ चुनावी मैदान में उतर रहे हैं।

चुनावी हलचल पूरे कोलकाता में महसूस की जा रही है। राकेश सिंह के इस प्रदर्शन को देखकर कई लोग आकर्षित हो रहे हैं। उन्होंने अपने समर्थकों के साथ मिलकर एकत्रित भीड़ का ध्यान अपनी ओर खींचा है। यह चुनाव प्रसार का एक नया तरीका है, जो आम तौर पर देखने को नहीं मिलता।

राकेश सिंह का अनोखा प्रचार तरीका

राकेश सिंह का यह शोशा एक रणनीति के तहत किया गया है। वे जानबूझकर एक मछली को अपने हाथ में ले जाकर उसे फहरा रहे हैं, जिससे उनकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो सकें। इस रणनीति से न केवल उनका नाम सुर्खियों में बना हुआ है, बल्कि यह उनकी लोकप्रियता में भी इजाफा कर रहा है।

इस प्रकार के प्रचार में जहाँ एक ओर मनोरंजन का तत्व है, वहीँ इसके पीछे गहरी राजनीति भी छिपी हुई है। राकेश सिंह की इस कोशिश से स्पष्ट होता है कि वे जनता के बीच एक अलग पहचान बनाने का प्रयास कर रहे हैं। वे चाह रहे हैं कि लोग उन्हें केवल एक उम्मीदवार न समझें, बल्कि उन्हें एक दोस्त की तरह देखें।

कोलकाता के चुनावी माहौल में बदलाव

कोलकाता में इस समय चुनावी माहौल काफी गरमाया हुआ है। राजनीतिक पार्टियों के उम्मीदवार अपने-अपने तरीके से जनता को अपने पक्ष में करने के लिए प्रयासरत हैं। भाजपा, तृणमूल कांग्रेस, और अन्य दलों के नेताओं के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है।

राकेश सिंह का यह अनूठा प्रदर्शन केवल एक उदाहरण है कि कैसे राजनीतिक लोग आम जनता का ध्यान आकर्षित करने के लिए अनोखे तरीके अपनाते हैं। इस प्रकार की गतिविधियाँ अक्सर चुनावी मौसम में देखने को मिलती हैं, जब उम्मीदवार अपनी पहचान बनाने और समर्थक जुटाने के लिए नए-नए तरीके आजमाते हैं।

अंत में, कोलकाता के चुनावी परिवेश में राकेश सिंह की कोशिश स्थानीय लोगों के बीच एक सकारात्मक छवि पेश करने का उद्देश्य रखती है। इनके इस प्रयास का परिणाम चुनावों में कितनी देर तक सक्रिय रहता है, यह देखना दिलचस्प होगा। क्रमशः, हमें यह भी समझना चाहिए कि राजनीति केवल चुनावी अंक तालिका जीतना नहीं, बल्कि समाज के बीच एक सही संदेश पहुंचाना भी है।

NBA: विक्टर वेंबन्यास ने पहले सर्वसम्मति डिफेंसिव प्लेयर का खिताब जीता!

ब्रेकिंग न्यूज़:
सैन एंटोनियो स्पर्स के केन्द्र विक्टर वेम्बन्यामा को एनबीए के डिफेंसिव प्लेयर ऑफ़ द ईयर पुरस्कार का पहला सर्वसम्मत विजेता घोषित किया गया है। यह उपलब्धि उनके शानदार प्रदर्शन का प्रतीक है।

विक्टर वेम्बन्यामा ने इस सीज़न में अपनी असाधारण डिफेंसिव क्षमताओं के बल पर सभी मतदाताओं का विश्वास जीता। एनबीए के इतिहास में पहली बार किसी खिलाड़ी को इस पुरस्कार के लिए सभी मत मिले हैं, जो उनकी खिलाड़ी कुशलता और खेल के प्रति समर्पण को दर्शाता है।

इस पुरस्कार के साथ ही वेम्बन्यामा ने अपनी टीम के लिए एक नया मानक स्थापित किया है। उनकी निरंतर मेहनत और संघर्ष ने न केवल उन्हें बल्कि सेन एंटोनियो स्पर्स को भी नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया है।

निष्कर्ष:
यह उपलब्धि न केवल विक्टर वेम्बन्यामा के लिए, बल्कि पूरे स्पर्स संगठन के लिए गर्व की बात है और आने वाले खेल के मौसम में उनकी उम्मीदों को और बढ़ाती है।

Gold Silver Price:चांदी 3400 रुपये फिसली; सोना स्थिर, समझें वैश्विक उथल-पुथल के बीच इसके क्या मायने – Gold Rate Today Silver Price Today Mcx Gold Gold Price India Safe-haven Demand

Gold Silver Price:चांदी 3400 रुपये फिसली; सोना स्थिर, समझें वैश्विक उथल-पुथल के बीच इसके क्या मायने – Gold Rate Today Silver Price Today Mcx Gold Gold Price India Safe-haven Demand

आज की ताजा खबर:

डॉलर की मजबूती के कारण चांदी की कीमत में 3,400 रुपये की कमी आई है, और यह 2.68 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुँच गई। वहीं, सोने की कीमत स्थिर बनी रही। सोमवार को दिल्ली में, चांदी की कीमतें 3,400 रुपये घटकर 2,68,300 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई हैं, जबकि सोने का भाव 1,64,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर unchanged रहा। वैश्विक बाजारों की अस्थिरता के चलते अमेरिकी डॉलर की मजबूती से कीमती धातुओं की मांग में कमी आई है।

ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के अनुसार, चांदी की कीमतें लगातार तीसरे दिन गिरावट पर हैं। शुक्रवार को चांदी का भाव 2,71,700 रुपये प्रति किलोग्राम था, जो अब 3,400 रुपये की कमी के साथ 2,68,300 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) हो गया है। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक सौमिल गांधी के अनुसार, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण मुद्रास्फीति का दबाव फिर से बढ़ सकता है, जिससे चांदी की कीमतों में गिरावट बनी हुई है।

ऊर्जा की बढ़ती कीमतें वैश्विक मुद्रास्फीति की चिंताओं को बढ़ाते हैं, जिससे फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में कटौती की योजना में देरी हो सकती है। इसके कारण अमेरिकी डॉलर और ट्रेजरी यील्ड को समर्थन मिला है, जिसने कीमती धातुओं पर दबाव डाला है।

इस बीच, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत में मामूली 200 रुपये की वृद्धि हुई, और यह 1,64,300 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) पर पहुँच गई। पिछले बाजार सत्र में इसका भाव 1,64,100 रुपये था।

वैश्विक स्तर पर, हाजिर सोने की कीमत 65.23 अमेरिकी डॉलर या 1.26 प्रतिशत गिरकर 5,105.89 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस पर आ गई, जबकि चांदी की कीमत 0.53 प्रतिशत घटकर 83.92 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी।

बाज़ार को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक

  1. मध्य-पूर्व में ईरान और इजरायल के घटनाक्रमों के चलते निवेशक सोने और चांदी को सुरक्षित निवेश के रूप में देख रहे हैं।
  2. औद्योगिक मांग: चांदी सिर्फ सुरक्षित निवेश नहीं है, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक्स और अक्षय ऊर्जा क्षेत्र से भी इसकी मजबूत मांग है।
  3. टैक्स और लोकल फैक्टर: घरेलू खरीदारों को सोने और चांदी पर 3% जीएसटी और आभूषणों के मेकिंग चार्ज भी चुकाने पड़ते हैं।

अब आगे क्या?

विश्लेषकों का मानना है कि सोने और चांदी में वर्तमान में उतार-चढ़ाव जारी है। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए डिजिटल गोल्ड या गोल्ड/सिल्वर ईटीएफ के जरिए निवेश करना एक अच्छा विकल्प हो सकता है। जब तक वैश्विक कूटनीतिक हालात और ब्याज दरों की अनिश्चितता बनी रहती है, कीमती धातुओं की कीमतों में मजबूती कायम रह सकती है।

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