CG नगर पंचायतों की पूरी हुई आरक्षण की प्रक्रिया देखें लिस्ट

रायपुर. Chhattisgarh में नगरीय निकाय चुनाव के लिए आरक्षण की प्रक्रिया अब पूरी हो चुकी है. नगर निगम, नगर पालिका के बाद 124 नगर पंचायतों में अध्यक्ष पदों के लिए आरक्षण की प्रक्रिया अब पूरी हो चुकी है. आरक्षण प्रकिया के बाद अब कभी भी प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव का ऐलान हो सकता है.

124 नगर पंचायतों में अनुसूचित जाति (ST) के लिए 16 सीट आरक्षित की गई है, जिसमें 5 सीटें महिला आरक्षित है. अनुसूचित जनजाति (SC) के लिए 20 सीट आरक्षित की गई है, जिसमें 7 सीटें महिला आरक्षित है. अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए 26 सीटें आरक्षित की गई है, जिसमें 9 सीटें महिला आरक्षित है. वहीं 62 अनारक्षित सीटों में से 9 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की गई है.

Chhattisgarh में नगरीय निकाय चुनाव

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CG: छात्रावास की 11Th की छात्रा ने दिया बच्चे को जन्म, नवजात की हालत गंभीर

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के जंगल क्षेत्र से एक 11वीं की छात्रा ने मंगलवार की बीती रात छात्रावास में लड़की को जन्म दिया है. इसकी जानकारी छात्रावास अधीक्षिका ने रात्रि में ही उच्च अफसरों को दी, इसके बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है. वहीं छात्रा उसे अपना बच्चा होने से मना कर रही है. नवजात की हालत गंभीर बताई जा है. चिकित्सकों की निगरानी में जिला मेडिकल कॉलेज में नवजात बच्चे का उपचार चल रहा है. यह पूरा मामला कस्तूरबा बालिका छात्रावास की है.

छात्रा और माता-पिता ने नवजात बच्चे को जन्म देने से किया इंकार

छात्रावास अधीक्षिका रात्रि ने छात्रा के कमरे में जाकर पूछताछ की. इस संबंध में छात्रा ने अपनी नवजात होने से इंकार कर दिया. छात्रावास की ओर से पौड़ी उपरोड़ा से लगभग 40 KM दूर निवासरत छात्रा के माता-पिता को बुलाकर उनसे पूछताछ की गई. छात्रा की मां ने बताया कि उसे भी उनकी बेटी ने गर्भवती होने की सूचना कभी नहीं दी. मामले की सूचना मिलते ही शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी छात्रावास पहुंचकर मामले की जानकारी ले रहे.

बच्चे पर चोट के निशान, उपचार जारी : डॉ. राकेश

जानकारी के अनुसार, नवजात बच्चे को जिला मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया है. शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. राकेश वर्मा के अनुसार, बच्चे की हालत अभी ठीक नहीं है. चोट के निशान पाए गए हैं. वक्त से पहले बच्चे को जन्म दिया गया है. बहरहाल, नवजात बच्चे का उपचार जारी है. घटना की जानकारी Police को भी दे दी गई है. पुलिस मामले की जांच कर रही.

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दफ़्तरनामा में पढ़िए वरिष्ठ पत्रकार डॉ नीरज गजेंद्र का लिखा-

हक छिनने वाले भी यहां, रहनुमा कहलाते हैं।

जहां बाड़ ही खेत खा जाए, वो किसे बचाते हैं।

> लातों के भूत और उम्मीदों का सफर

मुसद्दीलाल हर सुबह नई उम्मीद लेकर दफ्तर पहुंचते हैं। एक उम्मीद कि शायद आज फाइल सरक जाएगी। बाबू का मूड ठीक होगा। साहब की कलम चलेगी। लेकिन साहब और बाबू दोनों को मानो फाइलों का कबड्डी खेलना भा गया है- उलझाओ, लटकाओ और भूल जाओ। मुसद्दीलाल की उम्मीदें हर बार चाय के खाली गिलास में डूब जाती हैं। जिले की बड़ी मीटिंग में साहब ने फरमान सुनाया, कहा- जनता के साथ संवेदनशील व्यवहार करो।

समस्याएं समय पर सुलझाओ। लेकिन भाई, छत्तीसगढ़ी कहावत तो आप जानते ही हैं लातों के भूत बातों से नहीं मानते। दफ्तरों के ये भूत किसी सख्त निर्देश से मानने वाले नहीं। ये वही लोग हैं जो आओ बैठो, चाय पी लो कहकर फाइलों को चाय की गरमी में तपाते हैं। मुसद्दीलाल जैसे लोगों को बड़े साहब के निर्देशों से थोड़ी उम्मीद जरूर होती है, पर काठ की हांडी बार-बार नहीं चढ़ती। दफ्तर का खेल चलता रहेगा। फाइलें इधर-उधर घूमती रहेंगी। और मुसद्दीलाल… वो अगली सुबह फिर नई उम्मीद लेकर लौटेंगे। आखिर उम्मीद पर ही तो दुनिया कायम है, और दफ्तर…साहब की संवेदनशीलता पर!

> रेत, शराब और साहब के फरमान

बड़ी बैठक में साहब ने भृकुटियां तानीं। फरमान सुनाया। रेत और शराब के कारोबार में अवैध का कब्जा खत्म करो। एफआईआर दर्ज करो! पर साहब ये अवैध कारोबार राज के दरबान और भाटों की कृपा से फल-फूल रहा है। साहब के आदेश से उम्मीद जागी है। अब रेत तक पहुंचने वाली सड़कें सुधरेंगी। या फिर वही प्लास्टिक के गिलास और पानी पाउच का साम्राज्य रहेगा। सुनने में तो ये भी आया है कि राज दरबारी बड़ी गहराई से चर्चा कर तय करते हैं कि अवैध कारोबार किसके जिम्मे होगा।

अब यह नीर-क्षीर तो आपकी जांच ही करेगी। आखिर, जहां बाड़ ही खेत को खाने लगे, वहां फरमानों का असर कितना होगा। बैठक, कागज और निर्देश फिर वही ढाक के तीन पात बनकर न रह जाएं। जनता उम्मीद लगाए बैठी है कि साहब की सख्ती से रेत और शराब की रेतली लहरें शांत होंगी। लेकिन साहब, ऊंट के मुंह में जीरा डालने से ऊंट कब संतुष्ट होता है। अब देखना यह है कि आपकी सख्ती ऊंट को टहला पाती है।

> महतारी का वंदन और बंदरबांट

योजनाओं का हाल ये है कि बनने से पहले ही बंदरबांट शुरू हो जाती हैं। राजनीतिक दलों की ममता जागती है। ऐसी जुगत भिड़ाते हैं, जिससे महतारियों के वंदन के नाम पर अपने माथे पर चंदन लगा सकें। योजना लागू होते ही तिलक के साथ गुलाल गिरा और सफेद लिबास पर दागों की शुरुआत हो गई। अब देखिए, ग्राम पंचायत के एक सचिव साहब ने सद्भावना का अनूठा प्रदर्शन किया। अपनी पत्नी के खाते में ममतामयी राशि वारी दी। वो शिक्षक थीं। और योजना में पात्र हितग्राही बन गईं।

साहब ने सचिव को निलंबित तो कर दिया, पर क्या मामला यहीं खत्म हुआ। दूध का जला छाछ भी फूंक-फूंक कर पीता है। पर यहां तो छाछ के गिलास तक पर चोरों की नजर है। मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सरपंच और उनके परिजनों पर भी नजर डालिए साहब। कहीं ये भी महतारी का हक छीनने की होड़ में तो नहीं हैं। कहते हैं, जहां बाड़ खेत को खाने लगे, वहां फसल का क्या होगा। योजनाओं के नाम पर जो दाव-पेंच चल रहे हैं। उसमें महतारी केवल कागजी शोभा बनकर प रह जाए।

> बिजनेस या खेती का नया मॉडल

शहर और ग्राम सरकारों के गठन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। आरक्षण तय हो रहे हैं। साथ ही चौराहों पर चर्चाओं का बाजार भी गर्म है। सवाल है कि सरकार का आकार कैसा और किसका होगा। जवाब सुनिए, यहां सरकार नहीं बाजार सज रहा है। इसे वही लोग चला रहे हैं जिनके पास ज्यादा वजनदार तराजू है। खबर यह है कि सरकार बनाने दो बड़े घरानों के दफ्तरों में सौदेबाजी चल रही है। अब गांवों के खेतों पर चर्चा है। कौन सा खेत किसके हिस्से आएगा। खेतों के दाम तय हो रहे हैं। जो ज्यादा बोली लगाएगा।

वही इस सत्ता की खेती में हल चलाएगा। बात साफ है—यह सरकार नहीं, नया बिजनेस मॉडल है।  सत्ता की खेती के लिए खेत-खलिहान भी नीलाम हो रहे हैं। यहां कौन सरकार बनाएगा का जबाव कौन ज्यादा लगाएगा में बदल चुका है। कहते हैं, जिसने ज्यादा लगाया, उसकी लूट ज्यादा होगी! अब देखना यह है कि जनता इस फसल को सिंचने देती है या सूखा घोषित कर देती है।

अंत में-

तिजारत बन गई है अब सियासत की हर रवायत।

जहां बोली लगती हो, वहां हक की क्या हिकायत।

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गढ़ के गोठ में वरिष्ठ पत्रकार डॉ. नीरज गजेंद्र बता रहे पत्रकारिता में सच्चाई की हत्या और राजनीति का चिंताजनक हस्तक्षेप

बस्तर के बीजापुर में पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या ने एक बार फिर पत्रकारिता के संघर्ष और उसके खतरों को उजागर किया है। आमतौर पर बस्तर और छत्तीसगढ़ में होने वाली हिंसा के लिए नक्सलियों को जिम्मेदार ठहराया जाता है। इस बार यह धारणा टूट गई। पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या नक्सलियों से नहीं, बल्कि एक ठेकेदार द्वारा की गई या कराई गई है। यह एक ऐसी घटना है जो कई सवालों को जन्म देती है। यह बताती है कि पत्रकारिता के रास्ते में हमेशा खतरे होते हैं। चाहे वह कोई भी हो।

छत्तीसगढ़ और देशभर में पत्रकारों की हत्या का इतिहास लंबा और दुखद है। हर बार कहानी एक जैसी होती है—एक पत्रकार सच उजागर करता है, और उसकी आवाज़ को खामोश कर दिया जाता है। भ्रष्टाचार, घोटाले या अन्य अनियमितताओं को सामने लाने की कीमत अक्सर पत्रकार अपनी जान देकर चुकाते हैं। मुकेश की हत्या एक उदाहरण है, लेकिन यह अकेली घटना नहीं है। चाहे बस्तर के ही नेमीचंद जैन या बिलासपुर के सुशील पाठक जैसे पत्रकारों की हत्या हो, सभी घटनाएं यह सवाल उठाती हैं कि पत्रकारिता के लिए सुरक्षित माहौल कब बनेगा।

हर हत्या के बाद राजनीति शुरू हो जाती है। बयान दिए जाते हैं। आरोप-प्रत्यारोप होते हैं। लेकिन पत्रकारों की सुरक्षा पर ठोस कदम नहीं उठाए जाते। एक पत्रकार की मौत पर कुछ दिन शोक और चर्चा होती है। फिर मामला ठंडा पड़ जाता है। पत्रकारिता का संघर्ष। सच की खोज और खतरों का सिलसिला जारी रहता है। राजनीति के इस शोर में असल मुद्दे दब जाते हैं। क्या पत्रकारों के लिए सख्त सुरक्षा कानून की मांग जायज़ नहीं है। सरकारें क्यों इस पर चुप्पी साधे रहती हैं। आज पत्रकारिता समाज और लोकतंत्र की रीढ़ है। पत्रकार भ्रष्टाचार या अन्याय को उजागर करते हैं। तो वे केवल समाजहित में काम करते हैं। इसके बदले उन्हें धमकी, हमला या हत्या झेलनी पड़ती है। क्या यह लोकतंत्र के लिए ठीक है।

इस तरह की घटनाओं के बाद राजनीति की सियासत भी तेज हो जाती है। हर पार्टी एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करती है। पत्रकार की हत्या के कारण और उसके पीछे छिपे असल मुद्दे अक्सर दबकर रह जाते हैं। राजनीतिक बयानबाजी और बयानवीरता के बीच पत्रकार की मौत की वजह नहीं सुनी जाती। ऐसा क्यों है। क्या उन मुद्दों से आंखें चुराने के बजाय केवल सियासत में उलझकर इस मुद्दे की गंभीरता को भूल रहे हैं। सियासत के इस खेल में कभी यह नहीं पूछते कि पत्रकारों के लिए सख्त कानून क्यों नहीं बनाए गए।

छत्तीसगढ़ में लंबे समय से पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग उठती रही है। यह कानून न केवल पत्रकारों को सुरक्षा देगा, बल्कि उनके खिलाफ अपराधों पर तेजी से कार्रवाई सुनिश्चित करेगा। छत्तीसगढ़ में पत्रकार लगातार हमलों और हत्याओं का सामना कर रहे हैं। ऐसी परिस्थिति में इसकी ज़रूरत और बढ़ जाती है। पत्रकारिता का उद्देश्य सच को सामने लाना है। किसी व्यक्ति या संस्था को निशाना बनाना नहीं। इसके बावजूद पत्रकारों को नायक का दर्जा देने के बजाय, उन्हें धमकाया और निशाना बनाया जाता है। यह लोकतंत्र और समाज के लिए चेतावनी है।

अब समय है कि केवल बयानबाजी से ऊपर उठकर ठोस कदम उठाए जाएं। पत्रकारों की हत्या और उनके खिलाफ अपराधों को रोकने के लिए सख्त कानून बनाए जाएं। सरकारों को समझना होगा कि पत्रकारिता की स्वतंत्रता के बिना लोकतंत्र कमजोर हो जाएगा। मुकेश चंद्राकर की हत्या यह सोचने पर मजबूर करती है कि सच को उजागर करने वालों को किस तरह का माहौल मिलना चाहिए। पत्रकारिता का असल मकसद सच्चाई को सामने लाना है, न कि उस सच्चाई के कारण जान गंवाना। पत्रकारों को सुरक्षित माहौल मिलना ही चाहिए। यही लोकतंत्र का असली आधार है।

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CG पुलिस को ग्रामीणों ने दौड़ा-दौड़ा कर पीटा, वायरल हुआ Video, देखें क्या माजरा..

छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में पुलिस (Police) को दौड़ा-दौड़ा कर पीटने करने का मामला सामने आया है. इसका Video सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. यह मामला बसदेई चौकी क्षेत्र के सरमा गांव की है. पुलिस (Police) मामले की जांच में जुट गई है.

जानकारी के अनुसार, किसी और गांव के पुरुष का किसी और गांव की महिला से संबंध था, जिसे ग्रामीणों ने पकड़ा. इसके बाद मामले को लेकर हो हल्ला और विवाद हो रहा था. इसे शांत कराने बसदेई चौकी की पुलिस (Police) पहुंची थी. इस दौरान पुलिस के साथ ग्रामीणों ने गाली-गलौच करते हुए मारपीट भी की है.

यहां देखें वीडियो –

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महासमुंद, गरियाबंद, आरंग, कांकेर नपा सामान्य, जाने आपके शहर का आरक्षण में क्या मिला

रायपुर। छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय चुनाव को लेकर अब उत्साह बनते जा रहा है। नगर निगमों में महापौर के साथ नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में अध्यक्ष पदों को लेकर प्रतिक्षित आरक्षण की प्रक्रिया जारी है. रायपुर के दीनदयाल ऑडिटोरियम में आरक्षण प्रक्रिया की कार्रवाई चल रही है.

जानें नगर पालिका अध्यक्ष आरक्षण अब तक की स्थिति में…

अनुसूचित जाति के लिए 8 सीट(3 महिला)

अनुसूचित जनजाति के लिए 6 सीट (2 महिला) आरक्षित

ओबीसी वर्ग के लिए 13 सीटें आरक्षित (4 महिलाओं) के लिए किया गया आरक्षित

27 अनारक्षित सीटों में से (9 सीटें महिलाओं) के लिए आरक्षित

अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित नगर पालिका

अभनपुर, बागबाहरा, सारंगढ़,  डोंगरगढ़,  जांजगीर, नैला, अकलतरा, पंडरिया

अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित नगरपालिका

नारायणपुर, जशपुर नगर, बलरामपुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर

ओबीसी के लिए आरक्षित नगर पालिका

दल्ली राजहरा, बड़े बचेली, लोरमी, कटघोरा, बेमेतरा, कोंडागांव, कवर्धा, अहिवारा, मनेंद्रगढ़, सूरजपुर कुम्हारी

महिला अनारक्षित घोषित किए गए नगरपालिका

शिवपुर चर्चा, तखतपुर, किरंदुल, जामुल, खैरागढ़, बोदरी, बालोद, सरायपाली, बाँकीमोंगरा

अनारक्षित घोषित किए गए नगर पालिका

सक्ति, खरसिया, कांकेर, चांपा, रतनपुर, भाटापारा, बलोदा बाजार, मुंगेली, गरियाबंद, आरंग, महासमुंद, गौरेला, अमलेश्वर, बैकुंठपुर रामानुजगंज, पिथौरा

Legends 90 League 2025: रायपुर में क्रिस गेल, युवराज सिंह, हरभजन, सुरेश रैना सहित कई खिलाड़ी दिखाएंगे जलवा, जाने कब से होगा

14 नगर निगम की स्थिति

नगर निगम रायपुर – सामान्य (महिला)

नगर निगम बिरगांव – सामान्य (महिला)

नगर निगम दुर्ग – ओबीसी (महिला)

नगर निगम भिलाई – ओबीसी

नगर निगम रिसाली – एससी (महिला)

नगर निगम चरोदा – ओबीसी

नगर निगम राजनांदगांव – सामान्य

नगर निगम धमतरी – सामान्य

नगर निगम जगदलपुर – सामान्य

नगर निगम रायगढ़ – एससी (महिला)

नगर निगम कोरबा – सामान्य (महिला)

नगर निगम बिलासपुर – ओबीसी

नगर निगम अंबिकापुर – एसटी

नगर निगम चिरमिरी – सामान्य

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1148 करोड़ की कार, जानें इस कार में ऐसा का क्या है खासियत, विश्व की सबसे महंगी…

Car: पुरानी कार खरीदने के लिए शख्स ने 1148 करोड़ रुपये खर्च कर दिए. 68 साल पुरानी कार को खरीदने के लिए व्यक्ति ने अब तक की सबसे बड़ी रकम चुकाई. इस नीलामी के साथ ही यह कार गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में विश्व की सबसे महंगी कार के तौर पर दर्ज हो गई.

1148 करोड़ रुपये में बिकी सबसे पुरानी कार

68 साल पुरानी कार की नीलामी हुई.  300 SLR मर्सिडीज बेंज कार को खरीदने के लिए ताबड़तोड़ बोलियां लगने लगी. हर बोली के साथ कार की नीलामी रकम बढ़ती जा रही है. मर्सिडीज बेंज की 1955 मॉडल 300 SLR को खरीदने के लिए सबसे ऊंची बोली 143 मिलियन डॉलर यानी करीब 1148 करोड़ रुपये की लगी. इसके साथ ही ये विश्व का सबसे महंगी कार बन गई.

जानें क्यों खास है ये कार

मर्सिडीज बेंज की इस कार को सिर्फ दो प्रोटोटाइप मॉडल तैयार किया गया था. कार की खूबियों ने उसे बेशकीमती बना दिया. स्पोर्ट कार रेंस, 3.0 लीटर इंजन, 290 KM प्रति घंटे की रफ्तार वाली यह कार अपने समय की दुनिया की सबसे तेज कार हुआ करती थी.  विटेंज कार कंपनी RM Sotheby ने नीलामी की. इस नीलामी से मिली रकम का इस्तेमाल मर्सिडीज ब्रेंज फंड के तौर पर किया जाएगा. इन पैसों का इस्तेमाल युवाओं की पढ़ाई और रिसर्च पर किया गया गया. इंजन के मुकाबले इस कार की लाइट बॉर्डी इसे सुपर स्पीड देती है.  कंपनी ने इस कार की इंजन को W196 फॉर्मूला वन कार चैंपियनशिप से मिली है.

मर्सिडीज बेंज
मर्सिडीज बेंज

किसने खरीदी दुनिया की सबसे महंगी कार

विश्व की सबसे महंगी कार जर्मनी की Mercedes-Benz म्यूजियम के पास थी. कंपनी ने इसे नॉन व्हीक्ल्स कलेक्शन के तौर पर अपने पास रखा था. साल 1955 में बनी इस कार कंपनी को साल 2022 में पब्लिक नीलामी के जरिए बेच दिया गया. नीलामी को RM Sotheby ने आयोजित किया, जिसमें 1148 करोड़ रुपये की सबसे ऊंची बोली लगाकर Simon Kidston नाम के शख्स ने खरीद लिया. Kidston SA, ऐतिहासिक कारों के स्पेलिस्ट हैं, उन्होंने सबसे ऊंची बोली लगाकार इस कार को खरीद लिया.  हालांकि उन्होंने कार अपने लिए खरीदी या किसी क्लाइंट के लिए से स्पष्ट वहीं है.

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Legends 90 League 2025: रायपुर में क्रिस गेल, युवराज सिंह, हरभजन, सुरेश रैना सहित कई खिलाड़ी दिखाएंगे जलवा, जाने कब से होगा

Legends 90 League 2025: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में ‘लीजेंड्स 90 क्रिकेट लीग’ (Legends 90 League) का आयोजन आगामी 8 से 18 फरवरी 2025 तक शहीद वीर नारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में होगा. इस लीग में कई बड़े राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी भाग ले रहे हैं. जिनमें क्रिस गेल, डेविड वॉर्नर, हरभजन सिंह, युवराज सिंह, सुरेश रैना जैसे कई दिग्गज खिलाड़ी शामिल हैं. इसके साथ ही लीग में बॉलीवुड और छालीवुड के सितारे भी अपनी चमक बिखेरेंगे. इसमें अभिनेत्री तमन्ना भाटिया, हुमा कुरैशी, आयुष्मान खुराना और गायक सोनू निगम, हार्डी संधू समेत छत्तीसगढ़ के कलाकार भी रंग जमाएंगे.

छत्तीसगढ़ वॉरियर्स (Legends 90 League) के मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) तरुणेश परिहार ने बताया कि लीजेंड्स 90 क्रिकेट लीग अंतर्राष्ट्रीय स्तर की लीग है, इसके पूर्व सीजन का आयोजन कैंडी, श्रीलंका में हुआ था. हर्ष का विषय है कि इस वर्ष लीग के आयोजन का सम्मान भारत देश के छत्तीसगढ़ राज्य को प्राप्त हुआ है. लीग का आयोजन दिनांक 8 फरवरी से 18 फरवरी 2025 तक रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में होगा.

लीग में यह खिलाड़ी होंगे शामिल (Legends 90 League)

इस लीग Legends 90 League में अनेक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें क्रिस गेल, डेविड वॉर्नर, हरभजन सिंह, शिखर धवन, युवराज सिंह, सुरेश रैना, मैथ्यू वेड, मोईन अली, एरोन फिंच, थिसारा परेरा, रॉबिन उथप्पा, दिनेश कार्तिक, शॉन मार्श, मार्टिन गप्टिल, केदार जाधव, बेन डंक तथा डेनियल किशन आदि सम्मिलित हैं.

इस टीमों के बीच होगा मैच (Legends 90 League)

लीग में कुल 7 टीमें हिस्सा ले रही हैं, जिनमें बीग बॉस, दुबई जायंट, दिल्ली रॉयल्स, राजस्थान किंग, हरियाणा ग्लेडियेटर्स, गुजरात संप्रमी और प्रदेश से छत्तीसगढ़ वॉरियर्स सम्मिलित हैं. लीग का ड्राफ्ट भव्य समारोह में संपन्न हुआ. समारोह में अनेक राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट खिलाड़ियों को ड्राफ्ट के माध्यम से विभिन्न टीमों में चुना गया. समारोह में मुख्य रूप से आईपीएल और अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट कमेंटेटर चारु शर्मा, बीग बॉस फेम शेफाली बग्गा, लीग के सीईओ शिवेन शर्मा, सीओओ तरुणेश सिंह परिहार और छत्तीसगढ़ क्रिकेट एंकर खुशी अंसारी प्रमुख रहे.

Legends 90 League के सबसे महंगे खिलाड़ी

सबसे महंगे खिलाड़ियों में सुरेश रैना, शिखर धवन, ड्वेन ब्रावो, हरभजन सिंह, कीस गेल, युसुफ पठान, कोरी एंडरसन, मोइन अली तथा तिलकरत्ने दिलशान सम्मिलित रहे.

छत्तीसगढ़ वारियर्स की टीम में हैं ये प्रमुख खिलाड़ी

छत्तीसगढ़ वारियर्स की टीम में सुरेश रैना, मार्टिन गप्टिल, अंबाती रायडू, पवन नेगी आदि मुख्य खिलाड़ी शामिल हुए.

छत्तीसगढ़ से खिलाड़ी

इस लीग (Legends 90 League) में छत्तीसगढ़ के भी खिलाड़ी खेलते नजर आएंगे. प्रदेश के खिलाड़ियों का चयन लीग के लिए किया गया, जिनमें विशाल कुशवाहा, अमित मिश्रा, कलीम खान, पंकज राव, जतिन सक्सेना और मनोज सिंह प्रमुख हैं.

बॉलीवुड के सितारे भी जमाएंगे रंग

लीजेंड्स 90 क्रिकेट लीग को भव्यता प्रदान करने बॉलीवुड से तमन्ना भाटिया, हुमा कुरैशी, आयुष्मान खुराना, साथ ही गायक विशाल मिश्रा, सोनू निगम, हार्डी संधू जैसे सितारे और छालीवुड के सितारे प्रदर्शन देंगे.

लीग (Legends 90 League) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी तरुणेश सिंह परिहार ने बताया कि प्रदेश और शहर के स्थानीय दर्शकों तक मैच की पहुंच आसान बनाने के लिए टिकट दाम न्यूनतम स्तर पर ही रखने के प्रयास किए जाएंगे. साथ ही उन्होंने कहा कि इतने बड़े स्तर की क्रिकेट लीग का प्रदेश में होना गर्व की बात है. इससे निश्चित रूप से प्रदेश के क्रिकेट प्रेमियों का मनोरंजन और उत्साहवर्धन होगा. साथ ही प्रदेश में खेल पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा.

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महासमुंद पंचायत चुनाव कल होगी आरक्षण की कार्यवाही

महासमुंद 07 जनवरी 2025/ त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन 2024-25 के आरक्षण कार्यवाही हेतु आम सूचना प्रकाशित कर दिया गया है। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने सभी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत को नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए है। आम सूचना का प्रकाशन कलेक्ट्रेट, जिला पंचायत, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कार्यालय, तहसील, जनपद पंचायत, ग्राम पंचायत कार्यालय में चस्पा किया गया है।

जिले के समस्त विकासखंड महासमुंद, बागबाहरा, पिथौरा, बसना एवं सरायपाली के पंच एवं सरपंच पदों के प्रवर्गवार एवं महिलाओं के प्रवर्गवार स्थानों के आबंटन, आरक्षण कार्यवाही 8 जनवरी 2025 को प्रातः 11 बजे से प्रारम्भ किया जाएगा। जिसमें महासमुंद विकासखंड के पंच एवं सरपंच पदों के लिए जिला पंचायत सभाकक्ष में आरक्षण की कार्यवाही की जाएगी।

HMPV Virus: नये वायरस से भारत में चिंता, अब तक 6 केस से हड़कंप, जानें बचने को क्या करें?

इसी तरह बागबाहरा के लिए स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी शासकीय आदर्श उच्चतर माध्यमिक विद्यालय महासमुंद, पिथौरा के लिए शासकीय महाप्रभु वल्लभाचार्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय महासमुंद (स्वामी विवेकानंद सभागार), बसना के लिए स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम आदर्श महाविद्यालय महासमुंद (कक्ष क्रमांक 01) एवं सरायपाली के लिए वनरक्षक प्रशिक्षण शाला महासमुंद (व्याख्यान कक्ष) में आरक्षण की कार्यवाही होगी।

इसी तरह सभी विकासखण्ड महासमुंद, बागबाहरा, पिथौरा, बसना एवं सरायपाली के जनपद पंचायत के अध्यक्ष एवं सदस्यों के प्रवर्गवार एवं महिलाओं के प्रवर्गवार स्थानों के आबंटन, आरक्षण की कार्यवाही जिला पंचायत महासमुंद के सभाकक्ष में 9 जनवरी 2025 को प्रातः 11 बजे से प्रारम्भ किया जाएगा तथा जिले के जिला पंचायत सदस्य के प्रवर्गवार एवं महिलाओं के प्रवर्गवार स्थानों के आबंटन, आरक्षण की कार्यवाही जिला पंचायत महासमुंद के सभाकक्ष में 9 जनवरी 2025 को दोपहर 3 बजे से किया जाएगा। कार्यवाही के समय सर्व साधारण की जानकारी एवं नियमानुसार आरक्षण की कार्यवाही में साक्ष्य के रूप में उपस्थिति के लिए सूचना प्रकाशित की गई है।

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HMPV Virus: नये वायरस से भारत में चिंता, अब तक 6 केस से हड़कंप, जानें बचने को क्या करें?

HMPV Virus Cases: चीन वाले HMPV वायरस ने भारत की भी चिंता बढ़ा दी है. ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस ने सोमवार को भारत में भी दस्तक दी. देखते ही देखते एक दिन में पांच मामले सामने आए. इनमें दो-दो मामले कर्नाटक और तमिलनाडु, जबकि एक मामला गुजरात में सामने आया है. भारत में इस वायरस से संक्रमित होने वाले ये सभी बच्चे हैं, जिनमें से एक की उम्र 2 महीने तो एक की 8 माह है.

चीन के बाद अब भारत में भी HMPV वायरस दस्तक दे चुका है.

HMPV Virus: चीन के बाद अब भारत में भी HMPV वायरस दस्तक दे चुका है. एचएमपीवी यानी ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस भारत में तेजी से फैल रहा है. भारत में एक ही दिन में सोमवार को पांच एचमपीवी के केस मिलने से हड़कंप मच गया. इसकी वजह से खुद हेल्थ मिनिस्टर जेपी नड्डा को बयान देना पड़ा. उन्होंने देशवासियों से कहा कि सरकार की स्थिति पर पूरी नजर है. अभी चिंता की कोई बात नहीं है. भारत में अब तक एचएमपीवी वायरस के पांच केस मिल चुके हैं. सोमवार को एचमपीवी वायरस के कर्नाटक में दो, गुजरात में एक और तमिलनाडु में 2 मरीज मिले. इस तरह चीन से फैलना शुरू हुई नई बीमारी HMPV ने भारत की भी टेंशन बढ़ा चुका है. भारत में अब तक जितने भी केस मिले हैं, सभी संक्रमित बच्चे हैं. तो चलिए जानते हैं भारत और चीन में एचएमपीवी वायरस को लेकर क्या है लेटेस्ट अपडेट्स.

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भारत सरकार ने एचएमपीवी वायरस पर क्या कहा?

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा ने भारत में ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (एचएमपीवी) के मामले सामने आने के बाद सोमवार को कहा कि सरकार स्थिति पर बारीकी से नजर रख रही है और चिंता की कोई बात नहीं है. उन्होंने कहा कि एचएमपीवी कोई नया वायरस नहीं है और देश में किसी भी सामान्य श्वसन वायरस रोगजनक में कोई वृद्धि नहीं देखी गई है. जेपी नड्डा ने एक वीडियो संदेश में कहा कि चीन में एचएमपीवी की हालिया खबरों के मद्देनजर स्वास्थ्य मंत्रालय, आईसीएमआर, देश की शीर्ष स्वास्थ्य अनुसंधान संस्था और राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) चीन और अन्य पड़ोसी देशों में स्थिति पर कड़ी नजर रख रहे हैं. उन्होंने कहा कि डब्ल्यूएचओ ने स्थिति का संज्ञान लिया है और शीघ्र ही रिपोर्ट हमारे साथ साझा करेगा.

China चीन
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HMPV की एडवाइजरी में क्या-क्या है.

लोगों को खांसते या छींकते समय अपने मुंह और नाक को रूमाल या टिशू पेपर से ढकने की सलाह दी गई है. एडवाइजरी में कहा गया है, ‘अपने हाथों को साबुन और पानी या अल्कोहल आधारित सैनिटाइजर से बार-बार धोएं. भीड़-भाड़ वाली जगहों से बचें, फ्लू से प्रभावित व्यक्तियों से एक हाथ से अधिक दूरी बनाए रखें.’ लोगों को सलाह दी गई है कि अगर उन्हें बुखार, खांसी और छींक आ रही है तो वे सार्वजनिक स्थानों से दूर रहें. उन्हें खूब पानी पीने और पौष्टिक भोजन खाने के लिए कहा गया है. संक्रमण को कम करने के लिए सभी स्थानों पर बाहरी हवा के साथ पर्याप्त वेंटिलेशन की सिफारिश की गई है.

आंध्र प्रदेश ने एचएमपीवी को लेकर जारी किया अलर्ट

HMPV वायरस लेटेस्ट अपडेट: आंध्र प्रदेश सरकार ने सोमवार को देश के कुछ हिस्सों में ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (एचएमपीवी) के मामले सामने आने के मद्देनजर अलर्ट जारी किया. मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने सोमवार को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सतर्क रहने तथा सभी आवश्यक निवारक उपाय करने के स्पष्ट निर्देश दिए. जब अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि राज्य के किसी भी हिस्से से एचएमपीवी का कोई मामला सामने नहीं आया है, तो उन्होंने अधिकारियों से देश के अन्य हिस्सों से राज्य में प्रवेश करने वालों पर नजर रखने और जहां भी आवश्यक हो परीक्षण करने को कहा.

भारत में एक दिन में HMPV वायरस के 5 केस

एचएमपीवी वायरस लेटेस्ट अपडेट: HMPV वायरस ने सोमवार को भारत में दस्तक दी. भारत के तीन राज्यों में पांच मरीज एचएमपीवी वायरस से संक्रमित मिले. स्वास्थ्य अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि कर्नाटक में दो और गुजरात में एक शिशु तथा तमिलनाडु में दो बच्चे एचएमपीवी से संक्रमित पाए गए हैं. यह वायरस सभी आयु वर्ग के लोगों को प्रभावित कर सकता है. हालांकि, इसका सॉफ्ट टारगेट बच्चे हैं. यह वायरस सर्दियों और शुरुआती वसंत के महीनों में अधिक फैलता है.

भारत में HMPV से चिंता वाली बात है या नहीं?

HMPV वायरस न्यूज: चीन वाले एचएमपीवी वायरस ने फिर से कोरोना का खौफ पैदा कर दिया है. लोगों को कोरोना वाले दिन याद आने लगे हैं. चीन में HMPV के प्रकोप की खबरों के बाद सोशल मीडिया पर लॉकडाउन (Lockdown) ट्रेंड करने लगा. लोग इस वायरस की तुलना COVID-19 से कर रहे हैं. इस बीच सरकार ने कहा है कि लोगों को चिंता करने की जरूरत नहीं है. सरकार की नजर है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने लोगों को आश्वस्त किया कि सरकार स्थिति पर करीब से नजर रख रही है और चिंता की कोई जरूरत नहीं है. वहीं विशेषज्ञों ने भी पुष्टि की है कि यह कोरोना वायरस जैसी स्थिति नहीं है, ऐसे में इसे रोकने के लिए लॉकडाउन जैसे उपायों की जरूरत नहीं पड़ेगी.

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