छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद की बैठक, लिए गए कई निर्णय

रायपुर। मंत्रिपरिषद ने प्रदेश के अनुसूचित जनजाति वर्ग के युवाओं के छत्तीसगढ़ पुलिस में भर्ती के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए उम्मीदवारों के लिए ऊंचाई और सीना के निर्धारित मापदण्ड में एक बार के लिए छूट प्रदान करने का निर्णय लिया। जिसके तहत छत्तीसगढ़ पुलिस में सूबेदार, उपनिरीक्षक संवर्ग, प्लाटून कमाण्डर की सीधी भर्ती प्रक्रिया वर्ष 2024 में निर्धारित न्यूनतम ऊंचाई 163 सेंटीमीटर तथा सीना बिना फुलाये 78 से.मी. एवं फुलाने पर 83 से.मी. केवल अनुसूचित जनजाति वर्ग के पुरूष अभ्यर्थियों के लिए केवल एक बार के लिए छूट देने का निर्णय लिया गया है।

छत्तीसगढ़ विधानसभा सदस्य वेतन, भत्ता तथा पेंशन (संशोधन) विधेयक, 2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।

छत्तीसगढ़ राज्य में डेयरी उद्यमिता को प्रोत्साहन देने एवं दुग्ध संकलन तथा प्रसंस्करण में वृद्धि हेतु राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के साथ एम.ओ.यू. करने का निर्णय लिया गया। इससे नवीन तकनीक के उपयोग के साथ ही दुग्ध महासंघ के प्रसंस्करण क्षमता में वृद्धि होगी। अनुसूचित क्षेत्रों में दुधारू पशु उत्प्रेरण से स्वरोजगार में वृद्धि के साथ ही दुग्ध उत्पादन की लागत कम होगी तथा दुग्ध उत्पादकता में वृद्धि के साथ ही प्रदेश के दुग्ध उत्पादक कृषकों के दुग्ध विक्रय के लिए सुदृढ़ व्यवस्था स्थापित हो सकेगी।

छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता, 1959 में संशोधन बाबत् छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता (संशोधन) विधेयक, 2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।

छत्तीसगढ़ अनधिकृत विकास का नियमितिकरण (संशोधन) विधेयक, 2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।

राजधानी रायपुर में 15 जनवरी से 15 फरवरी 2025 तक आयोजित ऑटो एक्सपो के दौरान वाहनों के लाईफ टाईम रोड टैक्स पर एकमुश्त 50 प्रतिशत की छूट दिए जाने का निर्णय लिया गया तथा प्रदेश के सभी डीलरों को इस सुविधा का  लाभ वाहन क्रेताओं को दिलाने के निर्देश दिए गए हैं।

छत्तीसगढ़ में खेलों के लिए सुदृढ़ वातावरण तैयार करने, खेल संस्कृति को बढ़ावा देने तथा राज्य के खिलाड़ियों के लिए सुदूर ग्रामीण अंचलों से लेकर जिला मुख्यालय में खेल हेतु आधारभूत संरचनाओं के निर्माण के लिए मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना के क्रियान्वयन के लिए कार्ययोजना का अनुमोदन किया गया।

इसके तहत छत्तीसगढ़ में खेल क्लब को बढ़ावा देने, खिलाड़ियों को प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए संबंधित पंजीकृत समितियों को खेल प्रतियोगिताएं आयोजित करने पर आर्थिक सहयोग प्रदान किया जाएगा। छत्तीसगढ़ पारंपरिक खेलोें को पुनर्जीवित किया जाएगा। ओलम्पिक खेलों को ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में बढ़ावा देने के साथ ही राज्य के खिलाड़ियों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में भाग लेने पर उनको शत-प्रतिशत यात्रा व्यय  तथा खेल उपकरण की सुविधा देकर प्रोत्साहित किया जाएगा।

खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर उपार्जित अतिशेष (सरप्लस) धान के निराकरण के संबंध में गहन विचार-विमर्श किया गया। कैबिनेट ने खरीफ सीजन में उपार्जित शतप्रतिशत धान की कस्टम मिलिंग उसी खरीफ सीजन में पूरा कर जमा कराने तथा इस साल के अतिशेष धान का चावल केन्द्रीय पूल के अंतर्गत भारतीय खाद्य निगम में सितम्बर 2025 तक उपार्जित किए जाने के लिए लक्ष्य वृद्धि हेतु प्रस्ताव धान खरीदी समाप्त होते ही भारत सरकार को पुनः भेजे जाने के संबंध में चर्चा की गई तथा अतिशेष धान का निराकरण नीलामी से करने की अनुमति दी गई है।

खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में कस्टम मिलिंग हेतु फोर्टिफाईड राईस कर्नेल की व्यवस्था के संबंध में फोर्टिफाईड चावल जमा की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ द्वारा NeML के माध्यम से दर का निर्धारण पश्चात् आपूर्ति प्रारंभ होने तक गत् खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 अनुसार मिलरों द्वारा एफआरके निर्माताओं से भारत सरकार द्वारा निर्धारित दर के अधीन फोर्टिफाईड राईस कर्नेल (FRK) क्रय कर फोर्टिफाईड चावल जमा किये जाने की अनुमति दी गई है।

खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान की कस्टम मिलिंग प्रोत्साहन राशि 80 रूपए करने का निर्णय लिया।

खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में राईस मिलों को लंबित प्रोत्साहन राशि की प्रथम किश्त प्रदान किए जाने का निर्णय लिया गया।

छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 (क्रमांक 1 सन् 1994)  की धाराओं में संशोधन संबंधी छत्तीसगढ़ पंचायत राज (संशोधन) विधेयक, 2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।

छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 (संशोधन) विधेयक 2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।

छत्तीसगढ़ नगर पालिक अधिनियम 1961 (संशोधन) विधेयक 2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।

छत्तीसगढ़ माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक 2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।

नौटंकी क्यो? बहुमत नहीं, उपराष्ट्रपति जगदीप के खिलाफ प्रस्ताव पर सोनिया गांधी ने क्यों नहीं किया हस्ताक्षर?

इंडिया गठबंधन ने राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ के खिलाफ उन्हें पद से हटाने के लिए प्रस्ताव लाने का नोटिस दिया है. यह संसदीय इतिहास में पहला ऐसा कदम है, जब उपराष्ट्रपति के खिलाफ यह प्रस्ताव लाया गया है. विपक्ष के पास इस प्रस्ताव को पारित कराने के लिए राज्यसभा और लोकसभा दोनों जगहों पर जरूरी संख्या नहीं है. फिर भी वह प्रस्ताव पर अड़ा हुआ है.

लेकिन, सबसे बड़ा सवाल यह है कि विपक्ष ऐसा नौटंकी क्यों कर रहा है? जब उसके पास संख्या बल नहीं है, उसके शीर्ष नेताओं ने प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं, संसद सत्र में केवल 10 दिन बचे हैं… ऐसे में विपक्ष ऐसा क्यों कर रहा है. जानकारों का दावा है कि विपक्ष का यह कदम प्रतीकात्मक है. लेकिन, प्रतीकात्मक विरोध के लिए ऐसा करना कितना उचित है?

उपसभापति के खिलाफ लाया गया था प्रस्ताव

वर्ष 2020 में विपक्ष ने राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की कोशिश की थी, लेकिन उस समय सभापति एम. वेंकैया नायडू ने इसे खारिज कर दिया था. नायडू ने यह कहा था कि प्रस्ताव उचित प्रारूप में नहीं था और इसके लिए 14 दिन का नोटिस भी नहीं दिया गया था. संविधान के अनुच्छेद 67(बी) के तहत, उपराष्ट्रपति को उनके पद से हटाने के लिए राज्यसभा और लोकसभा में बहुमत से प्रस्ताव पारित होना चाहिए.

इसके लिए कम से कम 14 दिन पहले इस प्रस्ताव का नोटिस देना आवश्यक होता है. इस प्रस्ताव के बारे में जानकारी देते हुए विपक्षी इंडिया गठबंधन के नेताओं ने आरोप लगाया कि धनखड़ पूरी तरह से सरकार के पक्ष में काम कर रहे हैं और विपक्ष के विचारों को नजरअंदाज कर रहे हैं. उनका कहना है कि धनखड़ ने राज्यसभा की कार्यवाही में हमेशा पक्षपाती रवैया अपनाया है और विपक्षी नेताओं की आवाज दबाई है.

विपक्ष का आरोप

विपक्ष का यह आरोप है कि धनखड़ ने राज्यसभा में विपक्षी सांसदों को बोलने का अवसर नहीं दिया और जब भी उन्होंने बोलने की कोशिश की, तो उन्हें बीच में टोक दिया गया. इसके अलावा, उन्होंने विपक्ष के नेताओं के खिलाफ सार्वजनिक टिप्पणियां कीं और सरकार के खिलाफ सवाल उठाने वालों को अनुशासनहीनता के लिए आलोचना की. विपक्ष ने यह भी दावा किया कि धनखड़ ने एक बयान में कहा था कि वह RSS के एकलव्य बने थे, जो उनके पद की निष्पक्षता के खिलाफ है.

विपक्षी नेताओं ने कहा कि उनका यह कदम लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा के लिए था, क्योंकि उनके अनुसार, धनखड़ ने अपने पद का उपयोग सरकार के पक्ष में किया और राज्यसभा के अध्यक्ष के रूप में निष्पक्षता की भूमिका को कम कर दिया.

सोनिया-खड़गे ने प्रस्ताव पर नहीं किया साइन

विपक्ष के इस प्रस्ताव पर सोनिया गांधी और सदन में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने हस्ताक्षर नहीं किया है. इसी को लेकर बड़ा सवाल पैदा हुआ है. क्या इंडिया गठबंधन इस प्रस्ताव को लेकर गंभीर है. उसे भी पता है कि इस प्रस्ताव का क्या भविष्य है. इसी शर्मिंदगी से बचने के लिए सोनिया गांधी ने हस्ताक्षर नहीं किया. अब सवाल यह है कि यदि वे गंभीर नहीं हैं तो यह नाटक क्यों कर रहे हैं.

इंडिया गठबंधन के पास केवल 85 सदस्य हैं जबकि प्रस्ताव को पारित कराने के लिए 116 सदस्यों का समर्थन चाहिए. हालांकि विपक्षी दलों के नेताओं ने यह भी कहा कि यह कदम उनके लिए व्यक्तिगत नहीं है, बल्कि यह सरकार के खिलाफ विचार व्यक्त करने का अधिकार है, जिसे राज्यसभा में दबाया जा रहा है. वे इसे लोकतंत्र की रक्षा के लिए एक जरूरी कदम मानते हैं, जो संसद की कार्यवाही में निष्पक्षता और समानता की जरूरत को रेखांकित करता है.

इस प्रस्ताव पर आगे क्या होगा, यह भविष्य में देखा जाएगा, क्योंकि विपक्ष को इस प्रस्ताव को पारित कराने के लिए आवश्यक संख्या नहीं मिल सकती. फिर भी, उनका यह कदम सरकार और राज्यसभा के अध्यक्ष के खिलाफ अपनी असहमति और आलोचना को सार्वजनिक रूप से प्रकट करने का एक तरीका है.

छत्तीसगढ़, अपंजीकृत निर्माणी श्रमिकों को भी कार्यस्थल पर मृत्यु होने पर मिलेगी 1 लाख की सहायता राशि

रायपुर, 11 दिसंबर 2024। प्रदेश में विष्णुदेव सरकार के एक साल पूर्ण होने पर निर्माणी श्रमिकों को बड़ी राहत मिलने जा रही है। अब ऐसे निर्माणी श्रमिक जो कि पंजीकृत नहीं है लेकिन कार्यस्थल पर दुर्घटना से मृत्यु हो जाती है तो उनके आश्रितों को एक लाख रुपए की सहायता राशि दी जाएगी।

गौरतलब है कि ऐसे निर्माणी श्रमिक जो कि छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अंतर्गत क्षेत्रों में कार्य करते हैं, लेकिन किसी कारणवश पंजीयन नहीं हो पाया होता है। इसी बीच कार्यस्थल में मृत्यु होने पर श्रमिक के आश्रितों को किसी तरह की आर्थिक सहायता राशि नहीं मिल पाती थी। श्रमिकों की इन परेशानियों को देखते हुए श्रम मंत्री सह अध्यक्ष छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल श्री लखन लाल देवांगन के निर्देश पर अब विभाग ने मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना की अधिसूचना में आंशिक संशोधन करने जा रही है।

अभी तक निर्माणी श्रमिक के सामान्य मृत्यु पर 1 लाख, कार्य स्थल पर दुर्घटना से मृत्यु होने पर 5 लाख, कार्यस्थल पर दुर्घटना से दिव्यांगता होने पर 2.50 लाख की सहायता राशि मिलती है। अब अपंजीकृत निर्माणी श्रमिक के कार्यस्थल पर दुर्घटना से मृत्यु होने पर एक लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि आश्रितों को दी जाएगी।

एक साल में 1502 निर्माण श्रमिकों के आश्रितों को दी गई सहायता राशि

जनवरी से लेकर नवंबर तक कुल 1502 निर्माण श्रमिकों को मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना का लाभ दिया गया है। श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन के निर्देश पर ऐसे निर्माणी श्रमिकों के आश्रितों को तत्काल सहायता राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से की जा रही है।

अच्छे लोग अच्छे कार्य की तारीफ अवश्य करते हैं CM विष्णुदेव साय

रायपुर। “अच्छे लोग अच्छे काम की तारीफ जरूर करते हैं।” TS सिंहदेव को लेकर यह कहना है CM विष्णु देव साय का। मामला पूर्व उप मुख्यमंत्री TS सिंहदेव के उस ट्वीट से जुड़ा है जिसमें उन्होंने सीएम साय की तारीफ की थी। एक मीडिया साक्षात्कार के दौरान TS सिंहदेव द्वारा CM की तारीफ को लेकर पूछे गए सवाल पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि उनकी सरकार अच्छा काम कर रही है और अच्छे लोग तारीफ भी करते हैं। उन्होंने स्व. अटल जी और स्व. इंदिरा गांधी से जुड़े उस वाकये का भी जिक्र भी किया, जिसमें स्व. अटल जी ने गांधी की तारीफ की थी। फिर कहा कि अच्छे लोग अच्छे कामों की तारीफ जरूर करते हैं।

CM साय की तारीफ

इस विषय पर पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने CM साय की तारीफ करते हुए अपनी सरकार में इसे पूरा न कर पाने का दुःख जताया था। टीएस सिंहदेव ने अपने सोशल मीडिया हैंडल X पर लिखा था कि मेकाहारा अस्पताल में एकीकृत नवीन अस्पताल भवन के निर्माण कार्य के टेंडर निकालने के लिए माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी को शुभकामनाएं।

कांग्रेस की सरकार के दौरान हमारे द्वारा शुरू की गई इस पहल के अगले चरण में पूर्ण होने से प्रदेश की जनता को लाभ मिलेगा। काफ़ी अथक प्रयासों से इस बिल्डिंग के लिए सभी प्रक्रियाओं को पूरा किया गया था जैसे की नाबार्ड से लोन लेना, भवन का नक्शा तैयार करना इत्यादि। दुख इस बात का है कि हम इसे अपने शासन काल में पूर्ण नहीं कर पाए।

परंतु यह देख अच्छा लगा कि आप इसे आगे ले जा रहे हैं, जनसेवा के कार्यों को यूं ही दलगत राजनीति, और सरकारों के परे जा कर विस्तार दिया जाना चाहिए। सिंहदेव की शुभकामनाओं पर मुख्यमंत्री साय ने अपने ट्वीट के जरिए उनका आभार व्यक्त करते हुए कहा था कि बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए हमारी सरकार निरंतर कार्य कर रही है। जन सुविधा के कार्यों में दलगत राजनीति को कभी आड़े नहीं आने देना चाहिए । हम पहले के सभी अधूरे कार्यों को भी बिना किसी पूर्वाग्रह के पूरा कर रहे है। अब इसी मामले में CM साय की मौखिक प्रतिक्रिया सामने आई है।

गौरतलब है कि पिछली कांग्रेस सरकार ने मेकाहारा में 700 बिस्तर अस्पताल भवन के निर्माण के लिए केवल भूमिपूजन किया, लेकिन उसके बाद टेंडर नहीं निकाला। तब स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ही थे। अब विष्णु सरकार ने अस्पताल भवन निर्माण के लिए टेंडर निकाल दिया है और जल्द ही भवन निर्माण की शुरुआत हो जाएगी।

EMI जमा करने से पहले जरूरी है ‘बीबी’- बच्चों की देखरेख, सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले ने बढ़ा दी बैंकों टेंशन!

EMI:  देश के सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है. इससे देश में लोन देने वाली संस्थाओं की परेशानी बढ़ सकती है. उनके लिए लोन की वसूली करना जटिल कार्य हो सकता है. बता दें, शीर्ष अदालत ने कहा है कि किसी भी लोन धारक के लिए उनके बच्चों और उससे अलग हो चुकी पत्नी के लिए गुजारा भत्ता देना उसकी पहली प्राथमिकता है. इसके बाद ही वह अन्य मदों में पैसे खर्च कर सकता है. भले ही उक्त व्यक्ति ने बैंक से लोन ले रखा हो और उसकी किस्त देनी पड़ती हो. वह गुजाराभत्ता देने के बाद ही EMI का भुगतान करेगा.

जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस उज्जल भूयान की बेंच ने एक पति की गुहार खारिज कर दी. पति ने गुहार लगाई थी कि वह इतना पैसा नहीं कमाता कि वह उससे अलग हो चुकी पत्नी के बकाये गुजाराभत्ते का  भुगतान नहीं सके. पति की डायमंड की फैक्ट्री है. उसने कहा कि उसकी फैक्ट्री को भारी नुकसान हुआ है. उसके ऊपर बहुत अधिक कर्ज चढ़ गया है.

इस पर अदालत ने कहा कि तलाकशुदा महिला और उसके बच्चों के भरणपोषण का खर्च उठाना पति की पहली प्राथमिकता है. इसके लिए पति की संपत्ति पर उनका पहला अधिकार है. इसके बाद ही कोई देनदाता यानी बैंक या लोन देने वाली संस्था उस पर हक जमा सकती है.

जल्द गुजारा भत्ते का भुगतान करे पति

अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि महिला के पूर्व पति को जल्द से जल्द बकाये गुजाराभत्ते का भुगतान करना होगा. इस संदर्भ में किसी भी लोन देने वाली संस्था की ओर से लोन की वसूली के लिए उठाए गए कदम या आपत्ति को बाद में सुना जाएगा.

बेंच ने अपने इस आदेश को उचित बताते हुए कहा कि गुजाराभत्ता का अधिकार जीने के अधिकार से जुड़ा है. यह अधिकार सम्मान के अधिकार और एक बेहतर जीवन के अधिकार का हिस्सा है. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 में ये बातें कही गई हैं.

कोर्ट ने आगे कहा कि इस कड़ी में गुजराभत्ता के अधिकार को मौलिक अधिकार के बराबर माना गया है. साथ ही किसी देनदार के कर्ज की वसूली के अधिकार से भी यह बड़ा अधिकार है.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर पति अपनी पूर्व पत्नी को गुजाराभत्ता के बकाये रकम का भुगतान करने में विफल रहता है तो परिवार अदालत पति के खिलाफ एक्शन ले सकती है और जरूरी हुआ तो पति की अचल संपत्ति की नीलामी भी कर सकती है ताकि पत्नी को गुजाराभत्ते का भुगतान किया जा सके.

Chhattisgarh 5 डिग्री तापमान लुढ़का, ठिठुरन के लिए हो जाएं तैयार

रायपुर. Chhattisgarh छत्तीसगढ़ में अब ठिठुरन के तैयार हो जाएं। अब कड़ाके की ठंड पड़ने वाली है। इसकी शुरुआत बुधवार रात से देखने को मिली है। बता दें, उत्तर की हवाओं के चलते पारा 4-5 डिग्री लुढ़क गया है. Chhattisgarh मौसम विभाग के अनुसार, आगामी 4-5 दिनों में तापमान में और गिरावट आएगी. रायपुर में 15 डिग्री, 15.4 -बिलासपुर, 10.4, पेंड्रा रोड 9.7, अंबिकापुर में 17.8, जगदलपुर में 12.4 और दुर्ग में 12.4 डिग्री तापमान दर्ज किया गया है. उत्तर छत्तीसगढ़ के जिलों में घना कोहरा छाया रहा.

मौसम विभाग के अनुसार, आगामी 5 दिनों में पारा और नीचे गिरने से अधिक ठिठुरन बढ़गी. तापमान में 1 से 3 डिग्री तक गिरावट आएगी. मौसम विज्ञानिक का कहना है कि Chhattisgarh में अगले कुछ दिनों तक मौसम शुष्क रहेगा. इससे रात का तापमान गिरेगा. गुरुवार को रायपुर में न्यूनतम तापमान 13 डिग्री रहने की संभावना है.

 

2024 भारतीय टीम का इतिहास, सालभर में एक भी वनडे मैच नहीं जीता, 45 साल में पहली बार शर्मसार

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के लिए साल 2024 ऐसे उतार-चढ़ाव लेकर आया, जो क्रिकेट प्रेमह शायद ही भूल पाएं. इस साल अगर भारतीय टीम ने T20 वर्ल्ड कप जीता तो इतिहास में पहली बार न्यूजीलैंड से टेस्ट सीरीज भी हारी. लेकिन जैसे यह काफी नहीं था. भारतीय टीम साल 2024 में एक भी वनडे मैच भी नहीं जीती. साल 1979 के बाद यह पहला और ओवरऑल सिर्फ तीसरा मौका है जब भारत एक भी वनडे मैच नहीं जीता.

भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम 1974 से वनडे मैच खेल रही है. तब से भारत लगातार वनडे मैच खेल रहा है. शुरुआती दौर में भारत का इस फॉर्मेट में अच्छा प्रदर्शन नहीं रहा और 1974, 1976 और 1979 में भारत एक भी वनडे मैच नहीं जीत पाया. हालांकि, इसी दौर में उसने 1975 के वर्ल्ड कप में एक मैच जीता और 1978 में पाकिस्तान को भी हराया था.

साल 1980 से भारतीय क्रिकेट ने जीत का जो सिलसिला शुरू हुआ वह 2023 तक अनवरत जारी रहा. भारत ने हर साल कम या ज्यादा मैच जीते. लेकिन भारत की जीत का यह सिलसिला 2024 में थम गया. भारतीय टीम ने हालांकि, इस साल ज्यादा वनडे मैच नहीं खेले. भारतीय टीम रोहित शर्मा की कप्तानी में विराट कोहली जैसे अपने हर सितारे के साथ श्रीलंका पहुंची. भारत और श्रीलंका के बीच अगस्त में 3 मैचों की वनडे सीरीज हुई, जिसे श्रीलंका ने 2-0 से जीत लिया. सीरीज का एक मैच रद हो गया. इस तरह भारतीय टीम के नाम 2024 में एक भी वनडे मैच नहीं जीत पाने का दाग लग गया.

रोहित शर्मा के नाम अनचाहा दाग

यह इत्तफाक है कि अनचाहे दाग का कड़वा घूंट कप्तान रोहित शर्मा को पीना पड़ा. वह भी एक नहीं, दो-दो बार. भारतीय टीम ने रोहित शर्मा की कप्तानी में ना सिर्फ 2024 में एक भी वनडे ना जीतने का अनचाहा रिकॉर्ड बनाया, बल्कि इसी साल न्यूजीलैंड के से घर में टेस्ट सीरीज भी हार गई. न्यूजीलैंड ने भारत के खिलाफ क्लीन स्वीप किया और हार का यह दाग भी रोहित के नाम आया.

न्यूजीलैंड ने कर ली भारत की बराबरी

महीनेभर पहले भारत में आकर टेस्ट सीरीज में रोहित ब्रिगेड का सूपड़ा साफ करने वाली न्यूजीलैंड के लिए भी वनडे फॉर्मेट अच्छा साबित नहीं हुआ. न्यूजीलैंड की टीम ने इस साल 3 वनडे मैच खेले. उसे इन तीनों मैचों में हार का सामना करना पड़ा.

आयरलैंड-जिम्बाब्वे ने जीते एक-एक मैच

भारत और न्यूजीलैंड की टीमें इस साल सबसे कम वनडे मैच खेलने वाली टीमें भी रहीं. इन दोनों के बाद सबसे कम मैच आयरलैंड ने खेला. उसने 2024 में 5 वनडे खेले और एक में जीत दर्ज की. जिम्बाब्वे ने 6 वनडे खेले और एक जीता. दक्षिण अफ्रीका ने भी 6 वनडे मैच खेले, जिनमें से 3 में उसे जीत मिली.

Maruti Dzire: सिर्फ 50 हजार देकर बन जाएं इस नई कार के मालिक, जानें प्लान

Maruti Dzire: मारुति सुजुकी डिजायर सेडान सेगमेंट में एक प्रसिद्ध नाम है जिसे इसके सस्ते दाम, शानदार माइलेज और बेहतरीन फीचर्स के लिए पसंद किया जाता है. कंपनी ने हाल ही में डिजायर को नए अवतार में लॉन्च किया है, जिसमें डिजाइन और फीचर्स दोनों में बड़े बदलाव किए गए हैं. इस सेडान के बेस मॉडल की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत ₹6.79 लाख है, जो ऑन-रोड ₹7.64 लाख तक पहुंचती है.

हालांकि, इतने बड़े बजट में कार खरीदना हर किसी के लिए आसान नहीं होता. लेकिन मारुति डिजायर के लिए एक ऐसा फाइनेंस प्लान उपलब्ध है, जिसके तहत आप मात्र ₹50,000 की डाउन पेमेंट पर इस कार को घर ले जा सकते हैं.

जानें फाइनेंस प्लान की डिटेल्स

यदि आप इस कार को फाइनेंस प्लान के तहत खरीदने का सोच रहे हैं, तो आपको ₹6.29 लाख का लोन मिलेगा. इस लोन पर 9.8% की वार्षिक ब्याज दर लागू होगी. डाउन पेमेंट के रूप में आपको ₹50,000 का भुगतान करना होगा. इसके बाद, अगले 5 साल तक आपको हर महीने ₹15,893 की ईएमआई चुकानी होगी.

ध्यान दें कि यह फाइनेंस प्लान आपकी बैंकिंग और क्रेडिट स्कोर पर निर्भर करता है. यदि सिबिल स्कोर या बैंकिंग में कोई कमी पाई जाती है, तो बैंक डाउन पेमेंट, लोन अमाउंट और ब्याज दर में बदलाव कर सकता है.

नई Maruti Dzire के फीचर्स

नई डिजायर में कंपनी ने कई मॉडर्न फीचर्स जोड़े हैं, जो इसे और भी प्रीमियम बनाते हैं. इसके फीचर्स की बात करें तो इसमें 9-इंच का टचस्क्रीन इंफोटेंमेंट सिस्टम दिया गया है जो वायरलेस एंड्रॉइड ऑटो और एप्पल कारप्ले सपोर्ट के साथ आता है. इसके अलावा कार में रियर वेंट्स के साथ ऑटोमैटिक एसी, वायरलेस फोन चार्जर, क्रूज कंट्रोल और सिंगल-पैन सनरूफ जैसे फीचर्स भी दिए गए हैं.

इंजन और माइलेज

नई डिजायर में 1.2-लीटर का 3-सिलेंडर Z सीरीज पेट्रोल इंजन दिया गया है, जो 82 PS की पावर और 112 Nm का टॉर्क जनरेट करता है. इसे 5-स्पीड मैनुअल और 5-स्पीड एएमटी ट्रांसमिशन ऑप्शंस के साथ पेश किया गया है.

माइलेज के मामले में भी डिजायर शानदार परफॉर्मेंस देती है:

पेट्रोल मैनुअल: 24.79 kmpl

पेट्रोल एएमटी: 25.71 kmpl

सीएनजी: 33.73 km/kg

 1 लीटर पेट्रोल में कितना चलती है Hero Xtreme 125R?

1 लीटर पेट्रोल में कितना चलती है Hero Xtreme 125R?आगे देखें…

यदि आप एक किफायती और फीचर-पैक सेडान खरीदने का सोच रहे हैं, तो नई Maruti Dzire आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है. ₹50,000 की डाउन पेमेंट और किफायती ईएमआई के साथ, यह कार बजट में फिट होने वाली एक शानदार डील है.

लो अब आ गया इंसानों को नहाने वाली मशीन, 15 मिनट में आपकों बना देगा तरो-ताजा

नई दिल्‍ली। अब दुनिया में टेक्नॉलाजी कहां से कहां पहुंच रही है, ये तो अकल्पनीय है। अब जरा फर्ज कीजिए, आपके घर में एक ऐसी वॉशिंग मशीन है जो कपड़े नहीं इंसानों को धोती है. बिलकुल वैसे ही जैसे आप कपड़े धोते हैं. यह वॉशिंग मशीन इंसानी शरीर को पानी से धोकर सिर्फ 15 मिनट में ही सुखा भी देगी और इस प्रक्रिया के बाद आपका शरीर कपड़ों की तरह बिलकुल नया हो जाएगा. यह कोई कल्‍पना नहीं, बल्कि सच्‍चाई है और इसे सच कर दिखाया है जापान (Japan) के वैज्ञानिकों ने.

जापान के इंजीनियर्स ने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) से लैश भविष्‍य की वॉशिंग मशीन बनाई है. इसे नाम दिया है Mirai Ningen Sentakuki जो इंसानी शरीर का विश्‍लेषण करके वॉश और ड्राई की प्रक्रिया को पूरी करती है. इस डिवाइस को जापान की Science Co. कंपनी ने बनाया है, जो ओसाका में है. फिलहाल इस मशीन को ओसाका के एक्‍सपो में दिखाया गया है और कंपनी का कहना है कि इसे जल्‍द 1,000 लोगों पर टेस्‍ट करने के लिए पेश किया जाएगा.

सिर्फ 15 मिनट में हो जाएगा काम

कंपनी का दावा है कि यह डिवाइस सिर्फ 15 मिनट में अपना काम पूरा कर देती है. इसका पूरा फंक्‍शन बिलकुल वॉशिंग मशीन की तरह काम करता है. पहले यह शरीर को वॉश करती है और फिर उसे सुखा देती है. सुखाने का मतलब है क‍ि शरीर को पूरी तरह नए जैसा कर देती है. यह मशीन बिलकुल फाइटर जेट के कॉकपिट की तरह नजर आती है, लेकिन इसका काम पाीन से वॉश करना और सुखाना है.

जानें कैसे काम करती है कि यह मशीन

इस डिवाइस के भीतर लगी मशीनें शरीर की धुलाई करने के लिए वॉटर जेट्स और माइक्रोस्‍कोपिक बबल्‍स का इस्‍तेमाल करती हैं. इसके जरिये बॉडी की डीप क्‍लीनिंग हो जाती है और बिलकुल स्‍पा वाली फीलिंग आती है. मशीन में लगे एआई सेंसर हर इंसान की स्किन और फिजिकल नीड के हिसाब से धुलाई करते हैं. इसी हिसाब से तापमान और प्रेशर को भी एडजस्‍ट करते हैं. यह मशीन इमोशन को भी चेक करती है और उसी हिसाब से स्‍मार्ट तरीके से अपना काम करती है.

बिलकुल शांत कर देगा शरीर

यह मशीन बायोलॉजिकल डाटा का विश्‍लेषण करने के बाद आपके शरीर को बबल्‍स के जरिये धुलेगी. एआई मशीन को पता होगा कि आपका शरीर कब और कैसे रिलेक्‍स करता है. उसी हिसाब से यह मशीन शरीर की धुलाई करती है, जिसमें इलेक्‍ट्रोड का इस्‍तेमाल किया जाता है. इससे शरीर के पोर-पोर में नया जोश भर जाता है और बाद में शरीर पूरी तरह रिलेक्‍स फील करने लगता है.

CG नक्सलियों ने BJP कार्यकर्ता की हत्या

बीजापुर। नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव से पहले नक्सली बीजापुर (Bijapur) में तांडव मचा रहे हैं. आज फिर नक्सलियों ने एक BJP कार्यकर्ता को मौत के उतारा है. यह मामला फरसेगढ़ थाना क्षेत्र का है. हालांकि घटना की अधिकारिक पुष्टी नहीं हुई है.

बता दें कि बीते दिनों नक्सलियों ने भैरमगढ़ के बिरयाभूमि में BJP किसान मोर्चा के मंडल अध्यक्ष की हत्या की थी. अब कुटरू तहसील के ग्राम सोमनपल्ली निवासी भाजपा कार्यकर्ता माड़ो राम कुड़ियम को मौत के घाट उतारा गया है. इस घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है.