Ank shastr: 15 फरवरी गुरुवार: अंकों के माध्यम से जातकों के विषय एवं उसके भविष्य को जानने की कोशिश किया जाता है। उदाहरण के लिए समझें यदि किसी मनुष्य का जन्म 25 अप्रैल को हुआ है तो उसकी जन्म तारीख के अंकों का योग 2+5=7 आता है। यानि 5 उस व्यक्ति का मूलांक कहा जाएगा। यदि किसी की जन्मतिथि 3 अंकों अर्थात 12 है तो उसका मूलांक 1+2= 3 होगा। जानें आज का अंक गणित Ank shastr …
अंक 1
जिंदगी के हर चरण का आप अपने भाई/ बहन के साथ दोस्तों के रूप में सामना करने के लिए तैयार हैं। (Ank shastr) अभी आप आत्मविश्वास से लबालब हैं और यह दिख रहा है। कई लोग आपकी कंपनी चाहते हैं।
शुभ अंक- 4
शुभ रंग- केसरिया
अंक 2
आपके लिए इस समय कुछ भी मुश्किल नहीं है। (Ank shastr) आज आप महसूस करेंगे कि खोयी हुई ऊर्जा आपको फिर से मिल गयी है। सब कुछ मुमकिन है बस खुद पर विश्वास करें।
शुभ अंक- 2
शुभ रंग- व्हाइट
अंक 3
आप लम्बे समय से कड़ी मेहनत कर रहे हैं जिसके कारण अभी तनावग्रस्त महसूस कर सकते हैं। (Ank shastr) महत्वपूर्ण निर्णयों का ध्यान या विश्लेषण करने के लिए समय निकालें। सभी बाधाओं और मूल्यांकनों के बाद आपने स्वयं इस सुनहरे समय को अर्जित किया है।
शुभ अंक- 7
शुभ रंग- पिंक
अंक 4
धन सम्बन्धी मामलों के प्रति उदासीन न हों और कोई भी बड़े फैसले लेने से बचे। योजना बनाने में कुछ समय बिताएं ताकि आप अपने आने वाले कल को सुधार सके।
शुभ अंक- 3
शुभ रंग- येलो
अंक 5
अभी आप लोगों से मिलने जुलने के मूड में हैं और नए कनेक्शन भी बनाने के लिए भी तैयार हैं। ग्रुप या क्लब का हिस्सा बनने का मज़ा लें। आपका आकर्षण इस समय चरम सीमा पर हैं।
शुभ अंक- 6
शुभ रंग- रेड
अंक 6
इस समय आपके माता-पिता या भाई-बहन को अपनी आपके ध्यान देने की आवश्यकता है। लोगों के साथ बातचीत आपको ऊर्जा और कौशल प्रदान कर सकती है। आराम करें और दूसरों की संगति का मज़ा लें।
शुभ अंक- 5
शुभ रंग- ब्लू
अंक 7
इस समय आपकी सामूहिक या संगठनात्मक गतिविधियां आपके परिवार और घरेलू जीवन को प्रभावित कर सकती हैं। प्रतिष्ठा में बदलाव अभी आपकी किस्मत में है। आपकी मेहनत को पहचान मिल रही है और जल्द की कोई इनाम भी मिलेगा।
शुभ अंक- 6
शुभ रंग- येलो
अंक 8
झगड़ों को हल करें और उन रिश्तों को समाप्त कर दें जो अब दिल के करीब नहीं हैं। प्रगति, उपलब्धि,निपुणता, प्रसिद्धि और सार्वजनिक पहचान इन सब को अनुभव करने का वक्त आ चुका है।
शुभ अंक- 8
शुभ रंग- ग्रीन
अंक 9
यात्रा के लिए यह वक्त बढ़िया है। आप आध्यात्मिक मामलों में दिलचस्पी ले रहे हैं, और उच्च शक्तियों या शिक्षा पाने के इच्छुक हैं। किसी सलाहकार या शिक्षक की सलाह लें।
MSP की कानूनी गारंटी सहित कई मांगों के साथ किसान संगठनों ने दिल्ली वार्डर पर जमें हुए हैं। केंद्र सरकार का कहना है कि वह किसानों से बातचीत को राजी है. किसानों की एक प्रमुख मांग स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने की है. वे चाहते हैं कि आयोग के सुझाए फॉर्म्युले से MSP तय किया जाए. किसान दिल्ली की सीमाओं पर डटे हैं।
इधर, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने वादा किया कि सत्ता में आने पर MSP को कानूनी अधिकार बना देंगे. राहुल ने स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें जस की तस लागू करने की बात कही. हालांकि, 2010 में जब कांग्रेस नीत UPA सत्ता में थी, तब सरकार ने स्वामीनाथन आयोग के सुझाए फॉर्म्युले से MSP तय करने से इनकार किया था. राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में तत्कालीन कृषि राज्य मंत्री केवी थॉमस ने कहा था कि ऐसा करने से ‘बाजार की सूरत बिगड़ सकती है.’
जानिए 2010 में स्वामीनाथन आयोग की MSP पर क्या बोली थी सरकार?
BJP के प्रकाश जावड़ेकर ने अप्रैल 2010 में तत्कालीन UPA सरकार से राज्यसभा में सवाल पूछा था. जावड़ेकर जानना चाहते थे कि क्या सरकार ने किसानों को भुगतान के लिए स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें स्वीकार कर ली हैं. जवाब में थॉमस ने सदन को बताया:
“प्रोफेसर एम.एस. स्वामीनाथन की अध्यक्षता में राष्ट्रीय किसान आयोग ने सिफारिश की है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) उत्पादन की भारित औसत लागत से कम से कम होना 50% अधिक चाहिए. हालांकि, यह अनुशंसा सरकार द्वारा स्वीकार नहीं की गई क्योंकि एमएसपी की सिफारिश वस्तुनिष्ठ मानदंडों और प्रासंगिक कारकों को ध्यान में रखते हुए कृषि लागत और कीमतें आयोग (CACP) द्वारा की जाती है. इसलिए, लागत पर कम से कम 50% की वृद्धि निर्धारित करने से बाजार विकृत हो सकता है.”
2010 में UPA सरकार का जवाब
MS स्वामीनाथन की अध्यक्षता में ‘राष्ट्रीय किसान आयोग’ का गठन 18 नवंबर 2004 को किया गया था. कमेटी ने आखिरी रिपोर्ट अक्टूबर 2006 में सरकार को सौंपी.
msp 2010 में UPA सरकार का जवाब
स्वामीनाथन रिपोर्ट में MSP का क्या फॉर्म्युला है?
सरकार अभी A2+FL फॉर्म्युले की मदद से MSP तय करती है. इसमें बीज, खाद, मजदूरी, सिंचाई जैसे नकदी खर्च के साथ-साथ किसान परिवार के सदस्यों की मेहनत की अनुमानित लागत जोड़ी जाती है. सब जोड़कर खर्च से कम से कम 1.5 गुना ज्यादा MSP तय होता है.
स्वामीनाथन आयोग ने रिपोर्ट में MSP के लिए C2+50% फॉर्म्युला दिया. इसके हिसाब से MSP फसल की औसत लागत से 50% ज्यादा होना चाहिए. इसमें इसमें पूंजी की इनपुट लागत और जमीन का किराया शामिल है, जिससे किसानों को 50 फीसदी रिटर्न मिलेगा.
आयोग की सिफारिशें लागू न करने के आरोपों पर कांग्रेस का जवाब
BJP के घेरने पर कांग्रेस की ओर से पवन खेड़ा ने जवाब दिया. उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बुधवार को कहा, “मोदी सरकार का कहना है कि ‘स्वामीनाथन आयोग’ को कांग्रेस ने लागू नहीं किया है. लेकिन सच तो ये है कि स्वामीनाथन आयोग में 201 सिफारिशें थीं, जिनमें से यूपीए सरकार ने 175 सिफारिशें लागू कर दी थीं. 26 सिफारिशें बाकी थीं, जिनमें से सबसे अहम MSP से जुड़ी घोषणा कल कांग्रेस अध्यक्ष (मल्लिकार्जुन) खरगे और राहुल गांधी ने की.”
राहुल ने मंगलवार को X (पहले ट्विटर) पर घोषणा की थी कि ‘कांग्रेस ने हर किसान को फसल पर स्वामीनाथन कमीशन के अनुसार MSP की कानूनी गारंटी देने का फैसला लिया है.’ गांधी ने कहा, “अगर इंडिया गठबंधन सत्ता में आता है, तो यह उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी प्रदान करेगा.”
किसानों की अब इन 4 डिमांड को विस्तार से समझिए
आशीष मिश्र टेनी का जमानत मामला- केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे आशीष मिश्रा लखीमपुर खीरी में 4 किसानों की हत्या के मामले में आरोपी हैं. यह मामला 3 अक्टूबर, 2021 का है.
इस मुकदमे की सुनवाई लखीमपुर के प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रामेन्द्र कुमार की कोर्ट में चल रही है. आशीष फिलहाल जमानत पर है और किसान संगठनों का कहना है कि सरकार उसकी जमानत रद्द करवाए. वहीं सरकार का कहना है कि आशीष को कानूनन सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है तो सरकार में इसके बीच में कैसे पड़ सकती है?
न्यूनतम समर्थन मूल्य और सरकारी गारंटी- न्यूनतम समर्थन मूल्य किसानों के फसल की कीमत होती है, जिसे सरकार तय करती है. देश की जनता तक पहुंचने वाले अनाज को पहले सरकार किसानों से एमएसपी पर खरीदती है. एमसएपी सिस्टम लागू करने का मुख्य मकसद किसानों को फसल का सही दाम देना है.
किसान संगठनों का कहना है कि सरकार इसे सरकारी गारंटी में लाए और लागू करे. किसान नेताओं के मुताबिक अगर सरकार यह मांग मान लेती है तो फसल की कीमत को लेकर कई समस्याएं हल हो जाएंगी.
फसल लागत से 50 प्रतिशत ज्यादा पर खरीदने की मांग- किसानों की यह मांग काफी अहम है. किसान प्रतिनिधियों का कहना है फसल को अगर लागत के 50 प्रतिशत के हिसाब से खरीदा जाएगा तो इसके किसानों की दुर्दशा सुधर सकती है.
किसान संगठनों का कहना है कि सरकार आमदनी दोगुनी की बात करती है, लेकिन उसे बढ़ाने के लिए कोई बड़ा फैसला नहीं लेती है. आय बढ़ाने के लिए फसल को लागत से 50 प्रतिशत ज्यादा की राशि पर खरीदने की व्यवस्था होनी चाहिए. इसे कृषि क्षेत्र में सी-2 फॉर्मूला भी कहा जाता है.
2021 आंदोलन का मुकदमा वापस लेने की मांग- 2021 में 3 कृषि कानूनों को लेकर किसानों ने प्रदर्शन किया था. उस वक्त हजारों किसानों पर प्रदर्शन का मुकदमा दायर हुआ था, लेकिन अभी भी अधिकांश किसानों पर से केस वापस नहीं लिया गया है.
किसान नेताओं का कहना है कि अधिकांश मुकदमे बीजेपी शासित राज्यों में हैं. ऐसे में केंद्र इससे पल्ला नहीं झाड़ सकता है. केंद्र सरकार अगर पहल करेगी तो मुकदमा एक दिन में ही वापस हो जाएगा.
किसानों को लेकर सरकार का क्या है रूख?
आंदोलन के बीच केंद्र सरकार लगातार किसानों से संपर्क में है. कहा जा रहा है कि जल्द ही किसान संगठन और सरकार के बीच दूसरे दौर की बातचीत हो सकती है.
बुधवार को मीडिया से बात करते हुए कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा, ”किसान संगठनों को यह समझने की जरूरत है कि जल्दबाजी में कोई भी निर्णय नहीं लिया जा सकता है, जिसकी भविष्य में आलोचना हो.”
मुंडा ने आगे कहा, ”हमें सभी पहलुओं को ध्यान में रखना चाहिए और इस पर चर्चा करनी चाहिए. किसानों को यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि सामान्य जीवन बाधित न हो.” उन्होंने कहा कि केंद्र किसान यूनियनों के साथ रचनात्मक बातचीत जारी रखेगा. हम समाधान खोजने की दिशा में लगातार काम कर रहे हैं.
रायपुर। Chhattisgarh विधानसभा के बजट सत्र के आठवें दिन तत्कालीन सरकार की योजना ‘राजीव मितान क्लब को लेकर जमकर हंगामा देखने को मिला। इससे पहले आज सदन में अलग-अलग मुद्दों को लेकर हंगामे की आशंका पहले से ही थी। सत्र की शुरुआत में ही राजीव मितान क्लब को लेकर सत्ताधारी दल के सदस्य मुखर नजर आएं। विधायक धरमजीत सिंह ने राजीव मितान क्लब पर सवाल उठाते हुए इसे कांग्रेस की ‘खाओ-पीयों योजना’ कह दिया।
इसी तरह BJP के MLA धरमलाल कौशिक, अजय चंद्रकार और राजेश मूणत ने भी राजीव मितान क्लबों के खर्च पर गंभीर सवाल खड़े किये। इस स्कीम में पैसे के दुरुपयोग को लेकर पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोंकझोंक देखने को मिली।
इस बारें में विभागीय मिनिस्टर द्वारा बताया गया कि पूर्व में क्लब को 126 करोड़ रुपए की राशि दी गई थी जिसकी जाँच कराई जाएगी। वही यह भी बताया गया कि पूर्व में कुल 132 करोड़ की राशि का प्रावधान किया गया था। चर्चा के दौरान धरमजीत सिंह ने तंज कसते हुए इसे खाओ पीओ योजना तक कह दिया। BJP के सदस्यों ने इस योजना को भंग करने की मांग करते हुए सदन में जमकर नारेबाजी भी की। इस हंगामे के बीच विभागीय मंत्री टंकराम वर्मा ने ऐलान किया कि इसका ऑडिट कराया जाएगा, युवा मितान क्लब को भंग किया जाएगा।
रायपुर। परिवहन मंत्रालय भारत सरकार के आदेशानुसार अब छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में भी भारत सीरीज नंबर प्लेट जारी करने का आदेश परिवहन विभाग छग शासन ने जारी कर दिया है. अगर आप BH Series नंबर प्लेट लेना चाहते हैं तो आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है. हम आपको इस खबर में बता रहे कि कैसे BH सीरीज नंबर प्लेट को प्राप्त कर सकेंगे.
कौन-कौन इसके लिए आवेदन कर सकता है और इससे क्या फायदा होता है. BH सीरीज नंबर प्लेट को लेने के लिए आपको ऑनलाइन अप्लाई करना पड़ेगा. हालांकि आवेदन करने के लिए सबसे पहले आपको एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया को फॉलो करना होगा, जिसमें कुछ शर्तें शामिल हैं. यदि आपका ऑफिस चार राज्यों से अधिक जगहों पर स्थित है या फिर और सरकारी कर्मचारी हैं तो इसके लिए आवेदन कर सकते हैं।
BH नंबर से पूरे भारत का भ्रमण
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने पिछले साल सितंबर 2021 में गैर-परिवहन वाहनों के लिए नई लॉन्च की गई बीएच-सीरीज़ (india series) नंबर प्लेट के तहत वाहन पंजीकरण शुरू किया था, जिसका उद्देश्य BH-सीरीज नंबर के अतर्गत अन्य राज्यों में काम करने वाले कर्मचारियों को लाभ देना है. इससे पहले मोटर व्हीकल एक्ट1988 की धारा 47 के अनुसार, मालिकों को केवल 12 महीने के लिए अपने वाहन को दूसरे राज्य (जिस राज्य में वे पंजीकृत हैं से अलग) में रखने की अनुमति थी.
इस अवधि के बाद वाहन का पंजीकरण नए राज्य में स्थानांतरित करना पड़ता था. हालांकि, बीएच सीरीज के साथ वाहन मालिक पूरे देश में कही भी घूम सकते हैं. यह नंबर प्लेट पूरे देश में मान्य रहेगी. इस सीरीज के नंबर प्लेट का सीधा फायदा उन लोगों को मिलेगा, जिनका ट्रांसफर किसी अन्य राज्य में होता रहता है. ऐसे अगर आप सिर्फ एक बार ‘बीएच सीरीज’ का नंबर रजिस्ट्रेशन करवा लेंगे तो उन्हें दूसरे राज्यों में इसे बदलने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
Ank shastr: 14 फरवरी बुधवार: अंकों के माध्यम से जातकों के विषय एवं उसके भविष्य को जानने की कोशिश किया जाता है। उदाहरण के लिए समझें यदि किसी मनुष्य का जन्म 25 अप्रैल को हुआ है तो उसकी जन्म तारीख के अंकों का योग 2+5=7 आता है। यानि 5 उस व्यक्ति का मूलांक कहा जाएगा। यदि किसी की जन्मतिथि 3 अंकों अर्थात 12 है तो उसका मूलांक 1+2= 3 होगा। जानें आज का अंक गणित ank ganit …
Ank Jyotish
अंक 1
आज का दिन आपके लिए भाग्यशाली है। सामाजिक भागीदारी में आप कुछ भी गलत नहीं कर सकते। नेटवर्क के अवसर का लाभ उठाएं। आय के नए स्रोत भी मिल सकते हैं। इस बीच, अपने खर्च को लेकर सतर्क रहें।
शुभ अंक- 52
शुभ रंग- सिल्वर
Ank Jyotish
अंक 2
आज के दिन चोरी व दुर्घटनाओं से बचने के लिए सावधानी बरतें। नए निर्णय लेने के लिए पूरे महीने में आज का दिन सबसे बेहतर है। जल्दबाजी में आप अपने स्वयं को या आसपास को बदलना चाहेंगे।
शुभ अंक- 22
शुभ रंग- ग्रे
Ank Jyotish
अंक 3
आज किसी रिश्ते का अंत आपके जीवन में भावनात्मक घबराहट पैदा कर सकता है। अकेला रहना मुश्किल तो है किन्तु यह आपके लिए अच्छा सिद्ध होगा। आत्मनिरीक्षण का यह चरण आपकी लम्बी अवधि तक मदद करेगा।
शुभ अंक-12
शुभ रंग- हरा
Ank Jyotish
अंक 4
आज आपके दिमाग में अपने अस्तित्व को लेकर सवाल उठ सकते है। संबंधों को मजबूत बनाना आज के दिन का केंद्र बिंदु होगा। अपने विचारों से इकठ्ठा कर के कार्य करना आपकी समझदारी को प्रदर्शित करता है।
शुभ अंक- 2
शुभ रंग- क्रीम
Ank Jyotish
अंक 5
आज अपने अच्छे किस्मत का मज़ा लें और दोस्तों के साथ उत्सव मनाएं। अन्य लोग आपके आसपास रहना चाहते हैं और आपकी इच्छा पूरी करने के लिए तैयार हैं। चोरी या दुर्घटनाओं से बचने के लिए सावधान रहें।
शुभ अंक- 15
शुभ रंग- पीला
Ank Jyotish
अंक 6
आज नए मित्र बनाए लेकिन पुराने मित्रों से भी बातचीत करना न छोड़ें। आज किसी समूह में दिन व्यतीत होगा। दूसरों की ज़रूरत को अपनी जरूरतों से आगे रखना चाहिए तभी काम बनेंगे।
शुभ अंक- 3
शुभ रंग- गोल्डन
Ank Jyotish
अंक 7
आज आप अपने आलोचकों का अच्छे से सामना कर रहे हैं और आपके नेतृत्व कौशल की प्रशंसा की जा रही है। आपको अपने प्रयासों का पुरस्कार मिलेगा। परिवार सम्बन्धी समस्याओं जैसे मतभेद या स्वास्थ्य में गड़बड़ी का सामना करना पड़ सकता है।
शुभ अंक- 27
शुभ रंग- वॉइलेट
Ank Jyotish
अंक 8
आज आपके जिंदगी में असंतोष का भाव आ सकता है, जिससे आपको लगेगा कि आपका जीवन नियंत्रण से परे हैं। आप ऐसे लोगों के इंतज़ार में हैं जो आपकी प्रतिभा पहचानेंगे। सही समय और सही जगह पर अपने विचारों को प्रस्तुत करें, इससे सफलता निश्चित है।
शुभ अंक- 14
शुभ रंग- लाल
Ank Jyotish
अंक 9
आज यात्रा में होने वाली समस्याओं जैसे बीमारी या सामान खोना आदि के लिए तैयार रहें। यह आपके करियर में बदलाव के पल हो सकते है। आपको मिली हुई नयी आज़ादी से आज आप बेहद उत्साहित रहेंगे।
महासमुंद। 13 फरवरी 2024/ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत प्रचलित कुल 3,33,111 राशनकार्डों के नवीनीकरण की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। जिसमें से 2,35,413 राशनकार्डधारी हितग्राहियों ने अपने राशनकार्ड का नवीनीकरण करा लिया है। जिले में अभी भी 97,698 राशनकार्डधारी नवीनीकरण हेतु शेष है। शासन द्वारा राशनकार्डों के नवीनीकरण के लिए 15 फरवरी 2024 तक की समय-सीमा निर्धारित की गई है। कलेक्टर श्री प्रभात मलिक ने राशनकार्डो के नवीनीकरण कार्य में सहयोग के लिये ग्रामीण क्षेत्र में प्रत्येक ग्राम पंचायत के सचिव तथा शहरी क्षेत्र में वार्ड मोहर्रिर को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है।
राशन कार्ड का नवीनीकरण खाद्य विभाग द्वारा तैयार एप्प के जरिये किया जा रहा है। हितग्राही यह एप्प अपने मोबाईल में खाद्य विभाग की वेबसाईट https://khadya.cg.nic.in/ से डाउनलोड कर सकते हैं। इसके अलावा हितग्राही अपनी उचित मूल्य की दुकान में संधारित टैबलेट अथवा दुकान के विक्रेता के पंजीकृत एंड्रायड मोबाईल के माध्यम से भी राशन कार्ड का नवीनीकरण करा सकते हैं। राशन कार्ड धारक हितग्राही अपने पंचायत सचिव/वार्ड मोहर्रिर अथवा उचित मूल्य की दुकान के विक्रेता की सहायता से राशन कार्ड का नवीनीकरण करा सकते हैं।
शासन द्वारा सभी श्रेणी सामान्य (एपीएल), प्राथमिकता, अंत्योदय, निराश्रित, निःशक्जन के राशनकार्डों का नवीनीकरण कराया जा रहा है। जिला खाद्य अधिकारी ने राशनकार्डों के नवीनीकरण हेतु सभी शेष हितग्राहियों से शासन द्वारा निर्धारित समयावधि में अपने राशन कार्ड का नवीनीकरण कराने की अपील की है ताकि भविष्य में उन्हें नवीनीकृत राशन कार्ड का लाभ मिल सके।
रायगढ़। पत्नी व उसके प्रेमी की मर्डर की गुत्थी को पुलिस (Police) ने सुलझा लिया है। घटना के 48 घंटे के भीतर पुलिस ने आरोपी पति और उसके साथी को गिरफ्तार कर लिया है। पत्नी को प्रेमी के साथ आपत्तिजनक हालत में देख पति ने दोनों की हत्या गला दबाकर की थी। पूरा मामला लैलूंगा थाना क्षेत्र का है।
बता दें,, थाना लैलूंगा के ग्राम घटगाँव क्षेत्र में 11 फरवरी की सुबह करीब साढ़े 11 बजे पुलिस (Police) को सूचना मिली कि गांव की एक महिला और युवक का शव घर के पास पड़ा हुआ है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और महिला की पहचान नागवंशी (35 वर्ष), संजय नाग (28 वर्ष) के रूप में की। दोनों शव के गले में जख्म के निशान थे। पुलिस मामले को मर्डर से जोड़कर इसकी जांच शुरू की।
इधर देाहरे मर्डर से पूरे गांव में सनसनी फैल गई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी रायगढ़ दिव्यांग कुमार पटेल खुद घटना स्थल पहुंचे और साइबर सेल व पुलिस (Police) को जांच के निर्देश दिए। पुलिस ने गांव के लोगों से पूछताछ की तो पता चला कि महिला का मृतक से प्रेम संबंध था। पुलिस (Police) ने संदेह के आधार पर मृतिका के पति सुलेचंद नाग को हिरासत में लेकर उससे कड़ाई से पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपी ने हत्या की बात कबूल की और बताया कि गांव का संजय नाग उसकी पत्नी से मिलने आता था। इस वजह से गांव में उसे अपने जान पहचान वालों के सामने शर्मिंदा होना पड़ रहा था। 10 और 11 फरवरी की रात जब वह रायगढ़ पूंजीपथरा क्षेत्र से वापस अपने घर आया। इस दौरान उसका दोस्त शंकर भी साथ था। घर पर अपनी पत्नी को संजय नाग के साथ आपत्तिजनक अवस्था में देख उसे गुस्सा आ गया।
सुलेचंद ने अपने दोस्त शंकर नाग की मदद से पहले संजय की तार से गला घोंटकर मर्डर की। इसके बाद पत्नी को भी मौत के घाट उतार दिया। फिर दोनों के शव को घर के पास कच्चे रास्ते में फेंक दिया था। आरोपियों का प्लान घटना को फांसी का स्वरूप देने का था। लेकिन आरोपी इसमें कामयाब नहीं हो पाए थे। प्रकरण हत्या और साक्ष्य छुपाने का अपराध दर्ज कर दोनो आरोपियों की गिरफ्तार की गई। वर्तमान में आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर पेश किया गया।
Bharat Jodo Nyay Yatra: छतीसगढ़। राहुल गांधी (Rahul Gandh) की न्याय यात्रा दिल्ली में हो रहे किसान आंदोलन के कारण स्थगित हो गई है। मंगलवार को राहुल गांधी की यात्रा अंबिकापुर पहुंची थी। यहां उन्होंने कला केंद्र मैदान में आम सभा को संबोधित किया। इसी बीच कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ चार्टर्ड प्लेन से दिल्ली रवाना हो गए हैं।
यात्रा कुछ दिन के लिए स्थगित कर दी गई है। आगामी यात्रा का समय तय नहीं है। बता दें कि अंबिकापुर की सभा के बाद राहुल गांधी (Rahul Gandh) की न्याय यात्रा बलरामपुर पहुंचने वाली थी जहां झींगो गांव में रात्रि विश्राम था। कल बुधवार को उनकी यह यात्रा बलरामपुर जिला मुख्यालय होते हुए रामानुजगंज से होते हुए झारखंड प्रवेश करने वाली थी। बलरामपुर जिले में कांग्रेस ने यात्रा के स्वागत की व्यापक तैयारी की थी।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, ‘किसान भाइयों आज ऐतिहासिक दिन है. कांग्रेस ने हर किसान को फसल पर स्वामीनाथन कमीशन के अनुसार MSP की कानूनी गारंटी देने का फैसला लिया है. यह कदम 15 करोड़ किसान परिवारों की समृद्धि सुनिश्चित कर उनका जीवन बदल देगा. न्याय के पथ पर यह कांग्रेस की पहली गारंटी है.
Kisan Andolan News: किसानों ने दिल्ली में विरोध प्रदर्शन (Farmers Protest) का ऐलान किया है. इस प्रदर्शन को देखते दिल्ली बॉर्डर को सील कर दिया गया है. इसके साथ ही भारी संख्या में पुलिस बलों की तैनाती की गई है. किसानों के आने वाले हर एंट्री प्वाइंट पर सुरक्षा अभेद्द कर दी गई है. सिंघु बॉर्डर, गाजीपुर, टिकरी, चिल्ला बॉर्डर, कालिंदी कुंज-DND-नोएडा बॉर्डर पर किसी तरह की भीड़ जुटाने पर पाबंदी लगा दी गई है.
दिल्ली यूपी और हरियाणा की पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी गई है. इन एंट्री प्वाइंट पर रोड रोलर, क्रेन, जेसीबी और कटीले तार लगाए गए है. किसानों की एंट्री को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस के साथ अर्धसैनिक बलों की भारी तैनाती की गई है. पुलिस ने तय किया है किसी भी हालत में किसानों को ट्रैक्टर बस और दूसरे वाहनों से दिल्ली में घुसने नहीं दिया जाएगा. किसानों के दिल्ली कूच के एलान के बाद नोएडा पुलिस भी अलर्ट है. ट्रैफिक से लेकर सुरक्षा तक के कड़े इंतजाम है तो वहीं स्कूल भी ऑनलाइन खुलेंगे.
पुलिस और किसानों के बीच टकराव, शंभू बॉर्डर पर छोड़े गए आंसू गैस के गोले
एमएसपी समेत कई मांगों को लेकर किसान दिल्ली कूच कर रहे हैं. इस बीच शंभू बॉर्डर पर पुलिस और किसानों के बीच टकराव हो गया है. किसानों को काबू करने और तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े गए हैं. भीड़ जमा होने से रोकने और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आरएएफ लगाए गए हैं.
किसानों का आंदोलन उग्र
जानकारी के अनुसार, शंभू बॉर्डर पहुंचे नौजवानों ने बैरिकैड्स को मौके से उठाया तो पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की है. पुलिस ड्रोन के जरिये बॉर्डर से दूसरी तरफ नजर बनाए हुए थी. वहीं, करीब साढ़े 12 के करीब ड्रोन से भी टियर गैस के गोले छोड़े गए हैं. हरियाणा पुलिस ने शंभू बॉर्डर पर किसानों के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है. हरियाणा पुलिस ने घोषणा की और कहा कि ‘जब तक किसान नेता नहीं आ जाते हैं किसी को बढ़ने नहीं दिया जाएगा. अगर किसी को एसपी या डीसी से बात करनी हो, तो इस
9729990500’ नंबर पर सपंर्क किया जा सकता है.
मौके पर पहुंचे नौजवान और अन्य लोग मुंह पर रुमाल बांधे हुए हैं और आंसू गैस के असर से बचने के लिए यह इंतजाम प्रदर्शनकारियों की तरफ से किए गए हैं. साथ ही मौके पर पानी के टैंकर भी रखे गए हैं, ताकि आंसू गैस का असर कम किया जा सके. पुलिस ने करीब 15-20 मिनट तक टियर गैस के गोले छोड़े हैं और इस कारण किसान मौके से करीब 100 मीटर पीछे चले गए हैं.
हालांकि, आगे जाने की कोशिशें हो रही हैं. लेकिन जैसे ही कोई भी आगे बॉर्डर की तरफ बढ़ता है तो पुलिस गोले छोड़ती है. किसान जैसे ही टियर गैस के गोले आसपास गिरते हैं तो उस पर मिट्टी भी डाल रहे हैं, ताकि उसका असर कम किया जा सके. इधर, अंबाला रैंज के आईजी सिबास कविराज का कहना है कि अगर किसान ट्रेक्टर लेकर आगे जाएंगे तो, नहीं जाने देंगे. लेकिन अगर वे बस या ट्रेन से जाएगे तो उनका स्वागत है.
हालांकि, आगे जाने की कोशिशें हो रही हैं. लेकिन जैसे ही कोई भी आगे बॉर्डर की तरफ बढ़ता है तो पुलिस गोले छोड़ती है. किसान जैसे ही टियर गैस के गोले आसपास गिरते हैं तो उस पर मिट्टी भी डाल रहे हैं, ताकि उसका असर कम किया जा सके. इधर, अंबाला रैंज के आईजी सिबास कविराज का कहना है कि अगर किसान ट्रेक्टर लेकर आगे जाएंगे तो, नहीं जाने देंगे. लेकिन अगर वे बस या ट्रेन से जाएगे तो उनका स्वागत है.
किसानों का आंदोलन उग्र होते जा रहा है। हजारों की संख्या में कसान दिल्ली जाने की तैयारी में है। इधर, किसानों को रोकने प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। बतादें मंगलवार सुबह 10 बजे हजारों किसान दिल्ली रूख करने जा रहे हैं। राजधानी दिल्ली में किसान अपने ट्रैक्टर ट्राली के साथ दिल्ली पहुंच रहे हैं. किसान आंदोलन को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए है. दिल्ली से सटे कई बॉर्डर को सील कर दिया गया है. कई राज्यों के किसान मंगलवार, 13 फरवरी को अपना ‘दिल्ली चलो’ मार्च शुरू करने के लिए तैयार हैं
जानें इस बार और क्या-क्या हैं मांगें?-
-किसानों और मजदूरों की पूर्ण कर्ज माफी.
-भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 का कार्यान्वयन, जिसमें अधिग्रहण से पहले किसानों से लिखित सहमति और कलेक्टर दर से चार गुना मुआवजा देने का प्रावधान है.-
-अक्टूबर 2021 में लखीमपुर खीरी हत्याकांड के अपराधियों को सजा.
-भारत को विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) से हट जाना चाहिए और सभी मुक्त व्यापार समझौतों पर रोक लगा देनी चाहिए.
-किसानों और खेतिहर मजदूरों के लिए पेंशन.
-दिल्ली विरोध प्रदर्शन के दौरान मरने वाले किसानों के लिए मुआवजा, जिसमें परिवार के एक सदस्य के लिए नौकरी शामिल है.
-बिजली संशोधन विधेयक 2020 को रद्द किया जाए.
-मनरेगा के तहत प्रति वर्ष 200 (100 के बजाय) दिनों का रोजगार, 700 रुपये की दैनिक मजदूरी और योजना को खेती से जोड़ा जाना चाहिए.
-नकली बीज, कीटनाशक, उर्वरक बनाने वाली कंपनियों पर सख्त दंड और जुर्माना; बीज की गुणवत्ता में सुधार.
-मिर्च और हल्दी जैसे मसालों के लिए राष्ट्रीय आयोग का गठन.
कल रात हुई 5 घंटे की बैठक
बता दें कि ‘दिल्ली चलो’ मार्च रोकने के लिए सोमवार रात किसान नेताओं की केंद्रीय मंत्रियों के साथ पांच घंटे से अधिक समय तक चली बैठक बेनतीजा रही. किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने कहा कि हमें नहीं लगता कि सरकार हमारी किसी भी मांग पर गंभीर है. हमें नहीं लगता कि वे हमारी मांगों को पूरा करना चाहते हैं… हम आज यानी मंगलवार सुबह 10 बजे दिल्ली की ओर मार्च करेंगे. वहीं, खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री पीयूष गोयल के साथ बैठक में शामिल हुए केंद्रीय कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि अधिकांश मुद्दों पर सहमति बन गई है और सरकार ने प्रस्ताव रखा है कि शेष मुद्दों को एक समिति के गठन के माध्यम से सुलझाया जाए.
बैठक में क्या-क्या हुआ
सूत्रों ने बताया कि ऐसा समझा जाता है कि बैठक में केंद्र सरकार ने 2020-21 के आंदोलन के दौरान किसानों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लेने पर सहमति जताई है. हालांकि, सूत्रों ने कहा कि किसान नेता फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी देने वाले कानून को बनाने की मांग पर अड़े हुए हैं. खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री पीयूष गोयल और कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा ने सेक्टर 26 में महात्मा गांधी राज्य लोक प्रशासन संस्थान में किसान नेताओं के साथ दूसरे दौर की बैठक की. संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) के नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल और किसान मजदूर संघर्ष समिति के महासचिव सरवन सिंह पंढेर समेत अन्य लोग शाम करीब साढ़े छह बजे शुरू हुई बैठक में शामिल थे. समझा जा रहा है कि केंद्रीय मंत्रियों ने पिछले आंदोलन के दौरान मारे गए किसानों के परिवारों को मुआवजा देने पर भी सहमति जताई है.
किसानों का आंदोलन उग्र
दिल्ली में आंदोलन रोकने को क्या तैयारी?
इससे पहले, दिल्ली पुलिस ने किसानों के मार्च के कारण व्यापक पैमाने पर तनाव और ‘‘सामाजिक अशांति’’ पैदा होने की आशंका के मद्देनजर राष्ट्रीय राजधानी में एक महीने के लिए दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है. वाहनों को शहर में प्रवेश करने से रोकने के लिए दिल्ली की सीमाओं पर कंक्रीट के अवरोधक और सड़क पर बिछाए जाने वाले लोहे के नुकीले अवरोधक लगाकर किलेबंदी कर दी गयी है. इन उपायों से सोमवार को सुबह दिल्ली के सीमावर्ती इलाकों में यातायात की आवाजाही पर असर पड़ा जिससे यात्रियों को असुविधा हुई.