Homeगरियाबंदगरियाबंद में दो तेंदुओं की दहशत, 30 सदस्यीय टीम कर रही निगरानी

गरियाबंद में दो तेंदुओं की दहशत, 30 सदस्यीय टीम कर रही निगरानी

गरियाबंद। जिले के बारूका सर्किल अंतर्गत पंटोरा और खट्टी गांव में तीन मासूम बच्चों पर हमला करने वाले तेंदुए को पकड़ना वन विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। पिछले पांच दिनों से तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरों में जिंदा बकरा चारे के रूप में रखा गया है, लेकिन तेंदुआ उसके आसपास तक नहीं पहुंचा है। लगातार निगरानी और प्रयासों के बावजूद वन विभाग को अब तक सफलता नहीं मिली है।

गौरतलब है कि 21 से 27 मई के बीच तेंदुए ने तीन अलग-अलग घटनाओं में बच्चों पर हमला किया था। हालांकि, तीनों मामलों में बच्चों के परिजनों ने साहस दिखाते हुए तेंदुए से संघर्ष कर उन्हें सुरक्षित बचा लिया। इन घटनाओं के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।

ट्रैप कैमरे और पिंजरे भी बेअसर

वन विभाग ने संभावित विचरण क्षेत्र में ट्रैप कैमरे लगाए हैं और अलग-अलग स्थानों पर पिंजरे स्थापित किए हैं। पिंजरों में जिंदा बकरे को चारे के रूप में रखा गया है, लेकिन तेंदुआ अब तक पकड़ में नहीं आया है। ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय कुत्तों के भौंकने से तेंदुए की मौजूदगी का अंदेशा होता है, लेकिन वह नजर नहीं आता।

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बदल गई ग्रामीणों की दिनचर्या

तेंदुए के डर से ग्रामीणों की दिनचर्या प्रभावित हो गई है। शाम होते ही लोग घरों में सिमट जाते हैं और बच्चों को बाहर निकलने नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक तेंदुआ पकड़ा नहीं जाता, तब तक भय का माहौल बना रहेगा।

स्थानीय लोगों के मुताबिक धान कटाई के बाद से तेंदुआ गांव के आसपास दिखाई देने लगा था। पहले उसने आवारा कुत्तों और पालतू जानवरों को निशाना बनाया, लेकिन बाद में बच्चों पर हमला करने की घटनाओं से लोगों की चिंता बढ़ गई।

तीन बच्चों पर कर चुका है हमला

  • 21 मई: पंटोरा गांव के 10 वर्षीय धनेश पर हमला। मां ने साहस दिखाकर बेटे को बचाया।
  • 22 मई: चट्टानपारा में 6 वर्षीय कुनिका को निशाना बनाया।
  • 27 मई: खट्टी गांव की 5 वर्षीय लक्ष्मी को उठाने का प्रयास किया।

तीनों बच्चों का इलाज गरियाबंद अस्पताल में हुआ और अब उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

30 से अधिक कर्मचारियों की टीम तैनात

एसडीओ मनोज चंद्राकर ने बताया कि क्षेत्र में एक नहीं बल्कि दो तेंदुओं की सक्रियता के संकेत मिले हैं। दोनों को पकड़ने के लिए पिंजरे, ट्रैप कैमरे और लगातार गश्त की जा रही है। वन विभाग के 30 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी अलग-अलग टीमों में प्रभावित इलाकों में निगरानी कर रहे हैं। साथ ही ग्रामीणों को सतर्क रहने के लिए लगातार मुनादी भी कराई जा रही है।

वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि तेंदुए की गतिविधि दिखाई देने पर तुरंत विभाग को सूचित करें और अनावश्यक रूप से जंगल या सुनसान क्षेत्रों में न जाएं।

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