हाइवे किनारे तेंदूपत्ता पलटते नजर आए छोटे बच्चे, बोले- मिलते हैं 400 रुपये मजदूरी
महासमुंद। जिले में तेंदूपत्ता सीजन के बीच नाबालिग बच्चों से मजदूरी करवाने का मामला सामने आया है। राष्ट्रीय राजमार्ग 353 किनारे चंदरपुर पेट्रोल पंप के पास तेंदूपत्ता सुखाने के दौरान छोटे-छोटे बच्चे पत्ता पलटने का काम करते हुए दिखाई दिए। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें बच्चे खुले मैदान में तेंदूपत्ता पलटते नजर आ रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक तेंदूपत्ता तोड़ाई के बाद उसे सुखाने का कार्य चल रहा था। इसी दौरान मौके पर मौजूद बच्चों से बातचीत में उन्होंने बताया कि उन्हें इस काम के बदले 400 रुपये मजदूरी दी जाती है। वीडियो में बच्चे लगातार काम करते दिखाई दे रहे हैं।
सबसे अहम बात यह रही कि मौके पर मौजूद प्रबंधन से जब इस बारे में सवाल किया गया तो मैनेजर ने बच्चों के वहां काम करने से इनकार करते हुए कहा कि “बच्चे ऐसे ही वहां आ गए हैं।” हालांकि मौके पर मौजूद बच्चों ने खुद मजदूरी करने की बात कही।
बताया जा रहा है कि काम कर रहे बच्चे आसपास के गांव के नहीं थे, बल्कि करीब 6 किलोमीटर दूर कोमाखान क्षेत्र से आए थे। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर नाबालिग बच्चों को मजदूरी के लिए वहां तक कौन लेकर आया और किसकी निगरानी में उनसे काम कराया जा रहा था।
बाल श्रम कानून के तहत नाबालिग बच्चों से इस तरह मजदूरी करवाना नियमों का उल्लंघन माना जाता है। अब वीडियो सामने आने के बाद संबंधित विभाग की कार्रवाई पर नजर टिकी हुई है। स्थानीय लोगों ने मामले की जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।



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