महासमुंद जिले के पिथौरा थाना क्षेत्र में अवैध शराब के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई के बाद अब कई सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्राम जंघोरा स्थित संगवारी ढाबा में रेड कर पुलिस ने शराब तो जब्त कर ली, लेकिन ढाबा संचालक की बजाय नौकर की गिरफ्तारी को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
🔍 मामला क्या है
18 मार्च 2026 को पुलिस ने मुखबिर सूचना पर संगवारी ढाबा में दबिश दी। मौके पर ढाबे के नौकर बलीराम पटेल को अवैध शराब बेचते हुए पकड़ा गया।
🍶 शराब मिली, लेकिन जिम्मेदार कौन?
पुलिस को मौके से:
33 पौवा देशी शराब
कुल 5.94 लीटर शराब
कीमत ₹2640
बरामद हुई।
पूछताछ में आरोपी ने खुद बताया कि वह सिर्फ नौकर है और शराब ढाबा संचालक द्वारा बिक्री के लिए रखी गई थी।
❗ अब उठ रहे बड़े सवाल
जब आरोपी ने साफ कहा कि शराब संचालक की है, तो मालिक पर तुरंत कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
क्या सिर्फ मौके पर मौजूद व्यक्ति को पकड़ लेना ही पर्याप्त कार्रवाई है?
क्या पुलिस संचालक तक पहुंचने में ढिलाई बरत रही है या जांच जारी है?
⚖️ पुलिस का पक्ष
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 34(2) आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।
हालांकि, पुलिस का कहना है कि ढाबा संचालक मौके पर नहीं मिला और उसकी तलाश की जा रही है।
📌 जांच पर नजर
पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी की गई है और मामला जांच में है। अब देखना होगा कि पुलिस मुख्य आरोपी यानी ढाबा संचालक तक कब पहुंचती है।
📰 निष्कर्ष (Neutral लेकिन तीखा)
इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि अवैध कारोबार में छोटे लोगों पर कार्रवाई और बड़े जिम्मेदारों तक पहुंचने में देरी क्यों होती है।



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