ताज़ा ख़बर: मध्य प्रदेश में अतिथि शिक्षकों का मानदेय हुआ डबल
24 मार्च 2026: मध्य प्रदेश की सरकार ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों को राहत देने के साथ-साथ दिव्यांगता के क्षेत्र में कार्यरत अतिथि शिक्षकों के मानदेय में भी महत्वपूर्ण वृद्धि की गई है।
अतिथि शिक्षकों का मानदेय दोगुना
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दिव्यांगता के क्षेत्र में कार्यरत अतिथि शिक्षकों के लिए नए मानदेय की घोषणा की। अब इन शिक्षकों को 18,000 रुपये प्रति माह मानदेय मिलेगा, जबकि पहले यह राशि केवल 9,000 रुपये थी। सरकार के इस फैसले से सभी अतिथि शिक्षकों में खुशी की लहर देखने को मिल रही है। यह निर्णय दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के अंतर्गत काम कर रहे संस्थाओं के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी
सरकार ने 7वें वेतनमान पर कार्यरत कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की वृद्धि करने का भी निर्णय लिया है। यह बढ़ोतरी न केवल नियमित कर्मचारियों के लिए, बल्कि पेंशनर्स के लिए भी लागू होगी। पेंशनर्स का महंगाई भत्ता अब 58 प्रतिशत हो गया है, जो एक जनवरी 2025 से प्रभावी होगा। इस पहल से कर्मचारियों और पेंशनरों को आर्थिक राहत मिलेगी।
कर्मचारियों के लिए सुखद संदेश
मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों को आश्वस्त किया है कि सरकार उनकी भलाई और विकास के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का मानदेय बढ़ाना एक कदम है, जिससे शिक्षा के क्षेत्र को बल मिलेगा और समाज में दिव्यांगजन की स्थिति में सुधार आएगा।
निष्कर्ष
सरकार द्वारा लिए गए इन फैसलों से मध्य प्रदेश राज्य के कर्मचारियों एवं अतिथि शिक्षकों में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलेगा। विशेष रूप से दिव्यांग शिक्षकों के लिए मानदेय में यह वृद्धि उनके लिए नई उम्मीद लेकर आई है। शिक्षा और सरकारी सेवाओं में सुधार के लिए उठाए गए यह कदम दर्शाते हैं कि राज्य सरकार विकास के प्रति गंभीर है।