ब्रेकिंग न्यूज: उत्तर प्रदेश में इंजीनियर्स के खिलाफ बड़ी कार्रवाई
26 मार्च 2026: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने जल जीवन मिशन के तहत की गई लापरवाही के लिए गंभीर कदम उठाए हैं। इस अंतर्गत 12 जिलों के 26 इंजीनियरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है, जिसमें 12 इंजीनियरों को तत्काल निलंबित किया गया है। इस योजना का उद्देश्य हर गाँव तक नल से जल पहुंचाना है।
जल जीवन मिशन के अंतर्गत कार्रवाई
उत्तर प्रदेश के ग्रामीण जल आपूर्ति के अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव ने जल जीवन मिशन परियोजना के कार्यों में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। 26 इंजीनियरों के खिलाफ निलंबन, विभागीय कार्रवाई और कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। यह कदम जल जीवन मिशन की प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
निलंबित इंजीनियरों की सूची
12 में से अलग-अलग जिलों में तैनात अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता और जूनियर इंजीनियर रैंक के 12 इंजीनियरों को निलंबित किया गया है। इन निलंबित इंजीनियर्स में लखीमपुर खीरी के अविनाश गुप्ता, जौनपुर के सौमित्र श्रीवास्तव, गाजीपुर के मोहम्मद कासिम हाशमी, और चंदौली के अमित राजपूत जैसे नाम शामिल हैं। इसके अलावा, बिजनौर, औरैया, हाथरस, आजमगढ़, बरेली, बाराबंकी और कुशीनगर के भी कुछ इंजीनियर्स निलंबित हुए हैं।
अन्य इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई
वहीं, अन्य चार इंजीनियरों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। इसके अलावा, तीन इंजीनियरों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, और सात इंजीनियरों का तबादला भी किया गया है। इस कार्रवाई का उद्देश्य जल जीवन मिशन की प्रगति में किसी भी प्रकार की देरी और लापरवाही को रोकना है।
निष्कर्ष
इस प्रकार की कार्रवाई यह दर्शाती है कि सरकार जल जीवन मिशन को गंभीरता से ले रही है और इसे सफल बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। उम्मीद की जा रही है कि इस कदम से न सिर्फ कार्यों में तेजी आएगी, बल्कि जल आपूर्ति व्यवस्था में भी सुधार होगा। इस मुद्दे पर सतर्कता बरतना आवश्यक है ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में जल के प्रति लोगों की जरूरतें पूरा हो सकें।
