ब्रेकिंग न्यूज़: रायगढ़ में बाल विवाह की घटना पर प्रशासन ने की कार्रवाई
रायगढ़, 26 मार्च 2026: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक बालिका की शादी के आयोजन की सूचना मिलने पर प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की। यह घटना उस समय सामने आई जब शहरी इलाके में एक बालिका की शादी की तैयारी चल रही थी। जिला प्रशासन और पुलिस की टीम ने मिलकर तुरंत कार्यवाही करते हुए विवाह स्थल पर छापा मारा।
शादी की तैयारी में सामने आई बालिका की उम्र
जैसे ही जांच टीम विवाह स्थल पर पहुंची, उन्होंने देखा कि शादी की तैयारी पूरी हो चुकी थी और बारात आने वाली थी। टीम ने परिजनों से बालिका की आयु संबंधी दस्तावेजों की मांग की। जांच के दौरान पता चला कि जिनकी शादी की जा रही थी, उनकी उम्र केवल 16 वर्ष, 5 माह और 13 दिन थी। यह जानकारी सुनकर सभी उपस्थित लोग चौंक गए, क्योंकि बाल विवाह कानूनी दृष्टि से अपराध है। भारत में कन्या की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और वर की न्यूनतम आयु 21 वर्ष है।
बाल विवाह के नुकसान के बारे में दी गई जानकारी
जांच टीम ने बालिका के परिजनों से बातचीत करते हुए समझाया कि कम उम्र में विवाह कराने से क्या समस्याएं हो सकती हैं। उन्हें बताया गया कि यह न केवल कानूनी रूप से गलत है, बल्कि इसके गंभीर सामाजिक परिणाम भी हो सकते हैं। इसके बाद टीम ने बालिका के परिवार से एक लिखित घोषणापत्र पर हस्ताक्षर कराए, जिसमें यह सुनिश्चित किया गया कि उनका विवाह केवल तब कराया जाएगा जब बालिका 18 वर्ष की उम्र पार कर लेगी।
जागरूकता अभियान का समर्थन
रायगढ़ प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे बाल विवाह की रोकथाम में सरकार की मदद करें। प्रशासन ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता फैलाने के लिए अभियान चला रहा है, जिससे ग्राम पंचायतों को बाल विवाह मुक्त घोषित किया जा सके। यदि किसी को बाल विवाह या ऐसे किसी मामले की जानकारी मिलती है, तो उसे तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 या निकटतम प्रशासनिक कार्यालय को सूचित करने के लिए कहा गया है।
निष्कर्ष
इस प्रकार, रायगढ़ प्रशासन ने बाल विवाह की रोकथाम के लिए सक्रिय कदम उठाए हैं। उन्हें उम्मीद है कि ऐसे प्रयासों से समाज में जागरूकता बढ़ेगी और बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं का अंत होगा। सामुदायिक सहयोग से ही हम इस दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। सभी को इस महत्वपूर्ण मुद्दे के प्रति सजग रहना चाहिए।
