SIKORA इंडिया: भारतीय केबल निर्माताओं ने बढ़ाई कम्पाउंडिंग क्षमताएं!

ब्रेकिंग न्यूज़: भारत में वायरे और केबल उद्योग की नई दिशा

सिकोरा इंडिया के महाप्रबंधक ने बताया भारत की उभरती संभावना

सिकोरा इंडिया के महाप्रबंधक, श्री निलेश चोरगे ने एक विशेष संवाद में भारत को वायरे और केबल उद्योग के लिए सबसे गतिशील और आगे बढ़ने वाले बाजारों में से एक बताया है। उनका मानना है कि यहां विकास की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि केबल निर्माताओं में बाद की ओर समाकलन की एक स्पष्ट प्रवृत्ति देखी जा रही है, जहां तकनीकी मानकों में बढ़ती सख्ती की वजह से उच्च-स्तरीयinline संदूषण पहचान और छंटाई प्रणाली की मांग बढ़ रही है। इससे सिकोरा की भूमिका प्रक्रिया अनुकूलन और वास्तविक समय गुणवत्ता विश्लेषण में मजबूत होती जा रही है।

भारत का वायरे और केबल उद्योग: वर्तमान स्थिति

श्री चोरगे ने कहा, "टेक्नोलॉजी टू परफेक्शन" हमारी guiding principle है। पिछले 50 वर्षों से, हम औद्योगिक वायरे और केबल निर्माण के लिए मापने और नियंत्रण प्रणाली के प्रमुख प्रदाता रहे हैं। 2025 से सिकोरा, MAAG Group का हिस्सा है, जो एक वैश्विक समाकलित पॉलीमर प्रोसेसिंग समाधानों का आपूर्तिकर्ता है।

सिकोरा ने AI, लेजर, X-ray, रडार, ऑप्टिक्स, अल्ट्रासोनिक और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक तकनीक पर आधारित नवीन समाधान प्रदान किए हैं। ये समाधान गुणवत्ता नियंत्रण, प्रक्रिया अनुकूलन और विभिन्न उद्योगों में लागत बचत के लिए मानक स्थापित करते हैं।

उद्योग की मांग और निवेश की भावना

भारत एक उर्जाप्रवासी बाजार है, जहां ऊर्जा अवसंरचना में निरंतर निवेश ने पावर केबल क्षेत्र में मजबूत वृद्धि को प्रेरित किया है। इसके परिणामस्वरूप, X-ray आधारितinline प्रक्रिया नियंत्रण समाधानों की मांग बिल्कुल तेज हुई है। पिछले कुछ वर्षों में, हम देख रहे हैं कि ऑर्डर की स्थिति अगले कुछ वर्षों में मजबूत बनी रहेगी।

वर्तमान में, वायरे और केबल उद्योग 8% से अधिक की वार्षिक वृद्धि दर से बढ़ रहा है। लगभग सभी केबल निर्माताओं ने पावर और डेटा केबल क्षेत्रों में क्षमता विस्तार के लिए महत्वपूर्ण निवेश की योजना बनाई है। यह प्रवृत्ति अगले कुछ वर्षों में भी जारी रहेगी।

उत्पादन प्रक्रियाओं में तकनीकी सुधार

श्री चोरगे ने बताया कि शक्ति केबल, केबल कंपाउंडर और डेटा केबल जैसे अनुप्रयोगों में उत्पादकता और गुणवत्ता में सुधार की आवश्यकता बढ़ रही है। प्रमुख केबल निर्माताओं द्वारा केबल कंपाउंडिंग में बाद की ओर समाकलन की प्रवृत्ति देखी जा रही है। इसके लिए सिकोरा का प्यूरीटी स्कैनर बेहद महत्वपूर्ण साबित हो रहा है।

उत्पादन में सुधार के लिए उठाए गए कदमों ने भी महत्वपूर्ण परिणाम दिए हैं। उच्च प्रभाव X-RAY 8700 NXT का उपयोग करके ग्राहक अपने उत्पादन की लागत में महत्वपूर्ण कमी लाने में सफल रहे हैं। ये प्रौद्योगिकियाँ वॉल थिकनेस की सटीकता को बढ़ाने में मदद करती हैं, जिससे केबल के असफल होने की संभावनाएं कम होती हैं।

भविष्य की ओर बढ़ते हुए

श्री चोरगे का मानना है कि अगले तीन से पांच वर्षों में नवीकरणीय ऊर्जा प्रमुख प्रेरक शक्ति होने वाली है। पावर इंडस्ट्री में निरंतर वृद्धि पावर केबल और केबल कंपाउंड में और अधिक निवेश को प्रेरित करेगी, जबकि डेटा सेंटर्स के विकास से डेटा केबल उद्योग भी बढ़ेगा।

संक्षेप में, भारत की बाजार स्थिति सकारात्मक बनी हुई है, जिसमें ऊर्जा की बढ़ती मांग और अवसंरचना विकास इसकी मजबूती के संकेत हैं।

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