ब्रेकिंग न्यूज़: पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता बनी हुई है
नई दिल्ली: देश की तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने आज, 31 मार्च 2026, को पेट्रोल और डीजल के नवीनतम दामों की घोषणा की है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए के विनिमय दर में उतार-चढ़ाव के बावजूद, ईंधन की कीमतें सामान्य नागरिकों के लिए स्थिर बनी हुई हैं। नई दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 94.72 रुपये प्रति लीटर और मुंबई में 104.21 रुपये प्रति लीटर है।
रोजाना सुबह 6 बजे अपडेट होते हैं फ्यूल रेट्स
तेल विपणन कंपनियां प्रतिदिन सुबह 6 बजे पेट्रोल और डीजल की नई दरें जारी करती हैं। यह दरें आम जनता की दैनिक ज़िंदगी और परिवहन लागत को सीधे प्रभावित करती हैं। सरकार और तेल कंपनियों का यह दैनिक मूल्य निर्धारण प्रणाली ईंधन बाजार में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए लागू किया गया है।
आपके शहर में पेट्रोल-डीजल के भाव
आज के दिन देश के 15 प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें निम्नलिखित हैं:
| शहर | पेट्रोल (₹/लीटर) | डीजल (₹/लीटर) |
|---|---|---|
| नई दिल्ली | 94.72 | 87.62 |
| मुंबई | 104.21 | 92.15 |
| कोलकाता | 103.94 | 90.76 |
| चेन्नई | 100.75 | 92.34 |
| बेंगलुरु | 102.92 | 89.02 |
| हैदराबाद | 107.46 | 95.70 |
| पुणे | 104.04 | 90.57 |
| अहमदाबाद | 94.49 | 90.17 |
| जयपुर | 104.72 | 90.21 |
| लखनऊ | 94.69 | 87.80 |
| चंडीगढ़ | 94.30 | 82.45 |
| इंदौर | 106.48 | 91.88 |
| पटना | 105.58 | 93.80 |
| सूरत | 95.00 | 89.00 |
| नासिक | 95.50 | 89.50 |
कीमतों की स्थिरता के कारण
पिछले दो वर्षों से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में स्थिरता देखने को मिल रही है, जिसका मुख्य कारण केंद्र और कई राज्य सरकारों द्वारा मई 2022 में करों में कटौती है। इस निर्णय के बाद, भले ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव होता रहे, भारतीय उपभोक्ताओं के लिए ईंधन की दरों को नियंत्रित रखा गया है।
फ्यूल की कीमतें कैसे तय होती हैं?
पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमत कई कारकों पर निर्भर करती है:
- क्रूड ऑयल की कीमत: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत यह सबसे बड़ा कारक है।
- डॉलर के मुकाबले रुपया: भारत ज्यादातर कच्चे तेल का आयात करता है, और भुगतान डॉलर में होता है।
- सरकारी कर: केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी और राज्य सरकारों का वैट ईंधन की खुदरा कीमत का एक बड़ा हिस्सा होते हैं।
- रिफाइनिंग लागत: कच्चे तेल को रिफाइनरी में प्रोसेस करने की लागत भी अंतिम कीमत में शामिल होती है।
- मांग और आपूर्ति: बाजार में ईंधन की मांग बढ़ने पर कीमतें प्रभावित हो सकती हैं।
निष्कर्ष
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में स्थिरता भारतीय उपभोक्ताओं के लिए राहत का कारण बनी रही है। भारतीय तेल विपणन कंपनियों द्वारा दैनिक अपडेट्स और सरकारी फैसले इस क्षेत्र में पारदर्शिता और स्थिरता को सुनिश्चित करते हैं। इस प्रकार, उपभोक्ता अपने वित्तीय योजना को बेहतर तरीके से बना सकते हैं।
