ताजा समाचार: छत्तीसगढ़ में कर्मचारियों के लिए नई ऋण योजना का शुभारंभ
छत्तीसगढ़, 2 अप्रैल 2026: छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन की पहल पर प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों के कल्याण के लिए "अर्जित वेतन के विरुद्ध ऋण योजना" का सफलतापूर्वक उद्घाटन किया। यह योजना आने वाले समय में कर्मचारियों को वित्तीय सहायता प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
योजना की विशेषताएँ
मंत्रालय में आयोजित इस कार्यक्रम में, ऋषभ पाराशर ने इस नई योजना के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शासकीय सेवक अब अपने वेतन का एक हिस्सा बिना ब्याज के अग्रिम रूप से ले सकेंगे। इसके अलावा, वह अपने वेतन के आधार पर पांच साल तक की अवधि के लिए निम्न ब्याज दर पर ऋण प्राप्त कर सकेंगे। पाराशर ने बताया कि बाद में इस योजना के तहत होम लोन और शिक्षा ऋण जैसी सुविधाएँ भी जोड़ी जाएंगी।
फेडरेशन का आभार
छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने कहा कि इस योजना को राजस्थान के मॉडल पर लागू करने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। उन्होंने सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि इससे कर्मचारियों को आकस्मिक वित्तीय संकट से निपटने में सहायता मिलेगी। फेडरेशन के अन्य सदस्यों ने भी इस निर्णय की सराहना की और इसे कर्मचारियों के लिए एक सकारात्मक कदम बताया।
एप के माध्यम से सेवा
संचालक, कोष एवं लेखा पद्मिनी भोई साहू ने बताया कि "रिफाइन" एप के जरिए शासकीय सेवक इस योजना का लाभ ले सकेंगे। उन्होंने जानकारी दी कि इस एप के माध्यम से कर्मचारियों को पारदर्शिता और विश्वसनीयता से सेवा प्रदान की जाएगी। आगामी समय में सभी आवश्यक दस्तावेज वित्त विभाग के पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे और रिफाइन एप के संचालन के संबंध में दिशा-निर्देश भी शीघ्र जारी किए जाएंगे।
कार्यक्रम के अंत में, वरिष्ठ कोषालय अधिकारी सुनील उपाध्याय ने इस नई योजना को कर्मचारी हित में महत्वपूर्ण निर्णय बताया और सभी उपस्थित लोगों को शुभकामनाएँ दीं।
निष्कर्ष
इस तरह की योजनाएँ छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों के लिए आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण साबित होंगी। प्रदेश सरकार का यह निर्णय न केवल कर्मचारियों के वित्तीय भविष्य को उज्ज्वल बनाएगा, बल्कि उनकी आकस्मिक आवश्यकताओं को भी पूरा करेगा। आने वाले समय में इस योजना का सही ढंग से कार्यान्वयन सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है ताकि इसका लाभ सर्वाधिक लोगों तक पहुँच सके।
