देहरादून मॉल पर सेना की एनओसी बिना, सुरक्षा उल्लंघन का खतरा!

webmorcha

April 15, 2026

बड़ी खबर: देहरादून में आयुध सुरक्षित क्षेत्र के निकट मॉल निर्माण पर चिंता

देहरादून में भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) के पास प्रस्तावित एक विशाल वाणिज्यिक मॉल और आवासीय परिसर के निर्माण ने सुरक्षा हलकों में चिंता जताई है। यह परियोजना संवेदनशील सैन्य क्षेत्र के 500 मीटर के दायरे में बनने जा रही है, जो सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन करती है।

संवेदनशील क्षेत्र में निर्माण का मामला

हाल ही में मिली जानकारी के अनुसार, देहरादून के जिला मजिस्ट्रेट को 4 फ़रवरी, 2026 को लिखे गए एक पत्र में भारतीय सैन्य अकादमी ने इस प्रस्ताव की गंभीरता को रेखांकित किया है। पत्र का एक प्रति ‘द हिंदू’ के पास उपलब्ध है, जिसमें कहा गया है कि भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के 2011 के आदेशों के अनुसार, किसी भी प्रकार के निर्माण के लिए स्थानीय सैन्य प्राधिकरण से सुरक्षा मंजूरी आवश्यक होती है। यह निर्माण किसी भी रक्षा प्रतिष्ठान के 100-500 मीटर के दायरे में हो रहा है।

बिना अनुमति के मंजूरी पर सवाल

सूत्रों के अनुसार, इस परियोजना की मंजूरी बिना आर्मी के पूर्व अनुमति के दी गई है। ऐसे में रक्षा विशेषज्ञों ने इस फैसले की कड़ी आलोचना की है। उनका कहना है कि यह केवल सुरक्षा के लिए नहीं, बल्कि देश के मौलिक हितों के लिए भी हानिकारक हो सकता है। ऐसी स्थितियों में, जब सुरक्षा खतरे बढ़ रहे हैं, इस तरह का निर्माण न केवल सैन्य क्षेत्र की सुरक्षा को कमजोर करता है, बल्कि मौजूदा प्रोटोकॉल के प्रति भी असमर्थता दर्शाता है।

स्थानीय निवासियों की प्रतिक्रिया

स्थानीय निवासियों ने भी इस प्रस्ताव पर चिंता जताई है। कई लोगों का मानना है कि यह परियोजना उनके जीवन और सुरक्षा को खतरे में डाल सकती है। उन्होंने कहा कि इस तरह के बड़े प्रोजेक्ट्स की स्वीकृति केवल व्यावसायिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी होनी चाहिए। निवासियों ने अपील की है कि अधिकारियों को इस मामले पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन करना चाहिए।

संपूर्ण स्थिति को देखते हुए, अब यह महत्वपूर्ण है कि संबंधित प्राधिकृत अधिकारी इस मामले की जाँच करें और सुनिश्चित करें कि कोई भी निर्माण कार्य सुरक्षा मानदंडों के तहत किया जाए। यदि इस प्रकार के निर्माण को आगे बढ़ाया जाता है, तो इससे सैन्य सुरक्षा के मानक प्रभावित हो सकते हैं, जो देश के रक्षा तंत्र के लिए गंभीर खतरा हो सकता है।

निष्कर्ष

आईएमए द्वारा उठाए गए इस मुद्दे से यह स्पष्ट होता है कि रक्षा क्षेत्र की सुरक्षा हमेशा प्राथमिकता होनी चाहिए। स्थानीय लोगों और अधिकारियों के बीच संवाद होना आवश्यक है, ताकि सभी के हितों की रक्षा हो सके। उम्मीद है कि शासन स्तर पर इस मुद्दे का उचित समाधान निकाला जाएगा।

🙏 WebMorcha को सपोर्ट करें

आपका छोटा सहयोग बड़ी पत्रकारिता

💰 अपनी पसंद से सहयोग करें
📲 इस खबर को तुरंत शेयर करें

🚨 ताजा खबर सबसे पहले पाएं!

WhatsApp से भी तेज अपडेट के लिए अभी Telegram जॉइन करें

👉 Join Telegram Channel
WP Twitter Auto Publish Powered By : XYZScripts.com